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कोरबा

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने नगर निगम क्षेत्र के निर्मित्त व निर्माणाधीन भवनों का किया निरीक्षण

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*सभागार, कन्वेन्शन हॉल, शैक्षणिक परिसर, मल्टीलेवल पार्किंग, अशोक वाटिका का निरीक्षण कर कार्यात्मक उपयोग की ली जानकारी*

*नगर निगम सभागार के सौंदर्यीकरण एवं सुविधाओं पर कलेक्टर ने दिया जोर*

*कन्वेन्शन हॉल को साइंस एग्ज़ीबिशन एवं प्लेनेटेरियम सेंटर के रूप में विकसित करने के निर्देश*

*भवनों के अपूर्ण कार्यो को शीघ्र पूर्ण कर भवनों के प्रभावी उपयोग के दिए निर्देश*

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज नगर निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न निर्मित एवं निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति एवं कार्यात्मक उपयोग की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा भवनों को प्रभावी रूप से उपयोग में लाने हेतु अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


*आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा नगर निगम का नवीन सभागार*
निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने नगर निगम कोरबा के नवीन सभागार भवन का विशेष रूप से अवलोकन किया और निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सभागार के बाह्य हिस्से को आकर्षक स्वरूप देने हेतु रंग-रोगन एवं लाइटिंग व्यवस्था बेहतर करने, परिसर में गार्डन विकसित कर सौंदर्यीकरण’ करने के निर्देश दिए। साथ ही सभागार के मुख्य द्वार पर ’एलईडी बोर्ड’ लगाए जाने के निर्देश भी दिए।
सभागार के आंतरिक परिसर का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने मंच को थोड़ा विस्तृत करने, बेहतर ’वेंटिलेशन व्यवस्था, उच्च गुणवत्ता के ईको एवं साउंड सिस्टम पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने पब्लिक एवं मीडिया गैलरी की व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सभागार में कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन हेतु प्रोजेक्टर एवं स्क्रीन लगाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। कलेक्टर ने सभागार के विभिन्न कक्षों का अवलोकन करते हुए ’दीवारों एवं कॉरिडोर गैलरी को आकर्षक ढंग से सजाने एवं डेकोरेट करने’ के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध समस्त स्थानों का ’व्यापक एवं बहुउद्देश्यीय उपयोग’ सुनिश्चित करने पर जोर दिया।


*कलेक्टर ने पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर कन्वेंशन हॉल का किया निरीक्षण*
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने रिस्दी मार्ग में निर्मित पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर कन्वेंशन हॉल का निरीक्षण कर भवन की संरचना एवं संभावित कार्यात्मक उपयोग का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कन्वेंशन हॉल के आर्किटेक्चर प्लान का  जायजा लिया और अधिकारियों से भवन के प्रभावी उपयोग को लेकर चर्चा की।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कन्वेंशन हॉल को विद्यार्थियों के लिए साइंस एग्ज़ीबिशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाए, जिससे विज्ञान से जुड़े नवाचारों, प्रयोगों एवं प्रदर्शनों के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि परिसर का अधिकतम और बहुउद्देश्यीय उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। साथ ही कलेक्टर ने कन्वेंशन हॉल को प्लेनेटेरियम सेंटर के स्वरूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना एवं प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा, ताकि भवन का उपयोग शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं जनहित के उद्देश्यों के लिए किया जा सके। कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि इस प्रकार की पहल से विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और जिले में विज्ञान एवं नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।


*विवेकानंद शैक्षणिक परिसर के उपयोग हेतु स्पष्ट व चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएः- कलेक्टर*
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रिस्दी रोड में निर्मित विवेकानंद शैक्षणिक परिसर’ के विभिन्न कक्षों एवं उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से परिसर की वर्तमान स्थिति, अधोसंरचना एवं संभावित उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
कलेक्टर ने विवेकानंद शैक्षणिक परिसर के प्रत्येक कक्ष का उद्देश्यपूर्ण और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों  को निर्देश दिए कि भवन को शीघ्र उपयोग में लाने हेतु स्पष्ट एवं चरणबद्ध कार्ययोजना’ तैयार की जाए, जिसमें आवश्यक संसाधन, सुविधाएं एवं समय-सीमा निर्धारित हो।


