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झीरम केस, फैसले के खिलाफ कांग्रेस दिल्ली में उठाएगी मुद्दा:हाईकोर्ट जाएगा सर्व आदिवासी समाज, केस लड़ने हर घर से रू.20 चंदा लेंगे

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रायपुर/जगदलपुर, एजेंसी। झीरम नक्सली हमला मामले में NIA कोर्ट के फैसले के खिलाफ कांग्रेस दिल्ली से आवाज उठाने की तैयारी में है। शनिवार को रायपुर में कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राहुल गांधी से मुलाकात करेगा। दिल्ली में झीरम के फैसले पर PC की जाएगी। सीनियर नेताओं से चर्चा कर न्यायिक लड़ाई लड़ी जाएगी।

इधर, सर्व आदिवासी समाज ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को कोया भवन में बस्तर संभाग के 6 जिलों दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव और बीजापुर के समाज के पदाधिकारियों की बैठक हुई।

इसमें फैसले पर चर्चा के साथ मामले में सजा पाए दोषियों के खिलाफ आगे कानूनी लड़ाई जारी रखने की रणनीति तय की गई। आदिवासी समाज के हर परिवार से 20-20 रुपए चंदा लिया जाएगा। इससे जुटने वाली राशि का इस्तेमाल हाईकोर्ट में मामले की पैरवी और उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया में किया जाएगा।

झीरम हमला मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद सर्व आदिवासी समाज ने हाईकोर्ट ले जाने का निर्णय लिया है।

झीरम हमला मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद सर्व आदिवासी समाज ने हाईकोर्ट ले जाने का निर्णय लिया है।

जानिए क्या बोले समाज अध्यक्ष ?

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि, बैठक में 6 जिलों से समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने झीरम मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले पर चर्चा की। बैठक में तय किया गया कि जिन 10 दोषियों को सजा सुनाई गई है, उस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

समाज की ओर से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दस्तावेज और अन्य पहलुओं पर भी काम किया जाएगा। प्रकाश ठाकुर ने कहा कि इस कानूनी लड़ाई के लिए समाज के स्तर पर आर्थिक सहयोग जुटाया जाएगा।

साजिश और आरोपियों की भूमिका की जांच की मांग

समाज ने बैठक में झीरम घाटी कांड की पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की दोबारा जांच की मांग भी उठाई। पदाधिकारियों का कहना है कि मामले में जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध रही है, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही सरेंडर कर चुके नक्सलियों की भूमिका की भी दोबारा जांच किए जाने की मांग की गई।

रायपुर में PCC चीफ दीपक बैज और पूर्व CM भूपेश बघेल ने पीसी ली।

रायपुर में PCC चीफ दीपक बैज और पूर्व CM भूपेश बघेल ने पीसी ली।

दिल्ली में PC करेगी कांग्रेस

रायपुर में शनिवार को इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने राजीव भवन में अहम बैठक की। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि झीरम मामले में कांग्रेस जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से समय लेकर मुलाकात करेगी। दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भी इस मुद्दे को उठाने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि पीड़ित और शहीद परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित लोगों से चर्चा की जाएगी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि एनआईए कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई के विकल्प तलाशेंगे।

25 मई 2013 को हुआ था झीरम नक्सली हमला

13 साल पहले बस्तर में कांग्रेस अपनी परिवर्तन यात्रा निकाल रही थी। 25 मई 2013 की शाम यह यात्रा सुकमा की ओर से लौट रही थी। काफिला जब दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी से गुजर रहा था, तभी माओवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया।

हमले की शुरुआत IED विस्फोट से हुई। इसके बाद सड़क पर पेड़ गिराकर रास्ता बंद किया गया और जंगल से काफिले पर गोलियां बरसाई गई। कुछ ही देर में पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा। नक्सलियों ने नेताओं और सुरक्षाकर्मियों को अलग-अलग किया।

माओवादियों का खास निशाना महेंद्र कर्मा थे। नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कई अन्य लोगों की भी हत्या कर दी गई। एक ही हमले में कांग्रेस की उस समय की प्रदेश की शीर्ष नेतृत्व पंक्ति लगभग खत्म हो गई थी।

