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छत्तीसगढ़

ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक केस में ED की एंट्री:मनी ट्रेल और नेटवर्क की जांच होगी, एजेंसी ने मांगी चार्जशीट और इन्वेस्टिगेशन से जुड़े दस्तावेज

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर के चर्चित ड्रग्स स्कैंडल की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में ब्लैक मनी के इस्तेमाल, मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के लेन-देन की परतें खोलने की तैयारी में है।

ईडी ने मामले से जुड़े दस्तावेज, चार्जशीट और अन्य रिकॉर्ड की कॉपियां पुलिस से मांगी हैं। पुलिस पहले ही कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है और मामले का ट्रायल जारी है। ईडी की एंट्री के बाद उन लोगों में बेचैनी बढ़ गई है, जिनके नाम अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स के काले कारोबार से कमाए गए पैसे कहां और किस तरह ठिकाने लगाए गए। साथ ही उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जो इस गैंग से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े रहे हैं।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

2025 में हुआ था मामले का खुलासा

23 अगस्त 2025 को पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने नाव्या मलिक की भूमिका का खुलासा किया, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने मुंबई में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया।

नाव्या मूल रूप से रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की रहने वाली है। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर शहर की कई हाईप्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की सप्लाई करती थी। आरोप है कि वह खुद भी ऐसे आयोजनों में पहुंचकर ड्रग्स मुहैया कराती थी।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

नाव्या मलिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने 30 घंटे पूछताछ की थी।

मोबाइल और डिजिटल नेटवर्क से संचालित होता था कारोबार

पुलिस के अनुसार नाव्या ने इस कारोबार के लिए एक संगठित नेटवर्क तैयार कर लिया था, जिसे मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों से संचालित किया जाता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि समय के साथ उसका संपर्क प्रभावशाली लोगों तक पहुंच गया था और इसी नेटवर्क के जरिए ड्रग्स सप्लाई का दायरा लगातार बढ़ता गया।

पुलिस जांच में नाव्या को माना गया मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में नाव्या मलिक को पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जब्त किए गए तीन मोबाइल से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई थीं। जांच में खुलासा हुआ था कि नाव्या का संपर्क करीब 850 प्रभावशाली लोगों से था।

इनमें नेताओं, कारोबारियों, होटल संचालकों, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोगों और शहर के कई रसूखदार परिवारों के सदस्य शामिल बताए गए थे।

850 से ज्यादा लोगों के नाम आए थे सामने

जांच के दौरान एक विधायक के रिश्तेदार, होटल कारोबारी, ऑटोमोबाइल कारोबारी और इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस ने दावा किया था कि 850 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान हुई, जो ड्रग्स का सेवन करते थे।

कई नाइट क्लबों के मैनेजर और बाउंसर भी इस नेटवर्क का हिस्सा पाए गए थे। इसके अलावा नाव्या के विदेश दौरों और उसके साथ यात्रा करने वाले कुछ रईसजादों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली थी।

मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां

हाईप्रोफाइल केस में अब तक नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि वर्तमान में सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

ड्रग्स केस में ईडी की एंट्री के बाद हलचल बढ़ गई है।

ड्रग्स केस में ईडी की एंट्री के बाद हलचल बढ़ गई है।

चार्जशीट में मंगेतर की भूमिका का खुलासा

पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क पुलिस के हत्थे इसलिए चढ़ा क्योंकि नाव्या मलिक का मंगेतर अयान परवेज उससे दूरी बनाना चाहता था। ब्रेकअप के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं मिलने पर उसने दिल्ली से ड्रग्स की खेप आने की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई थी।

चार्जशीट में यह भी जिक्र है कि अयान खुद भी कथित तौर पर नाव्या के साथ मिलकर ड्रग्स कारोबार में शामिल था। हालांकि पुलिस ने मामले को नौ आरोपियों तक ही सीमित रखा है। जांच के दौरान जिन रसूखदार लोगों के नामों की चर्चा हुई थी, उनका चार्जशीट में कोई जिक्र नहीं है।

चार्जशीट में सामने आया रहस्यमयी नाम

चार्जशीट में 9 आरोपियों के अलावा एक और नाम का बार-बार जिक्र किया गया है। दस्तावेजों में इस शख्स को ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ के नाम से संबोधित किया गया है। हालांकि उसकी वास्तविक पहचान क्या है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है।

