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छत्तीसगढ़

ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक केस में ED की एंट्री:मनी ट्रेल और नेटवर्क की जांच होगी, एजेंसी ने मांगी चार्जशीट और इन्वेस्टिगेशन से जुड़े दस्तावेज

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर के चर्चित ड्रग्स स्कैंडल की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में ब्लैक मनी के इस्तेमाल, मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के लेन-देन की परतें खोलने की तैयारी में है।

ईडी ने मामले से जुड़े दस्तावेज, चार्जशीट और अन्य रिकॉर्ड की कॉपियां पुलिस से मांगी हैं। पुलिस पहले ही कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है और मामले का ट्रायल जारी है। ईडी की एंट्री के बाद उन लोगों में बेचैनी बढ़ गई है, जिनके नाम अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स के काले कारोबार से कमाए गए पैसे कहां और किस तरह ठिकाने लगाए गए। साथ ही उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जो इस गैंग से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े रहे हैं।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

2025 में हुआ था मामले का खुलासा

23 अगस्त 2025 को पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने नाव्या मलिक की भूमिका का खुलासा किया, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने मुंबई में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया।

नाव्या मूल रूप से रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की रहने वाली है। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर शहर की कई हाईप्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की सप्लाई करती थी। आरोप है कि वह खुद भी ऐसे आयोजनों में पहुंचकर ड्रग्स मुहैया कराती थी।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

मोबाइल और डिजिटल नेटवर्क से संचालित होता था कारोबार

पुलिस के अनुसार नाव्या ने इस कारोबार के लिए एक संगठित नेटवर्क तैयार कर लिया था, जिसे मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों से संचालित किया जाता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि समय के साथ उसका संपर्क प्रभावशाली लोगों तक पहुंच गया था और इसी नेटवर्क के जरिए ड्रग्स सप्लाई का दायरा लगातार बढ़ता गया।

पुलिस जांच में नाव्या को माना गया मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में नाव्या मलिक को पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जब्त किए गए तीन मोबाइल से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई थीं। जांच में खुलासा हुआ था कि नाव्या का संपर्क करीब 850 प्रभावशाली लोगों से था।

इनमें नेताओं, कारोबारियों, होटल संचालकों, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोगों और शहर के कई रसूखदार परिवारों के सदस्य शामिल बताए गए थे।

850 से ज्यादा लोगों के नाम आए थे सामने

जांच के दौरान एक विधायक के रिश्तेदार, होटल कारोबारी, ऑटोमोबाइल कारोबारी और इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस ने दावा किया था कि 850 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान हुई, जो ड्रग्स का सेवन करते थे।

कई नाइट क्लबों के मैनेजर और बाउंसर भी इस नेटवर्क का हिस्सा पाए गए थे। इसके अलावा नाव्या के विदेश दौरों और उसके साथ यात्रा करने वाले कुछ रईसजादों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली थी।

मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां

हाईप्रोफाइल केस में अब तक नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि वर्तमान में सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

ड्रग्स केस में ईडी की एंट्री के बाद हलचल बढ़ गई है।

ड्रग्स केस में ईडी की एंट्री के बाद हलचल बढ़ गई है।

चार्जशीट में मंगेतर की भूमिका का खुलासा

पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क पुलिस के हत्थे इसलिए चढ़ा क्योंकि नाव्या मलिक का मंगेतर अयान परवेज उससे दूरी बनाना चाहता था। ब्रेकअप के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं मिलने पर उसने दिल्ली से ड्रग्स की खेप आने की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई थी।

चार्जशीट में यह भी जिक्र है कि अयान खुद भी कथित तौर पर नाव्या के साथ मिलकर ड्रग्स कारोबार में शामिल था। हालांकि पुलिस ने मामले को नौ आरोपियों तक ही सीमित रखा है। जांच के दौरान जिन रसूखदार लोगों के नामों की चर्चा हुई थी, उनका चार्जशीट में कोई जिक्र नहीं है।

चार्जशीट में सामने आया रहस्यमयी नाम

चार्जशीट में 9 आरोपियों के अलावा एक और नाम का बार-बार जिक्र किया गया है। दस्तावेजों में इस शख्स को ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ के नाम से संबोधित किया गया है। हालांकि उसकी वास्तविक पहचान क्या है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है।

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कोरबा

पाली में खिला ब्रह्म कमल

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कोरबा/पाली। पाली नगर पंचायत पाली के दुर्गा पंडाल के समीप निवासी रमेश डिक्सेना के घर सोमवार देर रात दुर्लभ ब्रह्मकमल का फूल खिलने से पूरे मोहल्ले में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया। जैसे ही ब्रह्मकमल के खिलने की जानकारी परिवारजनों को मिली, सभी ने दीप प्रज्वलित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। परिवार के सदस्यों ने इसे भगवान की विशेष कृपा और शुभ संकेत बताते हुए स्वयं को सौभाग्यशाली बताया।

