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कोरबा

गुरु पूर्णिमा पर माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर भव्य हसदेव आरती का हुआ आयोजन, नदी संरक्षण का लिया गया संकल्प

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 नमामि हसदेव सेवा समिति ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनसहभागिता बढ़ाने का दिया संदेश

कोरबा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026, बुधवार को माँ सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा विशेष हसदेव आरती का भव्य आयोजन किया गया। शाम 5 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान नदी को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनसहभागिता बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी और उसके प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, प्रदूषण में कमी लाने तथा नदी तटों के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की पूर्णिमा को माँ सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में हसदेव आरती का आयोजन किया जाता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित विशेष आरती के माध्यम से भी समिति ने नदी संरक्षण के अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में हसदेव नदी के धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों से जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और उनके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। समिति का कहना है कि हसदेव नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के साथ-साथ उसकी सहायक नदियों तथा अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता जरूरी है।

इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में डॉ. किरण चौहान, प्राचार्य, ज्योति भूषण प्रताप सिंह विधि महाविद्यालय, कोरबा उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट यजमान के रूप में राजकुमार देवांगन, प्राचार्य, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सी.एस.ई.बी., कोरबा पूर्व, श्रीमती इंदु अग्रवाल, प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोरबा, नरसिंह शास्त्री, व्याख्याता, दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय, एस.ई.सी.एल., कोरबा तथा श्रीमती सविता पाठक, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साडा कन्या, कोरबा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

हसदेव आरती के माध्यम से धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए लोगों को यह संदेश दिया गया कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे समाज और प्रकृति के लिए जीवनदायिनी हैं। इनके संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर से लेकर सामूहिक स्तर तक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में नदी के आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।

ज्ञात हो कि नमामि हसदेव सेवा समिति लंबे समय से सामाजिक सहभागिता के माध्यम से हसदेव नदी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। मासिक हसदेव आरती इसी जनजागरूकता अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूर्णिमा के अवसर पर होने वाली आरती के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हुए इस विशेष आयोजन में हसदेव नदी के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने और जनसहभागिता को मजबूत करने का संदेश प्रमुख रहा। समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए सामाजिक स्तर पर निरंतर प्रयास करने का संकल्प दोहराया गया।

माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संपन्न हसदेव आरती के माध्यम से नदी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। नमामि हसदेव सेवा समिति के इस अभियान में जनसहभागिता को महत्वपूर्ण मानते हुए हसदेव नदी और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया गया।

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कोरबा

राताखार के बजरंग चौक स्थित शिव मंदिर के पास सड़क धंसी, गहरे गड्ढे से हादसे का खतरा बढ़ा

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कोरबा। नगर पालिका निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक-4 राताखार स्थित बजरंग चौक के समीप शिव मंदिर के पास सड़क पर बना गहरा गड्ढा स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण यह गड्ढा पूरी तरह पानी से भर जाता है, जिससे इसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। परिणामस्वरूप दोपहिया, चारपहिया और अन्य छोटे-बड़े वाहन चालक अनजाने में गड्ढे में उतर जाते हैं और वाहन फंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बारिश के मौसम में जलभराव के कारण सड़क और गड्ढे में अंतर दिखाई नहीं देता। विशेषकर रात के समय या तेज बारिश के दौरान यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर चुके हैं, जबकि चारपहिया वाहनों के भी गड्ढे में फंसने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। शिव मंदिर होने के कारण सुबह-शाम श्रद्धालुओं का भी यहां आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में सड़क पर बना यह गहरा गड्ढा किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत कराई जाए। जब तक स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक यहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए ताकि वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जा सके। नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसी लापरवाही किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर आमजन को राहत दिलाने की मांग की है।

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सीईओ जिला पंचायत ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

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गुणवत्तायुक्त कार्य निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के दिए निर्देश

