जिला कांग्रेस कार्यालय में पदाधिकारियों को वितरित किए गए प्रपत्र, जनता से मांगी जाएगी बिजली बिल एवं स्मार्ट मीटर संबंधी जानकारी पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल बोले—जनता की जेब पर बोझ डालने वाली बिजली नीति का कांग्रेस करेगी पुरजोर विरोध कोरबा। बिजली के बढ़ते टैरिफ, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि तथा बिजली कटौती की समस्या को लेकर कांग्रेस ने अपना जनअभियान और तेज कर दिया है। इसी क्रम में आज जिला कांग्रेस कार्यालय, टी.पी. नगर, कोरबा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की उपस्थिति में पार्टी के सभी पदाधिकारियों को प्रपत्र वितरित किए गए। इन प्रपत्रों को व्यापक रूप से आम जनता तक पहुंचाकर उपभोक्ताओं से बिजली बिल, स्मार्ट मीटर एवं बिजली दरों में वृद्धि से संबंधित वास्तविक जानकारी प्राप्त की जाएगी। प्राप्त जानकारी को संकलित कर कांग्रेस कार्यालय में जमा कराया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से 400 यूनिट प्रतिमाह तक हाफ बिजली बिल की योजना लागू की गई थी। इससे लाखों परिवारों को सीधे आर्थिक राहत मिलती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद बिजली की दरों में दो बार वृद्धि कर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला, वहीं कांग्रेस शासन की 400 यूनिट तक आधे बिल की योजना को समाप्त कर दिया गया। जनता के व्यापक विरोध और कांग्रेस के आंदोलन के बाद सरकार ने केवल 100 यूनिट तक आधे बिल की व्यवस्था की है, जो प्रदेश की जनता के साथ न्याय नहीं है। श्री अग्रवाल ने कहा कि बिजली उत्पादन के मामले में कोरबा को प्रदेश की ऊर्जाधानी कहा जाता है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि इसी कोरबा की जनता को आज भी कई-कई घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में 4 से 5 घंटे तक बिजली बंद रहना आम बात हो गई है। जब कोरबा प्रदेश का प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्र है, तो यहां के नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति क्यों नहीं मिल पा रही है, यह सरकार और बिजली विभाग से जवाब मांगने वाला गंभीर प्रश्न है। पूर्व मंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में कोरबा की विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनेक पुराने एवं कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को बदलकर नए और अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर स्थापित कराए गए थे। साथ ही बिजली संबंधी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कोरबा में स्टोर-कम-यार्ड की व्यवस्था भी शुरू कराई गई थी, ताकि आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहने से खराबी आने पर उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि आज सरकार स्मार्ट मीटर को आधुनिक व्यवस्था बताकर लागू कर रही है, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि की शिकायत कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को केवल यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बचना चाहिए कि स्मार्ट मीटर में कोई समस्या नहीं है। यदि मीटर सही हैं तो बढ़े हुए बिलों का वास्तविक कारण क्या है? बिजली की दरों में वृद्धि का आधार क्या है? फिक्स चार्ज, ऊर्जा शुल्क एवं अन्य शुल्कों में कितना परिवर्तन किया गया है? आम उपभोक्ता पर अतिरिक्त आर्थिक भार क्यों डाला जा रहा है? इन सभी सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब सरकार को जनता के सामने देना चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता की जेब और अधिकार से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय मानती है। इसी उद्देश्य से पार्टी पदाधिकारियों को प्रपत्र दिए गए हैं, जिसके माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में जाकर उपभोक्ताओं से वास्तविक जानकारी जुटाई जाएगी। कितने उपभोक्ताओं के बिलों में वृद्धि हुई, स्मार्ट मीटर लगने के बाद खपत एवं बिल में क्या अंतर आया, बिजली कटौती कितनी हो रही है और बिजली दरों में वृद्धि से परिवारों पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ा है—इन सभी तथ्यों को एकत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता से प्राप्त तथ्यों के आधार पर कांग्रेस सरकार को विस्तृत ज्ञापन सौंपेगी और बिजली दरों में की गई वृद्धि, स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों तथा बिजली कटौती की समस्या के निराकरण की मांग करेगी। यदि सरकार ने जनभावनाओं और उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया तथा उचित समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी व्यवस्था का विरोध मात्र करना नहीं, बल्कि जनता को राहत दिलाना और प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याएं दर्ज करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनअभियान से जोड़ें। कार्यक्रम में शहर जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, पूर्व निगम सभापति श्यामसुंदर सोनी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष (शहर) कुसुम द्विवेदी, पूर्व शहर जिलाध्यक्ष सपना चौहान, ब्लाक अध्यक्ष पालूराम साहू, ए.डी.जोशी, बसंत चंद्रा, मंडल अध्यक्ष जवाहर निर्मलकर, मनीष शर्मा, प्रदीप जायसवाल, पार्षद रवि सिंह चंदेल, सुखसागर निर्मलकर, सुभाष राठौर, नारायण लाल कुर्रे के साथ ही अर्चना उपाध्याय, रेखा त्रिपाठी, सुधीर जैन, मस्तूल सिंह कँवर,सांता मंडावे, एफ.डी.मानिकपुरी, रामगोपाल यादव, महेंद्र थवाईत, देवीदयाल तिवारी, रवि खूंटे, हिमांशु सिंह, मुन्ना खान, गणेश दस महंत, पुष्पा पात्रे, ग्रेडिंन गैलियर, एहसान अली, चन्द्रकुमार पाण्डेय, निर्मलकुमार साहू, लीलूराम केवंत, पतंग कुमार केवट, पवन चौहान, जीवन चौहान, संजय कँवर, संजय पटेल, मुस्लिम खान, समसुद्दीन, हरनारायण राठोर, सुखनंदन सिंह सोनकर, ज्योतिदास दीवान, धनराज साह, कुंजबिहारी साहू, चालेस्वर सिंह, हरवेन्द्र सिंह, मनोज सिंह राठौर, संगीता श्रीवास, लक्ष्मी महंत, सुभद्रा सिंह सहित जिला कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल तथा विभिन्न मोर्चा, प्रकोष्ठों व विभागों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कलेक्टर सह जिला खनिज न्यास अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने दी राशि की स्वीकृति
