रायपुर/ कोरबा,एजेंसी। रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन ने दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं DSP वर्मा ने कहा कि मीडिया में फेक चैट्स वायरल किए गए। अब कारोबारी दीपक टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है।
दरअसल, कोरबा के दीपका थाने में टंडन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। पीड़ित महेंद्र सिंह ने 27 लाख की ठगी के आरोप लगाए हैं। कोर्ट में पेश नहीं के कारण टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है।
बता दें कि कारोबारी ने दावा किया था कि DSP ने पहले उन्हें लव ट्रैप में फंसाया। फिर शादी का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपए, महंगी गाड़ी और कीमती गहने ले लिए। जिसकी, जांच फिलहाल जारी है।
लव ट्रैप के मामले में डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि इस केस की अधिकृत शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी। वहीं, रायपुर एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने मामले में जांच होने की बात कही है।
DSP कल्पना वर्मा पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले कारोबारी के खिलाफ दूसरे केस में अरेस्ट वारंट जारी हुआ है।
फर्जी चैट्स तैयार करने का आरोप
DSP कल्पना ने बताया कि टंडन ने उनकी सोशल मीडिया से तस्वीरें निकालकर फर्जी चैट्स तैयार किए हैं।
इस मामले में उन्होंने लीगल एक्शन लेने की प्रक्रिया में आगे बढ़ जाने की बात कही है। वहीं, आरोपों पर कहा कि, ये सिर्फ इसलिए किया गया है, क्योंकि टंडन हमारे पैसे वापस नहीं लौटा पा रहा था।
कारोबारी दीपक टंडन और डीएसपी कल्पना वर्मा के कई वीडियो भी सामने आए हैं।
कारोबारी दीपक टंडन ने ये सभी विजुअल थाने में शिकायत के तौर पर दिए।
कारोबारी ने कब की थी शिकायत
रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन ने अक्टूबर महीने में खम्हारडीह थाना में शिकायत की थी। शिकायत पर टंडन ने आरोप लगाया था कि डीएसपी और उनके परिजनों पर पैसे, गाड़ी और ज्वैलरी लिए।
अब उनके द्वारा सामान को वापस नहीं किया गया। कारोबारी की शिकायत पर खम्हारडीह पुलिस ने एक्शन नहीं लिया, तो कारोबारी ने मीडिया को पूरे मामले की जानकारी दी।
मीडिया में मामला आने के बाद खम्हारडीह पुलिस ने मामले में जांच शुरू की है, लेकिन पूरे मामले में खम्हारडीह पुलिस के जिम्मेदारी अधिकृत जानकारी देने से बच रहे थे।
आरोपों पर DSP कल्पना वर्मा ने क्या कहा
DSP कल्पना वर्मा ने बताया कि टंडन कोर्ट से केस वापस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहा था, जब बात नहीं बनी तो मीडिया में झूठी तस्वीरें और चैट वायरल कर दी।
टंडन के साथ वायरल हुए अपने वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि, वो टंडन से बकाया पैसे लेने के लिए होटल गई थी। टंडन ने उनकी सोशल मीडिया से तस्वीरें निकालकर फर्जी चैट्स तैयार किए हैं। इस मामले में उन्होंने लीगल एक्शन लेने की प्रक्रिया में आगे बढ़ने की बात कही है।
ऐसे हुई थी कारोबारी और DSP की दोस्ती
दरअसल, DSP कल्पना वर्मा जब महासमुंद में पदस्थ थी। 2021 में वह अपने कुछ साथियों के साथ टंडन के होटल पहुंची थी। कल्पना का एक बैच मेट और टंडन आपस में म्यूचल फ्रेंड थे। इसी ने टंडन और कल्पना की मुलाकात कराई। दोनों के बीच नंबर एक्सचेंज हुए।
मुलाकात के लगभग 2 दिन बाद कल्पना के नंबर से टंडन को कॉल आया। मिलने-बैठने की बात हुई। इस तरह चीजें आगे बढ़ी। जब भी कल्पना महासमुंद से आती दोनों के बीच मीटिंग होती थी। धीरे-धीरे साथ घूमने-फिरने और शॉर्ट टूर पर भी जाने लगे।
DSP के परिवार ने चेक बाउंस का केस दर्ज कराया
टंडन ने बताया कि चेक अमाउंट टंडन की पत्नी के अकाउंट से कटना था। हालांकि, डील बाद में हो नहीं पाई। टंडन ने इसके बाद अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन दूसरे पक्ष ने चेक होने की बात से इनकार कर दिया। 2 दिन बाद चेक बाउंस का मामला उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज करा दिए।
इसके बाद टंडन को समझ आया कि उनके साथ कल्पना और उनके घर वालों ने मिलकर ठगी की है। दीपक टंडन के मुताबिक इसी दौरान DSP लगातार पैसों की मांग करती रहीं। दीपक ने क्लेम किया है कि उसने DSP को 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का सामान और पैसा दिया।
कारोबारी और डीएसपी के कथित चैट वायरल हो रहे हैं।
टंडन के मुताबिक उसने डीएसपी को 12 लाख की हीरे की अंगूठी गिफ्ट की थी।
टंडन के अनुसार DSP कल्पना को उसने ये उपहार दिए हैं-
12 लाख की हीरे की अंगूठी
5 लाख की सोने की चेन और टॉप्स
1 लाख का ब्रेसलेट
एक इनोवा क्रिस्टा कार
सबूत सौंपने का दावा- वॉट्सऐप चैट और CCTV फुटेज
कारोबारी दीपक ने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए वॉट्सऐप चैट, CCTV फुटेज और अन्य सबूत पुलिस को सौंपे हैं। आरोप है कि जब उन्होंने शिकायत वापस लेने से इनकार किया, तो DSP ने फर्जी मामलों में जेल भेजने की धमकी दी। वर्तमान में कल्पना दंतेवाड़ा में पदस्थ है।
टीआई पर गिरी गाज
कारोबारी-डीएसपी केस में ठीक तरह से जांच नहीं करने पर बीते दिनों थाना प्रभारी का तबादला कर दिया गया था। इस मामले की जांच अब खम्हारडीह थाना के नए प्रभारी परेश पांडेय करेंगे। चर्चा है कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने उक्त मामले सीनियर अधिकारियों को सही जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई। इसके साथ ही उनकी कई शिकायतें भी अफसरों के पास पहुंची थी।
CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन
कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।
आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –
1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट 2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा, 3 पेमेंट स्लिप 4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार 5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया। उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।
कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।
कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।
इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।