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ईरान जंग से रसोई गैस की किल्लत हो सकती है:तेल कंपनियों को LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश, सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल किया
नई दिल्ली,एजेंसी। ईरान-इजराइल जंग अगर बढ़ी तो भारत में रसोई गैस की किल्लत भी बढ़ सकती है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है। इससे गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने 5 मार्च को देर रात ये आदेश जारी किया।
इस आदेश में कहा गया है कि अब रिफाइनयां अपने पास मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। इन गैसों का उपयोग किसी और काम में नहीं किया जाएगा।
होर्मुज रूट के भरोसे नहीं, हमारे पास पर्याप्त स्टॉक
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने कहा कि हमारे पास ऊर्जा के इतने सोर्स हैं कि हम सिर्फ होर्मुज रूट के भरोसे नहीं हैं। कच्चे तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और LPG के मामले में हम काफी अच्छी स्थिति में हैं। हमारे पास अभी पर्याप्त स्टॉक है, चिंता की बात नहीं है। हम दुनिया के दूसरे हिस्सों से सप्लाई बढ़ा रहे हैं ताकि होर्मुज के रास्ते होने वाली सप्लाई की कमी को पूरा किया जा सके।
हम 2022 से रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं। 2022 में हम अपनी जरूरत का सिर्फ 0.2% तेल रूस से मंगाते थे। वहीं इस साल फरवरी में हमारी कुल जरूरत का 20% हिस्सा रूस से आया है। फरवरी में भारत ने रूस से हर दिन 10.4 लाख बैरल कच्चा तेल इम्पोर्ट किया है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG इम्पोर्टर देश है। MRPL रिफाइनरी बंद होने की खबरें गलत हैं। रिफाइनरी के पास तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
सरकारी कंपनियों को मिलेगी प्राथमिकता
आदेश के मुताबिक, सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) को करनी होगी।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश के लगभग 33.2 करोड़ एक्टिव LPG कंज्यूमर्स यानी उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के गैस सिलेंडर मिलते रहें।
रिलायंस के एक्सपोर्ट और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन पर असर
सरकार के इस फैसले का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) पर पड़ सकता है। प्रोपेन और ब्यूटेन का डायवर्जन होने से अल्काइलेट्स के प्रोडक्शन में कमी आएगी, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल की ग्रेडिंग सुधारने में किया जाता है।
पिछले साल रिलायंस ने हर महीने एवरेज चार अल्काइलेट्स कार्गो एक्सपोर्ट किए थे। इसके अलावा सरकार ने रिफाइनर्स को यह भी साफ कर दिया है कि वे फिलहाल पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन के लिए इन गैसों का इस्तेमाल न करें।
कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और ट्रेड सोर्सेज का कहना है कि प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल के बजाय LPG बनाने में इस्तेमाल करने से कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा।
दरअसल, पॉलीप्रोपाइलीन और अल्काइलेट्स जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बाजार में LPG के मुकाबले बेहतर कीमत पर बिकते हैं। ऐसे में सरकार के इस आदेश से पेट्रोकेमिकल कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
कतर में गैस उत्पादन बंद, भारत में 40% सप्लाई घटी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट का प्रोडक्शन रोक चुका है।
इससे भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है।
विदेश से आने वाली LNG को गैस में बदलकर ही CNG और PNG सप्लाई की जाती है। इसकी सप्लाई रुकने से सिटी गैस कंपनियों (CGD) ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो CNG और PNG के दाम बढ़ सकते हैं।