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कोरबा

सीईओ जिला पंचायत ने पाली के ग्राम पंचायतों का किया सघन निरीक्षण

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निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश

महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर

कोरबा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने जनपद पंचायत पाली के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री आवास सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान श्री जैन ने मदनपुर में प्राथमिक शाला चिताघुटरी में निर्माणाधीन किचन गार्डन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधूरे प्रधानमंत्री आवासों के हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी ली तथा लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। विद्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों में किचन गार्डन विकसित कर स्थानीय स्तर पर पोषण एवं हरित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

चैतमा में महतारी सदन एवं रेजिडेंशियल आवास का निरीक्षण करते हुए दोनों कार्यों को सितंबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह शेड तथा मुर्गी-बकरी पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।

बारीउमराव में जर्जर प्राथमिक शाला भवन के स्थान पर नवीन भवन की आवश्यकता के संबंध में सरपंच द्वारा अवगत कराया गया। सीईओ ने आंगनबाड़ी भवन का कार्य सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं सुरका में विद्यालय के समीप पुलिया निर्माण की मांग पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भेजने तथा पीडीएस भवन के लिए भी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया।

पहाड़गांव में पीडीएस भवन एवं पंचायत भवन के निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर दोनों कार्य सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए शेष आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए हितग्राहियों से समन्वय करने को कहा गया।

सपलवा में सरपंच द्वारा नवीन प्राथमिक शाला भवन राहा, आंगनबाड़ी भवन राहा, नवीन माध्यमिक शाला भवन तथा हाई स्कूल सपलवा में अहाता निर्माण सहित अस्पताल में सौर ऊर्जा व्यवस्था की मांग से अवगत कराया गया। सीईओ ने संबंधित प्रस्तावों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

रामा-कछार में पीडीएस भवन एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए दोनों कार्यों को सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरपंच द्वारा पुलिया निर्माण की मांग से भी अवगत कराया गया, जिस पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान सीईओ प्रतीक जैन ने ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित भारत -जी राम जी के तहत कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। इनमें वर्क शेड, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन सहित ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। चैतमा में मुर्गी-बकरी पालन हेतु सामुदायिक शेड तथा महिला स्व-सहायता समूहों के लिए शेड का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। बारीउमराव एवं सुरका में पुलिया निर्माण तथा पीडीएस भवन के प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा गया।

सीईओ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से जोड़कर उनकी आयवर्धक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सकें।

निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत पाली के सीईओ मोहनीश देवांगन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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कोरबा

वीबी-जी राम जी योजना से जिले के 600 से अधिक स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय

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240 बालिका शौचालय, 15 मुक्तिधाम और 161 डिफंक्ट बोरवेल के कार्य स्वीकृत

जिले में जल सरंक्षण एवं जल संवर्धन के कार्यों को दी गई है प्राथमिकता

891 कृषि डबरी,86 परकोलेशन टैंक,33 नवीन तालाब आदि किए गए हैं स्वीकृत

कोरबा। विकसित भारत-जी राम जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले में ग्रामीण अधोसंरचना और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जा रही है। जिले के 600 से अधिक शासकीय स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें प्रथम चरण में 240 बालिका शौचालयों के निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 15 मुक्तिधाम एवं 161 डिफंक्ट बोरवेल के कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित नवीन तालाब, डबरी, परकोलेशन टैंक और कंटूर ट्रेंच जैसी संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने के साथ गांवों में जल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सभी पांच विकासखंडों के स्कूल शामिल

बालिका शौचालय निर्माण के लिए जिले के सभी पांच विकासखंडों के शासकीय स्कूलों को शामिल किया गया है। स्वीकृत कार्यों के तहत करतला विकासखंड के 28, कोरबा के 64, कटघोरा के 18, पाली के 68 तथा पोड़ी-उपरोड़ा के 62 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। शेष चिन्हित स्कूलों में भी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

