आइची- नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स में 21वां गोल्ड मेडल जीत लिया है। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से हराया।
शनिवार को भारत ने मेंस क्रिकेट, आर्चरी, गोल्फ और कुश्ती में भी 1-1 गोल्ड जीता। भारत अब 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल के साथ टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत के डबल गोल
फाइनल मैच में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने डबल गोल किए। उन्होंने 11वें और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किए।
हरमनप्रीत के अलावा, जुगरात 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर, 42वें मिनट में हार्दिक ने पेनल्टी स्ट्रोक पर और 54वें मिनट में शिलानंद ने फील्ड गोल किया।
मलेशिया की ओर से इकलौता गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में दागा। उन्होंने फील्ड गोल किया।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह।
भारत ने हॉकी में जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार चैंपियन
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड जीता है।
एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है।
गोल्ड मेडल सेलिब्रेट करते भारतीय टीम के खिलाड़ी।
रेसलिंग: अंतिम पंघाल को सिल्वर मिला, फाइनल हारीं
अंतिम पंघाल ने विमेंस 53kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता है। गोल्ड मेडल मुकाबले में उन्हें जापान की मोए कियोका ने 9-1 से हराया। अंतिम ने हांगझोउ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था।
रेसलिंग : अंतिम गोल्ड मेडल मैच में 0-2 से पिछड़ी
महिलाओं के 53 किग्रा फाइनल में जापान की मोए कियोका ने शुरुआत में ही अंतिम पंघाल का लेग टेकडाउन कर उन्हें मैट से बाहर किया और एक अंक हासिल किया। इसके बाद भी दोनों के बीच ज्यादा एक्शन नहीं हुआ।
अंतिम ने लेग अटैक की तीन बार कोशिश की, लेकिन कियोका हर बार बच निकलीं। अंतिम को पैसिविटी के लिए चेतावनी के बाद कियोका को एक और अंक मिला। पहले पीरियड के बाद कियोका 2-0 से आगे हैं।
गोल्ड मेडल मैच के दौरान अंतिम।
रेसलिंग: दीपक पुनिया ने जीता ब्रॉन्ज, लगातार दूसरी बार एशियाड में मेडल
दीपक पुनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने मंगोलिया के गंखुयाग गनबातर को 2-1 से हराया।
आखिरी तीन मिनट में दोनों पहलवानों के बीच कड़ी टक्कर हुई। रेफरी ने दीपक को एक अंक दिया, लेकिन वे बढ़त बचाने में सफल रहे।
दीपक ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में मेडल जीता है। उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज जीता था।
ब्रॉन्ज मेडल मैच के दौरान दीपक पुनिया।
रेसलिंग: अमन सहरावत ने जीता गोल्ड, नॉर्थ कोरिया के हान को हराया
भारत के अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने फाइनल में नॉर्थ कोरिया के हान को हराया।
अमन ने पहले पीरियड में हान के हमलों का बचाव किया और 6-1 की बढ़त बनाई। इसके बाद हान ने लगातार 6 अंक लेकर 7-6 की बढ़त हासिल कर ली।
अमन ने फिर 4 अंक की शानदार चाल चली और बढ़त हासिल की। कोरिया का रिव्यू खारिज होने पर अमन को एक अतिरिक्त अंक भी मिला। उन्होंने अंत तक बढ़त बनाए रखी।
यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा रेसलिंग गोल्ड है। इससे पहले सुजीत कलकल ने गोल्ड जीता था।
जीत के बाद तिरंगे के साथ अमन सहरावत।
क्रिकेट: भारत ने जीता गोल्ड, पाकिस्तान को 19 रन से हराया
भारत ने मेंस क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत के 211 रन के जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।
पाकिस्तान के हसन नवाज ने शानदार पारी खेलते हुए 96 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और शिवम दुबे के रन जीत में बेहद अहम रहे।
यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का 19वां गोल्ड मेडल है। इसके साथ ही भारत ने क्रिकेट के दोनों गोल्ड अपने नाम कर लिए हैं। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी गोल्ड जीता था।
तीरंदाजी: नीरज चौहान ने जीता ब्रॉन्ज
रिकर्व मेंस इंडिविजुअल में भारत के नीरज चौहान ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। दबाव में नीरज ने शानदार निशाने लगाए। अपने साथी खिलाड़ी धीरज बोम्मदेवरा को हराकर पदक अपने नाम किया। मुकाबले के बाद दोनों भारतीय तीरंदाजों ने एक-दूसरे को गले लगाया।
इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत का रिकर्व अभियान 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ खत्म हुआ। रिकर्व की सभी कैटेगरी में भारत ने मेडल जीता।
