रायगढ़। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान के रायगढ़ जिला प्रवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उनके आगमन पर शहर में वृहद बाइक रैली निकालकर भव्य स्वागत किया गया। विभिन्न चौक-चौराहों पर ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी, फूल-मालाओं और गगनभेदी नारों के साथ प्रदेश अध्यक्ष सहित प्रदेश पदाधिकारियों का आत्मीय अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात भाजपा जिला कार्यालय रायगढ़ में अल्पसंख्यक मोर्चा की परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, चार विधानसभा क्षेत्रों के 24 मंडलों के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, बूथ स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अल्पसंख्यक समुदाय सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के छातामुड़ा पहुंचने पर प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश प्रभारी मनोज जैन, छत्तीसगढ़ हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग, भाजपा जिलाध्यक्ष अरुणधर दीवान, महापौर जीवर्धन चौहान, प्रदेश महामंत्री जावेद मेमन, साजन जोसेफ, बिलासपुर संभाग के सह प्रभारी अमजद अली, रायगढ़ जिला सह प्रभारी अमीन खान तथा अल्पसंख्यक मोर्चा आईटी सेल के सह प्रभारी श्री आतिफ सिद्दीकी के छातामुड़ा चौक पहुंचने पर प्रदेश मंत्री रविन्द्र सिंह भाटिया, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष असलम हुसैन सहित कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद शहर में बृहद बाईक रैली निकाली गई। रैली के दौरान भाजपा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के समर्थन में नारे लगाए गए और विभिन्न स्थानों पर प्रदेश अध्यक्ष सहित अतिथियों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया गया। कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी ने संगठन के प्रति उत्साह और एकजुटता का परिचय दिया। स्वागत कार्यक्रम के अंतर्गत कबीर चौक में युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष तरनजीत सिंह भाटिया ,रणवीर सिंह भाटिया, सतविंदर सिंह भाटिया,,रणविजय सिंह भाटिया, सिमरनजीत सिंह भाटिया, ने स्वागत किया जूटमिल मंडल में मंडल अध्यक्ष शैलेश माली के नेतृत्व में सूरज मिरी, संदीप क्षत्रिय, अरुण सिंह, साहेब सिंह हाजरा, सद्दाम खान ने स्वागत किया। चांदनी चौक में शहर मंडल अध्यक्ष जफर मलिक ,आवेश खान, राकेश सिंह, ने अभिनंदन किया। सत्ती गुड्डी चौक पर जिला मंत्री परमजीत सिंह भाटिया के नेतृत्व में हिमांशु चौहान, गुरमीत, गुरनाम, चिंटू साबरी, नियाज़ खान, अमरजीत सिंह भाटिया, ने स्वागत किया। भाजपा जिला कार्यालय में शीला तिवारी, मेहरून निशा,त्रिवेणी डहरे, संध्या त्रिवेदी, लक्ष्मी विश्वास, शोभा शर्मा, वंदना बोध और सलमा बेगम सहित महिला कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों का जोरदार अभिनंदन किया। भारत माता एवं पार्टी के संस्थापक विचारकों के चित्रों पर माल्यार्पण कर बैठक का शुभारंभ भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित परिचयात्मक बैठक का शुभारंभ भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन जिला महामंत्री सतनाम सिंह पोथीवाल ने किया। उन्होंने अतिथियों का परिचय कराते हुए उन्हें मंचासीन कराया। इसके बाद जिला भाजपा, अल्पसंख्यक मोर्चा, अन्य मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, महामंत्रियों और कार्यकर्ताओं का क्रमशः स्वागत किया गया। अतिथियों को पुष्प मालाएं पहनाकर तथा पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया। अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष असलम हुसैन ने स्वागत उदबोधन दिया, मुख्य अतिथि एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से परिचय प्राप्त किया तथा जिले में संगठन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने संगठन के विभिन्न स्तरों पर आपसी समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के बीच संवाद स्थापित करने और अल्पसंख्यक मोर्चा की भावी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने पदाधिकारियों से अपने-अपने बूथों पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ नियमित बैठकें करने, उनकी समस्याओं को समझने और पार्टी की नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही आगामी चुनावों में जनसंपर्क को व्यापक बनाकर पार्टी के पक्ष में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सक्रियता से काम करने की बात कही। छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश प्रभारी मनोज जैन ने जिले के सभी 24 मंडलों में नियमित बैठकें आयोजित करने तथा भाजपा के पक्ष में निरंतर जनसंपर्क बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार संचालित करने और आम नागरिकों के बीच पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में अल्पसंख्यक मोर्चा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने तथा पार्टी की विचारधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंचाने