उपार्जन केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं समय पर हों सुनिश्चित, संवेदनशील एवं सीमावर्ती केंद्रों पर विशेष निगरानी हेतु किया निर्देशित
छूटे हुए किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन और खसरों की एंट्री समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की कलेक्टर ने की समीक्षा
कोरबा, 28 अक्टूबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की तैयारी एवं प्रशिक्षण के सम्बंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों और ऑपरेटरों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बैठक में धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी पंजीकृत किसानों के खसरों, फसल प्रविष्टियों और रकबे का सत्यापन करने तथा पंजीयन संबंधी त्रुटियों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुसार धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और सुगम होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सम्बंधित अधिकारियों को किसानों के रकबे में सुधार, छूटे हुए खसरों की पोर्टल में प्रविष्टि तथा फसल विवरण में त्रुटियों का निराकरण प्राथमिकता से करने को कहा। फसलों की गिरदावरी, सभी पात्र खसरों का एग्रीस्टेक में पंजीयन और वनाधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों सहित शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने पिछले वर्ष पंजीकृत प्रत्येक किसान के सभी खसरों, फसलों और रकबे का एग्रीस्टेक में मिलान करने को कहा। समिति प्रबंधक किसानों को समिति में बुलाकर ऑपरेटरों के माध्यम से बी-1 में दर्ज खसरों एवं फसलों की जांच कराएं, ताकि किसी भी पंजीकृत किसान का पात्र खसरा छूटने न पाए। उन्होंने तहसीलदार एवं एसडीएम को तहसील व समितिवार प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करने निर्देशित किया। सभी समितियों को इस आशय का प्रमाण-पत्र भी देना होगा कि पंजीकृत किसानों के सभी पात्र खसरे एग्रीस्टेक में दर्ज हैं। उन्होंने विशेष श्रेणी वनाधिकार पट्टाधारी, डुबान क्षेत्र के किसान, शासकीय भूमि पर खेती करने वाले तथा शासकीय पट्टाधारी किसानों के प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करने की बात कही। ऐसे मामलों में भूमि विवरण, खसरा तथा अक्षांश-देशांतर संबंधी प्रविष्टियां पूरी कराने के लिए कहा। इस हेतु तहसीलवार सूची तैयार कर संबंधित समितियों तक पहुंचाने और लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (आरईओ) के स्तर पर लंबित मामलों को भी समय-सीमा में पूरा कराने की बात कही। धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने केंद्रों में साफ-सफाई, नमी मापक यंत्रों के कैलिब्रेशन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट एवं तौल उपकरणों के सत्यापन, बायोमेट्रिक डिवाइस, पर्याप्त बारदानों, जल निकासी तथा आवश्यक बैनर-पोस्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। धान खरीदी के पहले दिन से ही केंद्रों में हमालों की उपलब्धता सहित किसानों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए। नए खरीदी केंद्रों में स्थल चयन, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, जनरेटर, ऑपरेटर एवं केंद्र प्रभारी की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित की जाएगी। कर्मचारियों और ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा ’सभी समितियों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने एवं उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी समितियों को नोडल अधिकारियों को पूर्ण सहयोग करने हेतु निर्देशित किया। संवेदनशील एवं सीमावर्ती धान खरीदी केंद्रों में विशेष निगरानी रखने और अवैध धान की आवक पर नियंत्रण के लिए उड़नदस्ता दल गठित करने को कहा गया। पीडीएस बारदानों का समय पर संग्रहण, उनकी उपलब्धता की नियमित निगरानी तथा बकेट क्लेम के लक्ष्यों की पूर्ति पर भी चर्चा हुई। प्रत्येक तहसीलदार को दस गांव चिन्हित कर पटवारियों के माध्यम से अक्टूबर माह में बकेट क्लेम की शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा गया है। सभी एसडीएम को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने निर्देशित किया। पॉलीगॉन ऐप ट्रेसिंग में आ रही समस्याओं का समाधान करने तथा डिजिटल कृषि मोबाइल ऐप में प्रविष्टियों के लिए सर्वेयर लगाकर कार्य में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। धान विक्रय नहीं करने वाले किसानों की सहमति के आधार पर आवश्यक पंचनामा तैयार कराने और ’भंडारण के लिए मॉडल स्टेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जिले में 60 सक्रिय आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत 73 धान खरीदी केंद्र हैं। जिले के कुल 53,101 पंजीकृत किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन हो चुका है, जबकि 168 किसानों का पंजीयन शेष है। कलेक्टर ने शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूरा कराने एवं दैनिक प्रगति की निगरानी करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन के अभाव में धान विक्रय से वंचित न रहे। बैठक में ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से टोकन जारी करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। किसान इस ऐप से 24 घंटे टोकन प्राप्त कर सकेंगे। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, 70 प्रतिशत टोकन ऐप के माध्यम से और 30 प्रतिशत टोकन समिति के माध्यम से जारी किए जाएंगे। टोकन प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। रकबे के आधार पर टोकन की व्यवस्था के तहत दो एकड़ तक भूमि वाले किसान एक टोकन, दो से दस एकड़ तक भूमि वाले किसान दो टोकन तथा दस एकड़ से अधिक भूमि वाले किसान तीन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। दो एकड़ तक भूमि वाले किसानों के लिए एक टोकन के साथ शेष रकबा स्वतः समर्पित होगा। दो से दस एकड़ तक भूमि वाले किसानों के लिए दो टोकन 50-50 के अनुपात में तथा दस एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों के लिए तीन टोकन 33-33-34 के अनुपात में मान्य होंगे। प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार टोकन के लिए तय रकबे के अतिरिक्त शेष रकबा स्वतः समर्पित हो जाएगा। कलेक्टर श्री दुदावत ने समिति प्रबंधकों, आरईओ और संबंधित अधिकारियों को किसानों को धान खरीदी की प्रक्रिया, पंजीयन, टोकन एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने को कहा। उन्होंने कहा कि खरीदी की तैयारियों के दौरान जमीनी स्तर पर सामने आने वाली वास्तविक समस्याओं का समय रहते आकलन कर प्रशासन को अवगत कराया जाए, ताकि उनका त्वरित निराकरण किया जा सके। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित समिति में जाकर अपने खसरों का मिलान अवश्य कराएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र खसरा पंजीयन से छूटा न हो। खसरे, फसल प्रविष्टि या पंजीयन में त्रुटि मिलने पर समिति के माध्यम से उसका समय पर सुधार कराएं। समिति प्रबंधक भी किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें। बैठक में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर, उप पंजीयक सहकारिता एम. मिंज, जिला विपणन अधिकारी ऋतुराज देवांगन, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी सुशील जोशी, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं समिति ऑपरेटर उपस्थित थे।
कोरबा। कोरबा जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर दिखने लगा है। बुधवार सुबह से आसमान में काली घटा छाई हुई है और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को बारिश में भीगकर निकलना पड़ा। कई लोगों ने छाता और रेनकोट का सहारा लिया। बारिश के बाद ठंड बढ़ने के संकेत भी मिलने लगे हैं।
28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विकसित हो रही चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश के कारण रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कुछ दिनों तक ठंड का असर कम रहेगा।
किसानों को फसल कटाई टालने की सलाह
मौसम को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान, दलहन और तिलहन फसलों की कटाई दो से तीन दिन टालने की सलाह दी गई है। कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई फिलहाल रोकने की सलाह दी गई है। वहीं, रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने को कहा गया है।
सब्जियों और केले के पौधों को सहारा देने की सलाह
कृषि विभाग ने लौकी और करेला जैसी बेल वाली सब्जियों के साथ फल लगे केले के पौधों को बांस से सहारा देने की सलाह दी है। रबी की सब्जियों की बुवाई भी नवंबर में करने को कहा गया है।
पशुपालकों को पशुओं को सूखे स्थान पर रखने और चारा-पानी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वज्रपात के दौरान पेड़ों के नीचे नहीं रहने की अपील भी की गई है।
बांगो बांध के गेट खुलने की आशंका, तटीय इलाकों में सतर्कता
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मिनीमाता बांगो बांध के गेट खोले जा सकते हैं। जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने लोगों से नदी से दूर रहने और नहाने या मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की है। साथ ही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी गई है।
जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में संगठनात्मक मजबूती पर जोर
कोरबा/सीतामढ़ी । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महाअभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय सीतामढ़ी में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं AICC द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में बैठक की गई।
बैठक में जयसिंह अग्रवाल का पारंपरिक मैथिली रीति-रिवाज एवं उत्साहपूर्ण नारों के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, प्रखंड एवं मंडल अध्यक्षों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, NSUI, INTUC सहित विभिन्न संबद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महाअभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए केवल बैठकें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर जनता के बीच पहुंचना होगा। श्री अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित करें, मतदाता सूची में नामों की जांच के लिए नागरिकों को जागरूक करें तथा जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत के मामले में तथ्यों एवं अभिलेखों का सत्यापन करते हुए कानूनी और निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं राहुल गांधी के नेतृत्व में संचालित इस महाअभियान को संगठन के प्रत्येक स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। उपस्थित कांग्रेसजनों ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को मजबूत बनाने तथा पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला प्रभारी डॉ. गौरव वर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना, पूर्व जिला अध्यक्ष सीताराम झा, रकतू प्रसाद, मोहम्मद अरशद, डॉ. राजीव कुमार ‘काजू’, मोहम्मद शमीम शहनवाज, अंजारुल हक, तौहीद, ताराकांत झा, मनोज कुमार सिंह, आफताब अंजुम बिहारी, सिकंदर हयात खान, श्रीमती रितु ठाकुर, राजेश यादव, INTUC अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहन कुमार, NSUI अध्यक्ष सक्षम कुमार, सेवादल अध्यक्ष राम प्रवेश कुशवाहा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में जयसिंह अग्रवाल ने अभियान को गति देने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना को एक प्रारूप पत्रक भी उपलब्ध कराया, ताकि उसे कार्यकर्ताओं तक पहुंचाकर अभियान के उद्देश्यों एवं गतिविधियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।
SECL Gevra Area observes Sankalp Diwas during Vigilance Awareness Week 2026; CMD Shri Harish Duhan administers the Integrity Pledge
Korba/Gevra. Officers and employees of SECL formed a human chain at the viewpoint of Gevra, Asia’s largest coal mine, reaffirming their commitment to vigilance, transparency and integrity. A special highlight of Sankalp Diwas organised at Gevra Area during Vigilance Awareness Week 2026, the human chain conveyed the message of “Probity for Prosperity”.
Shri Harish Duhan, Chairman-cum-Managing Director, South Eastern Coalfields Limited (SECL), was the Chief Guest at the Sankalp Diwas programme. The programme was organised as part of Vigilance Awareness Week, being observed from 26 October to 1 November in accordance with the directives of the Central Vigilance Commission, New Delhi.
Shri Biranchi Das, Director (Human Resources); Shri Himanshu Jain, Chief Vigilance Officer; and Shri Ashok Kumar, Area General Manager, Gevra, attended the programme along with heads of departments, officers and employees. Shri D. Sunil Kumar, Director (Finance), joined through video conferencing.
CMD Shri Harish Duhan administered the Integrity Pledge to those present. In his address, he said, “SECL is conducting various public awareness campaigns to take the message of this year’s theme, ‘Probity for Prosperity’, to every section of society. Our endeavour is to use technology to bring greater transparency and efficiency to our work processes.”
A plantation drive was also held under the initiative “Ek Ped Satarkata Ke Naam” as part of the programme.
During Vigilance Awareness Week, SECL is organising competitions for schoolchildren, public awareness campaigns and other activities. These initiatives aim to strengthen a transparent work culture through the participation of employees, students and the public, while promoting awareness of their role in building a corruption-free society.