कंपाउंड में भारत ने 3 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज जीता। इस तरह तीरंदाजी में भारत ने कुल 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज, यानी 9 मेडल अपने नाम किए।
नीरज चौहान ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते हुए।
प्रणवी उर्स ने जीता गोल्ड, पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं
नागोया में भारत की प्रणवी उर्स ने विमेंस इंडिविजुअल गोल्फ में गोल्ड मेडल जीता। वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। उन्होंने चार राउंड में 15 अंडर 265 का स्कोर किया।
प्रणवी ने फाइनल राउंड में 70 का स्कोर किया। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उन्होंने तीन बर्डी लगाकर वापसी की और एक शॉट की बढ़त से गोल्ड जीता।
भारत ने विमेंस टीम इवेंट में सिल्वर जीता। प्रणवी के साथ अदिति अशोक और दीक्षा डागर टीम में थीं। भारत का स्कोर 14 अंडर 546 रहा, जबकि चीन ने 22 अंडर 538 के साथ गोल्ड जीता।
प्रणवी का गोल्ड एशियन गेम्स गोल्फ में भारत का 2002 के बाद पहला गोल्ड है। इससे पहले शिव कपूर ने पुरुषों का इंडिविजुअल गोल्ड जीता था।
गोल्ड मेडल के साथ प्रणवी उर्स।
भारत को एशियाड में 200वां गोल्ड
भारत ने एशियन गेम्स के इतिहास में 200वां गोल्ड जीत लिया है। उसके 263 सिल्वर और 392 ब्रॉन्ज हो गए हैं। इंडिया के अब तक 855 मेडल हो गए हैं।
कुमकुम ने 3 मेडल जीते, तीनों पहली बार दिलाए
कुमकुम ने अपने डेब्यू एशियन गेम्स में रिकर्व तीरंदाजी में 3 मेडल जीते। वे महिला टीम और महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड, जबकि मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता।
विमेंस टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड।
रिकर्व व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला।
मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला मेडल आया। धीरज के साथ सिल्वर।
तीरंदाजी: 17 साल की कुमकुम मोहोड ने रिकर्व में जीता
भारत की 17 साल की कुमकुम मोहोड एशियन गेम्स चैंपियन बन गईं। उन्होंने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। कुमकुम ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह ये जिन को हराया।
कुमकुम महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए एशियन गेम्स मेडल जीतने वाली पहली तीरंदाज हैं। उन्होंने पहली बार इस स्पर्धा में भारत को गोल्ड दिलाया है।
महिलाओं के रिकर्व इंडिविजुअल्स इवेंट के फाइनल में निशाना लगाती कुमकुम।
कटनी, चांपा, बिलासपुर, दुर्ग सहित स्थानीय पहलवानों ने लिया हिस्सा, विजेता को 10 हजार रुपए की नगद राशि
कोरबा। वार्ड क्रमांक 15 स्थित ब्लॉक एसईसीएल के हनुमान मंदिर के पास प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 2 अक्टूबर को पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से शुरू हुए दंगल में बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी एवं क्षेत्रवासी पहुंचे। प्रतियोगिता में दूर-दराज क्षेत्रों से आए पहलवानों के साथ स्थानीय पहलवानों ने भी अपनी कुश्ती कला और शारीरिक दमखम का प्रदर्शन किया।
दंगल में कटनी (मध्यप्रदेश), चांपा-जांजगीर, बिलासपुर, दुर्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। पहलवानों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। मुकाबलों के दौरान पहलवानों ने अपनी ताकत, फुर्ती और कुश्ती के दांव-पेंच दिखाकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। आयोजन समिति की ओर से दंगल में शामिल सभी पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं प्रतियोगिता में विजेता रहे पहलवान को 500 रुपए से 2000 तक नगद राशि देकर समित द्वारा सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि क्षेत्र में पारंपरिक खेलों और कुश्ती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दंगल का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन से युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ ही लोगों को पारंपरिक कुश्ती से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
नागोया, एजेंसी। भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद गोल्ड जीत लिया। टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। भारत के लिए एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। इससे पहले भारत ने 1982 में साउथ कोरिया को हराकर गोल्ड जीता था।
भारत को एशियन गेम्स के 13वें दिन 6 गोल्ड मिले। बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता, जबकि इससे ठीक पहले सुजीत कलकल ने रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड अपने नाम किया।
