रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में मलेरिया से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उन्हें पद से हटाने की अपील की है। उनका आरोप है कि प्रदेश में मलेरिया जांच के लिए पर्याप्त रैपिड टेस्ट किट नहीं हैं, जिससे जांच व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMSCL) की 30 जुलाई 2026 की स्टॉक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के गोदामों में मलेरिया की Rapid Diagnostic Test (RDT) Kit का कुल स्टॉक केवल 3,588 किट है। उनका कहना है कि कई जिलों में एक भी रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध नहीं है।
बता दें कि कांकेर में मलेरिया से 4 लोगों की मौत हुई है। इनमें 3 स्टूडेंट और 1 महिला शामिल हैं। सरडी, डोमारगढ़, मदेपोटे और चिचगांव गांव में मलेरिया फैला हुआ है, यहां 32 लोग पॉजिटिव मिले हैं, सभी का अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। प्रभावित इलाकों में हेल्थ कैंप लगाकर भी लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की जा रही है।
मितानिन किस आधार पर कर रही हैं जांच?
कांग्रेस ने स्टॉक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब कई जिलों में रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध नहीं हैं, तो मितानिन और मैदानी स्वास्थ्यकर्मी मलेरिया की जांच किस आधार पर कर रहे हैं। डॉ. गुप्ता ने पूछा कि क्या केवल ब्लड स्लाइड के जरिए जांच हो रही है या फिर स्क्रीनिंग प्रभावित हो चुकी है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री को जवाब देना चाहिए।
मौतों को लेकर सरकार पर आरोप
डॉ. गुप्ता ने कहा कि कांकेर के आदिवासी छात्रावास में चार बच्चों और कवर्धा के बोड़ला ब्लॉक में तीन लोगों की मलेरिया से मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री जमीनी सच्चाई छिपा रहे हैं। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार मलेरिया नियंत्रण में पूरी तरह विफल रही है।
मलेरिया टेस्ट किट की वर्तमान स्थिति
‘मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान’ का किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान ‘मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान’ के तहत घर-घर जांच और उपचार अभियान चलाया गया था। इससे मलेरिया की पॉजिटिविटी दर एक प्रतिशत से भी नीचे आ गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार उस व्यवस्था को बनाए रखने में असफल रही है।
मच्छरदानी वितरण पर भी सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण मच्छरदानियों की खरीद और वितरण भी प्रभावित हुआ है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि यदि समय रहते मलेरिया नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में प्रदेश की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि SIR के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नकली संसद में SIR पर चर्चा करने का नाटक किया और संसद का मजाक बनाया। राहुल गांधी में हिम्मत है तो वे संविधान लेकर आएं और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करें।
शाह नवा रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
समारोह के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रदेश की विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
अमित शाह ने नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
राज्य अलंकरण से सम्मानित हुई विभूतियां
राज्योत्सव के समापन समारोह में राज्य अलंकरण भी दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और संगीत की झलक भी देखने को मिली।
‘संसद में दो-दो हाथ करने की चुनौती’
अमित शाह ने कहा- राहुल गांधी में हिम्मत है तो आइए, हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होता। आचरण संवैधानिक होना चाहिए। आपने पार्लियामेंट को रोककर रखा है, पेन में लेकर रखा है। संसद चलने दीजिए, दो-दो हाथ करने दीजिए, देश की जनता को मालूम चल जाएगा कि सच कौन है और झूठ कौन है।
SIR पर चर्चा के लिए लाएंगे स्पेशल संसद – शाह
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी नक्सलवाद का समर्थन करते हैं। गैर-संवैधानिक सरकारों का समर्थन करते थे। अभी-अभी उन्होंने नकली संसद बनाकर संसद का भी मखौल उड़ाया। वहां चर्चा का नाटक किया।
राहुल जी, मोदी सरकार हर इश्यू पर चर्चा के लिए तैयार है। हम स्पेशल सेशन बुलाकर SIR पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
‘कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया’
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से नक्सलवाद का समर्थन किया। 2010 में पी. चिदंबरम ने कहा था कि नक्सलियों को हथियार डालने की जरूरत नहीं है, आपस में सिर्फ बातचीत कीजिए, गोली मत चलाइए।
चिदंबरम साहब, इस तरह से हिंसा नहीं रुकती। जिसको भी सरेंडर करना है, वह हथियार डालकर सरेंडर करे। उन्हें हम मेनस्ट्रीम में लाएंगे, नहीं तो हमारे जवान दो-दो हाथ करेंगे।
आदिवासियों के मानवाधिकार पर बोले शाह
अमित शाह ने कहा- नक्सलवाद का समर्थन करने वाले और मानवाधिकारों के नाम पर आवाज उठाने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या मानवाधिकार हाथ में बंदूक लेकर विकास रोकने के लिए होता है? क्या गरीब आदिवासियों का मानवाधिकार नहीं होता है?
