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SIR में नाम कटा, तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अफसर:विवाद के बाद चुनाव आयोग का फैसला, अब तक 30 राज्य-UT में 13.37 करोड़ नाम कटे

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नई दिल्ली, एजेंसी। SIR पर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि जिन लोगों के नाम कट गए हैं, वे नाम जोड़ने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अफसर घर-घर जाकर उनके दस्तावेज कलेक्ट करेंगे और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इन पर तय समय के भीतर रीजनल इलेक्टोरल अफसर फैसला लेगा।

दिल्ली के निर्वाचन भवन में शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी मौजूद रहे।

SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 97.98 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं यानी करीब 14% वोटर्स के नाम SIR में कट गए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में 30 अक्टूबर तक क्लेम कर सकेंगे

बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में निपटारा 10 नवंबर तक करना होगा।

गोवा में जिन वोटर्स का नाम छूट गया है, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेगा।

SIR में अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या छूट गया है तो फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा किया जाता है। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 पर कोई विवाद है ही नहीं। फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

रिपोर्ट पर कहा- चुनाव आयुक्तों के लेटर SIR पर नहीं थे

पूरा विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की जिस रिपोर्ट से शुरू हुआ, चुनाव आयोग ने उस पर भी सफाई दी। आयोग ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव को जो लेटर भेजा था, वह SIR या चुनाव आयोग के किसी फैसले से जुड़ा नहीं था, बल्कि चुनाव पैनल में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति के बीच EC ने कैबिनेट सचिव को लेटर लिखा है।

SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया

यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।

कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया।

चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।

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गृह मंत्री अमित शाह ने केरलम के कोल्लम में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का किया शुभारंभ

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कोल्लम, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप तथा सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिला-नेतृत्व वाले विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज केरलम के कोल्लम स्थित पवित्रम कन्वेंशन सेंटर में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अपने संबोधन की शुरुआत में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल से ‘केरलम’ की यात्रा के लिए सभी मलयाली भाइयों और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में किसानों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों की लंबे समय से यह मांग थी कि केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में सहकारिता मंत्रालय का गठन करके देश के ग्रामीण विकास, कृषि विकास और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है, जिससे सहकारिता क्षेत्र में नई ऊर्जा और नई गति आई है।

केरलम की समृद्ध सहकारी विरासत का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरलम ऐसे राज्यों में शामिल है, जहां आजादी से पहले से ही सहकारिता आंदोलन मजबूत और व्यवस्थित रूप से चलता रहा है। त्रावणकोर, कोच्चि और मालाबार जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता से पहले से ही सहकारिता की मजबूत परंपरा रही है और इसलिए केरलम का सहकारिता आंदोलन पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र में ‘शी मार्ट’ (She-Mart) की जिस पहल की आज शुरुआत हो रही है, उसकी घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में की थी और इसका शुभारंभ केरलम से होना प्रसन्नता की बात है।

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आम लोगों और किसानों को किफायती खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पहलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि NAFED की मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज तथा भारत आटा और भारत चावल किसानों एवं आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की पहल भी केरलम में शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर दलहन मिशन के अंतर्गत महिला किसानों को उड़द और चने के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी प्रकार NAFED-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग दो हजार परिवारों की बालिकाओं को छात्रवृत्ति देने का कार्य भी किया गया है।

महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ‘शी मार्ट’ के महत्व को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज के कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘शी मार्ट’ की शुरुआत है। शी मार्ट की अवधारणा महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार तथा उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि NAFED, केंद्रीय भंडार और अमूल जैसे संस्थानों के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को व्यापक स्तर पर विस्तार देने में भी सहायता मिलेगी।

‘शी मार्ट’ के विस्तार और इससे किसानों तथा महिला उद्यमियों के लिए बनने वाले नए अवसरों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक शी मार्ट स्टोर स्थापित करने की योजना है, जहां भारत ब्रांड के साथ-साथ स्थानीय उत्पाद भी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सीधे रिटेल मार्केट तक पहुंच—इन सभी स्तरों पर किसानों और महिला उद्यमियों को लाभ मिलेगा।

केरलम के मजबूत सहकारी तंत्र की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरलम का सहकारी ढांचा बहुत पुराना, विशाल और मजबूत है तथा यहां 23 हजार से अधिक सहकारी संस्थाएं अच्छी तरह से कार्य कर रही हैं। उन्होंने केरलम के सहकारिता मंत्री को दिल्ली आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि भारत सरकार की सभी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ केरलम को मिले, इसमें केंद्र सरकार को प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी केंद्र सरकार केरलम को आवश्यक सहयोग प्रदान कर सकती है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन में महिला सशक्तीकरण की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है और यह प्रधानमंत्री के सबसे बड़े सपनों और मूल उद्देश्यों का एक महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन है कि अगर घर की महिला समृद्ध होगी तो पूरा परिवार समृद्ध होगा। जब घर की महिला सशक्त होती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार को सशक्त बनाने में दिखाई देता है। इसीलिए ‘सहकार से समृद्धि’ का सबसे बड़ा लाभ देश की ग्रामीण और गरीब महिलाओं तक पहुंचाना सरकार का उद्देश्य है।

