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कोरबा

BALCO Reaffirms Commitment to Carbon Neutrality and Water Positivity on World Environment Day

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Drives Environmental Stewardship through Renewable Energy Mix, Water Conservation and Community-Led Initiatives

Balconagar: Bharat Aluminium Company Limited (BALCO), a part of Vedanta Aluminium, marked World Environment Day showcasing commitment to sustainability through strategic ongoing interventions encompassing adoption of renewable energy mix, replenishing water structures and afforestation. These initiatives align with the company’s vision of achieving Net Water Positivity by 2030 and Net Zero Carbon Emissions by 2050.

While practicing environmental responsibility in its core operations, BALCO expanded its usage of renewable energy mix contributing to a significant reduction of over 1.6 lakh tonnes of carbon emissions in FY ’25. Further advancing energy efficiency, the company introduced an improved relining design in its potlines, reducing energy consumption by 400 kWh per metric tonne (MT). Enhanced digitisation across logistics has facilitated data-driven fleet management, optimising the movement of raw materials and finished goods, further lowering emissions.

As part of its water conservation efforts, BALCO has recycled over 5.20 million cubic meters of water, achieving a 17% increase over the previous year. In its surrounding communities, the company has restored 28 water structures, including farm ponds and community reservoirs, with a total storage capacity of over 39,000 cubic meters, enhancing groundwater recharge and supporting local agriculture.

Speaking on the developing resilient ecosystem, Mr. Rajesh Kumar, CEO & Director, BALCO said, “Sustainability is central to our growth philosophy at BALCO. Through our focused interventions in environmental stewardship, renewable energy, and community development, we aim to create a resilient ecosystem that supports circular economy and industrial progress while safeguarding environment. Our initiatives are a testament to BALCO’s vision of transforming the planet, responsibly.”

BALCO also continued its afforestation initiatives, planting over 52,000 saplings across operational sites, including mines, ash dykes, and peripheral community areas. The deployment of electric forklifts in operations and electric vehicles for township waste management and movement, has further contributed to cleaner, energy-efficient operations with a lower carbon footprint.

In alignment with BALCO’s commitment to ‘Transforming the Planet’, the company has maintained ash-free operational spaces while actively channelling fly ash for constructive use across multiple industries, including brick and cement manufacturing, infrastructure development, road construction, mines backfilling and more.

Further strengthening its environmental stewardship in FY25, BALCO has undertaken several key sustainability initiatives, including:
• Development of plastic-free zones within plant premises
• Promotion of electric vehicle usage among employees
• Conduct of nature walks and cleanliness drives to raise awareness on local biodiversity
• Organisation of gardening competitions promoting native and exotic plant species
• Community campaigns celebrating the ecological richness of Chhattisgarh to foster environmental empathy

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कोरबा

रबी सीजन में टोकन और क्यूआर कोड से उर्वरक वितरण शुरू

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नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी

कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे।
जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।

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कोरबा

सेवा सेतु से बढ़ी शासकीय सेवाओं तक पहुंच, नागरिकों को मिल रही सुविधा

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आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह

समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी

कोरबा  05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है।
पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।”
पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है।
सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।

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कोरबा

आयुष्मान योजना में अनियमितता पर हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल का पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित

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अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश

कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है।
इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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BALCO Reaffirms Commitment to Carbon Neutrality and Water Positivity on World Environment Day

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Drives Environmental Stewardship through Renewable Energy Mix, Water Conservation and Community-Led Initiatives

Balconagar: Bharat Aluminium Company Limited (BALCO), a part of Vedanta Aluminium, marked World Environment Day showcasing commitment to sustainability through strategic ongoing interventions encompassing adoption of renewable energy mix, replenishing water structures and afforestation. These initiatives align with the company’s vision of achieving Net Water Positivity by 2030 and Net Zero Carbon Emissions by 2050.

While practicing environmental responsibility in its core operations, BALCO expanded its usage of renewable energy mix contributing to a significant reduction of over 1.6 lakh tonnes of carbon emissions in FY ’25. Further advancing energy efficiency, the company introduced an improved relining design in its potlines, reducing energy consumption by 400 kWh per metric tonne (MT). Enhanced digitisation across logistics has facilitated data-driven fleet management, optimising the movement of raw materials and finished goods, further lowering emissions.

As part of its water conservation efforts, BALCO has recycled over 5.20 million cubic meters of water, achieving a 17% increase over the previous year. In its surrounding communities, the company has restored 28 water structures, including farm ponds and community reservoirs, with a total storage capacity of over 39,000 cubic meters, enhancing groundwater recharge and supporting local agriculture.

Speaking on the developing resilient ecosystem, Mr. Rajesh Kumar, CEO & Director, BALCO said, “Sustainability is central to our growth philosophy at BALCO. Through our focused interventions in environmental stewardship, renewable energy, and community development, we aim to create a resilient ecosystem that supports circular economy and industrial progress while safeguarding environment. Our initiatives are a testament to BALCO’s vision of transforming the planet, responsibly.”