जान गंवाने वाले कांग्रेस नेताओं के नाम

नंदकुमार पटेल (तत्कालीन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष) महेंद्र कर्मा (पूर्व नेता प्रतिपक्ष), विद्याचरण शुक्ल (पूर्व केंद्रीय मंत्री), दिनेश पटेल, उदय मुदलियार, भागीरथी पालिया, राजकुमार, गोपीचंद माधवानी, अल्लानूर, योगेंद्र शर्मा, राजेश चंद्राकर, मनोज जोशी, अभिषेक गोलचा, गनपथ नाग, सदा सिंह, चंद्रहास ध्रुव, दीपक उपाध्याय, तरुण देशमुख, प्रहलाद, चंदर राम मांझी, पैतृक खलखो, पवन कोंद्रा, सियाराम सिंह, पुलिसकर्मी- प्रधान आरक्षक प्रफुल्ल शुक्ला, अशोक कुमार, राहुल प्रताप सिंह और इमैनुअल केरकेट्टा।

हमला खत्म करने के बाद हथियार भी लूटकर ले गए

नक्सलियों ने काफिले की गाड़ियों और मारे गए सुरक्षाकर्मियों के हथियारों को भी अपने कब्जे में लिया था। 25 सितंबर 2014 को NIA की चार्जशीट के मुताबिक हमले के बाद एक 9 एमएम पिस्टल के साथ 2 मैगजीन और 20 कारतूस, दो AK-47 राइफलें, 14 मैगजीन और 455 कारतूस और 10 हैंड ग्रेनेड और वॉकी टॉकी और अन्य डिवाइस लूटे थे।

इसके साथ ही घटनास्थल से मिले विस्फोटकों की फोरेंसिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट, PETN और अमाटोल जैसे पदार्थों का इस्तेमाल सामने आया था।

2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा रैली के दौरान नक्सलियों ने जंगल में हमला किया था।

2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा रैली के दौरान नक्सलियों ने जंगल में हमला किया था।

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बिलासपुर के अरविंद शुक्ला असम लोकसभा-उपचुनाव के पर्यवेक्षक बने:भूपेश के असम प्रभारी बनने के बाद AICC ने दी यह जिम्मेदारी, करीबी को दिया मौका

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बिलासपुर, एजेंसी। कांग्रेस संगठन में बिलासपुर के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शुक्ला को AICC की ओर से बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। संगठन ने उन्हें असम लोकसभा उपचुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। 18 सितंबर को जारी नियुक्ति में शुक्ला समेत नेताओं को असम प्रदेश कांग्रेस के साथ समन्वय और चुनावी संगठन से जुड़े काम की जिम्मेदारी दी गई है।

पूर्व CM के करीबी माने जाने वाले अरविंद शुक्ला की नियुक्ति इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल को हाल ही में असम का प्रभारी बनाया गया है। ऐसे में बघेल के प्रभाव वाले संगठनात्मक नेटवर्क से जुड़े बिलासपुर के नेता को उसी राज्य के उपचुनाव की जिम्मेदारी मिलना कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चर्चा का विषय है।

बिलासपुर से पंजाब और अब असम तक बढ़ी भूमिका

अरविंद शुक्ला की संगठनात्मक सक्रियता पहले भी बिलासपुर से बाहर दिखाई दे चुकी है। जब भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब भी उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई थी। अब असम की जिम्मेदारी मिलने से उनका राजनीतिक दायरा एक बार फिर प्रदेश से बाहर बढ़ा है।

कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच नियुक्ति के राजनीतिक मायने

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग नेताओं के प्रभाव और संगठनात्मक पकड़ को लेकर खींचतान सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है। ऐसे माहौल में किसी नेता को प्रदेश से बाहर लगातार संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलना उसके संगठन के भीतर सक्रिय नेटवर्क और नेतृत्व के भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जाता है।

शुक्ला को पहले पंजाब और अब असम में जिम्मेदारी मिलना भी इसी संदर्भ में चर्चा में है। खास तौर पर बघेल के असम प्रभारी बनने के बाद शुक्ला की नियुक्ति ने बिलासपुर कांग्रेस की स्थानीय गुटीय राजनीति को भी चर्चा में ला दिया है।

बघेल-अटल के करीबी माने जाते हैं शुक्ला

शुक्ला को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में असम की जिम्मेदारी को बिलासपुर की कांग्रेस राजनीति के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक तरफ कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों पर जोर है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में अलग-अलग नेताओं के प्रभाव क्षेत्रों को लेकर राजनीतिक समीकरण भी बनते-बिगड़ते रहे हैं। ऐसे में शुक्ला की नई जिम्मेदारी आने वाले समय में बिलासपुर कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों पर भी असर डाल सकती है।

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16-साल पहले मर चुके शख्स के नाम पर GST फ्रॉड:रू.142 करोड़ का कारोबार दिखाया, रू.24 करोड़ ITC ली, अमन अग्रवाल के खिलाफ FIR

