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कोरबा

समसामयिक सलाह, अच्छी वर्षा का लाभ उठाकर खरीफ फसलों के कृषि कार्य समय पर पूर्ण करें

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कोरबा। कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा ने जिले के किसानों से अपील की है कि हाल के दिनों में हो रही अच्छी वर्षा का अधिकतम लाभ उठाते हुए खरीफ मौसम से जुड़े सभी कृषि कार्य समय पर पूर्ण करें। जिन किसानों की धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है, वे खेत में पर्याप्त नमी का लाभ लेते हुए शीघ्र रोपाई करें। धान की रोपाई कतार पद्धति से करने, 20-21 दिन की पौध का उपयोग करने तथा अनुशंसित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि पौधों की संख्या संतुलित रहे, खरपतवार नियंत्रण आसान हो और उत्पादन में वृद्धि हो। जिन किसानों ने अभी तक धान की बुवाई नहीं की है, वे वर्तमान मौसम को देखते हुए मिट्टी में अनुकृल नमी होने पर लेही विधि से बुवाई करें। प्रमाणित अथवा आधार श्रेणी के बीजों का एजोस्पाइरिलम एवं पीएसबी कल्चर से बीजोपचार करने की भी सलाह दी गई है। साथ ही, अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग तथा समय पर नाइट्रोजन का छिड़काव करने पर विशेष जोर दिया गया है।
धान एवं मक्का की फसलों में अंकुरण पूर्व तथा अंकुरण पश्चात खरपतवारनाशी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं, मक्का की फसल में आवश्यकता अनुसार निराई-गुड़ाई एवं मिट्टी चढ़ाने का कार्य भी समय पर करें।
वर्तमान मौसम को ध्यान मे रखते हुए 10‘- 15 दिन पश्चात् दलहनी फसलों जैसे अरहर, उड़द एवं मूंग की शीघ्र/कम अवघि की उन्नतशील किस्में तथा उच्चहन भूमि में तिलहनी फसल विशेषकर तिल एवं मूंगफली की अनुशंसित बीज दर, निश्चित कतार दूरी एवं बीजोपचार के साथ बुवाई करने की सलाह दी गई है। किसानों से आग्रह है कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरको का संतुलित उपयोग करें।
खरीफ मौसम में लौकी, कद्दू, करेला, तोरई, भिंडी, बरबटी, मिर्च, बैंगन सहित अन्य मौसमी सब्जियों की समय पर बुवाई करने तथा तैयार नर्सरी वाली मिर्च, बैंगन एवं फूलगोभी की रोपाई शुरू करने की अपील की गई है। अदरक, हल्दी, भिंडी एवं बरबटी की फसलों में समय-समय पर निराई-गुड़ाई तथा अधिक वर्षा की स्थिति में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह भी दी गई है।
वर्तमान समय को आम, अमरूद, नींबू, कटहल, सहजन एवं केले सहित अन्य फलदार पौधों के रोपण के लिए भी उपयुक्त बताया गया है। पौधरोपण के समय अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद एवं अनुशंसित उर्वरकों का उपयोग करने तथा पौधों की नियमित देखभाल करने की सलाह दी गई है।
वर्षा जल एक प्राकृतिक संसाधन है और इसके संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है जिसके लिए किसान अपने खेत की मेड़ों को मजबूत रखे, खेत तालाब, डबरी, मेड़बंदी एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण करें, संरक्षित जल का उपयोग वर्षा के अंतराल के दौरान सिंचाई के लिए किया जा सकता है। साथ ही खेत में नमी बनाए रखने के लिए उचित जल प्रबंधन, एवं मल्चिंग अपनाने की सलाह दी गई है।

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कोरबा

समाज की एकता और समर्पण ने बदली तस्वीर, आज मजबूत वटवृक्ष बन चुका अग्रवाल समाज – विकास अग्रवाल

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अग्रवाल सभा दर्री , महिला मंडल एवं मारवाड़ी युवा मंच के संयुक्त आयोजन में हुआ वृक्षारोपण, वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल ने समाज की एकजुटता को बताया विकास की ताकत

कोरबा/दर्री। पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकजुटता का संदेश देते हुए अग्रसेन भवन दर्री में “एक पेड़–एक जिंदगी” वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अग्रवाल सभा दर्री, अग्रवाल महिला मंडल एवं मारवाड़ी युवा मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अग्रसेन जी महाराज के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया और अग्रसेन भवन परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। 