BALCO also continued its afforestation initiatives, planting over 52,000 saplings across operational sites, including mines, ash dykes, and peripheral community areas. The deployment of electric forklifts in operations and electric vehicles for township waste management and movement, has further contributed to cleaner, energy-efficient operations with a lower carbon footprint.

In alignment with BALCO’s commitment to ‘Transforming the Planet’, the company has maintained ash-free operational spaces while actively channelling fly ash for constructive use across multiple industries, including brick and cement manufacturing, infrastructure development, road construction, mines backfilling and more.

Further strengthening its environmental stewardship in FY25, BALCO has undertaken several key sustainability initiatives, including:
• Development of plastic-free zones within plant premises
• Promotion of electric vehicle usage among employees
• Conduct of nature walks and cleanliness drives to raise awareness on local biodiversity
• Organisation of gardening competitions promoting native and exotic plant species
• Community campaigns celebrating the ecological richness of Chhattisgarh to foster environmental empathy

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल! 17 दुकानों के बीच खतरे का कारोबार, नियमों की अनदेखी पर प्रशासन मौन?

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कपड़ों के पर्दों से घिरी दुकानें, अग्निशमन उपकरणों की कमी और आपातकालीन इंतजाम नदारद होने के आरोप; खुशियों के त्योहार में कहीं लापरवाही भारी न पड़ जाए!

बांकीमोंगरा/कोरबा। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन इस रौनक के बीच पटाखा बाजार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस स्थान पर बारूद और ज्वलनशील सामग्री का कारोबार हो रहा है, वहां सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों में कथित लापरवाही सामने आ रही है।

मौके की तस्वीरें कुछ ऐसी व्यवस्था की ओर इशारा कर रही हैं, जहां सुरक्षा मानकों के पालन से ज्यादा दुकानें सजाने और कारोबार चलाने पर जोर दिखाई देता है। बाजार में करीब 17 दुकानें संचालित होने की जानकारी है, लेकिन अग्नि सुरक्षा के इंतजामों को लेकर स्थिति संतोषजनक नजर नहीं आ रही।

दुकानों के बीच दूरी का सवाल, एक चिंगारी बन सकती है बड़ी मुसीबत

पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए विस्फोटक अधिनियम और विस्फोटक नियमों के तहत निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी है। दुकानें सुरक्षित दूरी पर हों और आग लगने की स्थिति में दूसरी दुकानों तक आग फैलने की आशंका कम रहे, इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

लेकिन यहां दुकानों को कतारबद्ध तरीके से पास-पास बनाए जाने की शिकायत है। यदि निर्धारित दूरी का पालन नहीं हुआ है तो यह स्थिति किसी अप्रिय घटना के दौरान बड़ा खतरा बन सकती है।

टिन शेड की जगह कपड़ों के पर्दे, सुरक्षा मानकों पर सवाल

पटाखा बाजार में दुकानों के चारों ओर कपड़े के पर्दों का इस्तेमाल भी सवालों के घेरे में है। ज्वलनशील सामग्री से घिरे ऐसे स्थान पर आग लगने की स्थिति में खतरा तेजी से बढ़ सकता है।

दुकानों के प्रवेश द्वार आमने-सामने होने और पर्याप्त खुली जगह नहीं होने को लेकर भी जांच की आवश्यकता है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक दुकान निर्धारित लाइसेंस और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही संचालित हो रही है या नहीं।

17 दुकानों में महज 6 के सामने अग्निशामक यंत्र!

बाजार की अग्निशमन व्यवस्था पर नजर डालें तो स्थिति और चिंताजनक दिखाई देती है। मौके पर कुल 17 दुकानों में से केवल 6 दुकानों के सामने CO2 अग्निशामक यंत्र दिखाई देने की जानकारी मिली है।

वहीं पानी और सूखी रेत से भरी बाल्टियों की पर्याप्त व्यवस्था भी नजर नहीं आई। सवाल यह है कि बाकी दुकानों में आग बुझाने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं? क्या संबंधित विभाग ने इन व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया है?

आपातकालीन स्थिति में राहत कैसे मिलेगी?

पटाखा बाजार में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दमकल वाहन, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस और दमकल वाहनों की मौजूदगी नजर नहीं आने की बात सामने आई है।

यदि आग या विस्फोट जैसी घटना होती है तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होंगे। ऐसे में प्रशासन को तत्काल आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।

दुकान के सामने ही पटाखों का प्रदर्शन!

