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इमरान खान जिंदा हैं या नहीं, बेटे ने सबूत मांगा:पाकिस्तान में 4 दिन से प्रदर्शन, पुलिस ने खैबर CM को पीटा

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इस्लामाबाद,एजेंसी। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को जेल में बंद अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा है। उन्होंने कहा कि किसी को भी नहीं पता है कि इमरान जिंदा हैं या नहीं।

कासिम ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पिछले 6 हफ्तों से उन्हें अकेले एक ‘डेथ सेल’ में रखा गया है। न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज दिया गया।

कासिम ने कहा कि उनकी बुआओं को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है। सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है।

वहीं, इमरान खान का समर्थन करने रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने गुरुवार को सड़क पर गिराकर पीटा।

कासिम ने अपने पिता की रिहाई को लेकर यह पोस्टर गुरुवार को X पर शेयर किया, जिसमें कहा गया है कि इमरान खान को 845 दिन से अवैध हिरासत में रखा गया है।

कासिम ने अपने पिता की रिहाई को लेकर यह पोस्टर गुरुवार को X पर शेयर किया, जिसमें कहा गया है कि इमरान खान को 845 दिन से अवैध हिरासत में रखा गया है।

दावा- सेना के आदेश पर किया गया हमला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM सोहेल अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई। अफरीदी गुरुवार को जिस समय जेल पहुंचे थे वहां भारी सुरक्षा तैनात थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। उनके पहुंचने से हालात और बिगड़ गए।

पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे भी मारे और जमीन पर गिरा दिया। PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।

अफरीदी ने बड़े विरोध-प्रदर्शन की धमकी दी

सुहैल अफरीदी का कहना है कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठे सभी सवालों के सही जवाब देने होंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

अफरीदी ने आरोप लगाया कि सरकार इमरान खान की हालत की सही जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सरकार पर होगी।

उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। अफरीदी का कहना है कि इमरान खान तक पहुंच रोकना और उनकी सेहत की जानकारी छिपाना जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ है।

इमरान की बहन बोलीं- परिवार में डर फैल गया

इमरान खान की बहन नोरेन नियाजी ने मीडिया को बताया कि पार्टी के नेताओं की जेल में मुलाकात पहले से तय थी, लेकिन उन्हें भी अंदर जाने नहीं दिया गया। परिवार को बिल्कुल भी जानकारी नहीं है कि इमरान खान कैसे हैं, क्योंकि जेल प्रशासन पूरी तरह चुप है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत में यह खबर फैल गई कि इमरान खान को मार दिया गया है, जिससे परिवार और ज्यादा डर गया। नोरेन का आरोप है कि पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि परिवार को रोकें और उनके साथ जैसा चाहें वैसा बर्ताव करें।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पहले कभी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ ऐसा बुरा बर्ताव नहीं हुआ। उनके मुताबिक लोगों को बिना वजह मारा-पीटा जा रहा है। किसी को इसका डर नहीं कि इसका क्या अंजाम होगा। पूरी दुनिया पाकिस्तान के हालात को देख रही है।

इमरान खान जेल में, बाहर मौत की अफवाह

इमरान खान की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह तेज हो गई है। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। पिछले 3 हफ्तों से इमरान की बहनें उनसे मिलने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जेल प्रशासन इसकी अनुमति नहीं दे रहा है। इसके चलते से इमरान की खराब सेहत के कयास लगाए जा रहे हैं।

इमरान की बहनों ने सरकार से सच बताने की मांग की है। तनाव बढ़ने के बाद जेल प्रशासन ने कहा है कि इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक है।

इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने भी इमरान की सेहत के बारे में हाल की अफवाहों के बारे में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही प्रशासन से पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के बीच मुलाकात की व्यवस्था करने की मांग की है।

PTI बोली- इमरान को कुछ हुआ तो बर्दाश्त नहीं करेंगे

PTI ने आरोप लगाया है कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान की मौत तक की खबरें फैलाई जा रही हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर है।

अगर कोई अनहोनी हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। PTI ने अफवाह फैलाने वालों की जांच कराने की भी मांग की।

