चेन्नई , एजेंसी। बंगाल की खाड़ी से उठे फेंगल तूफान का शाम 7:30 बजे पुडुचेरी के कराईकल और तमिलनाडु के महाबलीपुरम के बीच समुद्र तट पर लैंडफॉल शुरू हो गया है। तूफान को यहां से गुजरने में करीब 3 घंटे लगेंगे।
लैंडफॉल के दौरान 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई इलाकों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। तूफान का असर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी दिख रहा है।
चेन्नई में भारी बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया है। एक ATM के पास शॉर्ट सर्किट के चलते करंट लगने की वजह से एक शख्स की मौत हो गई।
शहर में कई फ्लाइट्स प्रभावित भी हुई हैं। कल सुबह (1 दिसंबर) 4 बजे तक एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। कई ट्रेनें भी तय समय से लेट चल रही हैं।
तमिलनाडु के कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, चेन्नई और मयिलादुथुराई जिलों और पुडुचेरी में आज स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं।
इन जिलों में लोगों को भी घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तमिलनाडु में NDRF की 7 टीमें तैनात की गई हैं। हर एक टीम में 30 जवान रखे गए हैं।
चेन्नई में एक एटीएम के बाहर भरे पानी में शॉर्ट सर्किट से एक शख्स की मौत हो गई।
तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठीं।
चेन्नई एयरपोर्ट पर कल सुबह 4 बजे तक के लिए ऑपरेशन रद्द कर दिया गया है। इसके चलते पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर फंस गए है।
चेन्नई शहर में तेज हवा और आंधी के कारण कई पेड़ उखड़ गए।
तस्वीर तमिलनाडु के नागपट्टनम की है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद करीब 4 हजार नावें किनारे पर लौट आई हैं।
चेन्नई में बाढ़ के अलर्ट को देखते हुए लोगों ने सुबह से ही अपने वाहन फ्लाईओवर पर पार्क कर दिए।
थाई कल थोनी थोरु गांव में NDRF की टीम ने निचले इलाके में रह रहे लोगों को रेस्क्यू किया।
चेन्नई में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। लोगों को सड़कों पर गाड़ी चलाने में दिक्कत हुई। (फोटो क्रेडिट- राज कुमार)
फेंगल से प्रभावित 4 राज्य…
तूफान का असर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पुडुचेरी में पड़ रहा है। तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। यहां भारी बारिश के चलते धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। नागपट्टिनम में करीब 800 एकड़ से ज्यादा की फसल खराब हुई।
राज्यों में असर और तैयारी…
1. तमिलनाडु
असर: कामेश्वरम, विरुंधमावडी, पुडुपल्ली, वेद्रप्पु, वनमादेवी, वल्लपल्लम, कल्लिमेडु, ईरावायल और चेम्बोडी जिलों में 3 दिसंबर तक भारी बारिश होगी। कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची और मयिलादुथुराई में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। चेन्नई में बारिश के कारण कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें भी लेट हुई हैं। समुद्री तट के पास के इलाकों और निचले इलाकों से लोगों को सेफ जगह पहुंचाया गया है।
तैयारी: नौसेना प्रभावित इलाकों में गाड़ियों से को भोजन, पीने का पानी भेज रही है। बाढ़ संभावित इलाकों में NDRF की 7 टीमें तैनात की गई हैं। इमरजेंसी से निपटने के लिए टोल-फ्री नंबर 112 और 1077 जारी किए हैं। 2 हजार रिलीफ कैंप तैयार किए गए हैं। तिरुवरुर और नागपट्टनम में 471 लोगों को ठहराया गया है। दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की अपील की गई है। समुद्र तट के नजदीकी सड़कों पर आवाजाही बंद कर दी गई है।
2. आंध्र प्रदेश
असर: फेंगल तूफान से नेल्लोर, चित्तूर, विशाखापट्टनम और तिरुपति सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल रही है।
तैयारी: 1 दिसंबर तक प्रभावित समुद्री तटों को खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं। मछुआरों को भी बोटिंग करने से मना किया गया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने तट के नजदीक रहने वाले लोगों से घरों में रहने की अपील की है।
3. पुडुचेरी
असर: पूरे पुडुचेरी में बारिश हो रही है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई इलाकों में पवर कट भी देखने को मिला है।
तैयारी: सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए कहा गया है। 12 लाख लोगों को सावधानी बरतने के लिए मैसेज भेजे गए हैं। इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। पुलिस और PWD डिपार्टमेंट को अलर्ट पर रखा गया है। वॉर रूम तैयार किया गया है। राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और वहां सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। लगभग 4000 सरकारी अधिकारी काम पर तैनात हैं।
4. कर्नाटक
