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13 महीने बाद बड़ा बदलाव: Goldman Sachs ने कहा, अब भारत में निवेश का समय

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भारतीय शेयर बाजार पर अपना रुख बदल दिया है। करीब 13 महीने बाद फर्म ने भारत को “न्यूट्रल” से अपग्रेड कर “ओवरवेट” कर दिया है। इसका मतलब है कि फर्म को अब भारतीय बाजार में मजबूत बढ़त की उम्मीद है। बैंक का कहना है कि मौजूदा आर्थिक माहौल, मजबूत विकास दर और नीतिगत स्थिरता भारत को निवेश के लिए दुनिया की सबसे आकर्षक बाजारों में शामिल करती है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, यह समय भारत में दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकता है। इसके साथ ही गोल्डमैन सैक्स ने निफ्टी 50 का नया लक्ष्य दिसंबर 2026 तक 29,000 अंक तय किया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 14% की बढ़त को दर्शाता है।

भारत पर बढ़ा भरोसा

फर्म का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजार अब रिकवरी के लिए तैयार दिख रहा है। नीतिगत मोर्चे पर ढील, बेहतर कमाई वृद्धि और निवेशकों के भरोसे में सुधार जैसे कारणों से आने वाले समय में मार्केट के प्रदर्शन में तेजी की उम्मीद है। हाल ही में RBI की नीतियों, GST में राहत और सरकार द्वारा खर्च में लचीलापन ने अर्थव्यवस्था को सपोर्ट दिया है।

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट बताती है कि कंपनियों की कमाई धीरे-धीरे सुधर रही है और Earnings Per Share (EPS) में गिरावट का दौर अब थम रहा है। 2026 तक MSCI India की प्रॉफिट ग्रोथ 10% से बढ़कर 14% तक पहुंचने का अनुमान है। इसके पीछे घरेलू मांग और बेहतर ग्रोथ आउटलुक को मुख्य कारण बताया गया है।

इन सेक्टरों पर ध्यान देने की दी सलाह 

निवेश के लिए फर्म ने बैंकिंग और NBFC, कंज्यूमर स्टेपल्स, डिफेंस, और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मजबूत अवसर वाले सेक्टर बताया है। इन सेक्टरों में कैपेक्स ग्रोथ और मजबूत बैलेंस शीट का फायदा मिलेगा।

FIIs ने की थी 30 अरब डॉलर की बिकवाली  

पिछले एक साल में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार में करीब 30 अरब डॉलर की भारी बिकवाली की थी, जिसके चलते भारत का वैल्यूएशन कई उभरते बाजारों की तुलना में महंगा दिख रहा था लेकिन अब स्थिति बदलती दिख रही है। वैल्यूएशन प्रीमियम घटकर 45% पर आ गया है, जो पहले 85-90% के बीच था। इससे भारत ग्लोबल निवेशकों के लिए फिर से आकर्षक बन रहा है।

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि जैसे-जैसे अर्निंग्स रिकवरी मजबूत होगी और विदेशी निवेश का फ्लो सुधरेगा, भारतीय बाजार आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। 

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मिडिल ईस्ट में उबाल, दुनियाभर के बाजारों में भूचाल, कमजोर खुल सकते हैं सेंसेक्स-निफ्टी

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मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में संकट गहराने व होर्मुज स्ट्रेड के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए बयान के बाद दुनियाभर के बाजार 3 मार्च को क्रैश हो गए। एशियाई बाजार 11 महीनों के अपने सबसे खराब दौर के ट्रेक पर नजर आ रहे हैं। साउथ कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी दिख रही है। छुट्टी से लौटने के बाद यह 5 फीसदी गिर गया और प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए कुछ समय के लिए सेल ऑर्डर रोक दिए गए। होली की छुट्टी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। फ्यूचर्स से जुड़े संकेतक GIFT Nifty में करीब 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,355 के आसपास लगभग 2.55% नीचे ट्रेड करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि BSE Sensex और NIFTY 50 दबाव में खुल सकते हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के चलते बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। उल्लेखनिय है कि ट्रंप ने कहा कि यह वॉर करीब 1 महीने तक चल सकती है। 

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली हावी रही। दक्षिण कोरिया का KOSPI 7% से ज्यादा टूट गया, जो 2024 के बाद की बड़ी गिरावट मानी जा रही है। टेक दिग्गज Samsung Electronics और SK Hynix में करीब 10% तक की कमजोरी आई।

जापान का Nikkei 225 3% से अधिक फिसला, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का SSE Composite Index भी 1% से ज्यादा नीचे रहे। यूरोप में Stoxx Europe 600 लगभग 2.5% गिरा, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी 2% तक की कमजोरी दिखी।

कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी चिंता

तनाव के बीच Brent Crude 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। आज इसमें 7% से अधिक की तेजी दर्ज हुई थी। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते जोखिम ने तेल और गैस आपूर्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेल की बढ़ती कीमतें एशियाई कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव और महंगाई में तेजी की आशंका है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

सोमवार को भी दिखा भारी उतार-चढ़ाव

सोमवार को भी बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,700 अंकों से ज्यादा टूटा, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी के साथ करीब 1,048 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ। निफ्टी भी दिन में 575 अंक फिसलकर अंत में 312 अंक नीचे बंद हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऊंची ऊर्जा कीमतों से रुपये पर दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने के बजाय संतुलित और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल, तीन साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम

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मुंबई, एजेंसी। गैस की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। आज थोक गैस की कीमतों में 32% की सीधी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे दाम थोड़े समय के लिए 151 पेंस प्रति थर्म तक जा पहुंचे। यह फरवरी 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।

एक हफ्ते में करीब 93% की वृद्धि 

बाजार में गैस की कीमतों का बढ़ना जारी है। कल कीमतों में हुई 50% की वृद्धि के बाद, इस सप्ताह अब तक गैस के दाम 93% तक बढ़ चुके हैं। हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में मामूली राहत देखी गई और यह 148 पेंस प्रति थर्म पर आकर रुकी।

आम आदमी पर क्या होगा असर? 

गैस की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। बिजली की कीमतें अभी भी थोक गैस की लागत से जुड़ी हुई हैं, इसलिए गैस महंगी होने से बिजली भी महंगी हो सकती है। दूसरी ओर ‘एनर्जी प्राइस कैप’ (जो ऊर्जा की प्रति यूनिट अधिकतम शुल्क को सीमित करती है) काफी हद तक थोक लागतों के आधार पर ही तय की जाती है। 

यदि थोक कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू बिलों (Household bills) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

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Gold-Silver Drop: औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के भाव, कीमतों में आई बड़ी गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के कारण सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर शाम के कारोबार में दोनों कीमती धातुएं औंधे मुंह गिरी है। MCX पर खबर लिख जाने के समय सोने का वायदा भाव 2.45% यानि 3760 रुपए की गिरावट के साथ 1,62,314 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं चांदी में 16653 रुपए (6.21%) टूटकर 2,61,828 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। आपको बता दें कि आज MCX पर होली के कारण सुबह का कारोबार बंद था। इंटरनैशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमत

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $5400 के पार चली गईं, जिसके बाद देर शाम के ट्रेडिंग में गिरावट देखी गई। शाम के कारोबार में Comex पर सोना 159 डॉलर की गिरावट के साथ 5,159.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 7.44 डॉलर की गिरावट के साथ 81.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।

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