रायपुर, एजेंसी। रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि SIR के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नकली संसद में SIR पर चर्चा करने का नाटक किया और संसद का मजाक बनाया। राहुल गांधी में हिम्मत है तो वे संविधान लेकर आएं और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करें।
शाह नवा रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
समारोह के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रदेश की विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
अमित शाह ने नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
राज्य अलंकरण से सम्मानित हुई विभूतियां
राज्योत्सव के समापन समारोह में राज्य अलंकरण भी दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और संगीत की झलक भी देखने को मिली।
‘संसद में दो-दो हाथ करने की चुनौती’
अमित शाह ने कहा- राहुल गांधी में हिम्मत है तो आइए, हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होता। आचरण संवैधानिक होना चाहिए। आपने पार्लियामेंट को रोककर रखा है, पेन में लेकर रखा है। संसद चलने दीजिए, दो-दो हाथ करने दीजिए, देश की जनता को मालूम चल जाएगा कि सच कौन है और झूठ कौन है।
SIR पर चर्चा के लिए लाएंगे स्पेशल संसद – शाह
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी नक्सलवाद का समर्थन करते हैं। गैर-संवैधानिक सरकारों का समर्थन करते थे। अभी-अभी उन्होंने नकली संसद बनाकर संसद का भी मखौल उड़ाया। वहां चर्चा का नाटक किया।
राहुल जी, मोदी सरकार हर इश्यू पर चर्चा के लिए तैयार है। हम स्पेशल सेशन बुलाकर SIR पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
‘कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया’
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया। 2010 में पी. चिदंबरम ने कहा था कि नक्सलियों को हथियार डालने की जरूरत नहीं है, आपस में सिर्फ बातचीत कीजिए, गोली मत चलाइए।
चिदंबरम साहब, इस तरह से हिंसा नहीं रुकती। जिसको भी सरेंडर करना है, वह हथियार डालकर सरेंडर करे। उन्हें हम मेनस्ट्रीम में लाएंगे, नहीं तो हमारे जवान दो-दो हाथ करेंगे।
आदिवासियों के मानवाधिकार पर बोले शाह
अमित शाह ने कहा- नक्सलवाद का समर्थन करने वाले और मानवाधिकारों के नाम पर आवाज उठाने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या मानवाधिकार हाथ में बंदूक लेकर विकास रोकने के लिए होता है? क्या गरीब आदिवासियों का मानवाधिकार नहीं होता है?
‘नक्सलवाद ने छीना बच्चों का बचपन’
अमित शाह ने कहा- जिस धरती पर सांस्कृतिक गलियारा होना था, वहां रेड कॉरिडोर बनाया गया था। जिस जंगल में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीत निकलने चाहिए थे, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गई थीं।
जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, उसे स्कूल से अगवा कर बंदूकें थमा दी गईं। स्कूल को उड़ा दिया गया। जिस सड़क से विकास का रास्ता बनना था, उसे उड़ा दिया गया।
‘नक्सलवाद को खत्म करने कांग्रेस की मंशा नहीं’
अमित शाह ने कहा- रमन सिंह के नेतृत्व में 15 साल तक विकास के काम हुए, लेकिन उस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। नक्सलवाद को खत्म करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।
उसी वक्त आदिवासी क्षेत्र के विकास की कल्पना की गई थी, लेकिन वह अधूरी रह गई।
आपने फिर से छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सरकार को हटाकर भाजपा सरकार को मौका दिया। इसके 2 महीने में हमने नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया।
शाह बोले- रायपुर बनेगा पीपल सिटी
अमिल शाह ने कहा- वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में रायपुर में 5 लाख पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। पीपल सिटी बनने के बाद हमारा रायपुर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण मित्र शहर बनने जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर आयोजन हो चुके हैं।
‘छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को दुनिया में पहचान दिलाई’
अमित शाह ने कहा – छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जीवंत रखने के लिए पंडूम और बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जाता है। करमा, राउत नाचा, पंडवानी जैसी कई लोककलाओं के साथ ढोकरा कला, बेलमेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा कला को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर दशहरा की 75 दिन चलने वाली अनोखी परंपरा को विष्णुदेव सरकार ने एक नई पहचान दी है।