असर: उडुपी, चिक्कमगलुरु, चित्रदुर्ग समेत 16 जिलों में बारिश हो रही है। 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक बिजली भी गिर सकती है।
तैयारी: निचले इलाकों के लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। पुलिस और PWD टीम को प्रभावित लोगों तक जल्द पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
तूफान की चेतावनी के बावजूद चेन्नई में मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सऊदी अरब ने दिया तूफान को ‘फेंगल’ नाम
इस तूफान का नाम ‘फेंगल’ सऊदी अरब की तरफ से प्रस्तावित किया गया है। यह एक अरबी शब्द है, जो भाषाई परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का मिश्रण है। यह शब्द वर्ल्ड मीटियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (UNESCAP) के नामकरण पैनल में क्षेत्रीय विविधता को दर्शाता है।
चक्रवातों के नामों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाता है कि नामों का उच्चारण आसान हो, वे याद रखने में सरल हों, और सांस्कृतिक रूप से निष्पक्ष हों। यह ध्यान रखा जाता है कि नाम ऐसे हों जिनसे अलग-अलग क्षेत्रों और भाषाओं के बीच कोई विवाद पैदा न हो या किसी का अपमान न हो।
नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तराखंड के सभी जिलों में कल से भारी बारिश हो रही है। ऋषिकेश में गंगा वॉर्निंग लेवल के पार पहुंच गई है और घाटों पर जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड हुई है। इससे करीब 4 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं। खराब मौसम को देखते हुए आज केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई और हेली सेवाएं भी बंद हैं।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नारी गांव में महानदी किनारे के शराब दुकान में बाढ़ का पानी घुसने से शराब की बोतलें नदी में बह गईं। इसकी जानकारी मिलते ही गांव वाले नदी किनारे बने ब्रिज पर पहुंच गए और मछली पकड़ने वाले जाल से बोतलें निकालते नजर आए।
यूपी के लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत 45 शहरों में 70 घंटे से बारिश हो रही है। 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आंधी-बारिश की वजह से 2 दिनों में 62 लोगों की मौत हो चुकी है।
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर अब कमजोर पड़ गया है। राज्य में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं। इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव टापू बन गए हैं, जबकि करीब 500 घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सुपौल के 50 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्र नेलांग-जादुंग में शनिवार को भारी बर्फबारी हुई।
बिहार के सुपौल के 50 गांवों में बाढ़ के हालात हैं।
ओडिशा के बालेश्वर के सहदेवखुंटा में भारी बारिश के बाद एक अधिकारी ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है। जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं।
उत्तराखंड: राज्य में रेड अलर्ट, 4 जिलों में बर्फबारी
उत्तराखंड के सभी जिलों में कल से ही तेज बारिश हो रही है। आईएमडी ने आज प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट, जबकि बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट है।
हिमाचल: किन्नौर में बर्फबारी शुरू, 5 जिलों में बारिश का अलर्ट
हिमाचल की राजधानी समेत राज्य के अधिकांश भागों में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और कई जगह बारिश हुई। कल्पा में सबसे ज्यादा 20.5 मिलीमीटर और शिमला में 9 मिमी बारिश हुई। वहीं किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गगया। पूह के कुन्नू और छितकुल में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।
बिहार: कोसी-गंडक उफान पर, 17 जिलों में 6 गांव बने टापू
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर अब कमजोर पड़ गया है। बीते 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा के चलते राज्य में अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। 30 सितंबर तक बारिश का दौर कमजोर पड़ने की संभावना है। कई जिलों में धूप निकलने के भी आसार हैं। इधर, नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं। इससे 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव टापू बन गए हैं, जबकि करीब 500 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ में 65 घंटे से बारिश, पेड़-पोल उखड़े
यूपी में बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत 45 शहरों में 65 घंटे से बारिश हो रही है। 30-40 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। आंधी-बारिश की वजह से 2 दिन में 29 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
मध्य प्रदेश: कोटे की 95.4% बारिश, यह सामान्य बारिश से कम
