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कोरबा

खनन प्रभावित ग्रामों को आदर्श ग्राम बनाने कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शुरू की पहल

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ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं, गांव के विकास के लिए पंचायतों से मांगी समग्र कार्ययोजना

बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को बेहतर बनाने पर जोर

स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर अपूर्ण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
कोरबा, 06 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल शुरू की है। इसी क्रम में उन्होंने ग्राम पंचायत ढेलवाडीह, जवाली, डोंगरी, रंजना, बतारी और ग्राम बेलटिकरी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं जानीं और गांव के समग्र विकास के लिए ग्रामीणों से सुझाव एवं प्रस्ताव लिए।
कलेक्टर ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों से कहा कि वे सभी पंचों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांव की प्राथमिक आवश्यकताओं और विकास कार्यों की समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में प्रत्येक परिवार को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यकतानुसार राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने पेयजल, सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य करने पर जोर दिया।

खनिज न्यास के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश

कलेक्टर श्री दुदावत ने खनन प्रभावित ग्रामों में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों एवं बसाहटों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुराने स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा नए स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्य समय पर पूर्ण करने वाली ग्राम पंचायतों को आगे नए कार्यों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने सड़कों की मरम्मत, पेयजल के लिए बोर एवं सोलर ड्यूल पंप सिस्टम के माध्यम से पानी की टंकियों की व्यवस्था, जर्जर स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत, आवश्यकतानुसार नए आंगनबाड़ी भवन तथा सामुदायिक भवन निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।

बिजली बिल की शिकायतों की जांच के लिए गांव में लगेगा शिविर

ग्रामीणों ने कलेक्टर को अधिक बिजली बिल आने की शिकायत से अवगत कराया। कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गांव में शिविर लगाकर बिजली बिलों की जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जिन परिवारों के पास घर की छत उपलब्ध है और वे अपने घर में सोलर सिस्टम लगाना चाहते हैं, वे ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं खपरैल अथवा अन्य कारणों से घर की छत पर सोलर सिस्टम स्थापित नहीं कर पाने वाले परिवार 8 से 15 लोगों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोलर ऊर्जा के उपयोग से ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ ही अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है।

बच्चों की पढ़ाई पर दें विशेष ध्यान, उच्च शिक्षा के लिए जिला प्रशासन देगा सहयोग

कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में जाने के लिए नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु आवासीय कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी प्रकार 12वीं के बाद देश के किसी भी मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज अथवा अन्य पाठ्यक्रम में बड़े शासकीय शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों की फीस संबंधित संस्था को जिला प्रशासन द्वारा वहन किए जाने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है।

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

कलेक्टर ने ग्रामीण महिलाओं से महतारी वंदन योजना के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने योजना से वंचित पात्र महिलाओं को बताया कि शासन द्वारा आवेदन लिए जाने की प्रक्रिया के माध्यम से उनके नाम जोड़े जा सकते हैं।
उन्होंने महिलाओं को लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में दिए जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण की जानकारी दी और इच्छुक महिलाओं से प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने का आह्वान किया।
कलेक्टर ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उनकी मांग एवं आवश्यकता के आधार पर ई-रिक्शा, दोना-पत्तल निर्माण मशीन, मिनी राइस मिल, आटा चक्की, कोसा धागाकरण, स्कूल ड्रेस,  सिलाई कार्य, प्रिंटिंग प्रेस संचालन तथा कचरा संग्रहण जैसे कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने महिला समूहों द्वारा भवन की मांग पर भी नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें स्थायी स्वरोजगार से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

धान विक्रय के लिए समय पर किसान पंजीयन कराने की अपील

कलेक्टर ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रहे डिजिटल सर्वे एवं गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों का नया शासकीय अथवा वन पट्टा बना है, रकबे में संशोधन हुआ है, जो पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए पंजीयन नहीं करा पाए थे अथवा इस वर्ष धान विक्रय करना चाहते हैं, वे निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि धान विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में उपस्थित रहने और गिरदावरी सूची में नामों के पठन के दौरान जानकारी का मिलान करने कहा। किसी प्रकार की त्रुटि अथवा आपत्ति होने पर समय रहते उसमें सुधार कराने की अपील भी की।

ग्रामसभा के प्रस्ताव से जाति प्रमाणपत्र बनाने की जानकारी दी

जाति प्रमाणपत्र नहीं होने से होने वाली समस्याओं के संबंध में ग्रामीणों से मिली शिकायत पर कलेक्टर ने बताया कि जिन लोगों के जाति संबंधी दस्तावेज अथवा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर जाति प्रमाणपत्र बनवाने की कार्यवाही कर सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बुजुर्गों और विद्यार्थियों के आवागमन के लिए ई-रिक्शा की पहल

कलेक्टर ने बुजुर्गों तथा स्कूली विद्यार्थियों को आवागमन में होने वाली परेशानियों को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे गांव में किसी उपयुक्त युवक का चयन करें, जो ई-रिक्शा का संचालन कर सके। यह ई-रिक्शा गांव से दूसरे गांव तक विद्यार्थियों एवं जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने में उपयोग किया जा सकेगा। कलेक्टर ने इसके लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की बात कही।

स्ट्रीट लाइट, कचरा संग्रहण और पेयजल व्यवस्था के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी

ग्रामीणों द्वारा स्ट्रीट लाइट, कचरा संग्रहण, नियमित कचरा उठाव एवं पेयजल की मांग रखी गई। इस पर कलेक्टर ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में आमतौर पर इन सेवाओं के संचालन के लिए कर अथवा शुल्क लिया जाता है। ग्राम पंचायतों में भी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जा सकती है, लेकिन उसके बिजली बिल का भुगतान ग्राम पंचायत को करना होगा। इसी तरह कचरा संग्रहण एवं उठाव के लिए ई-रिक्शा सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कचरा संग्रहण का कार्य करने वाले समूहों अथवा महिलाओं को आजीविका के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था ग्राम पंचायत को करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण हर माह नाममात्र की राशि देने के लिए तैयार हों तो यह व्यवस्था लंबे समय तक सुचारू रूप से संचालित की जा सकती है।

तीन माह में पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए बताया कि संबंधित ठेकेदारों को तीन माह के भीतर पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही कार्यों का सत्यापन एवं भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने ग्राम पंचायतों से भी अपील की कि पेयजलापूर्ति शुरू होने के बाद बिजली बिल एवं पंप में खराबी जैसी आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था हेतु नियमानुसार शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है।

शिकायतों की जांच और कार्रवाई के निर्देश

ग्रामीणों द्वारा रखी गई विभिन्न शिकायतों पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने वन पट्टों से संबंधित मामलों की जांच, बिजली बिलों की जांच, अवैध शराब एवं गांजा बिक्री की शिकायतों की जांच तथा डोंगरी उच्चतर विद्यालय के स्वीकृत भवन का निर्माण अधूरा छोड़ने के मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्राम बेलटिकरी में मानदेय शिक्षक की भर्ती में कथित अनियमितता की शिकायत की भी जांच करने के निर्देश दिए।

गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का भरोसा

ग्रामीणों द्वारा पानी की समस्या, भारी वाहनों के आवागमन वाले मार्गों पर स्ट्रीट लाइट, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र में पेवर ब्लॉक, जर्जर मिडिल स्कूल भवन की मरम्मत, सीसी सड़क निर्माण, जाम नालियों की सफाई, ढपढप में सीसी सड़क निर्माण और देवगुड़ी के विकास सहित विभिन्न मांगें रखी गईं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन मांगों का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित एवं बसाहट ग्रामों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने और अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद सीईओ, बीईओ, तहसीलदार एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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SECL और प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ भू-विस्थापितों ने आज अंडीकछार में महासम्मेलन कर कई अहम निर्णय व प्रस्ताव पारित किये

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40 वर्षों बाद भी रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के ग्रामीण

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले संपन्न हुआ महासम्मेलन

कोरबा/दीपका। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL और स्थानीय प्रशासन की तानाशाहीपूर्ण नीतियों के कारण दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापित परिवारों का जीवन संकट में आ पड़ा है भूमि अर्जन और विस्थापन के 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी विस्थापितों की समस्याओं का अंत नहीं हो सका है और रोजगार व पुनर्वास की मांगें आज भी अधर में लटकी हुई हैं एसईसीएल प्रबंधन की इस वादाखिलाफी और उपेक्षा के विरोध में ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के तत्वाधान में आज 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे ग्राम पंचायत अंडीकछार स्थित टिनठिकिया स्थान पर एक विशाल भू-विस्थापित महासम्मेलन का आयोजन किया गया ।

इस महासम्मेलन में दीपका क्षेत्र के अर्जित एवं पुनर्वासित गांवों सुवाभोड़ी सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर और बेलटिकरी के प्रभावित ग्रामीण युवा बुजुर्ग और महिलाएं एकजुट होकर एसईसीएल प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरें ।

महासम्मेलन के मुख्य मुद्दे

ग्राम सुवाभोड़ी की प्रमुख मांगें पर लंबित मुआवजा एवं परिसंपत्तियों का अविलंब भुगतान 5 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि बसाहट पात्रता दस्तावेजों में व्याप्त नाम व जाति संबंधी त्रुटियों का तत्काल सुधार स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार का अधिकार के विषयों पर विशेष चर्चा पर प्रस्ताव पारित किया गया !

