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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में गंगाजल में साइनाइड मिलाकर किए 3 मर्डर:पकड़ा गया तो बोला- 6 को मारा, चलो लाश दिखाता हूं; रायपुर पुलिस को किया गुमराह

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में गंगाजल में साइनाइड मिलाकर ट्रिपल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी इतना शातिर है कि पहले तो रायपुर जिले की पुलिस को भी गुमराह करता रहा। जब उसने एक मर्डर धमतरी में किया तब वह फंस गया।

धमतरी ASP और साइबर टीम ने करीब हफ्ते भर आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। इस पूछताछ में उसने 3 नहीं बल्कि 6 मर्डर करने की बात कह दी। आरोपी ने कहा कि, उसने लाशों को अलग-अलग जगह खेतों में गाड़ दिया है।इस इनपुट पर पुलिस दुर्ग के पाटन, उतई और शिवनाथ नदी के किनारे पहुंची। जेसीबी की मदद से कई गड्ढे खुदवाएं। हालांकि कोई लाश नहीं मिली लेकिन पूछताछ के मुताबिक तीन मर्डर की बात साबित हो गई।

अब जानिए सिलसिलेवार तीन हत्या के बारे में…

आरोपी सुखवंत मूल रूप से दुर्ग का रहने वाला है। वह कंप्यूटर और फोटो-कॉपी की दुकान चलाता है। सुखवंत की पहचान अभनपुर के रहने वाले नरेंद्र साहू से हुई। नरेंद्र भी खोरपा गांव में कंप्यूटर दुकान चलाता है। सुखवंत ने उसे बताया कि वह तंत्र-मंत्र करना जानता है।

सुखवंत ने तंत्र-मंत्र से पैसों की बारिश कराने का भी झांसा दिया। आरोपी ने नरेंद्र का विश्वास जीत लिया और पूजा-पाठ के बहाने उससे रुपए लेने लगा। जब नरेंद्र को कोई फायदा नहीं हुआ तो उसने सुखवंत से रुपए वापस मांगे। जिससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई। सुखवंत को लगा कि उसका राज खुल जायेगा उसने नरेन्द्र की हत्या करने का प्लान बनाया।

आरोपी सुखवंत का भी परिवार है जो दुर्ग में रहता है। उसने एक वेबसाइट के माध्यम से साइनाइड आर्डर कर मंगवा लिया था।

आरोपी सुखवंत का भी परिवार है जो दुर्ग में रहता है। उसने एक वेबसाइट के माध्यम से साइनाइड आर्डर कर मंगवा लिया था।

ऑनलाइन मंगवाया साइनाइड, क्राइम शो से आया आइडिया

आरोपी सुखवंत का भी परिवार है जो दुर्ग में रहता है। उसे घर में टीवी में आ रहे क्राइम शो से हत्या का आइडिया मिला। पता चला कि साइनाइड जहर को पिलाने से व्यक्ति के मुंह में झाग नहीं आती और शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी जहर की पुष्टि नहीं हो पाती। व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक से लगती है। उसने एक वेबसाइट के माध्यम से साइनाइड ऑर्डर कर मंगवा लिया और उसे गंगाजल के डिब्बे में मिला दिया।

रात में तंत्र-मंत्र के बहाने बुलवाया

आरोपी ने अभनपुर के नरेंद्र साहू (35 साल) को फिर तंत्र-मंत्र के बहाने 27 नवम्बर 2024 की रात एक नर्सरी के पास में बुलाया। वह अपने साथ नींबू, अगरबत्ती, लाल कपड़ा, साइनाइड मिला हुआ गंगाजल लेकर आया था। उसने गंगाजल को नरेंद्र को पिला दिया।

जहर मिला हुआ जल पीने से नरेंद्र की मौत हो गई। अगले दिन युवक की लाश पुलिस को मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जहर ट्रेस नहीं हो पाया। पुलिस इसे हार्ट अटैक मानकर चलती रही। जब वीसरा रिपोर्ट सामने आई तो पता चला कि मौत जहर की वजह से हुई है।

रायपुर पुलिस ने साइको किलर को छोड़ा

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नरेंद्र के मोबाइल नंबर की जब जांच की गई तो सुखवंत का मोबाइल नंबर मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की लेकिन वह गुमराह करता रहा। इससे अभनपुर पुलिस को उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस उसे छोड़ने की तैयारी कर ही रही थी कि इसी दौरान धमतरी में भी एक हत्या का केस सामने आया।

