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कोरबा

3100 रुपए में धान खरीदी होने से किसानों के कठिन परिश्रम को मिल रहा सही मोल

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कोरबा /पाली। प्रदेश में खेती-किसानी को बढ़ावा देने, फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू की गई कृषक उन्नति योजना, किसानों के जीवन में खुशहाली ला रही है। इस योजना से मिलने वाली सहायता के माध्यम से किसान अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं और उनकी आर्थिक उन्नति के रास्ते खुल रहे हैं।साथ ही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी कर  किसानों के श्रम को सम्मान दिया जा रहा है। पाली विकासखण्ड के चैतमा धान खरीदी केंद्र में अपने 100 क्विन्टल धान बेचने आए ग्राम केराकछार के किसान रामायण सिंह ने बताया कि अपनी उपज को 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर बेचने से उन्हें बहुत राहत मिली है। वे अपनी मेहनत का सही मूल्य पा रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर आर्थिक स्थिति का सामना करने में मदद मिल रही है। इससे उनका उत्साह बढ़ा है। रामायण सिंह के साथ आए उनके बेटे ओम प्रकाश ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों के कल्याण के लिए किए गए प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से किसानों के जीवन में बड़े बदलाव आ रहे है। ओम प्रकाश ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होने से किसानों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है और वे अपनी मेहनत के सही मूल्य को प्राप्त कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना से अब किसानों को केवल अनाज ही नहीं, बल्कि उनके कठिन परिश्रम का सही पुरस्कार भी मिल रहा है।
रामायण सिंह ने बताया कि उनके परिवार में कुल 4 सदस्य हैं, जिसमें उनकी पत्नी श्रीमती वृंदा, उनका बेटा ओमप्रकाश और बहू शामिल हैं। वे सभी मिलकर अपने करीब 10 एकड़ कृषि भूमि पर मेहनत करते हैं और फसल उगाते हैं। रामायण सिंह का परिवार कृषि को अपनी जीवनशैली मानता है, और इसके लिए सभी सदस्य एकजुट होकर काम करते हैं। परिवार की सामूहिक मेहनत और समर्पण से उनकी फसल उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। वे सभी कृषि कार्य में मेहनत और लगन से काम करते हैं, जिससे उनकी भूमि से अधिक से अधिक लाभ मिल रहा है। इस पारिवारिक एकजुटता के कारण ही वे कृषि में सफलता प्राप्त कर पा रहे हैं और अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। किसान रामायण सिंह ने बताया कि पिछले  सीजन में उन्होंने समिति में 168 क्विंटल धान बेचा था और कृषक उन्नति योजना के तहत उन्हें आदान राशि के रूप में 1.50 लाख से अधिक राशि खाते में प्राप्त हुई थी। इस राशि से उन्हें इस खरीफ सीजन में फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता मिलती है। जिससे कृषक अपनी उत्पादन बढ़ाने हेतु उन्नत तकनीकों, उत्तम किस्म के बीजों, खाद, रासायनिक उर्वरकों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर पाते है , जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय में निश्चित ही वृद्धि होती है। इस वर्ष धान विक्रय से मिलने वाली राशि के उपयोग वे अपने घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ ही अपनी कृषि को और अधिक समृद्ध बनाने में करेंगे।
किसान रामायण सिंह और उनके बेटे ओमप्रकाश ने सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि, “हम छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने किसानों के लिए इस योजना को लागू किया। यह योजना न केवल हमारे श्रम को सम्मानित करती है, बल्कि हमारे उपज का उचित मूल्य भी सुनिश्चित करती है। जिससे हमारी मेहनत को सही पहचान मिल रही है और हम अपनी खेती से अधिक लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं। हम सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हैं और आशा करते हैं कि ऐसी योजनाएं आगे भी हमारे जीवन को बेहतर बनाएंगी।

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कोरबा

तेज रफ्तार बाइक कार से टकराई, युवक डिवाइडर पार गिरा:कोरबा में हादसा CCTV में कैद, युवक स्कूटी से भी टकराया, इलाज जारी

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कोरबा। कोरबा शहर के ट्रांसपोर्ट नगर मुख्य मार्ग पर सड़क हादसे का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। वीडियो में कार से टक्कर के बाद बाइक सवार युवक हवा में उछलकर डिवाइडर पार करते हुए सड़क की दूसरी लेन में गिरता दिखाई दे रहा है।

इसके बाद वह वहां से गुजर रहे एक अन्य दोपहिया वाहन से भी टकरा गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

कार से टक्कर के बाद डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में गिरा

घटना सीएसईबी चौकी क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, देर शाम रिमझिम बारिश के दौरान बाइक सवार युवक मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही कार से उसकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के कारण युवक उछलकर डिवाइडर पार कर सड़क की दूसरी लेन में जा गिरा।

इसी दौरान दूसरी लेन से गुजर रहे एक अन्य दोपहिया वाहन से भी उसकी टक्कर हो गई। उस वाहन पर एक दंपती सवार थे। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने घायल युवक को संभाला और पुलिस को सूचना दी।

हेलमेट नहीं पहनने से सिर में गंभीर चोट

जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार युवक ने हेलमेट नहीं पहना था। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई है। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

पुलिस ने वाहन जब्त कर शुरू की जांच

सीएसईबी चौकी पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। दोनों वाहनों को जब्त कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