सितंबर के आखिरी दिनों में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर रहा। इससे अब तक मानसून की औसत 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह कोटे की 95.4 प्रतिशत है। यह सामान्य बारिश’ की कैटेगिरी से पीछे है। 96 से 104% तक होने वाली बारिश को ही ‘सामान्य बारिश’ माना जाता है।
राजस्थान: 16 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, कोटा-जैसलमेर में ओले गिरे
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बंगाल की खाड़ी से आए चक्रवात के असर से मौसम में बदलाव हुआ है। 16 जिलों में रविवार को बारिश का यलो अलर्ट है। शनिवार को कोटा जिले के मंडाना और जैसलमेर के मोहनगढ़ सहित कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे।
अगले 2 दिन के मौसम का हाल
28 सितंबर
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र में बारिश का यलो अलर्ट है।
मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
29 सितंबर
जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट है।
कर्नाटक में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
न्यूयॉर्क, एजेंसी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा। यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।
आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।
जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सेशन को संबोधित कर रहे थे।
जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया
जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया। उन्होंने टू-नेशन सॉल्यूशन यानी दो-राष्ट्र समाधान की बात कही। इसके तहत इजराइल और फिलिस्तीन, दोनों के लिए अलग-अलग स्वतंत्र देश बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दोनों के लोग शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है। जयशंकर के इस भाषण का वीडियो फिलिस्तीन भी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया।
जयशंकर की स्पीच की बड़ी बातें, कहा- समुद्र में जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं
संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता
संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। शांति बनाए रखने में असमर्थता न केवल सुरक्षा को कमजोर कर रही है, बल्कि प्रगति के लिए खतरा पैदा कर रही है। पूरी दुनिया में इसका असर देखा जा सकता है।
जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं
इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में एक संघर्ष देख रहे हैं, जो पहले से ही कठिन स्थिति को और गंभीर बना रहा है। हम आपस में जारी इस लड़ाई को लेकर बेहद चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों और समुद्री यात्रियों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
दुनिया लगातार खतरों का सामना कर रही
भारत इस स्थिति को सुधारने के लिए हरसंभव प्रयास करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में। हमें यह समझना होगा कि शांति का मतलब केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है। यदि दुनिया लगातार खतरों और दबावों का सामना करती रहेगी, तो हम वास्तव में एक खाई के किनारे खड़े होंगे।
पिछले 3 महीने में 7 भारतीयों की मौत, 1 लापता
8 जुलाई- ब्लैक सी में MV ओमोर्फी पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर की मौत हुई।
19 जुलाई- MV गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविक मारे गए।
9 सितंबर- होर्मुज स्ट्रेट में एल गैया टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद एक भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गया।
17 सितंबर- ओमान की खाड़ी में MV केप डाओ पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई।
जयशंकर ने एक दिन पहले पाकिस्तानी पत्रकार को फटकारा था
जयशंकर ने कहा, कल आतंकवाद के समर्थक देश से जुड़े एक व्यक्ति ने इस महासभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क दिए गए, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। इसलिए आतंकवाद के आधार पर बनी किसी भी समझ की समीक्षा स्वाभाविक रूप से होगी। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।
दरअसल शुक्रवार को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इस पर जयशंकर ने कहा, एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। रिपोर्टर के सवाल का जवाब देने के बाद वे मुस्कुराए और वहां से निकल गए।
भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद बड़ा विवाद
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद का मुद्दा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठता रहा है।
भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान में मौजूद या वहां से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों और आतंकवाद की फंडिंग का मुद्दा भी उठाया है। वहीं, पाकिस्तान भारत के आरोपों को खारिज करता रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। आतंकवादी अगर भारत की तरफ आंख उठाकर देखेंगे, तो उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।
मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने वाले हैं। भारतीय सेना ने LoC पार कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। भारतीय जवानों की इस कार्रवाई को देखकर दुनिया हैरान रह गई थी।
प्रधानमंत्री ने बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने बार-बार साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद का मजबूत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
1. जनगणना को बताया राष्ट्रीय दायित्व
पीएम मोदी ने कहा कि जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपनी और परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज करने की अपील की। मोबाइल से यह प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। मोदी ने बताया कि जनगणना का पहला चरण सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग पूरा हो चुका है। 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों का डेटा भी दर्ज किया जा चुका है।
2. स्वच्छता के महत्व पर जोर
पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने जीवन के कई मंत्र दिए, जिनमें स्वच्छता भी शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वच्छता से जुड़े फोटो, वीडियो और रील्स का भी जिक्र किया और कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से पूरा समाज जुड़ रहा है।
3. नशे के खिलाफ युवाओं की मुहिम
मोदी ने बताया कि देशभर के युवा नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे हैं। ‘मेरा भारत’ के तहत एंथम, स्लोगन राइटिंग और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। युवा सोशल मीडिया के जरिए भी नशा मुक्त रहने का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
4. 100 शहरों में स्वास्थ्य जांच और ध्यान शिविर
‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत 100 शहरों में स्वास्थ्य जांच और ध्यान शिविर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। मोदी ने कहा कि इस अभियान में युवा खुद नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
5. थाईलैंड में भगवान गणेश की लोकप्रियता बताई
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान गणेश की भक्ति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। थाईलैंड में गणेश जी की पूजा ‘फ्रा फिकानेट’ के रूप में की जाती है। उन्होंने बताया कि गणेश से जुड़ी परंपराओं पर शोध करने वाले श्रद्धालुओं के प्रयासों से वहां अष्टविनायक यात्रा भी लोकप्रिय हुई है।
6. असम में पिग्मी हॉग की संख्या 190 से ज्यादा हुई
मोदी ने असम में पिग्मी हॉग के संरक्षण कार्यक्रम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कभी इस छोटे जीव के अस्तित्व पर खतरा था। संरक्षण कार्यक्रम के बाद अब इसकी संख्या 190 से ज्यादा हो गई है।
7. सोनाई रूपाई में फिर लौटे हाथी
असम के सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यहां कभी हाथी रहते थे, लेकिन जंगल की जमीन पर इंसानी दखल बढ़ने से वे दूर चले गए थे। करीब तीन साल पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बाद हाथी फिर इस इलाके में लौट आए हैं और अब उनके झुंड दिखाई दे रहे हैं।
8. सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल का जिक्र
पीएम मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उरी में सेना के कैंप पर आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने LoC पार कर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। मोदी ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई और नई नीति का उदाहरण बताया।
9. 9/11 और अशोक सिंघल को याद किया
मोदी ने कहा कि इस साल अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले को 25 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और 2014 में न्यूयॉर्क जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने की बात भी बताई। इसके अलावा उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान का जिक्र किया।
10. स्वच्छता को गांधी जी के जीवन-मंत्र से जोड़ा
पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने जीवन के कई मंत्र दिए, जिनमें स्वच्छता भी शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वच्छता से जुड़े फोटो, वीडियो और रील्स का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि देश में स्वच्छता को लेकर कई तरह के प्रयास हो रहे हैं। लोगों के छोटे-छोटे प्रयासों से पूरा समाज इससे जुड़ रहा है।