Connect with us

E-Paper

Divya Akash E-Paper 10 to 23 July 2026

Published

on

E-Paper

Divya Akash E-Paper 14 to 20 August 2026

Published

on

Continue Reading

E-Paper

Divya Akash E-Paper 07 to 13 August 2026

Published

on

Continue Reading

E-Paper

Divya Akash E-Paper 31 July to 06 August 2026

Published

on

Continue Reading
Advertisement

Trending

Uncategorized

Published

on

Uncategorized

नौकरी के नाम पर ₹1 लाख लेने का आरोप, नरईबोध के ग्रामीण ने कलेक्टर से लगाई गुहार,,,देखे पूरी खबर

Published

on

विस्थापित परिवार के बेटे को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने का दावा, रकम लेने के बाद बात बिगड़ने का आरोप

कोरबा/दीपका। एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित नरईबोध के एक विस्थापित परिवार ने वैकल्पिक रोजगार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण छोटेलाल ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उसके पुत्र अशोक कुमार राठौर को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने के नाम पर पार्षद पति राकेश पटेल को ₹1 लाख दिए गए, लेकिन रकम देने के बाद भी उसके पुत्र को रोजगार नहीं मिल सका।

शिकायतकर्ता का कहना है कि नरईबोध में उसकी पत्नी के नाम दर्ज भूमि एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के लिए अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा मिलने के बाद परिवार डोड़गीपारा, ग्राम पंचायत कटकीडबरी में निवास कर रहा है। विस्थापन के बाद परिवार को उम्मीद थी कि प्रभावित परिवार के बेरोजगार सदस्य को वैकल्पिक रोजगार का लाभ मिलेगा।

बायोडाटा देने के बाद रोजगार का भरोसा

शिकायत के मुताबिक, अशोक कुमार राठौर का बायोडाटा नरईबोध के पार्षद पति राकेश पटेल को दिया गया था। आरोप है कि उन्होंने एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी PNC में अशोक को वैकल्पिक रोजगार दिलाने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के बाद करीब दो माह पहले ₹1 लाख दिए जाने का दावा शिकायत में किया गया है।

ग्रामीण का आरोप है कि रकम लेने के बाद अब रोजगार दिलाने से इनकार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच की मांग करते हुए यह भी आरोप लगाया है कि अन्य लोगों से राशि लेकर कंपनी में रोजगार दिलाया गया है।

रिश्तेदारों को रोजगार मिलने के आरोप की भी जांच की मांग

शिकायत में पार्षद पति के करीब 12 रिश्तेदारों को कथित रूप से कंपनी में रोजगार मिलने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कंपनी में लगाए गए कर्मचारियों के आधार कार्ड, परिचय पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रोजगार किस प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर दिया गया।

कई अधिकारियों को भेजी शिकायत

छोटेलाल ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने और उसके पुत्र को वैकल्पिक रोजगार दिलाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक कोरबा, एसडीएम कटघोरा, महाप्रबंधक एसईसीएल गेवरा क्षेत्र, आयुक्त नगर निगम कोरबा और थाना प्रभारी कुसमुंडा को भी दी गई है।

शिकायत पत्र पर 15 जून 2026 की तारीख अंकित है।

न्याय नहीं मिला तो उच्च स्तर पर जाने की बात

शिकायतकर्ता और उसके समर्थन में सामने आए लोगों का कहना है कि यदि मामले की स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं होती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि मामले की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है। वहीं, पार्षद पति राकेश पटेल का पक्ष भी सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

Continue Reading

नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

कौन है अधिकृत प्रतिनिधि? बांकीमोंगरा में पार्षद प्रतिनिधि की भूमिका पर उठे सवाल, राकेश-जगदीश के खिलाफ जांच की मांग,,,देखे पूरी खबर

Published

on

संवाददाता साबीर अंसारी

कलेक्टर को सौंपे आवेदन में शासकीय कामकाज में कथित हस्तक्षेप और दबाव बनाने के आरोप, दस्तावेज व अन्य साक्ष्य संलग्न होने का दावा

बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में पार्षद प्रतिनिधि की भूमिका को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मामले में राकेश पटेल और जगदीश पटेल की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए कलेक्टर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

विवाद की शुरुआत आखिर किस बात से हुई?