कोरबा, 10 अगस्त 2026। कलेक्टर सह जिला खनिज न्यास अध्यक्ष कुणाल दुदावत द्वारा जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण एवं आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अभिसरण से पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। हसदेव बांगो जलाशय में केज कल्चर स्थापना के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से 2 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत जिले की एकमात्र विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के लालपुर स्थित पंजीकृत मत्स्य सहकारी समिति के 25 सदस्यों के लिए 125 केज स्थापित किए जाएंगे। केज कल्चर के माध्यम से प्रत्येक सदस्य को कम से कम 1 लाख रुपये की शुद्ध वार्षिक आय प्राप्त होने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय एवं फुटकर मछली विक्रेताओं को आजीविका का साधन उपलब्ध होने के साथ जलाशय के मत्स्य उत्पादन में लगभग 250 मीट्रिक टन की वृद्धि होगी। आधुनिक तकनीक से बायोफ्लॉक तालाबों का निर्माण इसी क्रम में आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र में बायोफ्लॉक तालाब निर्माण हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास से 70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत जिले में 5 इकाई बायोफ्लॉक तालाब निर्मित किए जाएंगे। इससे हितग्राहियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन का अवसर मिलेगा तथा प्रत्येक इकाई से हितग्राही को लगभग 3 से 4 लाख रुपये वार्षिक आय प्राप्त होने की संभावना है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
17 अगस्त को साक्षात्कार, निर्धारित समय पर उपस्थित होने के निर्देश
कोरबा, 10 अगस्त 2026। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा कोरबा द्वारा जिले में संचालित 16 पीएम श्री विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए अंशकालिक योग/खेल प्रशिक्षक एवं अंशकालिक संगीत प्रशिक्षक की सेवाएं लिए जाने हेतु पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे से 11ः30 बजे तक वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित होगा। अभ्यर्थियों को सेजेस कन्या साडा, कोरबा, टीपी नगर, कोरबा में निर्धारित समय पर उपस्थित होना होगा। इन पदों के लिए होगी चयन प्रक्रिया अंशकालिक योग/खेल प्रशिक्षक के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से योग/खेल शिक्षा में स्नातक की डिग्री अथवा समकक्ष डिग्री होना आवश्यक है। वहीं अंशकालिक संगीत प्रशिक्षक के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संगीत में स्नातक की डिग्री अथवा समकक्ष डिग्री निर्धारित की गई है। साक्षात्कार के समय लाने होंगे ये दस्तावेज
अभ्यर्थियों को विज्ञापन में संलग्न निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता के प्रमाण पत्र, आधार कार्ड/अन्य फोटो पहचान पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो प्रस्तुत करना होगा। सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियों के साथ मूल प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए लाना अनिवार्य होगा। 31 मार्च 2027 तक होगी नियुक्ति विज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थियों की नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी आधार पर अधिकतम 31 मार्च 2027 तक के लिए होगी। इससे नियमित नियुक्ति का कोई दावा मान्य नहीं होगा। जिला स्तरीय समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है। निर्धारित समय के बाद आने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही पंजीयन के लिए निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होने पर भी अभ्यर्थी को साक्षात्कार हेतु शामिल नहीं किया जाएगा।
कोरबा 10 अगस्त 2026। ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) में छात्रवृत्ति भुगतान आधार सीडेड बैंक खाता तें किया जा रहा है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के ऐ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थी जिनका आधार सीडिंग इनएक्टिव होने के कारण अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी जिनका बैंक खाता क्रमांक गलत होन/बैंक खाता बंद होने के कारण छात्रवृत्ति भुगतान असफल हुआ हो, ऐसे विद्यार्थियों को अपने छात्रवृत्ति आईडी से बैंक खाता में त्रुटि सुधार करते हुए सही बैंक खाता की इंट्री 07 दिवस के अंदर करना सुनिष्चित करने निर्देषित किया गया है। निर्धारित समयावधि में त्रुटि सुधार नहीं किये जाने पर छात्रवृत्ति नहीं मिलने की स्थिति में समस्त जवाबदारी संबंधित विद्यार्थी की होगी किसी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर संबंधित विद्यार्थी अपनी अध्ययनरत संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी अथवा कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा छात्रवृत्ति शाखा से कार्यालयीन समयावधि में संपर्क कर सकते हैं।