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डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग:2000 फीट ऊंचाई पर अचानक डिस्प्ले बंद हुआ, धुआं भरा, लखनऊ में उतारा

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लखनऊ,एजेंसी। यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर की शनिवार को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उन्होंने सुबह 10.45 बजे लखनऊ से कौशांबी के लिए उड़ान भरी थी। 30 मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का डिस्प्ले अचानक बंद हो गया। अंदर धुआं भरने लगा।

पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी को सूचना दी। इमरजेंसी लैंडिंग की परमिशन मांगी। विमान तब तक 50 किमी दूर बछरावां तक पहुंच गया था। अनुमति मिलते ही पायलट ने वापस लखनऊ एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया।

एयरपोर्ट पर सुबह 11.15 बजे हेलिकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग करवाई। लैंडिंग तक हेलिकॉप्टर में काफी धुआं भर गया था। हेलिकॉप्टर से केशव समेत 6 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (फाइल फोटो)

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (फाइल फोटो)

2000 फीट की ऊंचाई पर था हेलिकॉप्टर

  • केशव के हेलिकॉप्टर ने लखनऊ के ला मार्टिनियर स्कूल ग्राउंड से उड़ान भरी। यह ग्राउंड उनके आवास के पास ही है। हेलिकॉप्टर में केशव समेत 6 लोग थे- दो पायलट, एडवाइजर, एक क्लास फोर का स्टाफ और सिक्योरिटी।
  • हेलिकॉप्टर 2000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। तभी पायलट को विमान में गड़बड़ी का पता चला। ATC से परमिशन लेकर तुरंत विमान लखनऊ की तरफ मोड़ा।
  • पायलट ने जैसे-तैसे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच हेलिकॉप्टर को लखनऊ एयरपोर्ट में उतारा। इस दौरान फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी पहुंच गई थी।
  • शुरुआती जांच में पता चला है कि हेलिकॉप्टर के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में कुछ समस्या थी। हालांकि, असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगा।

दूसरे हेलिकॉप्टर से कौशांबी रवाना हुए केशव केशव मौर्य अब दूसरे हेलिकॉप्टर से कौशांबी रवाना हो गए। वहां केशव मौर्य, दो दिवसीय सरस महोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

हेलिकॉप्टर यूपी सरकार का, नागरिक उड्‌डयन विभाग के पास जिम्मेदारी केशव मौर्य जिस हेलिकॉप्टर से सफर कर रहे थे, वह यूपी सरकार का है। इसकी जिम्मेदारी नागरिक उड्‌डयन विभाग के पास है। ईशान प्रताप सिंह इस विभाग के निदेशक हैं। वह सीएम के विशेष सचिव भी हैं। केशव के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 3 बार उनके हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ चुकी है।

पहले कब-कब हुई केशव के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

  • 28 फरवरी 2022 : चुनावी सभा के लिए जा रहे थे। रास्ते में ईंधन की कमी की वजह से हेलिकॉप्टर को कुशीनगर के महावीर इंटर कॉलेज के मैदान में उतारना पड़ा।
  • 14 फरवरी 2019: आजमगढ़ दौरे के लिए उड़ान भरते ही हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत वापस लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग कराई थी।
  • 30 मार्च 2018 : आजमगढ़ से लखनऊ लौटते समय हेलिकॉप्टर में गड़बड़ी आई। रायबरेली के फुरसतगंज में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी।
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घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़े:ईरान जंग से रसोई गैस की किल्लत की आशंका, सरकार का LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश

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नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिलेगा।

बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई है। इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दामों में 50 रुपए का इजाफा किया था। यानी ये बढ़ोतरी करीब एक साल बाद की गई है। वहीं 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे।

सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस किल्लत की आशंका जताई गई है।

सिलेंडर की किल्लत रोकने के लिए LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश

सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने यह आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी।

सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है। इसका मकसद कंज्यूमर्स को बिना रुकावट गैस सिलेंडर की सप्लाई है।

सप्लाई संकट की 2 वजह

1. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।

2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका

पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और पोर्ट्स को निशाना बनाया है।

ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।

ईरान ने कतर के 'रास लफान' स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है।

ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है।

कतर की राजधानी दोहा के औद्योगिक इलाके में 1 मार्च 2026 को ईरानी अटैक के बाद धुआं उठता दिखा।

कतर की राजधानी दोहा के औद्योगिक इलाके में 1 मार्च 2026 को ईरानी अटैक के बाद धुआं उठता दिखा।

