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छत्तीसगढ़

सुसाइड से पहले डॉक्टर ने बॉयफ्रेंड को किया आखिरी मैसेज:बोली-तुम्हारे लायक नहीं हूं, धोखा दे रही हूं..फिर बिलासपुर के हॉस्टल में लगाई फांसी

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बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) के गर्ल्स हॉस्टल में इंटर्न डॉक्टर के सुसाइड मामले में जांच जारी है। डॉक्टर ने सुसाइड करने से पहले अपने प्रेमी को आखिरी मैसेज किया था। डॉक्टर ने फांसी लगाने के पहले अपने दोस्तों को मैसेज भी किया, जिसमें लिखा कि मैं सभी को धोखा दे रही हूं।

साथ ही अपने प्रेमी डॉक्टर को मैसेज कर लिखा कि मैं तुम्हारे लायक नहीं हूं, धोखा दे रही हूं। इस मैसेज के बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस डॉक्टर के मोबाइल को जब्त कर मामले की जांच कर रही है।

सिम्स गर्ल्स हॉस्टल सहेलियों से मिलने आई थी

दरअसल, सिम्स के गर्ल्स हास्टल में फांसी लगाने वाली डॉ भानुप्रिया सिंह अंबिकापुर से बिलासपुर आई थी। यहां से वो सहेली की शादी में शामिल होने आई थी। रविवार को वह सिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में अपनी सहेलियों से मिलने पहुंची थी।

हॉस्टल जाने की जानकारी भानुप्रिया ने अपने परिजनों को भी थी। साथ ही उसने बिलासपुर में अपने कमर दर्द का इलाज कराने की बात भी कही थी। इसके बाद ही वह बिलासपुर से सहेली की शादी में सारंगढ़ जाने वाली थी।

दो दिन से सिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में थी डॉक्टर

बताया जा रहा है कि डॉक्टर भानुप्रिया बीते 14 नवंबर को बिलासपुर आ गई थी। इस दौरान उन्होंने सिम्स के MRD में ओपीडी पर्ची कटाकर आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट और मनोरोग वार्ड में जांच भी कराई। यहां दो दिन रहने के बाद 17 नवंबर की दोपहर उसने गर्ल्स हॉस्टल में फांसी लगा ली।

17 नवंबर की दोपहर डॉक्टर भानुप्रिया ने सिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में फांसी लगा ली थी।

17 नवंबर की दोपहर डॉक्टर भानुप्रिया ने सिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में फांसी लगा ली थी।

सुसाइड करने से पहले प्रेमी और दोस्तों को किया मैसेज

पुलिस के अनुसार डॉ भानुप्रिया का पेंड्रा निवासी डॉ नीरज कंवर से प्रेम संबंध था, जो वर्तमान में दिल्ली मेडिकल कॉलेज में पदस्थ है। सुसाइड करने से पहले डॉक्टर भानुप्रिया ने नीरज को मोबाइल पर मैसेज किया। इसमें लिखा कि मैं तुम्हारे लायक नहीं हूं। मुझे माफ करना।

यह मैसेज देखने के बाद डॉ नीरज ने तत्काल डॉ भानुप्रिया को फोन लगाया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद डॉ अंकित ने उसे फोन कर बताया कि भानुप्रिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मृतका डॉक्टर के मोबाइल की जांच के लिए उसे जब्त किया है। शव का पोस्टमॉर्टम के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। जिसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हो गए।

मां से हमेशा बोलती थी कि मैं मर जाऊंगी

डॉ भानुप्रिया के पिता उमेश सिंह ने बताया वह कमर दर्द से काफी दिनों से परेशान थी। मुझसे ज्यादा बातें नहीं करती थी, अपनी मां से ज्यादा बात करती थी। कुछ दिन पहले उसने अपनी मां से कहा था कि मैं मर जाऊंगी, तो तुम क्या करोगी। उमेश सिंह ने बताया उनके 2 बेटे और भानुप्रिया इकलोती बेटी थी।