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर में GST का ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ कि, 16 साल पहले जिस व्यक्ति की मौत हो चुकी थी, उसके नाम पर किरायानामा बनाकर कंपनी का कारोबार दिखाया गया। इसी कंपनी ने कागजों में अलग-अलग फर्मों से 141.74 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया। इसके आधार पर 23.43 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ली।

GST विभाग की जांच में कंपनी से जुड़े दस्तावेजों और बिलों की जांच की गई। कई फर्मों का सत्यापन कराया गया तो वे फर्जी या अस्तित्वहीन मिलीं। कुछ लोगों ने कंपनी से किसी तरह का कारोबार करने और बैंक खाते में लेन-देन से भी इनकार कर दिया। विभाग की शिकायत पर पुलिस ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायपुर में मृत व्यक्ति को जिंदा बताकर उसके नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है।

रायपुर में मृत व्यक्ति को जिंदा बताकर उसके नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है।

मरे व्यक्ति के नाम पर बनाया किरायानामा

पुलिस के मुताबिक, अमन अग्रवाल लाभांडी के सिग्नेचर होम में रहते हैं और अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक हैं। GST विभाग की जांच में कंपनी ने अलग-अलग फर्मों से सामान खरीदने के बिल दिखाए थे। इन्हीं बिलों के आधार पर ITC का दावा किया गया।

जांच के दौरान दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां मिलीं। इनमें सबसे खास मामला किरायानामे का है। विभाग की जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति के नाम पर किरायानामा बनाया गया था, उसकी करीब 16 साल पहले मौत हो चुकी थी। यानी जिस व्यक्ति को कागजों में जगह किराए पर देने वाला बताया गया, वह उस समय जीवित ही नहीं था।

जांच में कई फर्मों का पता ही नहीं चला

GST विभाग ने जिन कंपनियों के बिलों की जांच की उनका भौतिक सत्यापन भी कराया। अधिकारियों ने संबंधित पते पर जाकर यह पता लगाने की कोशिश की कि वहां वास्तव में कंपनी चल रही है या नहीं।

जांच के दौरान कई फर्में फर्जी या अस्तित्वहीन मिलीं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि उन्होंने अगस्त्य इंटरप्राइजेस के साथ कोई कारोबार नहीं किया है। बैंक खातों में हुए लेन-देन को लेकर भी कुछ लोगों ने इनकार किया।

पुलिस ने दर्ज किया केस

GST अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेज, बिल, बैंक खातों और संबंधित फर्मों की जानकारी की जांच कर रही है।

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जांजगीर-चांपा में किसानों को मिली आधुनिक खेती की जानकारी:बैरिस्टर छेदीलाल स्मृति समारोह में कृषि वैज्ञानिकों ने दिए फसल विविधीकरण के टिप्स

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह के दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र जर्वे में कृषक संगोष्ठी हुई। इसमें जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप शामिल हुए। जिलेभर से आए किसानों ने संगोष्ठी में उत्साह से भाग लिया।

संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, दलहन-तिलहन फसलों, फसल चक्र और खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी। साथ ही, सरकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में भी बताया।

किसानों को फसलों को बीमारियों से बचाने, उत्पादन बढ़ाने और मिट्टी की सेहत बनाए रखने के उपाय भी बताए गए। उन्हें जैविक खेती से लेकर मछली पालन तक की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में सब्जी उत्पादन और कुक्कुट पालन जैसी खेती से जुड़ी गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, अच्छे बीज और उन्नत कृषि तकनीकों पर किसानों का मार्गदर्शन किया।

इस दौरान किसानों की समस्याएं और सुझाव भी सुने गए। किसानों को खेतों का दौरा भी कराया गया, जहां उन्होंने आधुनिक खेती के तरीकों को सीधे देखा।

कार्यक्रम के दौरान विधायक ब्यास कश्यप और अन्य जनप्रतिनिधियों ने अलग-अलग स्टॉलों और कृषि यंत्र प्रदर्शनी देखी। विधायक ने कहा कि जांजगीर-चांपा खेती के लिए एक समृद्ध जिला है।

उन्होंने बताया कि समतल भूमि, नहरों और पर्याप्त पानी के कारण यहां खेती की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों से धान के साथ दूसरी फसलें भी उगाने और फसल चक्र अपनाने की अपील की।

विधायक ने गेहूं, चना सहित अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देने और खेतों की मेड़ व खाली पड़ी जमीन का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में जनपद सदस्य टंकेश्वर यादव, प्रगतिशील किसान दुष्यंत सिंह, जर्वे सरपंच कोमल कश्यप, शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य बसंत पटेल, सनत कुमार पटेल, शिवकुमार तिवारी, संदीप तिवारी मौजूद रहे। इनके अलावा, कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित थे।

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