‘नक्सलवाद ने छीना बच्चों का बचपन’
अमित शाह ने कहा- जिस धरती पर सांस्कृतिक गलियारा होना था, वहां रेड कॉरिडोर बनाया गया था। जिस जंगल में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीत निकलने चाहिए थे, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गई थीं।
जिस बच्चे के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, उसे स्कूल से अगवा कर बंदूकें थमा दी गईं। स्कूल को उड़ा दिया गया। जिस सड़क से विकास का रास्ता बनना था, उसे उड़ा दिया गया।
‘नक्सलवाद को खत्म करने कांग्रेस की मंशा नहीं’
अमित शाह ने कहा- रमन सिंह के नेतृत्व में 15 साल तक विकास के काम हुए, लेकिन उस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। नक्सलवाद को खत्म करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।
उसी वक्त आदिवासी क्षेत्र के विकास की कल्पना की गई थी, लेकिन वह अधूरी रह गई।
आपने फिर से छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सरकार को हटाकर भाजपा सरकार को मौका दिया। इसके 2 महीने में हमने नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया।
शाह बोले- रायपुर बनेगा पीपल सिटी
अमिल शाह ने कहा- वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में रायपुर में 5 लाख पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। पीपल सिटी बनने के बाद हमारा रायपुर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण मित्र शहर बनने जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर आयोजन हो चुके हैं।
‘छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को दुनिया में पहचान दिलाई’
अमित शाह ने कहा – छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जीवंत रखने के लिए पंडूम और बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जाता है। करमा, राउत नाचा, पंडवानी जैसी कई लोककलाओं के साथ ढोकरा कला, बेलमेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा कला को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर दशहरा की 75 दिन चलने वाली अनोखी परंपरा को विष्णुदेव सरकार ने एक नई पहचान दी है।
बस्तर पंडूम और बस्तर ओलंपिक के जरिए लाखों युवा अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित कर रहे हैं। यहां की वेशभूषा, खानपान और लोकगीतों को पूरी दुनिया में प्रसिद्ध किया जा रहा है।
‘छत्तीसगढ़ के संस्कार- समानता, सेवा और सच्चाई’
अमित शाह ने कहा, यह इतने सालों से लिए गए संकल्पों की सिद्धि है। नक्सलमुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया गया था।
मोदी जी और विष्णुदेव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समर्पण और विकास में बड़ा योगदान देने वाले कई महानुभावों को यहां सम्मानित किया गया।
गुरु घासीदास का संदेश और गुरु नानक जी की सेवा का संदेश समानता, सेवा और सच्चाई का है। यही छत्तीसगढ़ के संस्कार हैं।
राम के ननिहाल को मिली अलग पहचान
अमित शाह ने छत्तीसगढ़वासियों और आदिवासी भाई-बहनों को बधाई दी। उन्होंने कहा, आज हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो गया है। CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस को भी बहुत साधुवाद देना चाहता हूं। आज अटल जी की विरासत का गौरव है, जिन्होंने राम के ननिहाल को एक अलग प्रदेश की पहचान दी।
शाह बोले- अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा
अमित शाह ने कहा, अटल जी ही थे, जिन्होंने 2000 में राज्य की स्थापना की। स्थापना के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री आए, लेकिन हमने चिंता नहीं की। इस क्षेत्र का विकास रुका हुआ था। अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने संवारा।
कोरबा 03 नवंबर 2026। राज्योत्सव के भव्य आयोजन में जिला न्यायालय कोरबा के न्यायाधीशों ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा श्रीमती नीता यादव की अगुवाई में सहभागिता करते हुए नागरिकों को कानूनी अधिकार और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति जागरूक किया। इस दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजनो तक पहुंचाई गई। राज्योत्सव में लगाए गए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के स्टाल के माध्यम से न्यायाधीशों द्वारा नागरिकों को बताया गया कि आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को न्याय सुलभ कराने के लिए निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था उपलब्ध है। न्यायाधीशों ने लोक अदालत की उपयोगिता, विवादों के आपसी सहमति से त्वरित निराकरण तथा न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी साझा की। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराना, न्याय तक उनकी पहुंच आसान बनाना तथा लोक अदालत के माध्यम से लंबित विवादों के सरल एवं शीघ्र निराकरण के प्रति विश्वास मजबूत करना रहा। राज्योत्सव में विधिक जागरूकता की यह पहल न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अवसर पर न्यायाधीशों ने राज्योत्सव में लगे समस्त स्टालों का अवलोकन भी किया।
कोरबा 03 नवंबर 2026। जागृति भू-विस्थापित कामगर सहकारी समिति मर्यादित कोहड़िया पंजीयन क्रमांक 103 के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन सोसायटी कार्यालय कोहड़िया, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा, विकासखंड कार्यालय कोरबा, वित्तदायी बैंक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा कोरबा के सूचना पटल पर 03 नवंबर 2026 को किया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा आपत्ति 11 नवम्बर 2026 तक आमंत्रित किया गया है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भूपेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी के सदस्य राजकुमार पटेल या कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं कोरबा में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष 11 नवम्बर 2026 तक कार्यालयीन समय पर सप्रमाण प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 12 नवम्बर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा