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छत्तीसगढ़

SIR प्रक्रिया की अवधि 3 महीने बढ़ाने की मांग:निगरानी टीम बनाएगी कांग्रेस, निर्वाचन आयोग ने मतदाता हेल्प डेस्क में सुपरवाइजर किए नियुक्त

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को कांग्रेस ने 3 महीने बढ़ाने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि छत्तीसगढ़ में इस समय धान खरीदी चल रही है। ऐसे में किसानों को प्रक्रिया के लिए तीन महीने का समय और मिलना चाहिए।

जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी मतदाता का नाम अनुचित तरीके से सूची से न काटा जाए। कांग्रेस ने एसआईआर को स्पेशल इंटेंशन रिव्यू बताते हुए कहा कि, कांग्रेस के मजबूत बूथों पर वोट को प्रभावित करने के लिए एसआईआर करवाया जा रहा है।

मतदाता हेल्प डेस्क में सुपरवाइजर नियुक्त

वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की तरफ से मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जिला और सभी तहसील स्तरों पर मतदाता हेल्प डेस्क और आईटी डेस्क की स्थापना की गई है। इस संबंध में पात्र मतदाताओं को सहायता प्रदान करने और प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बी.एल.ओ. सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई है।

जिला स्तरीय में रौशनी – 0771-2421812, तहसील स्तरीय में धरसींवा- भावेश वर्मा पटवारी, खरोरा- अनिमेश श्रीवास्तव पटवारी, तिल्दा- दिनेश कुमार डहरिया पटवारी, मंदिर हसौद- ओम प्रकाश देवांगन पटवारी, आरंग- महेंद्र वर्मा पटवारी, रायपुर- हेमंत भतपहरी ऐ.आर.आई, अभनपुर- नन्द कुमार साहू पटवारी, गोबरा-नवापारा- अकक्ष चंद्राकर पटवारी को नियुक्त गया है।

मतदाता हेल्प डेस्क में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन, विलोपन, EPIC संबंधित जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

एसआईआर को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक।

एसआईआर को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक।

कांग्रेस बोली- SIR का काम आयोग का दिखना चाहिए, किसी दल का नहीं

राजीव भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की एसआईआर निगरानी समिति के संयोजक मोहन मरकाम, सह-संयोजक धनेन्द्र साहू और एआईसीसी सचिव देवेंद्र यादव मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर का काम पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए।

बीएलओ घर-घर जाकर करें सत्यापन, आयोग दे सभी दलों को मतदाता डेटा

कांग्रेस ने आयोग से मांग की है कि, बीएलओ हर घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करें और मतदाता से लिखित पुष्टि प्राप्त करें। जिससे फर्जी या कागजी सर्वे की संभावना खत्म हो। पार्टी ने यह भी कहा कि मतदाता सूची का इलेक्ट्रॉनिक डेटा सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया जाए।

जिससे किसी भी संशोधन से पहले सभी दलों से चर्चा की जा सके। किसी नागरिक का नाम बिना कारण सूची से काटना लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है, नाम काटने से पहले यह प्रमाणित करने की जिम्मेदारी आयोग की होनी चाहिए, न कि मतदाता की।

समय सीमा बढ़ाने की मांग, किसानों के लिए मुश्किल है दस्तावेज जमा करना

सह-संयोजक धनेंद्र साहू ने कहा कि, दस्तावेज जमा करने के लिए दिया गया 1 महीने का समय बेहद कम है। इस वक्त राज्य में धान कटाई और बिक्री का मौसम चल रहा है, ऐसे में ग्रामीण मतदाताओं के लिए यह प्रक्रिया पूरी करना कठिन है। चुनाव में अभी तीन साल का समय है, तो इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है?