शुक्रवार को बॉक्सर परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा और लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता। इसके साथ पहली बार 3 भारतीय मुक्केबाज एक ही एशियन गेम्स में चैंपियन बने।
सुबह भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रिकर्व इवेंट में गोल्ड जीता था। विमेंस हॉकी के गोल्ड के साथ भारत के कुल 16 गोल्ड हो गए हैं और वह मेडल टैली में 5वें नंबर पर है।
सविता का गोल्डन सेव
फाइनल में भारत हाफ टाइम तक 1-0 से आगे था। दूसरे क्वार्टर में चीन को पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला, लेकिन गोलकीपर सविता पूनिया ने बेहतरीन बचाव करते हुए स्कोर बराबर नहीं होने दिया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई भी कर लिया।
बॉक्सिंग में एक ही दिन 3 गोल्ड
अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड जीता। वह 2018 के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने।
इससे पहले परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा फाइनल में चेन निएन-चेन को 3-2 से हराकर गोल्ड जीता। लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा फाइनल में बाओ जिया को 5-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। इस तरह पहली बार एक ही एशियन गेम्स में 3 भारतीय बॉक्सर चैंपियन बने।
लवलीना बोरगोहेन ने अपने बर्थडे के दिन गोल्ड जीता।
सुजीत ने रेसलिंग में 2-9 से पिछड़कर जीता गोल्ड
रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में सुजीत कलकल ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे और सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड का खेल बाकी था। इसके बाद उन्होंने लगातार टेकडाउन किए। आखिरी 11 सेकंड में एक और टेकडाउन से 2 अंक लेकर स्कोर 10-9 कर दिया और गोल्ड जीत लिया।
सुजीत कलकल रेसलिंग में गोल्ड जीतने के बाद सेलिब्रेट करते हुए।
आर्चरी में विमेंस रिकर्व टीम चैंपियन
कुमकुम मोहोड, अंकिता भक्त और कीर्ति की भारतीय विमेंस रिकर्व टीम ने गोल्ड जीता। इससे पहले टीम ने सेमीफाइनल में चीन को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। रिकर्व में एक सेट जीतने पर 2 सेट पॉइंट मिलते हैं और 5 सेट पॉइंट हासिल करने वाली टीम मुकाबला जीतती है।
इसी इवेंट में भारत की मेंस रिकर्व टीम को सिल्वर मिला। कुमकुम मोहोड और धीरज बोम्मदेवरा की मिक्स्ड रिकर्व टीम ने भी सिल्वर जीता। सेलिंग में नेथ्रा कुमानन ने विमेंस डिंगी में ब्रॉन्ज अपने नाम किया, जबकि मेंस सेपकटकरा टीम ने भी ब्रॉन्ज जीता।
भारत को एशियन गेम्स के एक दिन में 6 गोल्ड दूसरी बार मिले
एशियन गेम्स में भारत ने एक ही दिन में 6 गोल्ड मेडल जीते। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2023 के गेम्स में हुआ था। 44 साल बाद भारतीय विमेंस टीम ने इतिहास रचते हुए गोल्ड अपने नाम किया।
महिला हॉकी टीम ने 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया
10वें मिनट में लालरेमसियामी ने गोल किया।
भारत की महिला हॉकी टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराया। यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी का 44 साल बाद पहला मेडल है। भारत ने इससे पहले 1982 में गोल्ड मेडल जीता था।
इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया है। 2024 पेरिस ओलिंपिक के लिए भारतीय टीम क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। इससे पहले टोक्यो ओलिंपिक 2020 में टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था।
एशियाड में भारतीय मुक्केबाजों का ऑल टाइम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने गोल्ड के लिहाज से ऑल टाइम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते।
2010 एशियाड में भारतीय मुक्केबाजों ने 2 गोल्ड समेत कुल 9 मेडल जीते थे। वहीं 2022 में भारत के खाते में 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 मेडल आए थे।
बॉक्सिंग: अंकुश पंघाल ने जीता गोल्ड, 80 किग्रा में बने चैंपियन
भारत के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल में उन्होंने साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया। अंकुश के गोल्ड के साथ आज भारतीय बॉक्सिंग के तीन गोल्ड मेडल हो गए हैं। वे 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं।
कुश्ती: सुजीत कालकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में जीता गोल्ड