इसके साथ ही पुनर्वासित क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाएं सिरकी खुर्द चैनपुर झाबर बेलटिकरी ग्रामीणों को भूमि पट्टे का आवंटन पक्की सड़कें नाली पुल-पुलिया गार्डन सामुदायिक भवन मुक्तिधाम तालाब और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं लंबित मुआवजा व पुनर्वास नीति के तहत सभी पात्रताओं का पारदर्शी निपटारा भू-विस्थापित कोटा टेंडर व स्वरोजगार अधिकार वैकल्पिक स्वरोजगार हेतु निर्धारित 5 लाख की टेंडर सीमा को बढ़ाकर 20 लाख स्थानीय भू-विस्थापित ठेकेदारों के साथ किए जा रहे भेदभाव को तुरंत समाप्त के संबंध में भी निर्णय व प्रस्ताव पारित किये गये !

संगठन का आह्वान

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने दीपका क्षेत्र के समस्त प्रभावित ग्रामों के निवासियों माताओं-बहनों बुजुर्गों और विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकार की इस निर्णायक लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा वर्षों से अपनी जमीन देकर देश को रोशन करने वाले किसान आज अपने ही हक के लिए तरस रहे हैं एसईसीएल की इस तानाशाही रवैये को अब बर्दाश्त नहीं की जायेगा और महासम्मेलन में अन्य समस्याओं का भी ऐतिहासिक निर्णय व प्रस्ताव लिया गया तथा इसी मंच से एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आगामी लड़ाई व संघर्ष की तैयारी की जाएगी !

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टी.पी. नगर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में शाम 3 बजे होगी बैठक, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल करेंगे संबोधित

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कोरबा। कांग्रेस संगठन द्वारा जिले में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर 23 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम 3 बजे टी.पी. नगर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, कोरबा में जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।
बैठक को छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल संबोधित करेंगे। बैठक में जिले में संगठन की गतिविधियों, सेक्टर, मंडल, वार्ड एवं बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय एवं मजबूत बनाने तथा आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सभी मंडल अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारियों, वार्ड अध्यक्षों, बूथ पदाधिकारियों सहित कांग्रेस के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस संगठन द्वारा विभिन्न वार्डों में सेक्टर स्तर की बैठकों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी क्रम में 23 अक्टूबर को अलग-अलग क्षेत्रों में सेक्टर बैठकों के पश्चात जिला स्तर पर यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित होकर संगठनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की है।
दिनांक 29 अक्टूबर को AICC द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक नवज्योत पटनायक और पी.सी.सी. पर्यवेक्षक एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री व् खरसिया विधायक उमेश पटेल द्वरा कोरबा जिला के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कांग्रेस पार्टी के संगठन एवं मोर्चा से सम्बंधित समस्त पधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को बैठक में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा.

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वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान को गति देने बिहार जाएंगे जयसिंह अग्रवाल

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शिवहर, सीतामढ़ी एवं मधुबनी पूर्व-पश्चिम जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ करेंगे संगठनात्मक बैठक
कोरबा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा चलाए जा रहे दो माह के राष्ट्रव्यापी “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी तथा मधुबनी पूर्व एवं मधुबनी पश्चिम संगठनात्मक जिलों का केंद्रीय पर्यवेक्षक (AICC Observer) नियुक्त किया गया है।
AICC के निर्देशानुसार श्री अग्रवाल शीघ्र ही बिहार के इन जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे प्रत्येक जिले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, वरिष्ठ पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों, बूथ लेवल एजेंटों (BLA), फ्रंटल संगठनों एवं अभियान से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां तय करेंगे।
बैठकों में विशेष रूप से मतदाता सूची के सत्यापन, SIR के माध्यम से हटाए गए या प्रभावित मतदाताओं की पहचान, “Vote Rakshak” पोर्टल के उपयोग, बूथ स्तर पर सत्यापन, ग्राम स्तरीय चौपालों तथा जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा की जाएगी। श्री अग्रवाल यह भी सुनिश्चित करेंगे कि AICC द्वारा निर्धारित कार्यक्रम प्रत्येक जिले में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ संचालित हों।
अभियान के आगामी चरण में 25 अक्टूबर से “वोट बचाओ–देश बचाओ चौपाल” का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रेस वार्ता, ब्लॉक स्तर की बैठकें, बूथ लेवल एजेंटों एवं “Vote Rakshak” कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण तथा बूथवार मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद गांव-गांव चौपाल आयोजित कर प्रभावित एवं हटाए गए मतदाताओं की जानकारी एकत्रित की जाएगी।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची केवल कागज का दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के अधिकार और उसकी राजनीतिक भागीदारी का आधार है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटता है अथवा चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता होती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि AICC द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे तथा बिहार के संबंधित जिलों में कांग्रेस संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान को बूथ और गांव के स्तर तक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी समन्वय, अनुशासन और पूरी सक्रियता के साथ अभियान में जुटें तथा हर पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा को अपना संगठनात्मक दायित्व समझकर कार्य करें।

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