कतर की राजधानी दोहा के औद्योगिक इलाके में 1 मार्च 2026 को ईरानी अटैक के बाद धुआं उठता दिखा।
तेल और गैस सप्लाई करने का रास्ता लगभग बंद
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर कतर और यूएई जैसे देश अपना तेल और गैस निर्यात करते हैं। ईरान और इजरायल जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है।
- जहाजों की संख्या घटी: 28 फरवरी को इस रास्ते से 91 जहाज गुजरे थे, जो अब घटकर सिर्फ 26 रह गए हैं।
- भारत की निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। पेट्रोनेट के तीन बड़े जहाज-दिशा, राही और असीम-फिलहाल कतर के रास लफान पोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
- प्लांट पर ड्रोन हमला, LNG का प्रोडक्शन रुका
कतर-एनर्जी के मुताबिक, ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ और ‘मेसाईद’ इंडस्ट्रियल सिटी स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है।
पिछले हफ्ते अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर स्ट्राइक की थी, जिसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और पोर्ट्स को निशाना बनाया है।
ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है।
CNG कंपनियों ने सरकार को लिखी चिट्ठी, संकट की चेतावनी
गैस की किल्लत को देखते हुए ‘एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज’ (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल (GAIL) को पत्र लिखकर स्पष्टता मांगी है। कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से आने वाली सस्ती गैस नहीं मिली, तो उन्हें ‘स्पॉट मार्केट’ से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी।
कीमतों में अंतर: स्पॉट मार्केट में गैस की कीमत फिलहाल 25 डॉलर प्रति यूनिट पहुंच गई है, जो कॉन्ट्रैक्ट वाली गैस से दोगुनी से भी ज्यादा है।
EV की ओर शिफ्ट होंगे लोग: कंपनियों को डर है कि अगर CNG के दाम बहुत ज्यादा बढ़े, तो लोग परमानेंटली इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की ओर शिफ्ट हो जाएंगे, जिससे गैस सेक्टर को बड़ा नुकसान होगा।
पेट्रोनेट LNG ने जारी किया ‘फोर्स मेजर’ नोटिस
भारत की सबसे बड़ी गैस आयात करने वाली कंपनी पेट्रोनेट LNG ने कतर की कंपनी कतर-एनर्जी को ‘फोर्स मेजर’ नोटिस भेजा है। फोर्स मेजर का मतलब है कि किसी बड़ी वजहजैसे युद्ध या संकट के कारण कंपनी अभी तय समझौते के मुताबिक गैस सप्लाई नहीं कर पा रही है।
कंपनी ने गेल (GAIL), इंडियन ऑयल (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी कंपनियों को भी फोर्स मेजर नोटिस जारी कर सूचित किया है कि उन्हें मिलने वाली गैस की सप्लाई कम रहेगी। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि युद्ध के कारण होने वाले बिजनेस नुकसान पर इंश्योरेंस कवर भी नहीं मिलता है।
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भागवत बोले-हम बंटे हुए हैं, इसलिए आक्रमण हो रहे हैं:भेद और स्वार्थ को तिलांजली दें, संत ने कहा-जैनों को हिंदुओं से अलग न समझें
जैसलमेर,एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा- आक्रमण भी इसलिए चल रहे हैं क्योंकि हम सोए और बंटे हुए हैं। हम वास्तव में एक ही हैं, पंथ-संप्रदाय से अलग हैं। संस्कृति, देश, समाज के नाते हम एक हैं। ज्ञान नहीं है तो वह भेद मानता है।
आज से सद्भावना की शुरुआत कर देनी चाहिए। मेरा एक-एक मित्र कुटुम्ब होगा, उनका मेरा यहां आना-जाना, सुख-दुख, खाना-पीना सभी रहेगा। क्योंकि समय बड़ा कठिन है।
मोहन भागवत ने यह बात शुक्रवार को जैसलमेर में जैन समाज के चादर महोत्सव कार्यक्रम में कही। इससे पहले भागवत ई-रिक्शा में बैठकर सोनार दुर्ग गए। जहां पर पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दर्शन-पूजन कर जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार और दादा गुरुदेव की पावन चादर के दर्शन किए।
इसके बाद वे देदांसर मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय चादर महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने सभा को संबोधित किया। भागवत ने कहा- हम सभी भेद और स्वार्थ को तिलांजली दें और देश के लिए जीने-मरने को उतारूं हो जाएं तो हमारा समाज अच्छा बनेगा। कलह और भेद खत्म हो जाएंगे तो भारत विश्वगुरु बनकर एक सुखी-सुंदर दुनिया को जन्म देगा।
जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी महाराज ने सभा में कहा- जैनों को हिंदुओं से अलग समझने का प्रयास कभी मत करना। हम हिंदुस्तान में रहने वालैं और यहां रहने वाले का पहला धर्म हिंदू हैं। जैन धर्म परमात्मा महावीर की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का उपदेश है।