डॉक्टर भानुप्रिया ने सिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में अपनी सहेलियों से मिलने आई थी।

डॉक्टर भानुप्रिया ने सिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में अपनी सहेलियों से मिलने आई थी।

भाई ने कहा- काम को लेकर परेशान थी

डॉक्टर के भाई अखिलेश सिंह ने बताया कि वह अंबिकापुर में काम कर रही थी और काम को लेकर भी परेशान रहती थी। नया काम था इसलिए दबाव था। इसी तरह वह कमर दर्द से भी परेशान चल रही थी, लेकिन उसके बात से यह कभी पता नहीं चलता था कि वह आत्महत्या कर लेगी।

2018 बैच की MBBS स्टूडेंट थी भानुप्रिया

जानकारी के मुताबिक मृतका भानुप्रिया सिंह साल 2018 बैच की MBBS छात्रा थी। 2023 में वो पास आउट हुई थी। फिलहाल, अंबिकापुर जिले के सुखरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इंटर्नशिप कर रही थी।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर से गुजरने वाली 3 एक्सप्रेस ट्रेनें कैंसिल:महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा जाने वाले यात्री परेशान होंगे, 24 नवंबर से 15 जनवरी तक नहीं चलेंगी

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बिलासपुर, एजेंसी। महाराष्ट्र से झारखंड और ओडिशा जाने वाले ट्रेन यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक बदलने का काम किया जाएगा। यह काम सीनी-राजखरसावां सेक्शन की अप और डाउन लाइन पर चलेगा।

इसके लिए 24 नवंबर से 15 जनवरी तक मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस काम का असर बिलासपुर से होकर चलने वाली ट्रेनों पर भी पड़ेगा। रेलवे ने इस दौरान 3 ट्रेनों को रद्द और 2 ट्रेनों को बदले रूट से चलाने का फैसला किया है।

ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस पर पड़ेगा। इस ट्रेन के दोनों दिशाओं में 17-17 फेरे रद्द रहेंगे। इसके अलावा नांदेड़-संतरागाछी एक्सप्रेस और पुणे-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस के भी निर्धारित फेरे रद्द किए गए हैं।

वहीं उत्कल एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस को कुछ निर्धारित तारीखों पर बदले रूट से चलाया जाएगा। इससे महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के बीच ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख और ट्रेन की जानकारी पहले से जांचनी होगी।

14 अक्टूबर तक 18 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द

इधर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 18 एक्सप्रेस ट्रेनें 14 अक्टूबर 2026 तक पहले ही रद्द है। इसके अलावा उत्कल एक्सप्रेस अलग-अलग तारीखों पर बदले रूट से चलेगी, जबकि 13 अक्टूबर को गीतांजलि एक्सप्रेस 2 घंटे की देरी से रवाना होगी। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में काम होगा।

रद्द होने वाली गाड़ियों में इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस, टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस, हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस, हावड़ा-CSMT दुरंतो एक्सप्रेस समेत 18 ट्रेनें शामिल हैं। इन एक्सप्रेस ट्रेनों के कैंसिल होने से झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार जाने यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

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छत्तीसगढ़

पूर्व अग्निवीरों को पुलिस,वन-जेल भर्ती में 10% आरक्षण मंजूर:अतिथि-व्याख्याताओं के अनुभव को मिलेगा फायदा, फिल्म ‘हनुमान अंश’ टैक्स फ्री, साय-कैबिनेट के 3 फैसले

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता अब और साफ हो गया है। राज्य सरकार ने पुलिस, वन और जेल विभाग की तृतीय श्रेणी की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण लागू करने के नियमों को मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती और मानदेय से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। कैबिनेट ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने के फैसले से जुड़े आदेश को भी मंजूरी दी है।

10 दिन पहले हनुमान अंश को टैक्स फ्री करने का फैसला लिया गया था।

10 दिन पहले हनुमान अंश को टैक्स फ्री करने का फैसला लिया गया था।

पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती के नियम तय

पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10% आरक्षण देने का फैसला पहले ही हो चुका था। अब इसे जमीन पर लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी दी गई है।