की अपील छत्तीसगढ़ हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने अपने उद्बोधन में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला गैस योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मोर्चा के पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि जरूरतमंद परिवार अपनी आजीविका और जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। भाजपा जिलाध्यक्ष अरुणधर दीवान ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा जनकल्याण एवं अल्पसंख्यक समुदाय के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण समिति तथा प्रधानमंत्री के नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं का जिले के सभी बूथों तक प्रचार-प्रसार करने और पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने के लिए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान ने वृहद बाइक रैली, परिचयात्मक बैठक एवं प्रदेश पदाधिकारियों के स्वागत कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रदेश मंत्री रविन्द्र सिंह भाटिया, जिलाध्यक्ष असलम हुसैन और समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण समिति का ब्रोशर अतिथियों के माध्यम से अल्पसंख्यक मंडल अध्यक्षों को दिया गया। कार्यकर्ताओं से आग्रह किया गया कि वे ब्रोशर में दी गई जानकारी को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों तक पहुंचाएं, ताकि पात्र हितग्राही विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के अंत में अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री साहिल मनिहार ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश से पहुंचे अतिथियों, भाजपा जिला संगठन, मोर्चा के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, महामंत्री, कार्यकर्ताओं तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में श्रीकांत सोमवार, सुभाष पांडे, डिग्री लाल साहू, मुकेश जैन, जिला महामंत्री जतिन साव, गुलाम रहमान खान, पवन शर्मा, जिला मंत्री पावन अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सुमित शर्मा,मधुलता पटेल, अमल साय, मनोरंजन साहू, डॉ. वाई के शिंदे, रितेश जैन, सुंदर सिंह बल, बादशाह खान, हमीद अली शेरू, वारिस अली, कैलाश शाहा, मनीष गांधी, मुक्तिनाथ प्रसाद बबुआ, मनप्रीत सिंह, राहुल सिंह दिग्वा, चाहत सिंह दिग्वा, आर्यन सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सोशल मीडिया के माध्यम से किसान मोर्चा के सोशल मीडिया प्रभारी दीपक दिनकर तथा शहर मंडल के सोशल मीडिया प्रभारी लक्की देवांगन एव जिला, मंडलों के सोशल मीडिया का विशेष योगदान रहा। उक्त प्रेस विज्ञप्ति रईस अंसारी प्रभारी जिला मीडिया अल्पसंख्यक मोर्चा ने दी।
रायपुर, एजेंसी। नवा रायपुर के माना-तूता में बन रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए जंगल में पेड़ों की कटाई फिर शुरू हो गई है। कटाई के दौरान ग्रामीण पेड़ों से लिपटकर रोकने की कोशिश करने लगे। इस दौरान ग्रामीणों को रोकने पहुंची पुलिस के साथ झूमाझटकी हुई। इसका वीडियो भी सामने आया है।
विरोध कर रहे 10 ग्रामीणों को पुलिस माना थाने ले गई। इसकी जानकारी मिलने पर शहर जिला कांग्रेस और ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी थाने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को थाने ले जाने के विरोध में घेराव किया। घेराव के करीब 1 घंटे बाद पुलिस ने ग्रामीणों को छोड़ दिया।
दरअसल, मंगलवार को पेड़ काटे जाने की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कटाई रोकने की मांग की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इसका विरोध किया था। विरोध के बाद पेड़ों की कटाई रोक दी गई थी, लेकिन अब दोबारा कटाई तेज कर दी गई है।
इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पेड़ों की कटाई जारी रही, तो वे फिर से इसका विरोध करेंगे।
चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही थी।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों पेड़ कटाई का विरोध किया था। इसके बाद कटाई पर रोक लगा दी गई थी।
दोबारा पेड़ कटाई शुरू होने पर ग्रामीण पेड़ों से लिपट गए।
विरोध कर रहे ग्रामीणों का पुलिस थाने ले गई।
कांग्रेसियों ने माना थाने का घेराव किया। इस दौरान वे धरने पर बैठ गए।
ग्रामीण बोले- 30 से 40 साल पुराने हैं पेड़
ग्रामीणों का कहना है कि फिल्म सिटी का निर्माण करीब 100 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने की आशंका है। जंगल में काटे जा रहे पेड़ करीब 30 से 40 साल पुराने हैं। एक पेड़ को बड़ा होने में कई साल लग जाते हैं। ऐसे में पुराने पेड़ों को काटना पर्यावरण के लिहाज से सही नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों से परेशानी नहीं है, लेकिन इसके लिए जंगल के पुराने पेड़ों को नहीं काटना चाहिए। उनकी मांग है कि फिल्म सिटी के लिए नवा रायपुर में किसी दूसरे स्थान का चयन किया जाए
मौके पर पुलिस की टीम भी मौजूद रही।
क्या है चित्रोत्पला फिल्म सिटी परियोजना?