जैसलमेर के देदांसर मेला ग्राउंड में कार्यक्रम के मंच पर राजस्थानी साफा व मोमेंटो देकर मोहन भागवत का स्वागत किया गया।

डॉ. मोहन भागवत ने डॉ. विद्युत प्रभा द्वारा लिखित पुस्तक ‘दादा गुरुदेव’ का विमोचन किया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में विशेष स्मारक सिक्का जारी किया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में 5 रुपए का डाक टिकट जारी किया गया।

जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, बाड़मेर की रुमादेवी भी धर्मसभा में पहुंचीं।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ई-रिक्शा से जैसलमेर किले में पहुंचे।

सोनार किले में पार्श्वनाथ जैन मंदिर में भागवत ने दर्शन किए।
भागवत की 4 बड़ी बातें
1. झगड़े इसलिए होते हैं क्योंकि हम एकत्व को नहीं पहचानते
मोहन भागवत ने कार्यक्रम के दौरान एक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा- ट्रेन में सीट को लेकर झगड़ा हुआ, लेकिन तंबाकू खाने की बात पर दोनों में बातचीत शुरू हुई। बातचीत में पता चला कि दोनों भाई थे, जो एक बचपन में गुम हो गया था। इसके बाद दोनों गले मिलकर रोने लगे। ये इसलिए है क्योंकि हम हमारे एकत्व को नहीं पहचानते। इसलिए झगड़े होते हैं। क्योंकि एक नहीं है तो अलग हैं। अलग हैं तो अलग-अलग स्वार्थ है।
यदि अपने लोग हैं तो आधी रोटी भी बांटकर खाएंगे। सभी एक-एक टुकड़ा खाएंगे और सभी की भूख मिट जाएगी। यदि अपने लोग नहीं हैं तो कोई किसी को नहीं देगा। अपना खाकर समाधान नहीं होगा और दूसरे के पास मिठाई है तो वह अपने पास कैसे आ जाए ये भी सोचेगा।
एकता का अनुभव करने के लिए जो जीवन है उसे पूर्ण व्यवस्थित करना और फल की इच्छा से मुक्त करना। ये कुछ भी मेरा नहीं, कुछ भी सत्य नहीं है। एक प्रवृति और दूसरा निवृति मार्ग है।

चादर महोत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में जैन मुनि पहुंचे।
2. मंच पर बैठक ऊंचा समझने लग जाएं तो बुद्धि मारी गई
भागवत ने कहा- सभी व्यवस्थाओं में अलग-अलग होता है। सभा में बोलने वाला सभी को दिखना चाहिए इसलिए वो ऊपर बैठता है। सुनने वाला नीचे बैठते है। जितने ज्यादा सुनने वाले, ऊतनी यहां ऊंचाई ज्यादा।
यदि मैं ऊंचाई पर बैठा हूं यदि मैं ये समझने लग जाऊं कि मैं आपसे ऊंचा हो गया और आप नीचे हो गए तो ये मेरी बुद्धि मारी गई है, इसलिए मैं ऐसा सोच रहा हूं। ये तो व्यवस्था का भेद है। काम होना चहिए। किसी को कहां बैठाया इसमें ऊंच-नीच नहीं होता। सब समान हैं, सभी का मूल एक है।
3. जन्म से सब मनुष्य हैं, जाति बाद में आती है
भागवत ने कहा- हमारे यहां सभी पंथ-संप्रदाय इसी बात से शुरू होते है कि एक से सब अनेक हुआ है। अनेक कैसे होता है ये उसके दर्शन है। ये अलग-अलग है उसके परस्पर विरोधी नहीं है।
सभी का उपदेश एक है। इसलिए संप्रदाय और जातियों में कोई भेद नहीं है। जन्म से सब मनुष्य है, जाति बाद में आती है। कई बच्चों को तो जाति पता नहीं होती, स्कूल में फॉर्म भरते वक्त पता चलती है। इसलिए सभी प्रकार के भेदों को छोड़कर हमें एक होना है।