CNG कंपनियों ने सरकार को लिखी चिट्ठी, संकट की चेतावनी

गैस की किल्लत को देखते हुए ‘एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज’ (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल (GAIL) को पत्र लिखकर स्पष्टता मांगी है। कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से आने वाली सस्ती गैस नहीं मिली, तो उन्हें ‘स्पॉट मार्केट’ से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी।

  • कीमतों में अंतर: स्पॉट मार्केट में गैस की कीमत फिलहाल 25 डॉलर प्रति यूनिट पहुंच गई है, जो कॉन्ट्रैक्ट वाली गैस से दोगुनी से भी ज्यादा है।
  • EV में शिफ्ट होंगे लोग: कंपनियों को डर है कि अगर CNG के दाम बढ़े, तो लोग परमानेंटली EV की ओर शिफ्ट हो जाएंगे, जिससे गैस सेक्टर को नुकसान होगा।

सरकार के आदेश का प्राइवेट कंपनियों पर असर

सरकार के इस फैसले का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) पर पड़ सकता है। प्रोपेन और ब्यूटेन का डायवर्जन होने से अल्काइलेट्स के प्रोडक्शन में कमी आएगी, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल की ग्रेडिंग सुधारने में किया जाता है।

एक्सपर्ट्स और ट्रेड सोर्सेज का कहना है कि प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल के बजाय LPG बनाने में इस्तेमाल करने से कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। पॉलीप्रोपाइलीन और अल्काइलेट्स जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स LPG के मुकाबले बेहतर कीमत पर बिकते हैं।

राहत की बात: अकेले होर्मुज रूट के भरोसे नहीं भारत

हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है:

रूस पर निर्भरता: भारत अब अपनी जरूरत का 20% कच्चा तेल रूस से मंगा रहा है (फरवरी में 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन), जो होर्मुज रूट पर निर्भरता कम करता है।

पर्याप्त भंडार: सूत्रों के अनुसार, देश के पास वर्तमान में पेट्रोलियम और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। MRPL जैसी रिफाइनरियों के बंद होने की खबरें महज अफवाह हैं।

नॉलेज बॉक्स:

1. कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत

तेल कंपनियां हर महीने पिछले महीने के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों, एक्सचेंज रेट और अन्य लागतों के आधार पर LPG की बेस प्राइस तय करती हैं। इसके बाद टैक्स, ट्रांसपोर्ट, और डीलर कमीशन जोड़कर खुदरा मूल्य निकाला जाता है। सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए सरकार अंतर की भरपाई करती है, जबकि गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की पूरी कीमत ग्राहक चुकाता है।

2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 क्या है

सरकार ने यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 (ESMA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके जारी किया है। इससे पहले सरकार ने यूक्रेन युद्ध के बाद तेल क्षेत्र में ESMA के नियमों को लागू किया था। तब रिफाइनिंग कंपनियों से कहा गया था कि वे देश में फ्यूल की कमी न होने दें और इसे बाहर एक्सपोर्ट न करें, क्योंकि उस समय भारी मार्जिन मिलने की वजह से तेल बाहर बेचना काफी फायदे का सौदा बन गया था।

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राम रहीम पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में बरी:हाईकोर्ट ने दिया फैसला, 7 साल पहले उम्रकैद हुई थी, 3 अन्य की सजा बरकरार

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चंडीगढ़,एजेंसी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम को बरी कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने 3 आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की सजा को बरकरार रखा है।

इससे पहले 17 जनवरी 2019 को पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने राम रहीम समेत बाकी सभी आरोपियों को 7 साल कैद की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस हत्याकांड में राम रहीम के साजिशकर्ता होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं। जिस वजह से राम रहीम को बरी कर दिया गया।

राम रहीम इससे पहले डेरा मैनेजर रणजीत हत्याकांड में पहले ही हाईकोर्ट से बरी हो चुका है। हालांकि सीबीआई ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण केस में 10 साल कैद की सजा हुई है। इस वजह से राम रहीम को अभी जेल में ही रहना होगा।

उधर, रामचंद्र के बेटे अंशुल ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि सीबीआई ने इस मामले की अच्छी पैरवी की है, सभी सबूत दिए गए। राम रहीम को बाहर निकालना गलत है। हम अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की फाइल फोटो।

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की फाइल फोटो।

2002 में हुई थी हत्या

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों को प्रकाशित किया था, जिसके बाद वर्ष 2002 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसको लेकर खूब बवाल मचा था। जिसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी। CBI की स्पेशल कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद मामले में डेरा मुखी सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ सभी दोषियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।