ब्रह्मकमल के खिलने की सूचना आसपास के क्षेत्र में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग रमेश डिक्सेना के घर पहुंचने लगे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने श्रद्धापूर्वक ब्रह्मकमल के दर्शन किए तथा भगवान से परिवार और नगर की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया। देर रात तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
स्थानीय लोगों के अनुसार ब्रह्मकमल का खिलना अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक महत्व का प्रतीक माना जाता है। इसकी मनमोहक छटा और सुगंध ने सभी को आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वर की विशेष कृपा बताते हुए कहा कि ऐसे दुर्लभ और पवित्र दृश्य के दर्शन जीवन में विरले ही होते हैं।

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छत्तीसगढ़

एवरग्रीन टैलेंट शो में हरमन सलूजा बनीं ‘किड्स छत्तीसगढ़’

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सात वर्षीय प्रतिभाशाली छात्रा ने शानदार मंचीय प्रस्तुति से जीता खिताब, 80 प्रतिभागियों के बीच बिखेरा प्रतिभा का जलवा

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर।
एवरग्रीन लेडी पत्रिका द्वारा आयोजित “मिस, मिसेज एवं किड्स टैलेंट प्रतियोगिता” का भव्य आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से आए लगभग 80 प्रतिभागियों ने अपनी कला, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इन सभी प्रतिभागियों के बीच सात वर्षीय हरमन सलूजा ने अपनी उत्कृष्ट मंचीय प्रस्तुति, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा से निर्णायक मंडल एवं दर्शकों का दिल जीतते हुए प्रतिष्ठित “किड्स छत्तीसगढ़” का खिताब अपने नाम किया। उनके दमदार प्रदर्शन पर मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

राजेंद्र नगर निवासी आशीष सलूजा एवं चेतना सलूजा की सुपुत्री तथा ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की कक्षा दूसरी की छात्रा हरमन बचपन से ही अपनी प्रतिभा का परिचय देती आ रही हैं। तीन वर्ष पूर्व कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उनकी प्रस्तुति को भी व्यापक सराहना मिली थी। हाल ही में राजनांदगांव में आयोजित एक प्रतियोगिता में भी उन्होंने विजेता का खिताब हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

हरमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग ही उन्हें हर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. शीला शर्मा, डॉ. सुनील दत्त मिश्रा, अखंड प्रताप सिंह, अखिलेश पटेल, कौशल महानंद, शानवी शर्मा, डॉ. ज्योति सक्सेना, मंजूषा सिंह, मधु शर्मा एवं प्रणिता पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जिससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच का विकास हो सके। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए अतिथियों ने एवरग्रीन लेडी पत्रिका की इस सराहनीय पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

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कोरबा

“माय भारत युवा कार्यक्रम” से युवाओं की शक्ति को मिलेगी नई पहचान

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“माय भारत युवा कार्यक्रम” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला सलाहकार समिति एवं जिला समन्वय समिति की बैठक संपन्न

कोरबा। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप “माय भारत युवा कार्यक्रम” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में 14 जुलाई 2026 को कलेक्टोरेट कोरबा के सभाकक्ष में जिला सलाहकार समिति एवं जिला समन्वय समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने “माय भारत युवा कार्यक्रम” को युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक अभिनव पहल बताते हुए जिले के अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत यूथ वॉलंटियर्स के रूप में पंजीकृत करने तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व विकास, स्वयंसेवा और जनहितकारी गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को नई पहचान देने के साथ उन्हें समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करेगा। कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों से इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में माय भारत युवा कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी श्री सतीश प्रकाश सिंह ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्यक्रम के उद्देश्य, लक्ष्य एवं महत्व की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विभिन्न अवसरों से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जाएगा तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। जिला नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि “माय भारत पोर्टल” पर पंजीयन करने वाले युवाओं को विभिन्न शासकीय एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रमों, इंटर्नशिप तथा अनुभव आधारित सीखने के अवसर भी प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त युवाओं को अपनी प्रोफाइल एवं सीवी तैयार करने की सुविधा मिलेगी, विभिन्न संस्थाओं एवं मेंटर्स से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा तथा पंजीकृत स्वयंसेवकों को वालंटियर प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, नगर पालिक निगम के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, ओएसडी तरुण किरण (आईएएस), अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, अपर कलेक्टर ओंकार यादव, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला युवा अधिकारी सुश्री ईशा गौतम, माय भारत युवा कार्यक्रम की जिला सलाहकार समिति एवं जिला समन्वय समिति के सदस्य, जिला स्तरीय अधिकारी, शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, एनएसएस एवं एनसीसी के प्रभारी अधिकारी तथा माय भारत यूथ वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।

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