रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2024 का आगाज हो गया है। MP के CM मोहन यादव ने नगाड़ा बजाकर शुभारंभ किया है। इस दौरान MP के CM मोहन यादव ने कहा कि पिछली सरकारों ने छत्तीसगढ़ में छोटे मन से काम किया। वहीं CM साय ने कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का प्रेम सगे भाई जैसा है।
छत्तीसगढ़ी लोक गायक लक्ष्मण मस्तुरिहा के गीत और भजन की प्रस्तुतियां भी दी गईं। कलाकारों ने सुआ और करमा डांस किया। रजनी रजक की लोकगाथा पर आधारित ढोला-मारू की प्रस्तुति रेवा-पेरवा जादूगरनी की कहानी को गायन विधा में कलाकारों ने दिखाया। मंच पर गृहमंत्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ी लोक गायक लक्ष्मण मस्तुरिहा के गीत और भजन की प्रस्तुतियां भी दी गईं।
ढोला-मारू की प्रस्तुति रेवा-पेरवा जादूगरनी की कहानी को गायन विधा में कलाकारों ने दिखाया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री CM साय और MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साथ में बजाया नगाड़ा।
पिछली सरकारों ने छोटे मन से काम किया
इस दौरान MP के सीएम मोहन यादव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बहुत छोटे मन से काम किया। छत्तीसगढ़ का वह काल याद करें, जिस काल में लोगों को अनाज नहीं मिलता था। यहां भूखे मरना पड़ता था। कितने कष्ट थे, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी जी ने यह सारे संकटों का समाधान निकाला, जिनके नेतृत्व में इस नए राज्य का उदय हुआ।
मुझे इस बात की प्रसन्नता है भगवान कृष्ण का भी संबंध छत्तीसगढ़ से आता है। भगवान कृष्ण से जुड़े स्थलों का भी विकास हो, ये बात मैंने मुख्यमंत्री जी से की है।
MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने CM साय की मौजूदगी में नगाड़ा बजाकर कार्यक्रम का किया आगाज।
आदिवासियों की जो हत्याएं हो रही थी, आपने उस पर रोक लगाई है
CM मोहन यादव ने CM विष्णुदेव से कहा कि नक्सलवादी मूवमेंट के खिलाफ जो आपने अभियान चलाया है, पूरा देश आपका वंदन कर रहा है। हमारे आदिवासियों की जो हत्याएं हो रही थी, आपने उस पर रोक लगाई है, यही तो है राम राज्य है।
कई सारी योजनाओं पर हमको साझा काम करना पड़ेगा
मोहन यादव ने कहा कि ऐसा माना जाता था कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश हाथी विहीन हो गए हैं, लेकिन परमात्मा की दया से अनुकूल समय आता है। हमारे जंगलों में हाथियों ने भी बसेरा बनाया है। हाथी मेरा साथी है, जीवन जीने का नया दरवाजा दिख रहा है। इसलिए कई सारी योजनाओं पर हमको साझा काम करना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2024 का आगाज हो गया है। MP के CM मोहन यादव ने नगाड़ा बजाकर शुभारंभ किया है।
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ का रिश्ता सगे भाई जैसा
साय ने कहा कि हमारे परिवार के सदस्य के रूप में मध्यप्रदेश के CM मोहन यादव हमारे बीच हैं। हम लंबे समय तक मध्य प्रदेश में एक भाई की तरह रहे हैं। आज भले ही छत्तीसगढ़ अलग है, लेकिन हमारे प्रेम कभी अलग नहीं हुए। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का प्रेम सगे भाई जैसा है। ये हमेशा आगे भी अटूट रहेगा।
4 से 6 नवंबर तक फ्री बस सेवा
वहीं रायपुर से राज्योत्सव स्थल तक जाने और वापस आने के लिए 4 से 6 नवंबर तक फ्री बस सेवा है। हर घंटे बसें तूता नवा रायपुर के लिए रवाना होंगी। फ्री बस सेवा रायपुर रेलवे स्टेशन, कालीबाड़ी चौक, पचपेड़ी नाका और भाटागांव नए बस स्टैंड से मिलेंगी।
राज्योत्सव स्थल तक जाने के लिए मिलेगी फ्री बस सेवा।
बसों में ‘राज्योत्सव के लिए फ्री बस सेवा’ का बोर्ड लगा होगा
ऐसी बसों पर ‘राज्योत्सव हेतु नि:शुल्क बस सेवा’ ये बोर्ड लगा होगा। रायपुर शहर से रोजाना बसें दोपहर तीन बजे, चार बजे, पांच बजे, शाम छह बजे, सात बजे, आठ बजे और रात नौ बजे रवाना होंगी। इसी तरह तूता राज्योत्सव स्थल से रायपुर शहर वापसी के लिए यही बसें रोजाना शाम 4 बजे, 5 बजे, छह बजे, सात बजे, आठ बजे, रात नौ बजे और अंतिम बस रात दस बजे रवाना होंगी।
मोहन यादव करेंगे उद्घाटन राज्योत्सव का शुभारंभ।
6 को आएंगे उप राष्ट्रपति धनखड़