स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर किया उत्साहवर्धन

विशेष ग्राम सभा झाबर में हुए शामिल, रंजना के अमृत सरोवर परिसर में किया पौधरोपण

कोरबा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने गुरुवार को जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत ढेलवाडीह, चाकाबुड़ा, देवगांव, बतारी, रंजना, झाबर एवं घुंचापुर का दौरा कर विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरती जाए।

निरीक्षण की शुरुआत ग्राम ढेलवाडीह से हुई, जहां सीईओ ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, सामुदायिक शौचालय, कचरा छटाई शेड एवं अटल डिजिटल सेवा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने आसपास की पंचायतों से प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रित कर यूनिट की क्षमता बढ़ाने तथा सामुदायिक शौचालय के नियमित संचालन की जिम्मेदारी स्व-सहायता समूह को सौंपने के निर्देश दिए।

ग्राम चाकाबुड़ा में नवनिर्मित पीडीएस गोदाम, निर्माणाधीन पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए गोदाम परिसर में पौधरोपण एवं भवन के सामने सुरक्षा दीवार (रेट प्रोटेक्शन) निर्माण कराने के निर्देश दिए। इसी दौरान खुशी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा कोकून से धागा निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन कर समूह की महिलाओं से चर्चा की तथा उनकी नई मशीन एवं शेड की मांग पर आर.एफ. एवं सी.आई.एफ. मद से प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जनपद पंचायत को दिए, ताकि महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़कर और अधिक आत्मनिर्भर बन सकें।

प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला चाकाबुड़ा के निरीक्षण के दौरान अध्ययन समय में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

ग्राम देवगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे आवासों का निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों को शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कर समय पर पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया। ग्राम बतारी के बरेली हाट बाजार में निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ शीघ्र निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के क्लस्टर संगठन की बैठक में शामिल होकर समूह की महिलाओं से योजनाओं एवं आजीविका गतिविधियों पर चर्चा की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण करते हुए समय पर कार्य पूर्ण करने तथा परिसर में बच्चों के लिए सुविधायुक्त क्रीड़ा स्थल विकसित करने के निर्देश दिए।

ग्राम रंजना में अमृत सरोवर परिसर में आम एवं जामुन सहित फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) का निरीक्षण कर मशीनों की उपयोगिता एवं वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया तथा ग्राम पुस्तकालय का निरीक्षण करते हुए भवन के भीतर आकर्षक चित्रकारी कराने के निर्देश एसडीओ आरईएस को दिए।

सीईओ श्री जैन ग्राम झाबर में आयोजित विशेष ग्राम सभा में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कहा कि एसईसीएल के समन्वय से समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।

सीईओ ने ग्राम मोहनपुर के आश्रित ग्राम घुंचापुर स्थित गोबर गैस संयंत्र का निरीक्षण कर उसे शीघ्र क्रियाशील बनाने के लिए पंचायत को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कटघोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यशपाल सिंह, एसडीओ आरईएस ए.के. भार्गव, कार्यक्रम अधिकारी वीबी-जी राम जी योगेश चंद्रा, प्रधानमंत्री आवास बीसी श्रीमती शालिनी कंवर, उप अभियंता इन्द्र भूषण टेकाम एवं रामकुमार पोर्ते, क्षेत्रीय समन्वयक एनआरएलएम के. कश्यप, एसबीएम के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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वेदांता एल्युमिनियम का मुनाफा 205 प्रतिशत बढ़कर रू.6,597 करोड़, एबिटडा 134% बढ़कर रू.10,499 करोड़

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मुंबई, 30 जुलाई 2026 । भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई: 544780 और एनएसई: वीएएमएल) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बोर्ड ने रू.8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।

कंपनी की आय बढ़कर अब तक के सबसे अधिक रू.21,105 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बिक्री की मात्रा और बेहतर कीमत मिलने के कारण हुई। कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड रू.10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 24 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है। लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 50 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का मुनाफा रू.6,597 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 205 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। कंपनी ने कर्ज कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.3 गुना से सुधरकर 0.9 गुना हो गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, क्रिसिल और आईसीआरए दोनों ने वेदांता एल्युमिनियम की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एए प्लस (स्टेबल) कर दी है।

कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 632 किलो टन रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 389 किलो टन हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और संयंत्रों के बेहतर उपयोग के कारण पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।

भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी के रूप में, वेदांता एल्युमिनियम दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से एकीकृत एल्युमिनियम कारोबारों में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कच्चे माल की नियमित और सुरक्षित उपलब्धता को लगातार मजबूत कर रही है।

कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमने इस तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी नई शुरुआत की है। यह हमारे मजबूत कामकाज, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और भविष्य की सोच का परिणाम है। बदलते वैश्विक माहौल में कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, कामकाज को बेहतर बनाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर हमारा ध्यान हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे हमें लगातार और लंबे समय तक विकास करने में भी मदद मिल रही है। इन प्रयासों के जरिए हम भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने सभी हितधारकों के लिए लंबे समय तक बेहतर मूल्य बनाने, लागत को कम रखने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत एल्युमिनियम कारोबार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य वित्त अधिकारी अनुप अग्रवाल ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमारी पहली तिमाही की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी ने रू.21,105 करोड़ की रिकॉर्ड आय, रू.10,499 करोड़ का एबिटडा और रू.6,597 करोड़ का पीएटी दर्ज किया। हम मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ इस नए चरण में आगे बढ़ रहे हैं। इससे हमें अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। दुनिया की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक के रूप में, हम अपनी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला और लगातार बढ़ते वैल्यू-एडेड उत्पादों के माध्यम से भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा बदलाव, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।”

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ईएसजी की प्रमुख उपलब्धियां

• समुदायों का विकास | सामाजिक पहल: वेदांता एल्युमिनियम ने जरूरत के अनुसार किए गए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई। कौशल विकास पहलों के जरिए 72,000 लोगों को सशक्त बनाया और विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग दिया।

• पर्यावरण के लिए पहल | प्रमुख उपलब्धियां:

o स्वच्छ ऊर्जा: वेदांता एल्युमिनियम द्वारा इस्तेमाल की गई नवीकरणीय ऊर्जा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गई। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को मदद मिली। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और ऊर्जा बचाने के उपायों से कंपनी के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। यह वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 11.6 प्रतिशत कम है।

o जल संरक्षण: कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का दोबारा उपयोग किया। साथ ही, पानी को फिर से इस्तेमाल करने, उसे दोबारा उपयोग में लाने और अन्य जल स्रोतों का उपयोग करके ताजे पानी की खपत कम की।

o कचरे से उपयोगी संसाधन: कंपनी ने 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया, जिसमें पहले से जमा फ्लाई ऐश भी शामिल है। साथ ही, रेड-टू-ग्रीन पहल के तहत रेड मड का दोबारा उपयोग बढ़ाया।

o जैव विविधता संरक्षण: कंपनी ने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और खदान क्षेत्रों को फिर से बेहतर बनाने पर ध्यान देते हुए जैव विविधता से जुड़ी अपनी पहलें आगे बढ़ाईं। अब तक कंपनी ने कुल 29 लाख पेड़ लगाए हैं।

• कार्यस्थल को बेहतर बनाना | कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां: वेदांता एल्युमिनियम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा को और मजबूत किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी के सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान काम के दौरान होने वाली ऐसी चोटों की संख्या में कमी आई, जिनके कारण कर्मचारियों को काम से छुट्टी लेनी पड़ी। साथ ही, ऐसी चोटों की दर में भी सुधार हुआ।

कंपनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यस्थलों पर अधिक दौरे, नियमित सुरक्षा चर्चा, महत्वपूर्ण जोखिमों के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और हर कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार किए गए उपायों के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। कंपनी ने कार्यस्थल पर सभी के लिए बेहतर अवसर बढ़ाने के लिए 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी और एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक की। इससे कार्यस्थल को अधिक समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार बनाने में मदद मिली।

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