शिकायत में मुख्य सवाल यह उठाया गया है कि निर्वाचित पार्षद के प्रतिनिधि के तौर पर किस व्यक्ति को शासकीय स्तर पर कार्य करने का अधिकार है और उसकी सीमाएं क्या हैं?

आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि राकेश पटेल एवं जगदीश पटेल द्वारा स्वयं को पार्षद प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत करते हुए नगर पालिका सहित अन्य मामलों में कथित रूप से हस्तक्षेप किया जा रहा है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आम लोगों से जुड़े कई मामलों में प्रभाव और दबाव का इस्तेमाल किया गया।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ठेका, पेंशन से लेकर SECL L&R तक का जिक्र

कलेक्टर को दिए गए आवेदन में ठेका, रोजगार, राशन कार्ड, पेंशन और SECL L&R से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन मामलों में लोगों के बीच प्रभाव बनाने और कथित रूप से दबाव डालने की कोशिश की गई।

यही नहीं, आवेदन में कथित अवैध वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

राजपत्र को बनाया आधार, प्रशासन से मांगी स्पष्टता

मामले में शिकायतकर्ताओं ने 6 अगस्त 2026 के छत्तीसगढ़ राजपत्र की प्रति सहित अन्य दस्तावेज संलग्न किए जाने की बात कही है। इसके अलावा फोटो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराने का भी दावा किया गया है।

अब पूरे मामले में प्रशासन के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि संबंधित व्यक्तियों की भूमिका वास्तव में क्या है और क्या उन्हें पार्षद प्रतिनिधि के रूप में शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है?

शिकायत के बाद बढ़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी

शिकायत की प्रतियां संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों को भी भेजी गई हैं। ऐसे में अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं।

यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित हस्तक्षेप पर प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ सकती है। वहीं, यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो प्रशासन द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना भी जरूरी होगा।

असली मुद्दा—प्रतिनिधि की सीमा क्या है?

यह विवाद केवल दो व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत तक सीमित नहीं है। इसका बड़ा सवाल यह है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि की भूमिका और अधिकारों की सीमा आखिर क्या है?

शासकीय कामकाज में कौन हस्तक्षेप कर सकता है, किसे फाइलों या प्रस्तावों पर अधिकार है और आम जनता से जुड़े मामलों में प्रतिनिधि की वैधानिक भूमिका कितनी है—इन सवालों पर प्रशासन की स्पष्टता इस विवाद को खत्म करने में अहम हो सकती है।

फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। राकेश पटेल, जगदीश पटेल अथवा संबंधित पार्षद का पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना उचित होगा।

Continue Reading

Uncategorized

जन्मदिन पर सोनी विकास झा के नाम गूंजे शुभकामनाओं के स्वर, सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना,,देखे पूरी खबर

Published

on

बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा की अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा के जन्मदिन के अवसर पर नगर में उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने उनके सुखद, स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना करते हुए जन्मदिन की बधाई दी।

शुभकामना संदेशों में कहा गया कि श्रीमती सोनी विकास झा के नेतृत्व में बांकीमोंगरा नगर को विकास की नई दिशा मिलने की उम्मीद है। नगर की स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं, शिक्षा, जनकल्याण एवं नागरिक हितों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नगर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने की अपेक्षा भी लोगों ने जताई।

इस अवसर पर शुभचिंतकों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि श्रीमती सोनी विकास झा को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि और निरंतर सफलता का आशीर्वाद प्राप्त हो। उनका जीवन खुशियों और उपलब्धियों से परिपूर्ण रहे तथा वे इसी तरह जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहकर बांकीमोंगरा के विकास में अपना योगदान देती रहें।

दिव्य आकाश पत्रिका परिवार की ओर से नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा की अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल, स्वस्थ, सुखद और मंगलमय जीवन की अनंत शुभकामनाएं।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677