डोम में महिलाओं और पुरुषों के लिए बैठने की अलग-अलग व्यवस्था की गई।
4. सद्भावना से निकलेगा हल
भागवत बोले- दुनियाभर में जो बातें चल रही है उसका उपाय हमारे पास है। हम लोगों को आपस में सद्भावना से व्यवहार करना है। विवाद को सुलझाना है तो समझौता, तर्क रास्ता नहीं होता है। उसका हल सद्भावना से निकलता है। सद्भावना से हमें पूरे समाज को तैयार करना है, बैठाना है। सभी कलह मिट जाए, हम सभी खड़े हो जाएं। हमें अपना जीवन बदलकर चलना है। आज से हम इसकी शुरुआत कर सकते हैं।
सभी ये सोचे कि जहां तक मैं घूमता हूं, जहां मेरा सर्किल है, परचित प्रदेश, उस सर्किल में जितने प्रकार के हम हिंदू माने जाते हैं। हम वास्तव में एक ही हैं, पंथ-संप्रदाय से अलग हैं। संस्कृति, देश, समाज के नाते हम एक हैं। ज्ञान नहीं है तो वह भेद मानते हैं। जितने होंगे उन सभी में मेरा एक-एक मित्र कुटुम्ब होगा, उनका मेरा यहां आना-जाना, सुख-दुख, खाना-पीना सभी रहेगा। आज से ये शुरू करना होगा। क्योंकि समय बड़ा कठिन है।
भागवत ने स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण किया
कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत दादा गुरुदेव की स्मृति में स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण तथा ‘दादा गुरुदेव’ पुस्तक का विमोचन किया।
इस महोत्सव में 871 साल बाद दादा गुरुदेव की पावन चादर का विधिवत अभिषेक और दर्शन हो रहे हैं, जिसे देखने देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जैसलमेर पहुंच रहे हैं।
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अजित पवार प्लेन क्रैश मामला:भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं
पुणे,एजेंसी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। शुक्रवार को उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’
सीआईडी ने एक दिन पहले वी.के सिंह से 28 जनवरी को हुए बारामती प्लेन क्रैश मामले में पूछताछ की थी। अधिकारियों ने कहा था कि सिंह से सुबह 11 बजे से शाम 7.30 बजे तक पूछताछ की गई थी। इस दौरान उनका बयान भी रिकॉर्ड किया गया था।
रोहित ने आरोप लगाते हुए लिखा- सीआईडी का ज्यादा समय सिंह से पूछताछ से ज्यादा उनकी देखभाल में बीता। रात में वीके सिंह को काले शीशे वाली पुलिस गाड़ी में मेहमान की तरह ले जाया गया। इतने बड़े हादसे के बावजूद अबतक FIR दर्ज नहीं की गई है। उल्टा मीडिया और मेरे साथ बुरा बर्ताव किया।
रोहित का आरोप- सिंह को VIP ट्रीटमेंट मिला
रोहित पवार ने कहा कि वीएसआर कंपनी के मालिक वी.के सिंह सीआईडी के सामने पेश हुए। उस व्यक्ति को सिक्योरिटी गार्ड ने घेर रखा था। सिंह को सीआईडी कार्यालय में नाश्ता कराया गया, लंच कराया गया। यहां तक कि क्रिकेट मैच भी दिखाया गया। यह दुखद है कि किसी को इस तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
रोहित ने लिखा कि सच को छिपाने के लिए चाहे कितने भी पर्दे डाल दिए जाएं, सच्चाई का सूरज एक दिन जरूर उगेगा। दरअसल, 28 जनवरी की सुबह महाराष्ट्र के बारामती में VSR कंपनी का लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की डेथ हुई थी।
रोहित ने शिंदे-सुनेत्रा पवार से मुलाकात की
NCP-SCP के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में राज्य के दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी) से मुलाकात की। रोहित ने इस मामले में जांच की मांग की है। रोहित राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात कर चुके हैं।
रोहित का कहना है कि अगर VSR कंपनी एक विमान दुर्घटना में लापरवाही बरत रही है, तो वह दूसरे विमान दुर्घटना में भी लापरवाही बरत सकती है। क्या कोई यही कहना चाह रहा है कि उन्हें पता था कि अजीत पवार के विमान में लापरवाही बरती जा रही है। क्या इसके पीछे कोई साजिश थी। उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी।
रोहित पवार ने कहा कि जय पवार और मैं भी मांग करते हैं कि वीएसआर कंपनी के सभी विमानों को रोक दिया जाए। ताकि अजीत पवार के मामले में जो हुआ, वह अन्य नेताओं के साथ न हो। हम वीएसआर के खिलाफ लड़ रहे हैं।
सीबीआई प्रस्ताव क्यों नहीं स्वीकार रही
रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार की दुर्घटना के पीछे साजिश होने की बात कहने के बावजूद उचित जांच नहीं की गई। कहा जाता है कि सीबीआई को प्रस्ताव भेजा गया था। सुशांत सिंह के मामले में बिहार सरकार ने प्रस्ताव भेजा और सीबीआई ने दो दिन के भीतर उसे स्वीकार कर लिया, लेकिन महाराष्ट्र के नेता की मृत्यु हो गई। इस मामले में प्रस्ताव भेजे हुए 22 दिन हो चुके हैं, लेकिन इसे अभी तक क्यों नहीं स्वीकारा गया है? लोग सवाल उठा रहे हैं।
एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए
रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार को न्याय दिलाने के लिए उनके खिलाफ एक साधारण एफआईआर भी दर्ज नहीं की जा रही है। 2019 में घाटकोपर में हुए विमान हादसे में किरिट सोमैया के जाने के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।
उस एफआईआर और इस एफआईआर में कोई फर्क नहीं है, लेकिन अगर अजीतदादा के जाने के बाद पुलिस प्रशासन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं करता है तो हम क्या कहेंगे?
अगर सत्ता में बैठे लोगों के पास कुछ अधिकार हैं तो उन्हें कम से कम एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति तो देनी चाहिए। अगर हम दिल्ली जाकर इस मामले में बड़े नेताओं से बात करें तो इससे निश्चित रूप से फायदा होगा।