हाईकोर्ट ने कहा- सबूतों का अभाव

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और CBI की ओर से बहस की गई। मगर, कोर्ट ने सबूतों को नाकाफी ठहरा दिया। वहीं, कुलदीप, निर्मल और किशन लाल के खिलाफ अदालत ने पाया कि उनके खिलाफ उपलब्ध सबूत और गवाह से उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से स्थापित होती है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखने का आदेश दिया।

राम रहीम के वकील ने क्या दलील दी…

  • साफ्ट लेड से बनी गोली लगी: कोर्ट में राम रहीम के वकील बसंत राय ने तर्क दिया कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है। जो गोली पत्रकार को लगी थी, वो ‘सॉफ्ट लेड’ की बनी थी। ये गोली स्नाइपर और सैन्य उपरकरणों में यूज होती है। अब 23 साल बीत जाने के कारण उस पर बने निशान और साइन दिखाई नहीं दे रहे हैं।
  • डब्बे की सील नहीं खुली: वकील बसंत राय ने कहा कि पत्रकार को लगी गोली जिस डब्बे में रखी गई थी, उस पर एम्स की सील लगी हुई थी। फोरेंसिक एक्सपर्ट के साइन भी थे। कोर्ट में भी डब्बा सील बंद ही आया, अगर सील कभी खुली ही नहीं, तो लैब (FSL) के एक्सपर्ट ने उस गोली की जांच कैसे की? यह भी स्पष्ट नहीं है कि साइन गोली पर थे या डब्बे पर।

होईकोर्ट ने कहा- गोलियों पर कोई निशान नहीं

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि इन गोलियों पर कोई निशान नहीं दिखाई दे रहे हैं। कोर्ट ने शिकायत पक्ष के वकील से पूछा कि फोरेंसिक एक्सपर्क ने गोली पर साइन किए थे या डब्बे पर?इसके जवाब में वकील ने दलील दी कि कंटेनर पर एक्सपर्ट के साइन मौजूद है। गोली पर अब साइन के निशान नहीं दिख रहे हैं। जांच के बाद ही यह क्लियर होगा कि गोली पर भी साइन थे या नहीं।

कौन थे पत्रकार छत्रपति

  1. यौन शोषण की चिट्ठी पब्लिश की: पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हरियाणा के सिरसा जिले के रहने वाले थे। वर्ष 2000 में उन्होंने वकालत छोड़कर सिरसा में ही अपना अखबार शुरू किया था। 2002 में उन्हें किसी ने एक चिट्ठी भेजी, जिसमें डेरे में साध्वियों के साथ हो रहे यौन शोषण का जिक्र था। इसके बाद छत्रपति ने 30 मई 2002 को उस चिट्ठी को अपने इवनिंग टाइम अखबार में पब्लिश कर दिया।
  2. 5 गोलियां मारकर हत्या की: अखबार में चिट्ठी छपने के बाद छत्रपति को लगातार धमकियां मिलने लगी। इसके बाद भी उन्होंने डेरे के खिलाफ लिखना जारी रखा। परिवार ने आरोप लगाया था कि तीन-चार महीने तक उन्हें कई बार धमकी मिली। 19 अक्टूबर 2002 की रात को रामचंद्र की 5 गोलियां मारकर हत्या कर दी गईं। उस समय रामचंद्र अपने घर के बाहर मौजूद थे। दो दिन बाद, 21 अक्टूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

डेरा समर्थकों से सादा जश्न मनाने की अपील

डेरे के प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि समर्थकों को कहा गया है कि वो ज्यादा धूम-धड़ाका न करें। नाम चर्चा घरों में कोई जलसा, जश्न या बधाई देने का सिलसिला नहीं होगा। साथ ही, समर्थकों को ये भी कहा गया है कि वो खुशी मनाने वाली चीजें न तो फैलाएं और न ही छापें।

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सैंटनर बोले- वर्ल्डकप ट्रॉफी के लिए अरबों दिल तोड़ेंगे:भारत पर जीत का दबाव, अफ्रीकी बॉलर डेल स्टेन बोले- कीवी हारे तो चोकर्स टैग उनका

