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कोरबा

देश की एकता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर कोरबा में “यूनिटी मार्च” का भव्य आयोजन

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एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द्र के संदेश के साथ शहर में उमड़ा देशभक्ति का जज्बा

राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह एवं उद्योग मंत्री देवांगन सहित कोरबावासी हुए शामिल

कोरबा। देश के पहले उप प्रधानमंत्री और भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जन्म जयंती के अवसर पर आज कोरबा नगर में भव्य यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। यह आयोजन 15 ब्लॉक सरदार पटेल सामुदायिक भवन व परिसर से प्रारंभ होकर कोसाबाड़ी चौक स्थित निर्मला कान्वेंट स्कूल परिसर में संपन्न हुआ।
देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द्र के प्रतीक सरदार पटेल की स्मृति में निकाली गई इस रैली में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, कलेक्टर अजीत वसंत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत माता की जय, सरदार पटेल अमर रहें और वंदे मातरम् के उद्घोष से शहर का वातावरण देशभक्ति से गुंजायमान रहा।

  यूनिटी मार्च सरदार वल्लभभाई पटेल परिसर से आरंभ होकर नगर के प्रमुख चौक ट्रांसपोर्ट नगर चौक, सीएसईबी पूर्व चौक, अटल परिसर-विवेकानंद उद्यान, घंटाघर चौक, सुभाष चौक होते हुए कोसाबाड़ी चौक तक पहुँची। यूनिटी मार्च के शुभारंभ के दौरान अतिथियों ने पहले सरदार वल्लभभाई पटेल जी के प्रतिमा में माल्यार्पण किया। इसके बाद मार्च आगे बढ़ी और ढोढ़ीपारा विवेकानंद उद्यान के पास अटल परिसर में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, घण्टाघर चौक में डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सुभाश चौक निहारिका में नेताजी सुभाषचंद्र बोस और कोसाबाड़ी चौक में लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कोसाबाड़ी में कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने लौहपुरूष सरदार पटेल के देश निर्माण में उनके बहुमुल्य योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। देश के आजादी के बाद  देशी रियासतों के भारत में विलयीकरण की जटिल जिम्मेदारी को उन्होंने अपनी सूझ-बुझ एवं अडिग कार्यकुशलता से संपन्न किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने हैदराबाद, जूनागढ़, कश्मीर और भोपाल जैसी रियासतों को भारत में विलय कर राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा। उन्होंने गौरवान्वित महसूस करते हुए कहा कि आजादी के बाद लोकतंत्र में आस्था दिखाते हुए भारतीय संघ में शामिल होने वाला पहला रियासत रायगढ़ था जहां उनके पूर्वज ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर भारत में एकीकरण की सहमति दी।

राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास, नक्सलवाद के उन्मूलन और 2047 तक विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में चल रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आम नागरिकों से देश की एकता, अखण्डता को बनाए रखने एवं देश के विकास में अमूल्य योगदान देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत एवं गोपाल मोदी ने भी सरदार पटेल के योगदानों को नमन करते हुए देश को आत्मनिर्भर और स्वदेशी पथ पर अग्रसर करने का आह्वान किया। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर आयोजित यूनिटी मार्च में आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। उन्होंने सरदार पटेल के योगदान की जानकारी देते हुए कहा कि भारत की एकता को और अधिक बेहतर तरीके से स्थापित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। सरदार पटेल के प्रशासनिक कौशल और देशभक्ति ने भारत की मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था की नींव रखी। उनकी नीतियां एवं सोच आज भी देश का पथ प्रशस्त कर रहे है। कलेक्टर वसंत ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए उनकी विचारधारा को आत्मसात करने एवं देश की एकता और अखंडता के लिए एकजुट रहने का संदेश दिया।
राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम के आरंभ में नशामुक्त भारत और समापन अवसर पर आत्मनिर्भर भारत बनाने हेतु देश में बने उत्पादों का उपयोग करने एवं अपने आस-पास स्वालंबी बनने हेतु प्रोत्साहित करने का संकल्प दिलाया। इस दौरान राष्ट्रगीत वन्देमातरम का गायन भी किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद वीर जवानों के परिजनों को शॉल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि देवेन्द्र प्रताप ने सरदार पटेल परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बादाम के पौधे रोपित कर पौधे के सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही। कैबिनेट मंत्री देवांगन, विधायक कटघोरा पटेल सहित अन्य अतिथियों ने भी पौधरोपण किया।

लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तक निकली रैली में शहरवासियों का उत्साह देखने लायक था। स्कूली विद्यार्थियों ने देश के महानायकों का रूप धरकर देशभक्ति का परिचय दिया। मार्ग में जगह-जगह सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, देशभक्ति गीत और नृत्य कार्यक्रमों से वातावरण उल्लासमय बना रहा। इस दौरान विद्यार्थी महापुरूषों के वेशभूषा में नजर आएं। विद्याार्थयों ने रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिता में भी भाग लिया।

इस अवसर पर सभापति नगर पालिक निगम नूतन सिंह ठाकुर, डीएफओ श्रीमती प्रेमलता यादव, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम, पार्षदगण अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन, हितानंद अग्रवाल, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, देवेंद्र पांडेय, राजीव सिंह, लक्ष्मीकांत जोशी, सुश्री ऋतु चौरसिया, अजय विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाज के प्रतिनिधि, एनएसएस, एनसीसी, स्कउट-गाइड, स्कूली छात्र-छात्राएं, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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