 *कलेक्टर ने ट्रांसपोर्ट नगर में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग का किया निरीक्षण*
*पार्किंग एवं व्यावसायिक उपयोग हेतु शेष निर्माण कार्यो को शीघ्र पूर्ण कर उपयोग में लाने हेतु किया निर्देशित*

शहर के मुख्य मार्ग ट्रांसपोर्ट नगर में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग भवन का कलेक्टर श्री दुदावत द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने भवन के आर्किटेक्चर प्लान को विस्तार से समझते हुए निर्माण की प्रगति एवं प्रस्तावित उपयोग की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मल्टीलेवल पार्किंग के बेसमेंट एवं ग्राउंड फ्लोर का उपयोग वाहनों की पार्किंग के लिए किया जाएगा, जबकि ऊपरी तल को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जाना प्रस्तावित है। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह का बहुउद्देश्यीय उपयोग भवन की उपयोगिता को बढ़ाएगा और नगरवासियों को अधिक सुविधा प्रदान करेगा।
कलेक्टर ने भवन  के शीघ्र संचालन हेतु टेंडर प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ’रैम्प निर्माण , ग्रिल लगाने के कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सुरक्षा से जुड़े अन्य आवश्यक कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य बाजार से भवन की उपयुक्त दूरी और सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से शहर को यातायात जाम से राहत मिलेगी। मल्टीलेवल पार्किंग के प्रभावी उपयोग से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि नगरवासियों को सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी प्राप्त होगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण एवं संचालन से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि यह परियोजना शीघ्र ही आमजन के लिए उपयोग में लाई जा सके।


*अशोक वाटिका शहर का एक  महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल :- कलेक्टर दुदावत*
*परिसर में रोशनी, सुविधा और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान के निर्देश*

कलेक्टर श्री  दुदावत ने नगर के अशोक वाटिका  का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में  पर्याप्त रोशनी की कमी, अव्यवस्थाओं एवं रखरखाव में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि अशोक वाटिका शहर का एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल  है, जिसे आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि वाटिका को संपूर्ण परिवार के लिए मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि बच्चे, युवा, वयस्क एवं वृद्धजन सभी वर्ग के लोग यहां समय व्यतीत कर सकें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आवश्यक स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, ’फाउंटेन को पूर्णतः फंक्शनल करने हेतु निर्देशित किया। परिसर में झूले एवं खेल सुविधाएं बैठक व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अशोक वाटिका सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी और आकर्षक हों। इस हेतु परिसर में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता, नियमित साफ-सफाई, हरियाली के संरक्षण एवं रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने अधिकारियों को  अशोक वाटिका के सौंदर्यीकरण, रखरखाव, साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। जिससे यह स्थल शहरवासियों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं आकर्षक मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित हो सके। इस अवसर पर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर आयुक्त विनय मिश्रा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

सीईओ जिला पंचायत ने पाली के ग्राम पंचायतों का किया सघन निरीक्षण

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निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश

महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर

कोरबा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने जनपद पंचायत पाली के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री आवास सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान श्री जैन ने मदनपुर में प्राथमिक शाला चिताघुटरी में निर्माणाधीन किचन गार्डन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधूरे प्रधानमंत्री आवासों के हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी ली तथा लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। विद्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों में किचन गार्डन विकसित कर स्थानीय स्तर पर पोषण एवं हरित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

चैतमा में महतारी सदन एवं रेजिडेंशियल आवास का निरीक्षण करते हुए दोनों कार्यों को सितंबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह शेड तथा मुर्गी-बकरी पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।

बारीउमराव में जर्जर प्राथमिक शाला भवन के स्थान पर नवीन भवन की आवश्यकता के संबंध में सरपंच द्वारा अवगत कराया गया। सीईओ ने आंगनबाड़ी भवन का कार्य सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं सुरका में विद्यालय के समीप पुलिया निर्माण की मांग पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भेजने तथा पीडीएस भवन के लिए भी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया।

पहाड़गांव में पीडीएस भवन एवं पंचायत भवन के निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर दोनों कार्य सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए शेष आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए हितग्राहियों से समन्वय करने को कहा गया।

सपलवा में सरपंच द्वारा नवीन प्राथमिक शाला भवन राहा, आंगनबाड़ी भवन राहा, नवीन माध्यमिक शाला भवन तथा हाई स्कूल सपलवा में अहाता निर्माण सहित अस्पताल में सौर ऊर्जा व्यवस्था की मांग से अवगत कराया गया। सीईओ ने संबंधित प्रस्तावों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