बस्तर पंडूम और बस्तर ओलंपिक के जरिए लाखों युवा अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित कर रहे हैं। यहां की वेशभूषा, खानपान और लोकगीतों को पूरी दुनिया में प्रसिद्ध किया जा रहा है।
‘छत्तीसगढ़ के संस्कार- समानता, सेवा और सच्चाई’
अमित शाह ने कहा, यह इतने सालों से लिए गए संकल्पों की सिद्धि है। नक्सलमुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया गया था।
मोदी जी और विष्णुदेव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समर्पण और विकास में बड़ा योगदान देने वाले कई महानुभावों को यहां सम्मानित किया गया।
गुरु घासीदास का संदेश और गुरु नानक जी की सेवा का संदेश समानता, सेवा और सच्चाई का है। यही छत्तीसगढ़ के संस्कार हैं।
राम के ननिहाल को मिली अलग पहचान
अमित शाह ने छत्तीसगढ़वासियों और आदिवासी भाई-बहनों को बधाई दी। उन्होंने कहा, आज हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो गया है। CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस को भी बहुत साधुवाद देना चाहता हूं। आज अटल जी की विरासत का गौरव है, जिन्होंने राम के ननिहाल को एक अलग प्रदेश की पहचान दी।
शाह बोले- अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा
अमित शाह ने कहा, अटल जी ही थे, जिन्होंने 2000 में राज्य की स्थापना की। स्थापना के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री आए, लेकिन हमने चिंता नहीं की। इस क्षेत्र का विकास रुका हुआ था। अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा।
रायपुर, 03 नवंबर 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल प्रदेशवासियों को बेहतर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी।
रायपुर : विशेष लेख : राज्योत्सव–2026 : श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में श्रम कल्याण मंडल की महत्वपूर्ण पहल, 54 हजार से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में 16.94 करोड़ रुपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित
श्रमिकों का सम्मान, परिवारों का उत्थान– श्रमवीरों की सेवा से साकार हो रहा कल्याण का संकल्प
ताराशंकर सिन्हा
सहायक संचालक छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव–2026 के दौरान श्रम विभाग के तहत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित विभाग की 14 कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 54,084 हितग्राहियों के बैंक खातों में कुल 16 करोड़ 94 लाख 55 हजार 460 रुपए की सहायता राशि सोमवार 02 नवंबर को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के मार्गदर्शन में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों, उनके परिवारों की महिलाओं, बच्चों, विद्यार्थियों एवं अन्य आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
मंडल द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित किए जाने से लाभ वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं सुविधाजनक बनाया जा रहा है। मंडल का निरंतर प्रयास है कि प्रत्येक पात्र निर्माण श्रमिक एवं उसका परिवार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो तथा उन्हें सम्मानजनक, सुरक्षित एवं बेहतर जीवन जीने के लिए आवश्यक आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो।
जन-जन तक कल्याण, श्रमिक परिवारों का सम्मान“ का संकल्प।”
राज्योत्सव–2026 के अंतर्गत मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1,630 हितग्राहियों को 3 करोड़ 26 लाख रुपए की राशि अंतरित की गई। इसी तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजनांतर्गत 16 हितग्राहियों को 13 लाख 50 हजार रुपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 41 हजार 899 हितग्राहियों को 7 करोड़ 82 लाख 56 हजार रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी हेतु सहायता राशि योजना अंतर्गत 8 हजार 89 हितग्राहियों को 1 करोड़ 19 लाख 46 हजार रुपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 3 हितग्राहियों को 11 हजार 118 रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 197 हितग्राहियों को 39 लाख 40 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना अंतर्गत 30 हितग्राहियों को 1 लाख 1 हजार 391 रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास परिवार सशक्तिकरण योजना में 42 हितग्राहियों को 7,ल लाख 03 हजार 970 रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 718 हितग्राहियों को 10 लाख 77 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है। इसी तरह मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 1011 हितग्राहियों को 2 करोड़ 2 लाख 20 हजार रुपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 283 हितग्राहियों को 19 लाख 67 हजार 864 रुपए और इसी योजना के एक अन्य चरण में 1 हितग्राही को 2 लाख की राशि अंतरित की गई है। इसके अलावा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 5 हितग्राहियों को 6 लाख 82 हजार 117 रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 160 हितग्राहियों को 1 करोड़ 64 लाख रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है। इस तरह इन सभी योजनाओं के अंतर्गत कुल 54 हजार 84 हितग्राहियों को 16 करोड़ 94 लाख 55 हजार 460 की कुल राशि अंतरित की गई है।
पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
24 हजार 800 विद्यार्थियों को उपाधियां एवं डिप्लोमा प्रदान किए गए
बिलासपुर, 03 नवंबर 2026। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवा आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और अपनी विशिष्ट प्रतिभा के बल पर जीवन में आगे बढ़ें। असफलता से घबराने के बजाय उसके कारणों को समझें और गलतियों से सीखकर पुनः प्रयास करें। शिक्षा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी होना चाहिए। राज्यपाल आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़, बिलासपुर के सप्तम दीक्षांत समारोह को अध्यक्षीय आसंदी से संबोधित कर रहे थे। समारोह में पिछले पांच वर्षों के 24 हजार 800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा की उपाधियां प्रदान की गईं।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक एवं सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा, नेक अध्यक्ष नागेश्वर राव, विश्वविद्यालय के कुलपति वीरेंद्र कुमार सारस्वत तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उन्नत आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण और स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से एकलव्य विद्यालय देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को बैग, स्वेटर, टिफिन एवं पानी की बोतलें वितरित की गईं।
राज्यपाल श्री डेका ने उपाधि एवं पदक प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियों में अभिभावकों, गुरुजनों और शिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान है। दीक्षांत समारोह जीवन में नई ऊर्जा और नई जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुक्त विश्वविद्यालय दूरस्थ क्षेत्रों तक ज्ञान पहुंचाने और शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इंटरनेट और डिजिटल तकनीक ने ज्ञान तक पहुंच आसान बनाई है। युवाओं को इन साधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए अपनी विचारशक्ति और रचनात्मक क्षमता को विकसित करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि आज रोजगार और आजीविका के अनेक नए क्षेत्र उपलब्ध हैं। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर पूरी मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में अपना स्थान स्वयं बनाना पड़ता है। दूसरों की नकल अथवा तुलना करने के बजाय अपनी विशिष्टता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने में सहयोग दें।
श्री डेका ने जीवन में आंतरिक संतुष्टि, संतुलन और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की आवश्यकता बताई। उन्होंने डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने और अपने समय का सार्थक कार्यों में उपयोग करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पौधे लगाने और उनकी देखभाल जैसे कार्यों से समाज में बदलाव ला सकता है। जीवन में ऐसा कार्य अवश्य करें, जिसका उद्देश्य केवल लेन-देन नहीं, बल्कि सकारात्मक परिवर्तन हो।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने उपाधि एवं पदक प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के उत्थान में करें। स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उन लोगों के सपनों को साकार कर रहा है, जो कामकाज अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण नियमित अध्ययन नहीं कर पाते। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक की ‘ए प्लस’ ग्रेडिंग मिलने पर बधाई दी और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने तथा शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने दीक्षांत भाषण दिया। समारोह को नेक अध्यक्ष नागेश्वर राव ने भी संबोधित किया।
कुलपति वीरेंद्र कुमार सारस्वत ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर विश्व विद्यालय के कार्य परिषद के सदस्य, अन्य अधिकारी , प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।