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छत्तीसगढ़

BJP सांसद बोले- नींबू काटकर बारिश रोकी:कहा-कार्यक्रम सफल, अब पानी गिरना है तो गिरे, कांग्रेस बोली- शक्कर का रेट भी कम करवा देते

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बालोद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद में भाजपा सांसद भोजराज नाग ने दावा किया कि उन्होंने बूढ़ादेव, महादेव से प्रार्थना कर नींबू काटा और बारिश रुक गई। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम सफल हो गया, अब पानी गिरना है तो गिरे।

वहीं, अब उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा सांसद के बयान पर कांग्रेस ने तंज कसा है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि अगर ऐसा है तो नींबू काट कर महंगाई रोक दें। पेट्रोल-शक्कर की कीमतें कम करवा दें। बिजली बिल कम करवा दें।

कांकेर से बीजेपी सांसद भोजराज नाग का वीडियो वायरल हो रहा है।

कांकेर से बीजेपी सांसद भोजराज नाग का वीडियो वायरल हो रहा है।

मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी करने पहुंचे थे। इस दौरान भोजराम नाग भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी करने पहुंचे थे। इस दौरान भोजराम नाग भी मौजूद रहे।

यूजर्स ने बारिश रोकने के सांसद के दावे पर सवाल उठाते हुए तरह-तरह की रिएक्शन दे रहे हैं।

यूजर्स ने बारिश रोकने के सांसद के दावे पर सवाल उठाते हुए तरह-तरह की रिएक्शन दे रहे हैं।

महतारी वंदन की किस्त जारी करने पहुंचे थे CM

दरअसल, डौंडीलोहारा में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी करने पहुंचे थे। इसी दौरान सांसद भोजराज नाग ने खराब मौसम का जिक्र करते हुए बारिश रोकने के लिए बूढ़ादेव-महादेव से प्रार्थना करने और नींबू काटने की बात कही।

सांसद बोले- कार्यक्रम सफल हुआ, अब पानी को गिरना है तो गिरे

सांसद भोजराज नाग ने कहा कि आज खराब मौसम में भी यहां आने के लिए रात 12 बजे जब मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल जारी हुआ। कल भी यहां मौसम खराब था, लेकिन मैं बूढ़ादेव, महादेव से प्रार्थना करके और नींबू काटके पानी को रोक दिया हूं।

उन्होंने आगे कहा कि कार्यक्रम सफल हो गया है, अब पानी को गिरना है तो गिरे। उनके इस बयान पर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत अन्य नेताओं के चेहरे पर मुस्कान नजर आई। सभा में भी ठहाके गूंजने लगे।

वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर उठे सवाल

कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल होने लगा। यूजर्स ने बारिश रोकने के सांसद के दावे पर सवाल उठाते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने कमेंट्स सेक्शन में लिखा- अब नींबू काटकर गैंस सिलेंडर और बिजली बिल के रेट कम करवा दीजिएगा।

पहले भी बयान को लेकर रह चुके हैं सुर्खियों में

बता दें कि भोजराम नाम कांकेर लोकसभा सीट से सांसद हैं। इससे पहले भी सांसद अपने भूत उतारने वाले बयान को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। 9 महीने पहले उन्होंने धमतरी में कहा था कि जो अधिकारी जनता की समस्याओं पर फोन नहीं उठाएंगे और शिकायतों का समाधान नहीं करेंगे, हम सभी के लिए नींबू काटेंगे।

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छत्तीसगढ़

दुर्ग में 12 घंटे चला ‘Gen Alpha’ का चक्काजाम:400 बच्चों के लिए 17 शिक्षक मांगे, 4 मिले, प्रिंसिपल हटाए गए, प्रदर्शन आधी रात खत्म

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। दुर्ग जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन करीब 12 घंटे तक चला। 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार दोपहर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन रात 12 बजे तक जारी रहा।

मौके पर SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक समेत कई अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया।

छात्रों की मांग पर स्कूल में चल रही ओपन स्कूल व्यवस्था अगले सत्र से खत्म करने का फैसला लिया गया। प्राचार्य को भी हटा दिया गया है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। अब स्कूल में कुल 7 शिक्षक होंगे। साथ ही नए प्राचार्य की भी नियुक्ति की गई है।

हालांकि, छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की थी। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स के शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र नाराज थे। विभाग ने कॉमर्स के एक शिक्षक की जल्द व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था होने तक प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे।

कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की।

कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की।

रात 12 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान बच्चों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई।

रात 12 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान बच्चों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई।

दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन रात 12 बजे तक चला।

दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन रात 12 बजे तक चला।

4 दिन में मांग पूरी नहीं हुई तो फिर सड़क पर उतरे छात्र

दरअसल, स्कूल में करीब 400 छात्र पढ़ते हैं। छात्रों के मुताबिक उन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक और एक प्रिंसिपल हैं, जबकि स्कूल में कम से कम 17 शिक्षकों की जरूरत है। शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सिलेबस समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।

इसी समस्या को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त को भी प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। उन्हें उम्मीद थी कि स्कूल में जल्द शिक्षकों की व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन 25 अगस्त तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को छात्र-छात्राएं दोबारा सड़क पर उतर गए।

छात्रों ने करीब 12 घंटे तक चक्काजाम किया।

छात्रों ने करीब 12 घंटे तक चक्काजाम किया।

12 घंटे तक जमे रहे छात्र, अधिकारियों की नहीं सुनी

इस बार छात्रों ने करीब 12 घंटे तक चक्काजाम किया। उनका कहना था कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर बैठना नहीं चाहते, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों का सवाल था कि जब 400 बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे तो परीक्षा की तैयारी और सिलेबस कैसे पूरा होगा?