राष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मजबूत करने में NAFED और NCCF की भूमिका का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि NAFED और NCCF दोनों राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाली महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। आज लगभग 8 लाख किसान NAFED से जुड़े हुए हैं और लगभग 6 लाख महिला किसान NCCF से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस संख्या को और बढ़ाने तथा दोनों संस्थाओं को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में पिछले वर्षों में उठाए गए कदमों और उनके परिणामों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। वर्ष 2017-18 में महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 23 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 36 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं।

महिलाओं के अधिकारों, गरिमा और अवसरों के विस्तार के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तीन तलाक को प्रतिबंधित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पहले मुस्लिम महिलाओं के अकेले हज पर जाने को लेकर प्रतिबंध था, लेकिन अब मुस्लिम महिलाएं अकेले भी हज यात्रा पर जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना में 11 हजार से अधिक महिला अधिकारी अपनी सेवाएं दे रही हैं और महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान भी केंद्र सरकार द्वारा किया गया है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को और व्यापक बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लगभग 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य वर्ष 2024 से पहले ही पूरा कर लिया गया और अब वर्ष 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

केरलम की ब्लू इकॉनमी में निहित व्यापक आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य की लंबी तटरेखा, बैकवाटर्स, नदियां और समृद्ध समुद्री परंपरा इसे ब्लू इकॉनमी के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य बनाती हैं। मत्स्य क्षेत्र में बड़े ट्रॉलर उपलब्ध कराने से लेकर उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक के लिए अनेक योजनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने केरलम के सहकारिता मंत्री से आग्रह किया कि वे इस दिशा में आगे आएं, इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और केरलम इनका अधिक से अधिक लाभ उठाए। मत्स्य और समुद्री क्षेत्र की इन संभावनाओं को बड़े आर्थिक अवसर में बदलने के लिए केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों पर बल देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केरलम में मत्स्य और समुद्री क्षेत्र में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं और केंद्र तथा राज्य मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ाएं तो मत्स्य एवं समुद्री क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक अवसर में बदला जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराने वाली NCCF और NAFED की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर NCCF और द सेंट्रल फाइनेंशियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेटिव (इंडिया) लिमिटेड (CFCICI) के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। इसके साथ ही NCCF के ‘जनः’ ब्रांड के साथ भारतीय मत्स्य प्रवर्तक संघम के मत्स्य उत्पादों के सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन के लिए तथा NCCF और भारत लझना सहकारी समिति के बीच केरलम, तमिलनाडु, कर्नाटक में 300 शी मार्ट शॉप्स खोलने के लिए भी समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया।

अमित शाह ने इस अवसर पर NCCF के ‘जनः’ उत्पादों की बिक्री का शुभारंभ किया और NCCF तथा CFCICI के सहयोग से निर्मित ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। उन्होंने ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ के माध्यम से महिला ग्राहकों को ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ की बिक्री का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत महिला किसानों को मुफ्त उड़द और चना बीज किट वितरित किए गए तथा NAFED-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों की बालिकाओं को छात्रवृत्ति राशि के चेक प्रदान किए।

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एडरॉयट इंडस्ट्रीज के आईपीओ को 177 गुना बोली मिली

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नई दिल्ली, एजेंसी। एडरॉयट इंडस्ट्रीज के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को शुक्रवार को बोली के अंतिम दिन करीब 177 गुना अभिदान मिला। इसके साथ ही चार सार्वजनिक निर्गम अधिक अभिदान के साथ बंद हुए। अन्य तीन आईपीओ स्वास्तिका इंफ्रा, एलिवेट कैम्पसेज और आरमी इंफोटेक के हैं। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, एडरॉयट इंडस्ट्रीज के 151 करोड़ रुपए के आईपीओ में 78,72,900 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 1,39,22,95,200 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इस तरह आईपीओ 176.85 गुना अभिदान हुआ। 

गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी को 332.35 गुना, पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के हिस्से को 195.04 गुना और खुदरा निवेशकों के हिस्से को 99.81 गुना अभिदान मिला। एडरॉयट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड के आईपीओ का मूल्य दायरा 126-134 रुपए प्रति शेयर है। इसमें 98,97,000 तक नए इक्विटी शेयरों का निर्गम और 13,50,000 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। विद्यार्थियों के लिए आवास सुविधाएं और किंडरगार्टन से 12वीं कक्षा तक की स्कूली शिक्षा से जुड़ी कंपनी एलिवेट कैम्पसेज के 2,100 करोड़ रुपए के आईपीओ को शुक्रवार को बोली के अंतिम दिन 1.79 गुना अभिदान मिला। इसे 3,36,73,468 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 6,02,86,769 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। 

एलिवेट कैम्पसेज के आईपीओ में नए इक्विटी शेयरों का निर्गम शामिल है और बिक्री पेशकश का कोई हिस्सा नहीं है। इसका मूल्य दायरा 343-362 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी मूल्य दायरे पर कंपनी का मूल्यांकन 6,100 करोड़ रुपए से अधिक होगा। स्वास्तिका इंफ्रा के 161 करोड़ रुपए के आईपीओ को शुक्रवार को 7.60 गुना अभिदान मिला। इसे 63,35,001 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 4,81,51,260 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। 

गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 18.50 गुना, खुदरा निवेशकों के हिस्से को 5.39 गुना और क्यूआईबी श्रेणी को 3.22 गुना अभिदान मिला। इस आईपीओ में 128.50 करोड़ रुपए तक के नए शेयरों का निर्गम और 17,50,000 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। इसका मूल्य दायरा 175-185 रुपए प्रति शेयर है। आरमी इंफोटेक के आईपीओ को 2.44 गुना अभिदान मिला। इसे 74,30,356 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 1,81,59,240 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। पात्र संस्थागत खरीदारों की श्रेणी को 2.99 गुना, खुदरा निवेशकों के हिस्से को 2.47 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 2.09 गुना अभिदान मिला। आरमी इंफोटेक के आईपीओ में 300 करोड़ रुपए तक के नए शेयरों का निर्गम शामिल है। इसका मूल्य दायरा 350-375 रुपए प्रति शेयर है। 

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FDI अप्रैल-जून तिमाही में  6% बढ़कर 19.81 अरब डॉलर, अमेरिका से निवेश 76% घटा

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नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में छह प्रतिशत बढ़कर 19.81 अरब डॉलर रहा। हालांकि, इस दौरान अमेरिका से एफडीआई 76 प्रतिशत से अधिक घटा। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में भारत में 18.62 अरब डॉलर का एफडीआई आया था। 

मई में एफडीआई एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 45 प्रतिशत से अधिक घटकर 2.8 अरब डॉलर रहा। जून में भी इसमें करीब 29 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4.91 अरब डॉलर रहा। हालांकि, अप्रैल में एफडीआई करीब दोगुना बढ़कर 12.1 अरब डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 6.6 अरब डॉलर था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जापान 5.71 अरब डॉलर के एफडीआई के साथ सबसे बड़ा निवेशक रहा। इसके बाद क्रमश: सिंगापुर (5.22 अरब डॉलर), मॉरीशस (2.31 अरब डॉलर), नीदरलैंड (1.38 अरब डॉलर), अमेरिका (1.34 अरब डॉलर) और संयुक्त अरब अमीरात (86.8 करोड़ डॉलर) का स्थान रहा। 

अमेरिका से एफडीआई चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 76 प्रतिशत से अधिक घटकर 1.34 अरब डॉलर रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 5.61 अरब डॉलर था। संयुक्त अरब अमीरात से भी निवेश घटकर 86.8 करोड़ डॉलर रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक अरब डॉलर था। 

आंकड़ों के अनुसार, जिन प्रमुख क्षेत्रों में अच्छा एफडीआई आया, उनमें सेवा क्षेत्र (7.04 अरब डॉलर), कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर में (2.84 अरब डॉलर), व्यापार में (1.92 अरब डॉलर), गैर-पारंपरिक ऊर्जा में (1.24 अरब डॉलर) और वाहन क्षेत्र में (62.2 करोड़ डॉलर) शामिल हैं। इक्विटी निवेश, मुनाफे का निवेश और अन्य पूंजी को मिलाकर कुल एफडीआई अप्रैल-जून 2026-27 में करीब 22 प्रतिशत बढ़कर 30.65 अरब डॉलर हो गया। राज्यों में तमिलनाडु को इस अवधि में सबसे अधिक 5.95 अरब डॉलर का एफडीआई मिला। इसके बाद महाराष्ट्र (4.22 अरब डॉलर), दिल्ली (2.67 अरब डॉलर), कर्नाटक (2.11 अरब डॉलर) और गुजरात (1.3 अरब डॉलर) का स्थान रहा। 

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