बारामती प्लेन हादसे की एक तस्वीर, जिसमें प्लेन के मलबे के पास शव दिख रहा था।
1 मार्च: दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45 XR एयरक्राफ्ट ने कम विजिबिलिटी के बावजूद रनवे पर लैंडिंग की।
रिपोर्ट के मुताबिक एयरक्राफ्ट पहले दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों से टकराया और फिर जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसमें आग लग गई। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार और 4 और लोगों की मौत हो गई थी।
AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया।
पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी
AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई।
अगले दिन यानि 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था।पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में, कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी।
हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया।
बारामती टावर ने हवाओं के शांत होने की भी जानकारी दी। रनवे 11 के बाईं ओर क्रैश लैंड करने से पहले क्रू मेंबर को “ओह शिट… ओह शिट…” कहते हुए सुना गया था।
रिपोर्ट में 2 और दावे…
- बारामती एयरपोर्ट पर अकेले रनवे की री-कारपेटिंग मार्च 2016 में की गई थी और रनवे की मार्किंग फीकी पड़ रही थी, साथ ही रनवे की सतह पर ढीली बजरी भी थी।
- 61 साल के पायलट इन कमांड (PIC) को 28 जनवरी की फ्लाइट से पहले 34 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था, जबकि 25 साल के पायलट को 9 दिन और 15 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था।
लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट है, मुख्यालय दिल्ली में
VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है।
देश
असम में वायुसेना का सुखोई फाइटर जेट क्रैश:दोनों पायलट की मौत, इनमें एक ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा थे, जोरहाट से 60 किमी दूर हादसा
नई दिल्ली,एजेंसी। असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में ट्रेनिंग के दौरान रडार से गायब हुआ भारतीय वायु सेना का सुखोई Su‑30MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया है। हादसे में दोनों पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की भी मौत हो गई है। पूर्वेश ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा थे।
वायु सेना ने गुरुवार देर रात 1 बजकर 9 मिनट पर क्रैश की पुष्टि की थी। शुक्रवार सुबह 9.14 पर एक और X पोस्ट में दोनों पायलट की मौत की जानकारी दी। विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी और शाम करीब 7:42 बजे रडार संपर्क टूट गया था।
जब ये हादसा हुआ तब फाइटर जेट नियमित उड़ान पर था। वायु सेना के मुताबिक रडार से संपर्क समाप्त होने के बाद वायु सेना ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए घटना की जांच के लिए IAF टीम को असम रवाना किया। फिलहाल विमान की सटीक स्थिति और संपर्क टूटने की वजह का पता लगाया जा रहा है।