इसके तहत पुलिस में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण मिलेगा। नए नियमों में भर्ती का तरीका, पात्रता, चयन प्रक्रिया और सेवा शर्तें तय की गई हैं।

अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव को भी मिलेगा महत्व

सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब मेरिट में दो अभ्यर्थियों के अंक बराबर होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।

इसके अलावा राज्य विश्वविद्यालय में पढ़ाने के अनुभव को भी मेरिट में जोड़ा गया है। एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम 5 महीने पढ़ाने पर 5 अंक मिलेंगे। अनुभव के लिए अधिकतम 30 अंक ही रहेंगे।

राज्य विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को भी उनके अनुभव के आधार पर रिक्त पदों पर दोबारा नियुक्ति का मौका दिया जाएगा। मानदेय की व्यवस्था में भी बदलाव होगा। अब इसे कालखंड के बजाय काम किए गए दिनों के आधार पर तय किया जाएगा।

‘हनुमान अंश’ के टिकट पर एसजीएसटी की भरपाई

कैबिनेट ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने से जुड़े आदेश को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 सितंबर को फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। इसके बाद वाणिज्यिक कर विभाग ने सिनेमाघरों को एसजीएसटी के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति करने का आदेश जारी किया था। कैबिनेट ने अब इस आदेश का अनुसमर्थन कर दिया है।

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कोरबा

तोते के पिंजरे में घुसा 5 फीट का नाग:कोरबा में एक तोते का शिकार कर चुका था, दूसरे की बचाई जान, सुरक्षित रेस्क्यू

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कोरबा । कोरबा के मिशन रोड में एक परिवार के लिए दिन की शुरुआत डर और दुख के साथ हुई। परिवार जब अपने पालतू तोतों को देखने पिंजरे के पास पहुंचा तो अंदर करीब 5 फीट लंबा नाग फन फैलाए बैठा था। पिंजरे में मौजूद दूसरा तोता जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था।

पिंजरे में फन फैलाए बैठे नाग का रेस्क्यू - Dainik Bhaskar

पिंजरे में फन फैलाए बैठे नाग का रेस्क्यू

परिवार ने बताया कि उन्होंने दो तोतों को लंबे समय से बच्चे की तरह पाल रखा था। पिंजरे के अंदर देखने पर पता चला कि नाग एक तोते का शिकार कर चुका था। अपने पालतू को इस तरह खोने से परिवार भावुक हो गया, जबकि दूसरे तोते की जान भी खतरे में थी।

बाद में प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया

बाद में प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया

छोटे पिंजरे में फन फैलाए बैठा था नाग

परिवार ने तुरंत नोवा नेचर फाउंडेशन के वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को सूचना दी। जानकारी मिलते ही उन्होंने टीम सदस्य बॉबी श्रीवास को मौके पर भेजा।

बॉबी ने मौके पर पहुंचकर सावधानी से रेस्क्यू शुरू किया। पिंजरा छोटा था और नाग फन फैलाए हुए था, ऐसे में सांप को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद टीम ने सुरक्षित तरीके से नाग को रेस्क्यू कर लिया।

शरीर पर मिले संघर्ष के निशान

रेस्क्यू के दौरान नाग के शरीर पर संघर्ष के निशान भी दिखाई दिए। इससे अंदाजा लगाया गया कि शिकार बना तोता अपनी जान बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष करता रहा होगा। नाग को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बाद में वन विभाग के नियमानुसार नाग को उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

बोले- सांप का कोई दोष नहीं

नोवा नेचर फाउंडेशन के जितेंद्र सारथी ने कहा कि परिवार के लिए अपने पालतू तोते को खोना बेहद दुखद है। लेकिन प्रकृति के नजरिए से देखें तो यह फूड चेन और इकोसिस्टम का हिस्सा है। सांप अपना भोजन तलाशते हुए पिंजरे में घुसा था, इसलिए इसमें सांप का कोई दोष नहीं है।

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