नवा रायपुर के माना-तूता क्षेत्र में चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 24 जनवरी 2026 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना और राज्य को फिल्मों की शूटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
परियोजना के तहत फिल्म सिटी के लिए 95.79 करोड़ रुपए और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए 52.03 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। दोनों परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित करने की योजना है। इसमें निजी क्षेत्र से करीब 300 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना भी जताई गई है।
फिल्म सिटी में फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां सड़क, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे स्थायी सेट तैयार करने की योजना है।
फिल्म सिटी के लिए जंगल में पेड़ों की कटाई फिर शुरू हो गई है।
फिल्म इंडस्ट्री और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना
चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और अन्य आयोजन किए जाने हैं।
हालांकि, निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि विकास कार्यों के साथ जंगल और पुराने पेड़ों को भी सुरक्षित रखा जाए।
रायपुर, एजेंसी। बंगाल की खाड़ी में एक्टिव चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर मंगलवार यानी आज से छत्तीसगढ़ में दिखने लगेगा। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। चक्रवाती तूफान अर्नब के बुधवार को ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में 60 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर 200 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। 28 अक्टूबर के लिए चार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रायपुर समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के असर को देखते हुए बस्तर के स्कूलों में कल छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए मौसम आधारित सलाह जारी की है। किसानों को अगले 2 से 4 दिन धान और अन्य फसलों की कटाई रोकने, कटी फसल को सुरक्षित रखने और खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
कुछ जगहों पर बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश हो सकती है।
रायपुर में भी बदलेगा मौसम, दिन में 31 डिग्री तक रहेगा तापमान
रायपुर में बादलों छाए रह सकते हैं। बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम था।
अंबिकापुर में सबसे कम 12.9 डिग्री तापमान
प्रदेश में सोमवार को मौसम ड्राई रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। रायपुर में सबसे अधिक 32.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रहा। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री, माना एयरपोर्ट में 31.2 डिग्री और जगदलपुर में 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बस्तर संभाग के 4 जिलों में भारी बारिश
मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी के मुताबिक, चक्रवात का असर 28 अक्टूबर को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में ज्यादा रहेगा। इसके बाद 29 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश का प्रभाव बढ़ सकता है। आज (मंगलवार) बस्तर संभाग के सुकमा, बस्तर और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
दंतेवाड़ा-सुकमा में स्कूलों की छुट्टी, किसानों को भी सलाह
चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा और सुकमा जिले में 28 अक्टूबर को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को अगले 2 से 4 दिनों तक धान और दूसरी फसलों की कटाई रोकने की सलाह दी गई है।
जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें उपज सुरक्षित रखने और खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि बारिश से फसलों को नुकसान कम हो।
चक्रवात ‘अर्नब’ से निपटने की तैयारी आज 27 अक्टूबर और कल 28 अक्टूबर को प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसे देखते हुए सरकार ने राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है। संवेदनशील गांवों में राहत शिविर, मेडिकल टीम, बचाव दल और कंट्रोल रूम तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को हुई बैठक के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 26 अक्टूबर को चक्रवात से निपटने की कार्ययोजना जारी की। इसके तहत 12 अति संवेदनशील जिलों के 763 बाढ़ प्रभावित गांवों की पहचान की गई है। बाकी 21 जिलों में भी 1,006 संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है।
लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 779 राहत शिविर तैयार रखे गए हैं। इनमें करीब एक लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। जरूरत पड़ने पर लोगों को यहां पहुंचाया जाएगा। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सुरक्षित निकालने में प्राथमिकता दी जाएगी।
12 जिलों में ज्यादा खतरा, आज से दिखेगा असर
विभाग की कार्ययोजना के अनुसार, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद और रायपुर को अति संवेदनशील जिलों में शामिल किया गया है। इन जिलों में 27 और 28 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाओं का असर पड़ने की आशंका है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज (मंगलवार) से बस्तर संभाग के जिलों में बारिश का असर दिख सकता है। 28 अक्टूबर को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बारिश का प्रभाव बढ़ सकता है।