स्क्वाड्रन लीडर अनुज। फाइल फोटो।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर। फाइल फोटो।

10 दिन पहले घर आए थे फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश
नागपुर के न्यू सुबेदार लेआउट में रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर के पिता रविंद्र दुरागकर ने बताया कि उनका बेटा देश सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित अधिकारी था। यूनिट के ग्रुप कैप्टन ने फोन कर उन्हें हादसे की जानकारी दी।
रविंद्र ने बताया कि तेजपुर में रनवे से जुड़े काम के कारण पूर्वेश की पोस्टिंग फिलहाल जोरहाट में थी। वे अक्सर अपने काम के बारे में परिवार से बात करते थे और हमेशा अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करते थे।
पूर्वेश के पड़ोसी ने बताया कि अपने माता-पिता और अमेरिका में रहने वाली बहन को पीछे छोड़ गए हैं। पूर्वेश और उनकी बहन करीब 10 दिन पहले परिवार के एक कार्यक्रम के लिए घर आए थे।
मल्टीरोल फाइटर जेट है सुखोई
सुखोई Su‑30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसका इस्तेमाल वायु रक्षा, लंबी दूरी की स्ट्राइक और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है।
भारत में SU-30MKI 12 सालों में 8 बार क्रैश 1. 4 जून 2024- नासिक, महाराष्ट्र
भारतीय वायुसेना का SU-30MKI जेट ट्रेनिंग उड़ान पर था। उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर विमान नासिक के पास खेत में गिर गया। दोनों पायलटों ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए।

2. 28 जनवरी 2023- मध्य प्रदेश-
ग्वालियर से ट्रेनिंग मिशन पर उड़े दो लड़ाकू विमान SU-30MKI और Mirage-2000 हवा में टकरा गए। SU-30 के दोनों पायलट सुरक्षित निकल आए, लेकिन मिराज-2000 के पायलट की मौत हो गई।

3. 8 अगस्त 2019- तेजपुर, असम
तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी समस्या आ गई। पायलटों ने विमान से इजेक्ट कर लिया। दोनों सुरक्षित बच गए।

4. 27 जून 2018- नासिक, महाराष्ट्र
हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के टेस्ट पायलट SU-30MKI की टेस्ट उड़ान कर रहे थे। इसी दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट समय पर बाहर निकल गए और सुरक्षित रहे।

5. 23 मई 2017- अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्र
तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद SU-30MKI से संपर्क टूट गया। बाद में अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में विमान का मलबा मिला। इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई।

6. 15 मार्च 2017- बाड़मेर, राजस्थान
ट्रेनिंग मिशन के दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे में जमीन पर मौजूद तीन लोग घायल हो गए।

7. 14 अक्टूबर 2014- पुणे, महाराष्ट्र
पुणे के पास ट्रेनिंग उड़ान के दौरान SU-30MKI दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दोनों पायलटों ने समय रहते विमान छोड़ दिया और सुरक्षित रहे।

8. 19 मई 2015- तेजपुर, असम
विमान ने तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए।
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