घटना के बाद ट्रांसपोर्ट नगर मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मार्ग पर स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग की है। बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों से गति नियंत्रित रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

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कोरबा

कोरबा में 31 अक्टूबर को गूंजेगा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जयघोष

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कुर्मी समाज मनाएगा भारत रत्न सरदार पटेल की 151वीं जयंती, सुबह 10:30 बजे होगा गरिमामय आयोजन

कोरबा। देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण के महान शिल्पकार, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को कोरबा में कुर्मी समाज द्वारा सादगीपूर्ण एवं गरिमामय जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे तुलसी नगर चौक के पास, पंप हाउस रोड, कोरबा में आयोजित होगा। इस अवसर पर सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय इतिहास के ऐसे महान व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व से देश की एकता को नई मजबूती प्रदान की। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका ने उन्हें ‘लौह पुरुष’ के रूप में विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।

कुर्मी समाज द्वारा आयोजित इस जयंती समारोह का उद्देश्य महान राष्ट्रनायक के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में एकता, आपसी सद्भाव, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना है। सरदार पटेल का जीवन संदेश देता है कि सामूहिक एकजुटता, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

समाज की ओर से जयंती समारोह को सादगी और गरिमा के साथ संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। कुर्मी समाज के समस्त सम्माननीय पदाधिकारियों, सदस्यों एवं समाजबंधुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित करें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

कार्यक्रम की जानकारी

आयोजन: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती
दिनांक: 31 अक्टूबर 2026, शनिवार
समय: सुबह 10:30 बजे
स्थान: तुलसी नगर चौक के पास, पंप हाउस रोड, कोरबा, छत्तीसगढ़

आर. के. वर्मा
अध्यक्ष, कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति

पवन सिन्हा
मीडिया प्रभारी, कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति

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कोरबा

6 किलोमीटर के लिए 13 टुकड़ों में 5.6 करोड़ मंजूर:मुरुम-मिट़्टी के बेस वाली पुलिया बही, सड़क अधूरी

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कोरबा। कोरबा जिला मुख्यालय से करीब 96 किमी दूर स्थित अमलडीहा पंचायत के वनांचल गांव बलसेंधा और मालीकछार आज भी पक्की सड़क की बाट जोह रहे हैं।

वर्ष 2024-25 में जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) मद से 8.6 किमी सड़क निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। चूंकि मार्ग वन क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए निर्माण का जिम्मा कोरबा वन मंडल को सौंपा गया।

विभाग ने पूरी परियोजना को 13 अलग-अलग कार्यों में बांटकर 5 करोड़ 60 लाख 23 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति ली। पहली किस्त के रूप में 2.24 करोड़ रुपए जारी भी हो गए, लेकिन दो साल बाद भी जमीनी हकीकत जस की तस है।

सड़क के नाम पर जंगल की मिट्टी और मुरुम बिछा दी गई, जो पहली ही बारिश में बह गई। नाले पर बनी पाइप-पुलिया भी पानी में समा गई और काटनखर्रा नाले पर प्रस्तावित आरसीसी पुलिया का काम शुरू तक नहीं हो सका। अब ग्रामीण श्रमदान कर मिट्टी डालकर रास्ता बनाने को मजबूर हैं।

615 की आबादी, बारिश में बाइक निकालना भी दूभर; एम्बुलेंस भी नहीं पहुंचती

रायगढ़ और सरगुजा जिले की सीमा से लगे बलसेंधा (आबादी 305) और मालीकछार (आबादी 310) के ग्रामीण सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं। दोनों में केवल प्राथमिक शालाएं हैं; आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को अमलडीहा जाना पड़ता है।

अमलडीहा के उपसरपंच ननकी राम राठिया और स्थानीय निवासी संजय राठिया व भारत सिंह ने बताया कि सड़क के नाम पर गिट्टी और मुरुम बिछाकर छोड़ दिया गया था, जो बारिश में बह गई।

मालीकछार में सीसी रोड का काम भी अधूरा रह गया। आलम यह है कि बारिश में दोपहिया वाहन चलाना भी जोखिम भरा हो जाता है। गांव में किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती और मरीजों को खाट पर लादकर श्यांग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ता है।

कार्यक्षेत्र कुदमुरा का, बजट का हिसाब नहीं

परियोजना में प्रशासनिक विसंगति भी सामने आई है। अमलडीहा पंचायत कुदमुरा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आती है, पर निर्माण की जिम्मेदारी पसरखेत के रेंजर देवदत्त खांडे को सौंपी गई। जब उनसे अब तक खर्च हुई राशि और खरीदे गए सीमेंट-गिट्टी का ब्यौरा मांगा गया, तो वे कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके।

वन विभाग को यह काम लेना ही नहीं चाहिए था। किसी तकनीकी निर्माण एजेंसी को जिम्मेदारी मिलती तो बेहतर होता। अब तक करीब 700 मीटर सड़क बनी है, शेष कार्य भी पूरा कराया जाएगा।

-प्रेमलता यादव, डीएफओ, कोरबा वन मंडल

सड़क निर्माण की स्वीकृति काफी पहले दी गई थी। यदि राशि जारी होने के बाद भी सड़क नहीं बनी है, तो मैं स्वयं मौके पर जाकर वस्तुस्थिति देखूंगा। संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

-कुणाल दुदावत, कलेक्टर, कोरबा

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