779 राहत शिविर तैयार, एक लाख लोगों को ठहराने की क्षमता
सरकार ने 12 संवेदनशील जिलों में 341 और बाकी जिलों में 438 राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। इनमें पीने का पानी, भोजन, दवाइयां और बिजली की व्यवस्था की जाएगी।
तेज हवाओं से गिरने की आशंका वाले मकानों की पहचान कर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। प्रशासन मुनादी कर लोगों से अपील कर रहा है कि खराब मौसम में बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें।
7 SDRF टीमों के साथ NDRF भी संभालेगी मोर्चा
आपदा से निपटने के लिए राज्य में SDRF की 7 टीमें तैयार की गई हैं। हर टीम में 36 जवान हैं। इनकी तैनाती रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग और अंबिकापुर में की जा रही है।
दुर्ग में NDRF की एक टीम पहले से मौजूद है। सुकमा, बस्तर और बीजापुर में भी एक-एक NDRF टीम तैनात करने की तैयारी है।
इसके अलावा सभी जिलों में नगर सेना के 828 प्रशिक्षित जवान और 3,895 आपदा मित्र तैनात किए जा रहे हैं। बचाव कार्यों के लिए SDRF के पास 1,450 उपकरण हैं। इनमें पानी के अंदर देखने वाले कैमरे, हाइड्रोलिक कटर और रबर बोट शामिल हैं।
अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टर तैयार रखने के निर्देश
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी तैयारी की है। 12 संवेदनशील जिलों में 12 जिला अस्पतालों, 65 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 215 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयां और डॉक्टर उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है।
अन्य 21 जिलों में 21 जिला अस्पतालों, 153 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 609 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुओं की देखभाल और टीकाकरण के लिए भी पशु चिकित्सकों के माध्यम से व्यवस्था करने को कहा गया है। आपदा के दौरान घायल लोगों को प्राथमिकता से इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
24 घंटे कंट्रोल रूम चालू रहेंगे, हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी
राज्य स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे चालू है। आपदा के समय लोग टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। राज्य नियंत्रण कक्ष सभी जिलों के कंट्रोल रूम से संपर्क में रहेगा।
सभी जिलों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने और उनके फोन नंबरों का प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इंद्रावती, शबरी और गोदावरी नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के लिए केंद्रीय जल आयोग से संपर्क किया जा रहा है। गंगरेल डैम, ओडिशा के खातीगुड़ा डैम और मुरान बांध से भी समन्वय किया गया है।
बांधों से पानी छोड़ने की स्थिति बनने पर प्रशासन को 48 घंटे पहले सूचना देने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से निकालने की तैयारी
बारिश से गांवों में पानी भरने या लोगों के चारों तरफ पानी घिरने पर जरूरत के मुताबिक हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जाएगा। इसके लिए रायपुर और बस्तर में मौजूद हेलीकॉप्टर बेस से संपर्क किया गया है।
नदी, नाले, पुल-पुलिया और पानी में डूबी सड़कों पर खतरा होने पर लोगों की आवाजाही रोक दी जाएगी। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों और राहत शिविरों तक पहुंचाया जाएगा। शिविरों में भोजन, पीने के पानी और इलाज की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तूफान के बाद नुकसान का सर्वे, सड़क-बिजली बहाली पर फोकस
सरकार ने चक्रवात का असर खत्म होने के बाद नुकसान का आकलन करने की तैयारी भी की है। राजस्व, कृषि, पंचायत, पशुपालन, नगरीय प्रशासन, लोक निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दूरसंचार विभाग को मकानों, फसलों, पशुओं और संचार व्यवस्था को हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित इलाकों में पीने के पानी की जांच और सफाई की जाएगी। पानी को साफ करने, कीटों पर नियंत्रण रखने और बीमारियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मृत पशुओं को सुरक्षित तरीके से हटाया जाएगा। क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों, तटबंधों और नालियों की मरम्मत के साथ बिजली और दूरसंचार सेवाएं भी बहाल की जाएंगी।
रायपुर, एजेंसी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बिजली बिल में 400 यूनिट तक मिल रही राहत 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगी।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा और 360 नए केंद्र खोले जाएंगे। सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कुल 19 फैसलों पर मुहर लगी है।
11 अक्टूबर की कैबिनेट में हुए कई फैसले
इससे पहले 11 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई थी। इन पदों पर रिक्तियों के अनुसार भर्ती की जाएगी। राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती में 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है।
इसके अलावा, ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली थी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियम में बदलाव किया जाएगा।