राज्योत्सव ग्राउंड के मुख्य मंच से लेकर पूरे परिसर का फाइनल डेकोरेशन चल रहा है। यहां सरकारी योजनाओं को दिखाने के लिए अलग से डोम और झांकियां बनी हैं। दूसरे दिन राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 5 नवम्बर को राज्योत्सव के कार्यक्रम का शुभारंभ होगा।
राज्य अलंकरण समारोह और राज्योत्सव का समापन 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूदगी में होगा।
शिल्प ग्राम दिखेगा
मेला ग्राउंड में यहां शिल्प ग्राम बनाया जा रहा है, जहां छत्तीसगढ़ का शिल्प लोग देख पाएंगे और खरीद सकेंगे। हैंगर-एक और दो में शासकीय विभागों के स्टॉल लगेंगे, जबकि हैंगर-तीन में कुछ कंपनियों के प्रोडक्ट देखने काे मिलेंगे।
हैंगर-चार में पब्लिक सेक्टर के संस्थानों की प्रदर्शनी लगेगी। राज्योत्सव में शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार का मजा आम लोग ले सकेंगे।
प्रतिदिन हो रहे विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन
कोरबा पाली। छिंदपारा में युवा गणेश समिति के तत्वावधान में स्थापित भगवान श्री गणेशजी के पंडाल में गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन एवं गणेश वंदना का आयोजन किया गया। भजन-कीर्तन के दौरान महिलाओं ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ भगवान गणेश के भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
कार्यक्रम में छिंदपारा सहित आसपास की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिला मंडली द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।गणेशोत्सव को लेकर पंडाल में प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।इससे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग पंडाल पहुंचकर धार्मिक आयोजनों में सहभागी बन रहे हैं।युवा गणेश समिति द्वारा आयोजन को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। समिति के सदस्यों ने क्षेत्रवासियों से गणेश पंडाल में पहुंचकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने तथा आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता निभाने की अपील की है।महिला मंडली के भजन-कीर्तन से छिंदपारा में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर वातावरण देखने को मिला।भजन कीर्तन में सजन कुंवर,जमुना गुप्ता, कमला देवी पुष्पा वैष्णव, निशा ठाकुर , ज्योति राजपूत , गीता यादव, संतोषी कैवर्त, उषा दास, पिंकी यादव , रेखा यादव , लल्ली डिक्सेना, मैया यादव, पायल यादव, मोनिका कैवर्त अमेलाल यादव, सोनू यादव राकेश यादव आदि उपस्थित रहें।
पाली छिदपारा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हलषष्ठी पर्व
पाली छिदपारा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बुधवार, 2 सितंबर 2026 को पाली छिदपारा में हलषष्ठी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शिव मंदिर हनुमान के पास प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा।इस अवसर पर माताओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हलषष्ठी माता की कथा का श्रवण किया।
व्रत कथा का वाचन सुशील पांडेय जी (केराझरिया वाले महाराज) ने किया। कथा के दौरान हलषष्ठी व्रत के धार्मिक महत्व और इसकी परंपराओं के बारे में जानकारी दी गई।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। इसी कारण इस दिन माताओं द्वारा पुत्रों की दीर्घायु और उनके मंगलमय जीवन के लिए व्रत रखने की परंपरा है।हलषष्ठी व्रत में हल से जुते हुए खेत में उगे अनाज या सब्जियों का सेवन नहीं किया जाता।
प्राकृतिक आहार के रूप में तालाब में स्वयं उगने वाले तिन्नी या पसई के चावल, महुआ तथा भैंस के दूध-दही का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं इस दिन गाय के दूध और घी का सेवन वर्जित माना जाता है।पर्व के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार और विशेषकर अपने पुत्रों की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
कोरबा पाली/सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (SAGES), पाली की कक्षा 11वीं की छात्रा कुमारी विभूति कुम्भकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य श्री रामेश्वर प्रसाद लहरे, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।यह उपलब्धि छात्र-छात्राओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।