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छत्तीसगढ़

माओवादियों से लड़ने वाले DRG जवान सीख रहे कंप्यूटर:सुकमा में साइबर पुलिसिंग,CCTNS और डिजिटल ट्रेनिंग के लिए 50 जवानों को किया जा रहा प्रशिक्षित

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सुकमा, एजेंसी। सुकमा जिन हाथों ने कभी घने जंगलों में माओवादियों के खिलाफ मोर्चा संभाला, अब वही हाथ कंप्यूटर के की-बोर्ड पर पुलिसिंग की नई तकनीक सीख रहे हैं। सुकमा पुलिस ने माओवादी विरोधी अभियानों में तैनात रहने वाले डीआरजी (District Reserve Guard) के 50 जवानों को आधुनिक और डिजिटल पुलिसिंग के लिए तैयार करना शुरू किया है।

पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में जवानों को साइबर शाखा, CCTNS और पुलिस कार्यालयों में भेजकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जंगल से दफ्तर तक बदली जिम्मेदारी

सुकमा में डीआरजी जवान लंबे समय से माओवादी विरोधी अभियानों में अग्रिम भूमिका निभाते रहे हैं। कठिन जंगलों और दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन करने वाले इन जवानों का काम अब केवल अभियान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है।

पुलिसिंग में तकनीक की बढ़ती भूमिका को देखते हुए जवानों को सामान्य कानून-व्यवस्था, कार्यालयीन कामकाज और डिजिटल सिस्टम से भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस विभाग का मकसद मैदानी अनुभव रखने वाले जवानों को तकनीकी रूप से भी सक्षम बनाना है।

CCTNS और साइबर शाखा में ले रहे प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान जवानों को कंप्यूटर का बेसिक संचालन, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और सुरक्षित रखना, कार्यालयीन कार्य तथा पुलिस विभाग में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी प्रक्रियाएं सिखाई जा रही हैं।

इसके साथ ही जवान CCTNS और साइबर शाखा के कामकाज को भी करीब से समझ रहे हैं। प्रशिक्षण के जरिए उन्हें डिजिटल सिस्टम के इस्तेमाल और पुलिस के रोजमर्रा के तकनीकी कार्यों से परिचित कराया जा रहा है।

हर जवान को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की तैयारी

सुकमा पुलिस की योजना चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी जवानों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देने की है। पुलिस का मानना है कि आधुनिक पुलिसिंग में मैदानी दक्षता के साथ तकनीकी ज्ञान भी जरूरी है। इससे जवान डिजिटल सिस्टम का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे और पुलिस के रोजमर्रा के कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।

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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान के तहत दीपका एवं छुरी कला में विशेष शिविर कल

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कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आम नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 01 अक्टूबर से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहें।
इसी क्रम में 02 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय एवं नगर पंचायत छुरीकला अंतर्गत बस स्टैंड छुरी के समीप शिविर आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठायें।

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कोरबा

कीचड़ भरे रास्ते से मिली राहत, डोंगानाला के बिरहोर परिवारों तक पहुँची पक्की सड़क

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पीएम जनमन के अंतर्गत लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से अटल चौक से जंगल पारा तक बना 2.38 किलोमीटर मार्ग
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। विकासखंड पाली के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला के जंगल पारा में रहने वाले बिरहोर परिवारों के लिए बारिश का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। अटल चौक से बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था और बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे। अब प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत बनी पक्की सड़क ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान कर दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अटल चौक से जंगल पारा तक लगभग 2.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मार्ग में सीसी सड़क के साथ डामर सड़क भी बनाई गई है। इससे बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लगभग 40 परिवारों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।
बस्ती के सुनहर सिंह बिरहोर बताते हैं कि पक्की सड़क बनने से अब आने-जाने में आसानी होती है। गीता बाई के अनुसार उन्हें रास्ते में पहले जैसी परेशानी नहीं होती और बच्चे भी आसानी से स्कूल आ-जा सकते हैं। गाँव के किसान पुनो राम पटेल पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बारिश में रास्ते पर घुटनों तक कीचड़ हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से उस परेशानी से राहत मिली है।
जंगल पारा के परिवारों के लिए यह सड़क स्कूल और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने का सुगम रास्ता बन गई है। बारिश के दिनों में जिस मार्ग से गुजरना कठिन था, उसी पर अब ग्रामीण अधिक आसानी से आ-जा रहे हैं।

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कोरबा

धान की एक फसल से आगे बढ़कर वर्ष में दो से तीन फसलें ले रहे गुरुचरण मरार

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उद्यानिकी विभाग की सहायता से अपनाई ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और उन्नत खेती
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नगौई बछेरा निवासी किसान गुरुचरण मरार पहले परंपरागत तरीके से धान की खेती करते थे। वर्ष में एक ही फसल लेने के कारण खेती से होने वाली आय सीमित थी। सिंचाई का साधन नहीं था और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य मशीनें किराये पर लानी पड़ती थीं। ऐसे में छह सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था।
गांव के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने श्री मरार को विभागीय योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी, नगौई में आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग तथा ग्राफ्टेड बैंगन रोपण के लिए कुल 46 हजार रुपये का विभागीय अनुदान मिला।
इन संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन की मदद से श्री मरार ने खेती के तरीके में बदलाव किया। अब वे वर्ष में दो से तीन फसलें लेते हैं और वर्तमान में भिंडी की खेती से भी आय अर्जित कर रहे हैं। विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित वार्षिक आय पहले लगभग 45 हजार रुपये थी, जो अब लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है। वे गांव के अन्य किसानों को भी खेती से जुड़ी जानकारी देते हैं।
श्री मरार कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी मिलने पर उनका आधुनिक खेती के प्रति उत्साह बढ़ा। वे आगे भी विभागीय मार्गदर्शन लेकर खेती करना चाहते हैं और मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।

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