स्कूलों में बालिका शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।

जल संरक्षण कार्यों को मिली गति

‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत जिले में 891 कृषि डबरी, 86 परकोलेशन टैंक, 21 कंटूर ट्रेंच तथा 33 नवीन तालाब निर्माण के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से वर्षा जल के संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं आजीविका गतिविधियों के लिए जल की उपलब्धता मजबूत होगी।

योजना के तहत ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप पीडीएस भवन, स्व-सहायता समूहों के वर्कशेड सहित अन्य मूलभूत अधोसंरचना के विकास और विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

125 दिनों तक रोजगार का प्रावधान

विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही टिकाऊ एवं उपयोगी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है।

जल संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण सड़क, तालाब, जल संरचनाओं तथा अन्य सामुदायिक एवं ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से गांवों में रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही आजीविका संवर्धन और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

रोजगार के साथ गांवों में बनेंगी स्थायी परिसंपत्तियां

विकसित भारत-जी राम जी योजना मांग आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण अकुशल श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ गांवों में जल संरक्षण, जल संवर्धन तथा पीडीएस भवन, एसएचजी वर्कशेड जैसी उपयोगी एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण विकास को गति देना है।

नई स्वीकृतियों के माध्यम से स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, मुक्तिधाम निर्माण, डिफंक्ट बोरवेल के सुधार तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

केंद्र-राज्य की 60:40 हिस्सेदारी

विकसित भारत-जी राम जी योजना के वित्तपोषण में केंद्र और राज्य की 60:40 हिस्सेदारी निर्धारित है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ जल संरक्षण, जल संवर्धन और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा जिले में योजना के अंतर्गत नए कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

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छत्तीसगढ़

भूपेश बोले- अपने बाप के घर से पेट्रोल लाए BJP:जनार्दन मिश्रा के बयान पर पलटवार, E20 विवाद पर कहा- भाजपा नेता होश खो बैठे

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रायपुर, एजेंसी। E20 पेट्रोल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान पर पलटवार किया है। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने शुद्ध पेट्रोल की मांग पर कहा था, ‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?’

इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी नेता होश खो बैठे हैं। अगर जनता शुद्ध पेट्रोल मांग रही है तो इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘अगर इतना ही है तो अपने बाप के घर से शुद्ध पेट्रोल ले आएं।’

जनार्दन मिश्रा ने क्या कहा था ?

भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने रीवा एयरपोर्ट पर रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान E20 पेट्रोल का विरोध करने वालों पर निशाना साधा था।

उन्होंने कहा था कि आंदोलन किया जा रहा है कि एथेनॉल नहीं चलेगा, सिर्फ शुद्ध पेट्रोल चाहिए। इसके बाद उन्होंने सवाल किया- ‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?’

भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा

भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा

मिश्रा बोले- 80% तेल विदेश से आता है

भाजपा सांसद ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का करीब 20% कच्चा तेल ही देश में पैदा करता है, जबकि करीब 80% तेल आयात करना पड़ता है। उनका तर्क था कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होती है। ऐसे में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का विरोध नहीं किया जाना चाहिए।

ब्राजील का उदाहरण देकर E20 का बचाव

जनार्दन मिश्रा ने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर एथेनॉल का इस्तेमाल होता है और गाड़ियां इससे चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और मैकेनिकों के मुताबिक एथेनॉल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान नहीं होता।

E20 पर पहले से जारी है सियासी घमासान

पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिलाने की नीति को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ अभियान चला रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि E20 से कुछ वाहनों के माइलेज और इंजन पर असर पड़ सकता है।

वहीं, केंद्र सरकार और E20 के समर्थकों का तर्क है कि इससे पेट्रोल आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और देश की ऊर्जा जरूरतों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा

सरकार के मुताबिक, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से भारत ने कच्चे तेल के आयात पर 1.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ी है, प्रदूषण कम हुआ है और किसानों को भी फायदा मिला है।

भारत पिछले साल ही पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले हासिल कर चुका है। एक अप्रैल से पूरे देश में E20 पेट्रोल की सप्लाई शुरू हो चुकी है। अब सरकार 2030 तक इसे बढ़ाकर 30% करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

देश में 2 जनरेशन एथेनॉल मौजूद, थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस

फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठे ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। सेकेंड जनरेशन एथेनॉल : सेकेंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे- चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है।

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