नाबालिगों से दुकान संचालन कराने का आरोप

नियमों के तहत पटाखा बिक्री स्थल के आसपास धूम्रपान और खुली आग पर प्रतिबंध रहता है। इसके लिए चेतावनी बोर्ड लगाना भी जरूरी है।

इसके बावजूद दुकानों के सामने पटाखे फोड़कर ग्राहकों को नमूना दिखाने की शिकायत सामने आई है। यदि यह गतिविधि वास्तव में बिक्री परिसर में हो रही है तो यह गंभीर सुरक्षा उल्लंघन का विषय है। इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।

अब प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने का समय

पटाखा बाजार में सामने आ रही इन परिस्थितियों ने संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर दुकानें संचालित होने से पहले सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किसने किया? क्या सभी दुकानों के लाइसेंस और अनुमतियों की जांच की गई? क्या अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा इंतजामों को हरी झंडी दी है?

स्थानीय प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय और अग्निशमन विभाग को संयुक्त रूप से बाजार का निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर कराना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए।

त्योहार खुशियों का प्रतीक है, जोखिम का नहीं। प्रशासन की एक छोटी सी लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है। इसलिए जरूरी है कि किसी हादसे के बाद जांच बैठाने के बजाय उससे पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए।

अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और पटाखा बाजार को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

10 दिन से घरों का कचरा नहीं उठा, मधुसूदन दास ने पालिका प्रशासन को दिया 5 दिन का अल्टीमेटम

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5 दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नगर पालिका कार्यालय में कचरा सौंपने की चेतावनी

बांकी मोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने क्षेत्र में पिछले 7 से 10 दिनों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठप होने और सफाई कार्य में उपयोग किए जा रहे रिक्शों की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर तत्काल व्यवस्था सुधारने और घटिया गुणवत्ता के रिक्शों की जांच कर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

मधुसूदन दास ने पत्र के माध्यम से बताया कि उनके वार्ड सहित आसपास के 5-6 वार्डों के नागरिक लगातार कचरा उठाव नहीं होने की शिकायत कर रहे हैं। कई दिनों से घरों से कचरा संग्रहण नहीं होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सफाई कार्य में लगे पुराने रिक्शों की स्थिति खराब हो चुकी है, जबकि नए रिक्शों की आपूर्ति में भी लापरवाही बरती गई है। उनके अनुसार, कुछ नए रिक्शे उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता बेहद खराब है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सफाई कार्य में इस्तेमाल होने वाला छोटा हाथी वाहन पिछले करीब 10 दिनों से खराब पड़ा है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। वाहनों की अनुपलब्धता और खराब स्थिति के चलते डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रभावित हो रहा है।

पांच दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने नगर पालिका प्रशासन से पांच दिनों के भीतर समस्या का निराकरण करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो क्षेत्र में जमा कचरे को एकत्रित कर नगर पालिका कार्यालय पहुंचाया जाएगा और अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता जैसी बुनियादी नागरिक सुविधा में इस तरह की लापरवाही दुर्भाग्यजनक है। नगर पालिका प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कचरा उठाव शुरू कराना चाहिए, खराब वाहनों की मरम्मत करानी चाहिए तथा घटिया गुणवत्ता के रिक्शों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

अब देखना होगा कि नेता प्रतिपक्ष की शिकायत और पांच दिनों की चेतावनी के बाद नगर पालिका प्रशासन सफाई व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाता है।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

दीपावली और छठ महापर्व पर सोनी विकास झा एवं विकास झा ने दी शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश

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बांकीमोंगरा। दीपों के महापर्व दीपावली और लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा की अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा ने क्षेत्रवासियों सहित समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली खुशियों, नई उम्मीदों और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। यह त्योहार हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने तथा आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ समाज को मजबूत बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि मां लक्ष्मी की कृपा से प्रत्येक घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो तथा हर परिवार के जीवन में खुशियों का उजाला बना रहे।

वहीं विकास झा ने कहा कि छठ महापर्व छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सांस्कृतिक एकता और लोकआस्था का प्रतीक है। सूर्यदेव एवं छठी मैया की आराधना से जुड़ा यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, अनुशासन, त्याग, समर्पण और स्वच्छता का संदेश देता है। उन्होंने छठ व्रतियों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सभी के सुखद, मंगलमय एवं सफल जीवन की कामना की।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने अपने संदेश में कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब हम समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खुशियां साझा करें। जरूरतमंदों की सहायता करें और आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम एवं सद्भाव के साथ पर्व मनाएं।

उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए सुरक्षित एवं स्वच्छ दीपावली मनाने तथा छठ महापर्व के दौरान स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखने की अपील की।

अंत में श्रीमती सोनी विकास झा एवं विकास झा ने कहा कि दीपों की रोशनी हर जीवन से निराशा का अंधकार मिटाए और छठी मैया के आशीर्वाद से हर परिवार में आरोग्य, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली आए।

दोनों ने पुनः समस्त बांकीमोंगरा नगरवासियों, क्षेत्रवासियों एवं प्रदेशवासियों को दीपावली और छठ महापर्व की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दीं।

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