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सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट 10% तक टूटा बाजार, जानिए गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें
मुंबई, एजेंसी। काफी समय से चले आ रहे ‘सेफ हेवन डिमांड’ यानी सुरक्षित निवेश की लहर के बाद अब सोना और चांदी दोनों की चमक फीकी पड़ने लगी है। वैश्विक तनाव कम होते ही निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी है, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दामों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। इस महीने की शुरुआत में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे सोना-चांदी अब लगभग 10% तक टूट गए हैं।
रिकॉर्ड से नीचे लुढ़का सोना-चांदी
पिछले हफ्ते सोना $4,381 प्रति औंस तक पहुंच गया था, जबकि चांदी $54.5 प्रति औंस के स्तर पर थी। लेकिन अब दोनों धातुएं फिसलकर नीचे आ गई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट कई वैश्विक कारणों से जुड़ी है –
-भू-राजनीतिक तनावों में कमी,
-अमेरिकी डॉलर की मजबूती,
-अमेरिका द्वारा व्यापार समझौतों पर प्रगति के संकेत।
इन वजहों से निवेशक अब जोखिम भरे निवेश जैसे शेयर बाजार की ओर लौटने लगे हैं, जिससे कीमती धातुओं से पैसा निकल रहा है।
प्रॉफिट बुकिंग और बदलते संकेतों का असर
एस.एस. वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, मौजूदा गिरावट पूरी तरह से प्रॉफिट बुकिंग और बाजार के बदलते संकेतों की वजह से है। उन्होंने कहा, “निवेशक ऊंचे स्तरों पर मुनाफा निकाल रहे हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक बातचीत में प्रगति और अमेरिकी सरकार के शटडाउन पर राहत के संकेतों ने सोने की सेफ-हेवन अपील को कमजोर किया है। डॉलर के मजबूत होने से भी मांग घटी है।” सचदेवा के अनुसार, सोने के दाम लगभग $43.80 प्रति औंस से गिरकर 10% नीचे आए हैं, जबकि चांदी में भी इसी तरह की गिरावट दर्ज की गई है।
कहां मिलेगा सोने-चांदी को सपोर्ट?
उन्होंने बताया कि सोने के लिए प्रमुख सपोर्ट $39.50–$40.00 प्रति औंस (लगभग रू.2,10,000 प्रति 10 ग्राम) के बीच है। जब तक यह स्तर बरकरार रहता है, तब तक कीमतों में धीमी रिकवरी संभव है। उन्होंने अनुमान जताया कि कीमतें रू.1,25,000–रू.1,27,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं, उसके बाद बाजार में स्थिरता रहेगी। चांदी के लिए सपोर्ट स्तर लगभग रू.1,45,000 पर है, जबकि ऊपरी सीमा रू.1,67,000 तक सीमित रह सकती है।
डॉलर मजबूत, निवेशकों की निगाह फेडरल रिजर्व पर
अमेरिकी डॉलर में तेजी के चलते गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव और गिरे। स्पॉट गोल्ड 0.3% घटकर $4,082.95 प्रति औंस पर पहुंचा, जबकि दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स 0.8% की बढ़त के साथ $4,097.40 पर रहे। डॉलर इंडेक्स में 0.1% की तेजी दर्ज की गई, जिससे अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो गया। अब सभी की निगाहें अमेरिका के महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर हैं, जो सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
भारतीय बाजार में भी दिखा असर
घरेलू बाजार में भी सोना-चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई से तेज गिरावट दर्ज की है। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटीज) राहुल कलंत्री का कहना है कि अमेरिकी–भारत व्यापार संबंधों में सुधार और निवेशकों के जोखिम भरे एसेट्स में लौटने से कीमती धातुओं पर दबाव आया है। उन्होंने कहा, “पिछले दो दिनों की तेज गिरावट के बाद सोना $4,050 और चांदी $48 प्रति औंस के आसपास स्थिर हुई है। यह गिरावट बाजार की सकारात्मक भावनाओं और ट्रेड समझौतों में प्रगति को दर्शाती है।”
तकनीकी स्तर और संभावनाएं
कलंत्री के अनुसार:
गोल्ड सपोर्ट: $4,020–$3,975
गोल्ड रेजिस्टेंस: $4,125–$4,170
सिल्वर सपोर्ट: $47.85–$47.40
सिल्वर रेजिस्टेंस: $48.75–$49.30
रुपये में देखें तो—
सोना सपोर्ट: रू.1,21,070–रू.1,20,580
रेजिस्टेंस: रू.1,22,350–रू.1,23,000
चांदी सपोर्ट: रू.1,44,350–रू.1,43,450
रेजिस्टेंस: रू.1,46,850–रू.1,47,780
क्या खत्म हो गया Gold रैली का दौर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट रैली का अंत नहीं, बल्कि तेज उछाल के बाद की स्वाभाविक सुधार प्रक्रिया है। पिछले एक साल में सोना 65% तक उछला, जो भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी और केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी से प्रेरित था। अब जब हालात थोड़ा सामान्य हो रहे हैं और निवेशक इक्विटी बाजारों की ओर लौट रहे हैं, सोने की सेफ-हेवन डिमांड कम हुई है। लेकिन दीर्घकाल में अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो फिर से सोने में मजबूती लौट सकती है।
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मिडिल ईस्ट में उबाल, दुनियाभर के बाजारों में भूचाल, कमजोर खुल सकते हैं सेंसेक्स-निफ्टी
मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में संकट गहराने व होर्मुज स्ट्रेड के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए बयान के बाद दुनियाभर के बाजार 3 मार्च को क्रैश हो गए। एशियाई बाजार 11 महीनों के अपने सबसे खराब दौर के ट्रेक पर नजर आ रहे हैं। साउथ कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी दिख रही है। छुट्टी से लौटने के बाद यह 5 फीसदी गिर गया और प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए कुछ समय के लिए सेल ऑर्डर रोक दिए गए। होली की छुट्टी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। फ्यूचर्स से जुड़े संकेतक GIFT Nifty में करीब 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,355 के आसपास लगभग 2.55% नीचे ट्रेड करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि BSE Sensex और NIFTY 50 दबाव में खुल सकते हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के चलते बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। उल्लेखनिय है कि ट्रंप ने कहा कि यह वॉर करीब 1 महीने तक चल सकती है।
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली हावी रही। दक्षिण कोरिया का KOSPI 7% से ज्यादा टूट गया, जो 2024 के बाद की बड़ी गिरावट मानी जा रही है। टेक दिग्गज Samsung Electronics और SK Hynix में करीब 10% तक की कमजोरी आई।
जापान का Nikkei 225 3% से अधिक फिसला, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का SSE Composite Index भी 1% से ज्यादा नीचे रहे। यूरोप में Stoxx Europe 600 लगभग 2.5% गिरा, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी 2% तक की कमजोरी दिखी।
कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी चिंता
तनाव के बीच Brent Crude 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। आज इसमें 7% से अधिक की तेजी दर्ज हुई थी। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते जोखिम ने तेल और गैस आपूर्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेल की बढ़ती कीमतें एशियाई कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव और महंगाई में तेजी की आशंका है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
सोमवार को भी दिखा भारी उतार-चढ़ाव
सोमवार को भी बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,700 अंकों से ज्यादा टूटा, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी के साथ करीब 1,048 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ। निफ्टी भी दिन में 575 अंक फिसलकर अंत में 312 अंक नीचे बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऊंची ऊर्जा कीमतों से रुपये पर दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने के बजाय संतुलित और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
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गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल, तीन साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम
मुंबई, एजेंसी। गैस की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। आज थोक गैस की कीमतों में 32% की सीधी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे दाम थोड़े समय के लिए 151 पेंस प्रति थर्म तक जा पहुंचे। यह फरवरी 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।
एक हफ्ते में करीब 93% की वृद्धि
बाजार में गैस की कीमतों का बढ़ना जारी है। कल कीमतों में हुई 50% की वृद्धि के बाद, इस सप्ताह अब तक गैस के दाम 93% तक बढ़ चुके हैं। हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में मामूली राहत देखी गई और यह 148 पेंस प्रति थर्म पर आकर रुकी।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
गैस की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। बिजली की कीमतें अभी भी थोक गैस की लागत से जुड़ी हुई हैं, इसलिए गैस महंगी होने से बिजली भी महंगी हो सकती है। दूसरी ओर ‘एनर्जी प्राइस कैप’ (जो ऊर्जा की प्रति यूनिट अधिकतम शुल्क को सीमित करती है) काफी हद तक थोक लागतों के आधार पर ही तय की जाती है।
यदि थोक कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू बिलों (Household bills) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
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Gold-Silver Drop: औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के भाव, कीमतों में आई बड़ी गिरावट
मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के कारण सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर शाम के कारोबार में दोनों कीमती धातुएं औंधे मुंह गिरी है। MCX पर खबर लिख जाने के समय सोने का वायदा भाव 2.45% यानि 3760 रुपए की गिरावट के साथ 1,62,314 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं चांदी में 16653 रुपए (6.21%) टूटकर 2,61,828 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। आपको बता दें कि आज MCX पर होली के कारण सुबह का कारोबार बंद था। इंटरनैशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है।
इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमत
इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $5400 के पार चली गईं, जिसके बाद देर शाम के ट्रेडिंग में गिरावट देखी गई। शाम के कारोबार में Comex पर सोना 159 डॉलर की गिरावट के साथ 5,159.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 7.44 डॉलर की गिरावट के साथ 81.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।
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