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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने का असर: सीएम सचिवालय से 6 अफसर हटाए गए

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में सरकार बदलते ही इसके असर दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ आधा दर्जन अफसरों को हटा दिया गया है। इसमें मुख्यमंत्री के 4 ओएसडी और 2 निजी सचिव हैं। प्रदेश के महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस्तीफा देने के घंटे भर बाद ही राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया। बीजेपी की जीत के बाद ही नई सरकार बनाने के लिए मेल-मुलाकात का दौर चल रहा है। सीएम कौन बनेगा, इस सवाल के बीच रायपुर से लेकर दिल्ली तक बैठकें हो रही हैं। बीजेपी प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, सह प्रभारी मनसुख मांडविया और नितिन नबीन रविवार से ही रायपुर में हैं। वो सभी नेताओं और जीते हुए विधायकों से मुलाकात कर रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव भी नए विधायकों से मिल रहे हैं।

भूपेश के बाद महाधिवक्ता का इस्तीफा

भूपेश बघेल ने रविवार रात को ही राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके ठीक घंटे भर बाद ही छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने लेटर में मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के साथ ही अफसरों को भी धन्यवाद दिया है। महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने लेटर में लिखा- मैं महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दे रहा हूं। एक स्वस्थ परंपरा के रूप में इस्तीफा दे रहा हूं, ताकि नए मुख्यमंत्री के लिए अधिवक्ता के पद पर नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो सके।

संविदा प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने खाली किया बंगला

सूत्रों से पता चला है कि संविदा नियुक्ति पर प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला आज अपना इस्तीफा प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को भेज सकते हैं। इससे पहले उन्होंने देवेंद्र नगर ऑफिसर कॉलोनी में मिले अपने बंगले को खाली कर दिया है। सूत्रों की माने तो डॉ. आलोक शुक्ला दो ट्रकों के जरिए बंगले का सामान लेकर टेमरी स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट हो गए हैं।

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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा : जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का भव्य समापन 13 फरवरी को

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कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत सिंह साहेब होंगे मुख्य अतिथि

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय हाई स्कूल मैदान, जांजगीर तथा कृषि विज्ञान केन्द्र जर्वेे, जांजगीर में 11, 12 एवं 13 फरवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है l जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का समापन समारोह 13 फरवरी को सायं 5 बजे किया जाएगा। समापन कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत सिंह साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं जांजगीर- चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। इसके साथ ही विधायक जांजगीर- चांपा ब्यास कश्यप, विधायक अकलतरा राघवेन्द्र कुमार सिंह, विधायक पामगढ़ श्रीमती शेषराज हरवंश, विधायक जैजैपुर बालेश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष खनिज विकास निगम सौरभ सिंह, पूर्व संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े, नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला के अध्यक्ष श्रीमती रेखा देवा गढ़ेवाल एवं नगर पालिका परिषद चांपा के अध्यक्ष प्रदीप नामदेव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केन्द्र

 जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला के समापन अवसर पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। अपरान्ह 3:30 बजे से शाम  5 बजे तक स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की जाएंगी। शाम 5 बजे से 6 बजे तक मल्लखंभ, पंथी नृत्य एवं स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। शाम 6 बजे से रात्रि  8 बजे तक छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोक गायिका आरू साहू अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके पश्चात रात्रि 8 बजे से सारेगामा विजेता एवं बॉलीवुड गायिका इशिता विश्वकर्मा अपनी सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।

        जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 के माध्यम से कृषि नवाचार, तकनीकी जागरूकता और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे किसानों, युवाओं एवं आमजन को लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : श्रम मंत्री देवांगन ने ली श्रम विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक, दिए आवश्यक निर्देश

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योजनाओं के क्रियान्वयन, श्रमिकों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

रायपुर। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग की दो चरणों में मैराथन समीक्षा बैठक ली। प्रथम चरण की बैठक में श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों मंडलों की योजनाओं और कारखानों में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई। मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए की कारखाने की नियमित तौर पर निरीक्षण करें। श्रमिकों की हितों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें। कमी मिलने पर संबंधित उद्योग को निर्देशित करें। हर महीने किए जाने वाले निरीक्षण की भी समीक्षा करने की निर्देश दिए गए। 

        बैठक में उपस्थित अधिकारियों को श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप श्रमिक भाई बहनों को योजनाओं के ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाए, सुरक्षा के मानको का पूरा ख्याल रखने का प्रयास करें। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। बैठक में श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, उप सचिव विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस. एल. जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा, बीओसी सचिव गिरीश रामटेके सहित जिलो से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे।

कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम पर विशेष फोकस करें 

बैठक में श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। इस अधिनियम के तहत पंजीकृत श्रमिकों को ईएसआईसी और पीएफ का लाभ सुनिश्चित करने साथ ही श्रमिकों की संख्या का मिलान करने के भी निर्देश दिए गए। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया।

इसके साथ-साथ निजी कंपनिययों से सेवानिवृत हो चुके कर्मियों के उपादन भुगतान संबंधी मामले के जल्द निराकरण, विभिन्न माध्यमों से आने वाले शिकायतों का समय अवधि में निराकरण, करने के निर्देश दिए गए।

सात जिलों में शहीद वीर नारायण श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने की निर्देश 

बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत किफायती दर पर भोजन केंद्र की भी समीक्षा की गई। प्रदेश के साथ जिलों में जल्द ही श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने निर्देश दिए गए। इनमें मुंगेली, सक्ति, जगदलपुर, कांकेर, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, जशपुर और जगदलपुर में केंद्र शुरू करने कहा गया है।
   
श्रमिकों के स्वास्थ्य के नियमित जांच करने की निर्देश 

        दूसरे चरण की बैठक में मंत्री लखनलाल देवांगन ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने सभी जिलों के डिस्पेंसरी की समीक्षा की। ओपीडी की संख्या को और बढ़ाने और श्रमिकों के गुणवत्तापूर्ण इलाज के निर्देश दिए गए। डिस्पेंसरी के स्टाफ की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक के आधार पर करने के निर्देश दिए। प्रमुख डिस्पेंसरी में सुविधा और बढ़ाने कार्य योजना बनाने कहां गया है। मंत्री श्री देवांगन ने उद्योगों में नजदीकी डिस्पेंसरी का पता चस्पा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कारखाने की नियमित जांच कर उनमें आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

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17 प्रकरणों पर की गई सुनवाई

06 प्रकरणों में सुनवाई पूर्ण, आदेश जारी करने के निर्देश 

समिति कर रही है निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय

रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक हुई। बैठक नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में संपन्न हुई।

आज की बैठक में कुल 17 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 06 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। 05 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होकर अपनी जाति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 01 प्रकरण में विजिलेंस टीम को दुबारा मौके पर जाकर जाचं कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं 05 प्रकरणों में पक्षकार अनुपस्थित रहे। 

बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख, विनीत नंदंनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई श्रीमती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), श्रीमती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के जितेन्द्र गुप्ता, श्रीमती अंजनी भगत, ईश्वर साहू उपस्थित थे।

     उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नियमित अंतराल में बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसार पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।    
विदित हो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है। 

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