भारत के सुजीत कालकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल में सुजीत ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कुदिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे और सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड का खेल बाकी था। इसके बाद उन्होंने लगातार टेकडाउन किए और तेजी से तीन बार 2-2 अंक जुटाकर स्कोर 8-9 तक पहुंचा दिया। आखिरी 11 सेकंड में सुजीत ने एक और टेकडाउन किया। इससे उन्हें 2 अंक मिले और उनका स्कोर 10 हो गया। इसी के साथ उन्होंने कुदिएव के 9 अंकों को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड अपने नाम कर लिया।
बॉक्सिंग: परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड, पिछले एशियाड में डोपिंग के कारण ब्रॉन्ज छिना था
महिला 65 किग्रा के फाइनल में भारत की परवीन हुड्डा ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर गोल्ड जीता। फाइनल राउंड में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला रहा। परवीन ने काउंटर पंच के जरिए अंक जुटाए और बढ़त बनाए रखी।
परवीन ने हांगझोउ एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज डोपिंग के व्हेयरअबाउट्स नियम के उल्लंघन के कारण गंवा दिया था। अब उन्होंने वापसी करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। चेन पूर्व वर्ल्ड चैंपियन हैं और कैंसर से जंग जीतकर खेल में लौटी हैं। मुकाबले के बाद चेन ने परवीन को उठाकर जीत की बधाई दी।
तीरंदाजी: पुरुष रिकर्व टीम ने जीता सिल्वर
भारत की पुरुष रिकर्व टीम को एशियन गेम्स के फाइनल में साउथ कोरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। टीम ने सिल्वर मेडल जीता। साउथ कोरिया के तीरंदाजों ने लगातार 9 और 10 के निशाने लगाए।
यशदीप, नीरज और धीरज पर्याप्त 10 के निशाने नहीं लगा सके। भारत ने हांगझोउ एशियन गेम्स में भी इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
गोल्ड मेडल मैच के बाद दोनों टीम के खिलाड़ी आपस में हाथ मिलाते हुए।
बॉक्सिंग: लवलीना ने जन्मदिन पर जीता गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में भारत का पहला बॉक्सिंग गोल्ड दिलाया। हांगझोउ गेम्स में लवलीना फाइनल हारकर सिल्वर मेडल पर रुकी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया।
लवलीना यहां खिताब की प्रमुख दावेदारों में नहीं थीं, लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में उन्होंने अपने अनुभव का शानदार इस्तेमाल किया। उन्होंने हर मुकाबले के लिए रणनीति के साथ बॉक्सिंग की, विरोधियों के आक्रामक हमलों से बचीं और जवाबी पंच लगाकर अंक जुटाए।
भारत के लिए बॉक्सिंग में अब दो और गोल्ड मेडल मुकाबले बाकी हैं। अंकुश और परवीन दोपहर 2 बजे के बाद फाइनल खेलेंगे।
किसान की बेटी लवलीना एशियन चैंपियन बनीं
25 साल की लवलीना बोरगोहेन असम के किसान परिवार में जन्मी हैं। वे NCOE गुवाहाटी में ट्रेनिंग करती हैं। लवलीना ने 2018 और 2019 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लगातार ब्रॉन्ज जीते।
टोक्यो 2020 ओलिंपिक में भी ब्रॉन्ज जीता। उन्होंने 2022 एशियन गेम्स और 2023 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अपनी पहचान मजबूत की। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड मिल चुका है।
कांकेर, एजेंसी। जापान के आइची नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराने वाले देश के स्टार स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर की रफ्तार की जड़ें कांकेर से जुड़ी हैं। मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले में 41.06 सेकंड का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाकर ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अनिमेष ने अपनी शुरुआती रफ्तार कांकेर के नरहरदेव मैदान की लाल मिट्टी पर ही हासिल की थी।
मूलतः जशपुर जिले के रहने वाले अनिमेष का बचपन कांकेर में बीता। पिता अमृत कुजूर और माता रीना कुजूर 11 वर्षों तक कांकेर पुलिस में पदस्थ रहे। पांचवीं तक सेंट माइकल स्कूल कांकेर में पढ़े अनिमेष बाद में सैनिक स्कूल अंबिकापुर चले गए। छुट्टियों में जब भी कांकेर आते, नरहरदेव मैदान में फुटबॉल खेलते। वर्ष 2020 में 12वीं पढ़ाई पूरी होते ही जब देश भर में लॉकडाउन लगा, तो अनिमेष कांकेर लौट आए। खेल गतिविधियां बंद थीं, कोई पेशेवर कोच उपलब्ध नहीं था।
कठिन दौर में पुलिस विभाग में पदस्थ पिता अमृत कुजूर खुद कोच बने। पिता के दिशा-निर्देश में अनिमेष ने नरहरदेव मैदान में घंटों पसीना बहाया। उसी दौरान खेल युवा कल्याण विभाग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अनिमेष ने 5 स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल झटके। यहीं से प्रोफेशनल एथलेटिक्स कॅरियर की शुरुआत हुई।