इस दौरान SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक ने भी छात्र को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। प्रदर्शनकारी कलेक्टर या शिक्षा मंत्री से मिलने की जिद पर अड़े रहे। अंत में शिक्षा मंत्री से फोन पर बातचीत होने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।

पेंड्रावन के स्टूडेंट्स ने दोबारा खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम कर दिया था।

पेंड्रावन के स्टूडेंट्स ने दोबारा खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम कर दिया था।

स्टूडेंट्स का कहना है कि कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।

स्टूडेंट्स का कहना है कि कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।

शिक्षा मंत्री के गृह जिले में 2 बार सड़क पर उतरे बच्चे

पेंड्रावन स्कूल दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में आता है। दुर्ग शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। बता दें कि इससे पहले दुर्ग के सेलूद में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। वहीं, शिक्षक और शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी लगातार दुर्ग जिले में प्रदर्शन कर रहे हैं।

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कोरबा

‘प्रोजेक्ट दिशा’ के तहत शासकीय विद्यालयों के 150 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क आवासीय JEE एवं NEET कोचिंग

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कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को 2 वर्ष तथा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को 1 वर्ष की मिलेगी कोचिंग सुविधा

कोरबा 26 अगस्त 2026। कोरबा जिला आदिवासी बाहुल्य एवं औद्योगिक जिला है। जिले के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी ग्रामीण, वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करते हुए शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। आर्थिक स्थिति, भौगोलिक दूरी तथा गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन की सीमित उपलब्धता के कारण कई मेधावी विद्यार्थी JEE एवं NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी नहीं कर पाते हैं।

इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘प्रोजेक्ट दिशा (DISHA & DMF Initiative for Students’ Higher Education Achievement)’ के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को JEE एवं NEET की पूर्णतः निःशुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल की गई है। योजना का उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित, किंतु प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री एवं आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है।

योजना के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं उत्तीर्ण कर कक्षा 11वीं में गणित अथवा जीव विज्ञान संकाय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों में से कक्षा 10वीं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में से मेरिट क्रम के आधार पर 50 विद्यार्थियों का JEE तथा 50 विद्यार्थियों का NEET कोचिंग के लिए चयन किया जाएगा।

इसी प्रकार कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों में से 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में मेरिट क्रम के आधार पर 25 विद्यार्थियों का JEE तथा 25 विद्यार्थियों का NEET कोचिंग के लिए चयन किया जाएगा।

कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों में से चयनित विद्यार्थियों को 2 वर्ष तथा कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों में से चयनित विद्यार्थियों को 1 वर्ष की आवासीय सुविधा के साथ JEE एवं NEET की निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी।

‘प्रोजेक्ट दिशा’ के अंतर्गत कुल 150 मेधावी विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का प्रस्ताव है। विद्यार्थियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया एवं पात्रता के आधार पर किया जाएगा। JEE के लिए गणित संकाय तथा NEET के लिए जीव विज्ञान संकाय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप विशेष तैयारी कराई जाएगी।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही JEE एवं NEET के अनुरूप विषयवार अवधारणाओं, प्रश्नों के अभ्यास, टेस्ट एवं परीक्षा रणनीति पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

जिला प्रशासन की इस पहल के तहत चयनित विद्यार्थियों को कोचिंग के साथ निःशुल्क आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण, दूरस्थ एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का समान अवसर प्राप्त होगा।

‘प्रोजेक्ट दिशा’ जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने तथा उन्हें JEE एवं NEET जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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कोरबा

डौकाबुड़ा जलाशय में 85 प्रतिशत जलभराव, दोनों गेट बंद

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जल संसाधन विभाग की टीम ने मौके पर किया निरीक्षण, ग्रामीणों को किसी प्रकार की क्षति नहीं

कोरबा 26 अगस्त 2026। डौकाबुड़ा जलाशय के संबंध में प्रकाशित समाचार के संदर्भ में जल संसाधन विभाग द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में डौकाबुड़ा जलाशय में लगभग 85 प्रतिशत जलभराव है। जलाशय अभी पूर्ण भराव स्तर से लगभग 3 फीट नीचे है।

जलाशय में पानी के सुरक्षित प्रबंधन के लिए स्थापित दोनों गेट वर्तमान में बंद हैं। अधिकारियों के अनुसार दोनों गेट सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। किसानों द्वारा पानी की मांग किए जाने पर आवश्यकता के अनुसार गेट खोलकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों तथा ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों द्वारा 24 अगस्त 2026 को ग्राम सिरमिना में मौके का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आसपास के क्षेत्र एवं ग्रामीणों से जानकारी ली गई। निरीक्षण में यह पाया गया कि डौकाबुड़ा जलाशय से किसी भी ग्रामीण के घर को क्षति नहीं पहुंची है और न ही जलाशय से किसी प्रकार का नुकसान अथवा जनहानि हुई है।

विभाग द्वारा बताया गया कि जलाशय में उपलब्ध पानी का उपयोग किसानों की आवश्यकता के अनुरूप किया जा रहा है। वर्तमान जलभराव की स्थिति को देखते हुए जलाशय के डूब क्षेत्र में पर्याप्त जल उपलब्ध है तथा आगे भी जल का प्रबंधन आवश्यकतानुसार किया जाएगा।

जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि डौकाबुड़ा जलाशय के संबंध में प्रकाशित खबर में बताए गए तथ्यों की वास्तविक स्थिति से मौके पर निरीक्षण के बाद पुष्टि की गई है। विभाग द्वारा जलाशय की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा जलभराव एवं जल निकासी की स्थिति के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जलाशय से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल अवगत कराएं।

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