अग्रवाल समाज ने हर संस्था और संगठन के विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका – विकास अग्रवाल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल ने अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष प्रेम अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष महेश अग्रवाल, वर्तमान अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल सहित समाज के सभी वरिष्ठजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पिछले करीब 25 वर्षों से अग्रवाल समाज में विभिन्न पदों पर रहकर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं और समाज की प्रगति को बेहद करीब से देखा है। विकास अग्रवाल ने कहा कि किसी भी संस्था अथवा संगठन के विकास में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समाज के लोगों ने हमेशा आगे बढ़कर अपना योगदान दिया है। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि एक समय समाज में बर्तनों की कमी होने पर करीब 100 लोगों से पांच-पांच हजार रुपये का सहयोग मांगा गया था। समाजजनों की इसी सहयोग भावना, एकजुटता और समर्पण का परिणाम है कि आज अग्रवाल समाज कोरबा एक मजबूत वटवृक्ष के रूप में स्थापित हो चुका है और आर्थिक रूप से भी सशक्त है।

उन्होंने कहा कि आज समाज जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसके पीछे समाज के पूर्वजों और घर के बड़े-बुजुर्गों का महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी मेहनत, दूरदृष्टि और संस्कारों ने समाज को मजबूत आधार दिया है। उन्होंने सभी समाजजनों से समाज की एकजुटता और मजबूती के लिए आर्थिक एवं शारीरिक रूप से अपना योगदान देने का आह्वान किया।

“एक पेड़–एक जिंदगी” अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और सुरक्षा का आधार हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा के साथ प्रकृति की सेवा भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के अंत में स्मृति चिन्ह भेंटकर अतिथियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर अग्रवाल सभा के संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष प्रेम अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक महेश अग्रवाल, अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, मंडल उपाध्यक्ष सूरज पांडेय, मंडल महामंत्री अंजय अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, सचिव मनोज अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष बैजनाथ गोयल, प्रतीक अग्रवाल, मारवाड़ी युवा मंच अध्यक्ष श्रेयासी अग्रवाल, मंच सचिव आशीष अग्रवाल, अग्रवाल महिला मंडल अध्यक्ष संगीता पालीवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने पौधरोपण को जनअभियान बनाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। आयोजन ने सामाजिक एकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का मजबूत संदेश दिया।

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कोरबा

SECL कोरबा और टीएमसी कंपनी की वादाखिलाफी के खिलाफ उग्र हुए ग्रामीण, बारिश के बीच लालपुर-भेजीनारा में बेमियादी धरना शुरू

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​प्रशासन को गुमराह करने और SDM नोटिस के विरोध में एकजुट हुआ पूरा गांव, स्कूली बच्चे भी हक की लड़ाई में उतरे

​8 सूत्रीय मांगों पर लिखित समझौते से मुकरने का आरोप, कटघोरा विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचने की अपील

कोरबा/​कटघोरा। एसईसीएल कोरबा प्रबंधन और आउटसोर्सिंग टीएमसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई वादाखिलाफी और आदिवासियों के अधिकारों के हनन के विरोध में ग्राम भेजीनारा और लालपुर के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व में तय हुई 8 सूत्रीय लिखित सहमति से मुकरने और स्थानीय प्रशासन को गलत जानकारी देकर ग्रामीणों को एसडीएम अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा के माध्यम से नोटिस दिलवाए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने भारी बारिश के बावजूद विवादित स्थल पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, इस आंदोलन में अपने भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है ।

​ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि 70% से अधिक आदिवासी आबादी वाले इन गांवों की जमीन 1987 में सिंघाली खदान के लिए अधिग्रहित की गई थी, उस वक्त रोजगार के नाम पर किसानों से भू-राजस्व पर्चियां ले ली गईं, जो आज तक नहीं लौटाई गईं। पर्ची न होने के कारण गांव के आदिवासी बच्चों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं ।

​ग्रामीणों की 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें

रोजगार व मुआवजा विवरण

सिंघाली खदान में 275 ग्रामीणों को दिए गए रोजगार और मुआवजे की संपूर्ण लिखित जानकारी एसईसीएल कोरबा प्रबंधन तत्काल जारी करे ।
मुख्य मार्ग की बहाली

लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाले पुराने मुख्य मार्ग को बाधित करने के बजाय सुव्यवस्थित किया जाए ।
तालाब पाटने की जांच

निस्तारी के लिए उपयोग किए जा रहे सार्वजनिक तालाब को किसकी अनुशंसा से पाटा गया इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाए ।
पेयजल व्यवस्था

ग्राम लालपुर एवं भेजीनारा में स्थायी शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ।
वैकल्पिक रोजगार

स्थानीय भू-विस्थापितों को टी.एम.सी. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक रोजगार दिया जाए ।
अवैध कब्जे पर कार्रवाई

