Connect with us

कोरबा

सभी अधिकारी-कर्मचारी जनता के सेवक, जनता के हित में काम करना हमारा कर्तव्य : कलेक्टर

Published

on

कोथारी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का किया गया आयोजन

शिविर में प्राप्त 268 में से 82 आवेदन का मौके पर किया निराकरण

कोरबा । शासन की योजनाओं का आमजनों को लाभ पहुंचाने के लिए तथा योजनाओं की जानकारी देते हुए शिकायतों का निराकरण आज करतला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोथारी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित सभी अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान ग्रामीणों से आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर में प्राप्त मांग संबंधी आवेदनों का परीक्षण कर समस्या का निराकरण के निर्देश दिए गए। कुल 268 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 82 आवेदन का शिविर स्थल पर निराकरण कर दिया गया। कलेक्टर ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले ही पीएम आवास के हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि जारी हुई है, आप सभी उस राशि का सदुपयोग करें एवं शीघ्रता से अपना आवास पूर्ण कराए। आवास निर्माण या किसी भी शासकीय कार्य के लिए किसी शासकीय अशासकीय व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग करने पर उसकी शिकायत पुलिस या जिला प्रशासन को करें, उस पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि जनहित का कार्य करना सभी अधिकारी-कर्मचारियों का कर्तव्य है। कलेक्टर ने वन-टू-वन चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।  
कलेक्टर वसंत ने शिविर में प्राप्त आवेदन के संबंध में कहा कि जो भी मांग आई है उसका परीक्षण कराकर निराकरण किया जाएगा। शिकायत संबंधी आवेदन की जांच कराकर समय सीमा में निराकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में डीएमएफ अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान के संबंध में जनपद सीईओ को डिमाण्ड के लिए निर्देशित किया गया है। पूर्ण कार्यों का शीघ्र ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अन्य कार्यों के संबंध में शासन से आबंटन आने पर भुगतान की कार्यवाही की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कोरबा जिले के सभी जर्जर आंगनबाड़ी एवं स्कूल भवन के बदले भवन स्वीकृत किए गए हैं। 04 नवंबर से करतला विकासखण्ड सहित अन्य क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को सुबह का नाश्ता प्रदान किया जाएगा और डीएमएफ से स्कूल तथा आंगनबाड़ी में भोजन पकाने के लिए गैस की व्यवस्था की जा रही है। गैस उपलब्ध होने पर आंगनबाड़ी तथा स्कूलों में भोजन पकाने के दौरान लकड़ी का उपयोग नहीं होगा और रसोईयों को धुंए से मुक्ति मिलेगी।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने शिविर में आए आमजनो से ऑनलाइन ठगी,  इनाम, लॉटरी जीतने के नाम पर होने वाले साइबर क्राइम से भी सावधान रहने एवं किसी भी अंजान व्यक्ति को ओटीपी, पासवर्ड, पिन नंबर नहीं देने के लिए कहा। श्री तिवारी ने कहा कि कोरबा पुलिस आपकी सहायता के लिए है। आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बेझिझक नजदीकी थानों एवं एसपी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने लोगों यातायात नियमों का पालन करने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने का आग्रह किया।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता कंवर एवं गांव की सरपंच ने भी संबोधित किया और कहा कि यह खुशी की बात है कि कोथारी में शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। शिविर में एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

नन्हे शिशुओं को कराया गया अन्नप्राशन एवं बच्चों को दी गई सुपोषण टोकरी –
महिला एवं बाल विकास द्वारा शिविर में विभागीय योजनाओं के तहत 05 नन्हें शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया। जिसके अंतर्गत स्वाति, आर्यन, रोनित, जियांशी,  खुशीका  शामिल है। इसी प्रकार 04 बच्चे अलीशा, ध्रुवेश,  आशीष, नित्या को सुपोषण टोकरी भी अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया।

शासकीय योजनाओं पर आधारित जनमन पत्रिका का किया गया वितरण –
शिविर में जनसंपर्क विभाग द्वारा ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान कर शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया साथ ही शासकीय योजनाओं के संबंधित जनमन पत्रिका का वितरण भी किया गया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी वर्षा की गतिविधियां, किसानों के लिए मौसम आधारित सलाह जारी

Published

on

कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विकसित हो रही चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार,  आगामी 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होने तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों को फसलों, सब्जियों, फलदार पौधों और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार 27 अक्टूबर को प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। 28 एवं 29 अक्टूबर को सभी जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान है। वर्षा के कारण रात के तापमान में वृद्धि होने से आगामी कुछ दिनों तक ठंड का प्रभाव कम रहने की संभावना है।

मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान, दलहन एवं तिलहन फसलों की कटाई अगले दो से तीन दिनों तक टालें। जिन किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं तथा खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करें। फसलों में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक उपचार करें। तिवरा एवं अलसी की उत्तेरा फसल लेने वाले किसान फिलहाल बुवाई स्थगित रखें। रबी फसलों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू करने की सलाह दी गई है।
सब्जियों एवं फलदार पौधों की सुरक्षा के लिए भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। तेज हवा और वर्षा की संभावना को देखते हुए लौकी, करेला जैसी लता वाली सब्जियों को सहारा देने की व्यवस्था करें तथा जिन केले के पौधों में फूल या फल आ चुके हैं, उन्हें बांस से सहारा दें। रबी मौसम की सब्जियों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने की सलाह दी गई है। वहीं पशुपालक अपने पशुओं को सूखे एवं सुरक्षित स्थानों पर रखें, उनके लिए चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा वज्रपात की आशंका के दौरान पशुओं को चराते समय पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें।
किसानों से अपील की गई है कि वे आगामी दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और खेतों में जल निकासी सहित फसलों एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए समय रहते आवश्यक प्रबंध करें।

Continue Reading

कोरबा

उड़ान परियोजना के तहत सिमगा के विद्यार्थियों ने किया अडानी कोरबा पावर प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण

Published

on

कक्षा में पढ़े ऊर्जा और विज्ञान के सिद्धांतों को संयंत्र में प्रत्यक्ष रूप से समझा
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। वनांचल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा, विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के छात्र-छात्राओं ने उड़ान परियोजना के तहत अडानी कोरबा पावर प्लांट, पताड़ी-उरगा का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के उद्देश्य से आयोजित इस एक दिवसीय भ्रमण का मार्गदर्शन विद्यालय के प्राचार्य सतीश प्रकाश सिंह ने किया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर विज्ञान और तकनीक के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला। प्राचार्य श्री सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि विद्यालय में पढ़े ऊर्जा और विज्ञान के सिद्धांत वास्तविक जीवन में किस प्रकार उपयोग किए जाते हैं।
उड़ान परियोजना के भ्रमण प्रभारी अधिकारी प्रेम शंकर साहू ने विद्यार्थियों को बिजली उत्पादन की आधुनिक तकनीक और संयंत्र की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने संयंत्र की विशाल मशीनरी, पाइपलाइन, नियंत्रण कक्ष और आधुनिक कोल हैंडलिंग प्रणाली का अवलोकन किया। उन्हें औद्योगिक परिसर में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों, नियमों के पालन, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, टीमवर्क और अनुशासन के महत्व से भी परिचित कराया गया।
प्राचार्य सतीश प्रकाश सिंह ने इस पहल के लिए अडानी फाउंडेशन और संयंत्र प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें ऊर्जा, तकनीक एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर के अवसरों को समझने का मौका मिलता है।
भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ विद्यालय की व्याख्याता सुश्री दिव्या कुजूर, श्रीमती रुक्मणी पुरैना और उमाशंकर टोंडे सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

किसानों को धान की कटाई स्थगित रखने, कटी फसल सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह

Published

on

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने जारी की मौसम आधारित कृषि सलाह

कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में 29 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने चक्रवाती तूफान और संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों तक समय पर मौसम और कृषि संबंधी सलाह पहुंचाने, विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा फसलों, उद्यानिकी उत्पादन और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देशित किया है कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी आवश्यकता पर त्वरित कार्रवाई करें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने और 28 एवं 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए जारी पूर्वानुमान को देखते हुए कोरबा जिले में भी किसानों और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन और तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां अगले दो से चार दिनों तक कटाई स्थगित रखें। कटाई शुरू कर चुके किसान फसल को शीघ्र सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था रखें, ताकि जलभराव से फसल को नुकसान न हो।
फसलों में रोग या कीट के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही कीटनाशक का छिड़काव करें। रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसान मौसम की स्थिति को देखते हुए बुवाई नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से शुरू करें।
सब्जी एवं फल उत्पादक किसान तेज हवा की आशंका को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला और लौकी, के पौधों को सहारा दें। केले के पौधों और फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी का प्रबंध रखें और बारिश के दौरान कीटनाशक एवं कवकनाशक का छिड़काव न करें।
पशुपालक पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। तेज हवा और बारिश के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे या खुले स्थान पर न बांधें। उनके लिए सूखे चारे और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
कलेक्टर श्री दुदावत ने संबंधित विभागों को कृषि सलाह का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और किसानों को समय पर आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। कृषि विश्वविद्यालय ने भी किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और वैज्ञानिकों की सलाह का पालन करने की अपील की है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677