भाजपा और आयोग की मिलीभगत का आरोप

एआईसीसी सचिव देवेंद्र यादव ने कहा कि, भाजपा देशभर में आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है। उन्होंने कहा कि “बिहार में भी इसी तरह नाम काटे गए थे, अब छत्तीसगढ़ में वैसी ही स्थिति बन रही है। कांग्रेस हर स्तर पर निगरानी रखेगी ताकि किसी का नाम गलत तरीके से हटाया न जा सके।”

कांग्रेस ने पूछा- सवाल आयोग से होते हैं, जवाब भाजपा देती है

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भाजपा आखिर किस हैसियत से एसआईआर पर जवाब दे रही है? अगर एसआईआर आयोग की प्रक्रिया है, तो सवालों के जवाब देने का काम आयोग का है, भाजपा का नहीं। आयोग को इस पर भाजपा से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।

सचिन पायलट, भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव सहित वरिष्ठ नेताओं की बैठक में तय हुई रणनीति

देश के 12 राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। अब कांग्रेस ने इसे लेकर राज्यभर में निगरानी अभियान शुरू कर दिया है। आज हुई अहम बैठक में कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर अपनी रणनीति तय की है।

राजीव भवन में हुई कांग्रेस की अहम वर्चुअल बैठक में छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, और निगरानी समिति के संयोजक मोहन मरकाम समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रभारी सचिव एस. सम्पत, जरिता लैतफलांग और विजय जांगिड़ जुड़े।

बैठक में पार्टी ने निर्णय लिया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जो पूरे राज्य में एसआईआर प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी करेगा। इसके अलावा—

सभी प्रभारी नेता अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों से समन्वय स्थापित करेंगे।

जिला और विधानसभा स्तर पर निगरानी समितियां बनाई जाएंगी।

कांग्रेस के बीएलओ और कार्यकर्ता घर-घर जाकर निगरानी रखेंगे, ताकि किसी मतदाता का नाम गलत ढंग से न काटा जाए।

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कोरबा

न्यू कोरबा अस्पताल में न्यूरो केयर की बड़ी पहल: 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप शुरू, 100 से अधिक लोग लाभान्वित

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कोरबा। कोसाबाड़ी स्थित न्यू कोरबा अस्पताल में न्यूरो संबंधी मरीजों के लिए एक बड़ी और राहत भरी पहल शुरू की है। अस्पताल में 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप की शुरुआत की गई है, जो 31 जनवरी तक पूरे माह चलेगा। इस कैंप के तहत मरीजों को न्यूरो परामर्श निशुल्क एवं आवश्यक जांच में अधिकतम छूट उपलब्ध कराई जा रही है।
मेगा कैंप में प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा एवं न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष गोयल द्वारा प्रतिदिन निशुल्क ओपीडी सुबह 11 से 2 बजे तक व शाम 6 से 8 बजे तक परामर्श दिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, न्यूरो केयर डिपार्टमेंट में सुविधाओं के विस्तार की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट, न्यूरोसर्जन के साथ न्यूरो साइकाइट्री की सुविधा भी जोड़ दी गई है, जिससे न्यूरो से संबंधित किसी भी आवश्यकता वाले मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि अब सभी न्यूरो जांच, परामर्श, फिजियोथेरेपी और सर्जरी की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है, जो कोरबा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में न्यूरो बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण मरीज समय पर डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाते। अधिकांश मरीज तब अस्पताल आते हैं जब बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है। ऐसे में इस तरह के मेगा कैंप समय पर जांच और उपचार के माध्यम से बीमारी को बढ़ने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों में ब्रेन हेमरेज और लकवा (पैरालिसिस) का खतरा अधिक रहता है, जिसके प्रमुख कारण हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ती उम्र और नशे की आदतें हैं। उन्होंने प्राथमिक देखभाल की जानकारी देते हुए कहा कि बेहोश मरीज को खाना या पानी नहीं देना चाहिए और अस्पताल ले जाते समय मरीज को करवट देकर रखना चाहिए। मिर्गी (एपिलेप्सी) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों पर चिंता जताते हुए डॉक्टरों ने कहा कि यह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक सामान्य न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। झाड़-फूंक और अंधविश्वास के कारण मरीजों को प्रताड़ित करना गलत है और इससे बीमारी और गंभीर हो सकती है। न्यू कोरबा अस्पताल का यह 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप न सिर्फ इलाज बल्कि जनजागरूकता की दिशा में भी एक सराहनीय पहल माना जा रहा है, जिससे जिले के आम लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। पिछले 15 दिनों में 100 से भी अधिक मरीजों ने अपना रजिस्टेशन कराकर निशुल्क ओपीडी परामर्श लिया।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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