खसरा नंबर 217/16क, 217/16ख, और 217/16ग की निजी जमीनों पर टीएमसी कंपनी द्वारा जबरन कब्जा कर बनाए गए रास्ते के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए ।
मुक्तिधाम ध्वस्तीकरण पर मामला दर्ज

पूर्वजों के पवित्र मुक्तिधाम को जबरन ध्वस्त कर जन-भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कंपनी पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई हो ।
भू-राजस्व पर्ची की वापसी

1987 से रोकी गई किसानों की मूल-पर्चियां तत्काल वापस की जाएं और अर्जित भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाए ताकि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बन सकें ।

​समाचार लिखे जाने तक विवादित स्थल पर शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा था ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक स्वयं मौके पर आकर जमीनी हकीकत का मुआयना करें और समस्याओं का न्यायसंगत निराकरण निकालें जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन जारी रहेगा ।

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कोरबा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

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फसल विविधीकरण, उर्वरक दुकानों की जांच, प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठनों की प्रगति पर विशेष जोर
कोरबा, 24 अगस्त 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में कृषि, पशुधन चिकित्सा, मत्स्य, उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने फसल क्षेत्राच्छादन एवं फसल विविधीकरण की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिक लाभदायक एवं उपयुक्त फसलों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रागी के फसल क्षेत्र में 25 प्रतिशत वृद्धि तथा रामतिल के क्षेत्र को दोगुना करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। साथ ही बीज मिनीकिट के अंतर्गत दलहन फसलों के बीज वितरण में वृद्धि करने के निर्देश दिए।
जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की होगी जांच

कलेक्टर श्री दुदावत ने जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय एवं निजी उर्वरक दुकानों की ब्लॉकवार सूची तैयार कर प्रत्येक दुकान से नमूना लेकर उसकी जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नमूना संकलन एवं जांच की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विगत वर्ष की तुलना में अऋणी किसानों के फसल बीमा में अधिक से अधिक प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को योजना की जानकारी देकर बीमा के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
तीन वर्षों में सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड देने का लक्ष्य
कलेक्टर ने स्वायल हेल्थ कार्ड की समीक्षा करते हुए निर्धारित क्षमताओं के अनुरूप मिट्टी की जांच कराने तथा प्रत्येक वर्ष लगभग 25 हजार किसानों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में जिले के सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों से सतत समन्वय स्थापित कर बारिश समाप्त होने के बाद निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्राकृतिक खेती और एफपीओ विस्तार पर विशेष जोर
कलेक्टर ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की समीक्षा करते हुए क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) से शत-प्रतिशत कार्य लेने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अमले के प्रशिक्षण, किसानों से निरंतर संपर्क तथा जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सितंबर माह तक पूर्ण कराने को कहा।
उन्होंने परंपरागत कृषि विकास योजना, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन एवं खाद्य तेल मिशन की भी समीक्षा की। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) में किसानों की सदस्यता बढ़ाने के लिए सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को सितंबर माह तक विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में 1200 तथा उद्यानिकी क्षेत्र में 400 एफपीओ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषक चौपाल आयोजित कर किसानों को एफपीओ से जोड़ने को कहा।
कलेक्टर ने नलकूप खनन, जैविक खेती प्रशिक्षण एवं बीज उत्पादन के लिए किसानों के पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने कृषक उन्नति योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने, दलहन एवं तिलहन फसल प्रदर्शन के निर्धारित लक्ष्य हासिल करने तथा कोदो, कुटकी सहित अन्य फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 सितंबर तक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा।
एग्रीस्टैक के अंतर्गत वनपट्टाधारी किसानों के आधार नंबर, वनपट्टे में दर्ज नाम सहित अन्य आवश्यक जानकारी तहसील के माध्यम से प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

मत्स्य एवं पशुधन विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए एक्वा पार्क, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत केज कल्चर को प्रोत्साहित करने, मत्स्य बीज वितरण, मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन बढ़ाने तथा जल क्षेत्र आवंटन में प्रगति लाने को कहा।
पशुधन चिकित्सा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने, टीकाकरण अभियान पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु उपचार, बधियाकरण, औषधि वितरण एवं राज्य पोषित व्यक्तिमूलक योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मोबाइल वेटेरिनरी वैन में लक्ष्य से पीछे चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
रेशम उत्पादन और कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा
कलेक्टर ने रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए जमीन धागाकरण के कार्य को बढ़ाने तथा इस कार्य से जुड़े लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की भी समीक्षा की और कृषि कार्यों में किसानों को तकनीकी सलाह एवं परामर्श उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में उप संचालक कृषि देवेन्द्र सिंह कंवर, रेशम अधिकारी बलभद्र सिंह भंडारी, पशुधन चिकित्सा विभाग से एस.एन.मिश्रा सहित मत्स्य पालन, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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