अब जानिए कैसे फंसा आरोपी

दरअसल, धमतरी पुलिस को 3 दिसंबर 2024 को रुद्री थाना इलाके में एक लावारिस बाइक मिली। तीन दिन बाद वहां से कुछ दूर पर एक लाश मिली थी। लाश की पहचान सिहावा निवासी वीरेंद्र देवांगन के तौर पर हुई। जो लापता था। किसी ने उसके सिर को भारी चीज से कुचल दिया था।

धमतरी ASP मणिशंकर चंद्रा ने साइबर टीम की मदद से मृतक का कॉल डिटेल निकला। इसमें भी आरोपी सुखवंत का ही मोबाइल नंबर मिला। पता चला कि सुखवंत को अभनपुर पुलिस ने भी पूछताछ के लिए पकड़ा था। अब वह उसे छोड़ रही है। धमतरी पुलिस ने फौरन आरोपी को 7 दिन की रिमांड में लिया।

पुलिस से कहा-6 लोगों का मर्डर किया, चलो लाश दिखाता हूं

धमतरी ASP चंद्रा और साइबर प्रभारी इंस्पेक्टर सन्नी दुबे ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी ने पुलिस को कहा कि वह 6 लोगों को मार चुका है। उसने लाशें खेतों में गाड़ दी है। आरोपी ने धमतरी पुलिस से दुर्ग के खेतों में लाशें छिपाने की बात कही।

इस पर कई जगह गड्डे भी खुदवाए लेकिन लाश नहीं मिली। हत्यारे ने उन्हें भी अभनपुर पुलिस की तरह गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाया। हालांकि, पुलिस ने धमतरी में वीरेंद्र देवांगन की पैसों को लेकर हत्या समेत अभनपुर और राखी थाना इलाके में तीन मर्डर की बात जरूर कबूल करवा ली।

धमतरी का ये मर्डर उसका तीसरा मर्डर था। आरोपी ने बताया कि, वीरेंद्र उसका दोस्त था और 2 हत्याओं के बारे में जान गया था। इसके बाद उसे भी साइनाइड पिलाकर मारने की तैयारी थी लेकिन तब जहर की कमी हो गई। इस पर आरोपी ने वीरेंद्र के सिर पर धारदार हथियार से वार किए थे।

रायपुर में दूसरा मर्डर, फिर धमतरी में की तीसरी हत्या

जानकारी के मुताबिक, अभनपुर और धमतरी में मर्डर के बीच उसने 27-28 नवंबर को ही राखी थाना इलाके में भी मर्डर किया था। नवा रायपुर के निवासी हंसराम साहू को भी आरोपी सुखवंत ने पैसों की बारिश का झांसा दिया था।

उससे भी पूजा पाठ के बहाने करीब डेढ़ लाख रूपए उधार लिए थे। हंसराम भी उससे नरेन्द्र की तरह पैसे वापस मांग रहा था तो उसने उसकी भी हत्या कर दी। हालांकि, राखी पुलिस ने फिलहाल इस मामले में FIR भी दर्ज नहीं की है लेकिन धमतरी पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने राखी की वारदात का भी जिक्र किया है।

परिजनों ने की है फांसी की मांग

इस मामले में अभनपुर में नरेंद्र साहू की पत्नी तारनी साहू ने फांसी की मांग की है। उन्होंने कहा कि घर में दो कुंवारी बहन, मां और दो छोटे बच्चे हैं। नरेंद्र की कमाई से ही घर चलता था। वह गांव के आसपास कंप्यूटर सीखाकर बच्चों को शिक्षित करता था और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। फिलहाल धमतरी पुलिस ने आरोपी को हत्या के मामले में जेल भेज दिया है।

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कोरबा

एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश

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कोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।

गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।

2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।

गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।

बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला

25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह

युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज

कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।

लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन

मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।

यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

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कोरबा

आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा

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कोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल

पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।

सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

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छत्तीसगढ़

गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान

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गरियाबंद। हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।
             हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है। 
              यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास। 
             उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।
              इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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