रामा-कछार में पीडीएस भवन एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए दोनों कार्यों को सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरपंच द्वारा पुलिया निर्माण की मांग से भी अवगत कराया गया, जिस पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान सीईओ प्रतीक जैन ने ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित भारत -जी राम जी के तहत कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। इनमें वर्क शेड, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन सहित ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। चैतमा में मुर्गी-बकरी पालन हेतु सामुदायिक शेड तथा महिला स्व-सहायता समूहों के लिए शेड का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। बारीउमराव एवं सुरका में पुलिया निर्माण तथा पीडीएस भवन के प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा गया।

सीईओ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से जोड़कर उनकी आयवर्धक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सकें।

निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत पाली के सीईओ मोहनीश देवांगन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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कोरबा

वीबी-जी राम जी योजना से जिले के 600 से अधिक स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय

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240 बालिका शौचालय, 15 मुक्तिधाम और 161 डिफंक्ट बोरवेल के कार्य स्वीकृत

जिले में जल सरंक्षण एवं जल संवर्धन के कार्यों को दी गई है प्राथमिकता

891 कृषि डबरी,86 परकोलेशन टैंक,33 नवीन तालाब आदि किए गए हैं स्वीकृत

कोरबा। विकसित भारत-जी राम जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले में ग्रामीण अधोसंरचना और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जा रही है। जिले के 600 से अधिक शासकीय स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें प्रथम चरण में 240 बालिका शौचालयों के निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 15 मुक्तिधाम एवं 161 डिफंक्ट बोरवेल के कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित नवीन तालाब, डबरी, परकोलेशन टैंक और कंटूर ट्रेंच जैसी संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने के साथ गांवों में जल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सभी पांच विकासखंडों के स्कूल शामिल

बालिका शौचालय निर्माण के लिए जिले के सभी पांच विकासखंडों के शासकीय स्कूलों को शामिल किया गया है। स्वीकृत कार्यों के तहत करतला विकासखंड के 28, कोरबा के 64, कटघोरा के 18, पाली के 68 तथा पोड़ी-उपरोड़ा के 62 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। शेष चिन्हित स्कूलों में भी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

स्कूलों में बालिका शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।

जल संरक्षण कार्यों को मिली गति

‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत जिले में 891 कृषि डबरी, 86 परकोलेशन टैंक, 21 कंटूर ट्रेंच तथा 33 नवीन तालाब निर्माण के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से वर्षा जल के संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं आजीविका गतिविधियों के लिए जल की उपलब्धता मजबूत होगी।

योजना के तहत ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप पीडीएस भवन, स्व-सहायता समूहों के वर्कशेड सहित अन्य मूलभूत अधोसंरचना के विकास और विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

125 दिनों तक रोजगार का प्रावधान

विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही टिकाऊ एवं उपयोगी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है।

जल संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण सड़क, तालाब, जल संरचनाओं तथा अन्य सामुदायिक एवं ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से गांवों में रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही आजीविका संवर्धन और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

रोजगार के साथ गांवों में बनेंगी स्थायी परिसंपत्तियां

विकसित भारत-जी राम जी योजना मांग आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण अकुशल श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ गांवों में जल संरक्षण, जल संवर्धन तथा पीडीएस भवन, एसएचजी वर्कशेड जैसी उपयोगी एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण विकास को गति देना है।

नई स्वीकृतियों के माध्यम से स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, मुक्तिधाम निर्माण, डिफंक्ट बोरवेल के सुधार तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

केंद्र-राज्य की 60:40 हिस्सेदारी

विकसित भारत-जी राम जी योजना के वित्तपोषण में केंद्र और राज्य की 60:40 हिस्सेदारी निर्धारित है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ जल संरक्षण, जल संवर्धन और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा जिले में योजना के अंतर्गत नए कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

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कोरबा

664.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

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कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 664.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
   अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 718.9 मिलीमीटर, अजगरबहार 480.5, भैंसमा, 621.1, करतला 641.9, बरपाली 701.8, कटघोरा 673.5 दीपका 750.5, दर्री 782.8, पाली 718, हरदीबाजार 555.2, पोंड़ी-उपरोड़ा 684, और पसान तहसील में 647.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

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