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अहमदाबाद, एजेंसी। टी-20 वर्ल्डकप 2026 के फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा कि ट्रॉफी जीतने के लिए अगर अरबों भारतीय प्रशंसकों का दिल तोड़ना पड़े तो भी उन्हें ऐतराज नहीं होगा। उन्होंने माना कि घरेलू मैदान पर खेलने की वजह से भारत पर खिताब जीतने का दबाव ज्यादा रहेगा।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को होने वाले फाइनल से पहले सैंटनर ने कहा कि मुकाबले में भारत के टॉप ऑर्डर के विकेट अहम होंगे। भारतीय टीम मजबूत है, लेकिन सही समय पर शुरुआती विकेट निकालना मैच का रुख बदल सकता है।

हम पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे- सैंटनर

न्यूजीलैंड कप्तान ने कहा कि टीम फाइनल मुकाबले को लेकर उत्साहित है और खिलाड़ियों में अच्छा माहौल है। उनके मुताबिक वर्ल्ड कप फाइनल एक मैच का मुकाबला होता है, इसलिए टीम पूरी तैयारी के साथ उतरेगी।

सैंटनर ने बताया कि उन्होंने अभी पिच नहीं देखी है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अहमदाबाद में रन ज्यादा बन सकते हैं। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की। बुमराह इस टूर्नामेंट में अब तक 10 विकेट ले चुके हैं और उनकी यॉर्कर व बाउंसर किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती हैं।

वर्ल्ड कप फाइनल का प्रेशर अलग होता है- सैंटनर

सैंटनर ने कहा कि न्यूजीलैंड की टीम पूरे टूर्नामेंट में कई बार मुश्किल हालात से गुजरी है और उन अनुभवों से टीम ने काफी सीखा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ल्ड कप फाइनल द्विपक्षीय सीरीज से अलग होता है। उन्होंने साफ कहा कि अगर मौका मिला तो न्यूजीलैंड मेजबान टीम की उम्मीदों को तोड़ते हुए ट्रॉफी जीतने से पीछे नहीं हटेगा।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले मिचेल सैंटनर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले मिचेल सैंटनर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए।

टॉप ऑर्डर का विकेट लेना जरूरी

भारत की आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर सैंटनर ने कहा कि भारतीय टीम शुरुआत से ही तेजी से रन बनाती है और अंत तक उसी अंदाज में खेलती है। ऐसे में न्यूजीलैंड के लिए शुरुआती विकेट लेना बहुत जरूरी होगा।

उन्होंने कहा कि फाइनल का महत्व अपनी जगह है, लेकिन टीम का फोकस वही रहेगा जो हर मैच में होता है। उनके मुताबिक असली फर्क मैदान पर बेहतर तरीके से योजना को लागू करने से पड़ेगा।

मुकाबला हाई स्कोरिंग हो सकता है- सैंटनर

सैंटनर ने कहा कि मुकाबला हाई स्कोरिंग हो सकता है, इसलिए गेंदबाजों के लिए रन गति को नियंत्रित करना अहम होगा। अगर विपक्षी टीम को 250 के बजाय करीब 220 रन पर रोका जाए तो मैच जीतने की संभावना बढ़ जाती है।

वरुण शानदार बॉलर- सैंटनर

भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को लेकर सैंटनर ने कहा कि वह शानदार गेंदबाज हैं और पिच स्पिनरों के अनुकूल हुई तो असरदार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार फ्लैट पिच पर गेंदबाजों को ज्यादा रन भी पड़ते हैं, लेकिन एक अच्छा मैच पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल सकता है।

उन्होंने अंत में कहा कि फाइनल में सबसे जरूरी चीज लगातार एक जैसी सोच के साथ खेलना और अपनी योजना पर टिके रहना है।

डेल स्टेन बोले- न्यूजीलैंड 3 फाइनल हारा

पूर्व साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने कहा है कि साउथ अफ्रीका को न्यूजीलैंड ने पहले सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। स्टेन ने कहा कि लोग अक्सर साउथ अफ्रीका को चोकर्स कहते हैं, लेकिन न्यूजीलैंड ने हमसे ज्यादा ICC इवेंट्स के फाइनल खेले हैं, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत पाया।

एक यूट्यूब चैनल पर एबी डिविलयर्स से बातचीत के दौरान स्टेन ने यह बात कही। स्टेन ने कहा कि वह चाहते हैं कि न्यूजीलैंड जीते, लेकिन भारत फाइनल जीतने का प्रबल दावेदार है। उन्होंने कहा कि भारत फाइनल तभी हारेगा, जब वह बहुत बड़ी गलती कर दे। न्यूजीलैंड 2019 वनडे वर्ल्ड कप, 2021 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा था, लेकिन तीनों बार उसे हार का सामना करना पड़ा।

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