इमरान खान को लेकर अफवाह शुरू कैसे हुई

अडियाला जेल में हर मंगलवार को कैदियों से मुलाकात की इजाजत मिलती है। इमरान खान के परिवार और पीटीआई नेताओं का कहना है कि उन्हें कई हफ्तों से खान से मुलाकात करने नहीं दी गई।

बीते मंगलवार को भई बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ता इमरान खान को देखने पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया। इससे लोगों की चिंता और भी बढ़ गई।

इसके बाद मंगलवार रात सोशल मीडिया पर ‘इमरान खान कहां हैं’, ट्रेंड करने लगा। इसके बाद बुधवार को अदियाला जेल के बाहर भारी संख्या में पीटीआई समर्थक जुटे।

रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर मंगलवार रात को धरना प्रदर्शन करते PTI कार्यकर्ता।

रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर मंगलवार रात को धरना प्रदर्शन करते PTI कार्यकर्ता।

रक्षा मंत्री बोले- इमरान जेल में मखमली बिस्तर पर सोते हैं

इस बीच, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को इमरान की जेल सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इमरान के पास जेल में टीवी है, बाहर से खाना आता है और जिम इक्विपमेंट भी मौजूद है।

आसिफ ने कहा कि जब वो जेल में बंद थे तो उनके पास सिर्फ दो कंबल होते थे। उन्होंने बताया कि हम ठंडे फर्श पर सोते थे और जेल में बना खाना ही खाते थे। हमें गर्म पानी भी नहीं मिलता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान के पास डबल बेड और मखमली बिस्तर है। दावा किया कि जेल अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल करते हैं।

आसिफ ने कहा कि इमरान पर उनके समर्थकों को झूठ बोलने से पहले खुदा से डरना चाहिए।

हाईकोर्ट इमरान से मुलाकात की मंजूरी दे चुका

मार्च 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात की मंजूरी दी थी, लेकिन जेल प्रशासन आदेश का पालन नहीं कर रहा।

अक्टूबर 2025 में अदालत ने दोबारा मुलाकातें बहाल करने का निर्देश दिया, फिर भी उनकी बहनों को अब तक एक भी बार मुलाकात नहीं कराई गई है।

ये तस्वीर मई 2023 की है जब गिरफ्तारी के बाद इमरान खान को कोर्ट लाया गया था।

ये तस्वीर मई 2023 की है जब गिरफ्तारी के बाद इमरान खान को कोर्ट लाया गया था।

इमरान खान 2 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं

इमरान खान पर 100 से ज्यादा केस चल रहे हैं और वे अगस्त 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं।

इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन को सस्ते में बेच दिया था। इस मामले में इमरान को 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पूरे मुल्क में फौज के कई अहम ठिकानों पर हमले हुए थे।​​​

पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट केस में दिसंबर 2023 में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य 6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया था। हालांकि जब इमरान के खिलाफ ये केस दर्ज हुआ, उससे पहले से ही वे तोशाखाना केस में अडियाला जेल में बंद थे। ​​​​

50 अरब का स्कैम है अल-कादिर ट्रस्ट केस

जियो न्यूज के मुताबिक, पूरे मामले को देखते हुए इमरान खान और उनकी पत्नी पर 1 हजार 955 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप दर्ज किया गया।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस केस में 4 अहम किरदार हैं। इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी, अरबपति लैंड माफिया मलिक रियाज और बुशरा की दोस्त फराह गोगी।

पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि खान जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। ब्रिटेन में रियाज की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी जब्त करा दी। उसका एक गुर्गा भी लंदन में गिरफ्तार करा दिया, जिससे 40 अरब पाकिस्तानी रुपए बरामद हुए।

आरोप है कि इस केस के बाद दो डील हुईं। इसके तहत ब्रिटेन सरकार ने रियाज के गुर्गे से बरामद पैसा पाकिस्तान सरकार को लौटा दिया।

आरोप है कि इमरान ने कैबिनेट को इस पैसे की जानकारी नहीं दी। बल्कि अल कादिर नाम से एक ट्रस्ट बनाकर मजहबी तालीम देने के लिए एक यूनिवर्सिटी शुरू की। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 3 मेंबर थे। इमरान खान, बुशरा बीबी और फराह गोगी।

इस केस की FIR में कहा गया है कि इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी। बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए।

पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने इमरान की गिरफ्तारी के बाद कहा- ये पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम है। सरकारी खजाने को कम से कम 50 अरब रुपए की चपत लगी। इसके बावजूद 13 महीने में एक बार भी इमरान या बुशरा पूछताछ के लिए नहीं आए। 3 साल में इस यूनिवर्सिटी में महज 32 स्टूडेंट्स ने ही एडमिशन लिया।

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नेपाल में फिर से बाढ़-लैंडस्लाइड, 6 की मौत:घर-पुल बहे, हाईवे बंद, एक महीने पहले आई बाढ़ में 1453 मौतें, 5500 से ज्यादा लापता

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काठमांडू, एजेंसी। नेपाल में लगातार बारिश के बीच बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए हैं। अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। बागलुंग जिले में भूस्खलन से एक घर मलबे में दब गया। हादसे में एक महिला और उसके तीन बेटों की मौत हो गई। पाल्पा जिले में 2 लोग मारे गए हैं।

वहीं, बाढ़ और भूस्खलन से कई घर और पुल बह गए हैं। कई जगह हाईवे बंद होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। बुटवल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

इससे पहले 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में 1453 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।

भारी बारिश के बाद नारायणी नदी में बाढ़ आ गई है।

भारी बारिश के बाद नारायणी नदी में बाढ़ आ गई है।

चितवन जिले में नारायणी नदी का पानी घाट पर बनी बुद्ध की मूर्ति को छू रहा है।

चितवन जिले में नारायणी नदी का पानी घाट पर बनी बुद्ध की मूर्ति को छू रहा है।

नारायणी नदी में पानी बढ़ने से कई घर बह गए हैं।

नारायणी नदी में पानी बढ़ने से कई घर बह गए हैं।

खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही नारायणी नदी

लगातार बारिश के कारण नेपाल की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। देवघाट में नारायणी नदी रविवार सुबह 7:45 बजे 11 मीटर पर बह रही थी। यह खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर है। अधिकारियों ने नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई थी।

बुटवल में बाढ़ के खतरे को देखते हुए करीब 200 परिवारों को उनके घरों से हटाया गया। कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बंद, फसलों को नुकसान

बाढ़ का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन रोकना पड़ा है। इनमें 140 मेगावाट का कालीगंडकी, 25 मेगावाट का अपर मादी, 44 मेगावाट का सुपर मादी, 20 मेगावाट का नामार्जुन मादी और 40 मेगावाट का सेती रिवर प्रोजेक्ट शामिल हैं।

220 किलोवोल्ट की कालीगंडकी कॉरिडोर ट्रांसमिशन लाइन के दो टावर गिर गए हैं। कई जगहों पर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है।

मनांग जिले में हिमस्खलन से 10 लापता

नेपाल के मनांग जिले के नार-फू क्षेत्र में 7,126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन हुआ है। इसके बाद पर्वतारोहियों और सपोर्ट स्टाफ समेत 10 लोगों का पता नहीं चल रहा है।

एक्सपीडिशन ऑपरेटर्स एसोसिएशन नेपाल के महासचिव ऋषि भंडारी ने रविवार को घटना की पुष्टि की। भंडारी के मुताबिक, लापता लोगों में 2 इमेजिन नेपाल प्राइवेट लिमिटेड से और 8 हिमालयन हॉलीडेज नेपाल से जुड़े हैं।

नेपाल के पर्यटन विभाग के महानिदेशक रामकृष्ण लामिछाने ने बताया कि विभाग स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। अधिकारी घटना से जुड़ी ज्यादा जानकारी जुटा रहे हैं और लापता लोगों का पता लगाने तथा उन्हें बचाने के प्रयासों की जानकारी ले रहे हैं।

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विदेश

ट्रम्प ने ईरान का जंग खत्म करने का प्रस्ताव ठुकराया:बोले- वे मुश्किल में, तभी होर्मुज खोलना चाहते, ईरान बोला- बातचीत से ही निकलेगा हल

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान का युद्ध खत्म करने और होर्मुज खोलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि ईरान मुश्किल में है, इसलिए वह तुरंत होर्मुज खोलना चाहता है।

ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, क्योंकि वह बुरी तरह हार रहा है और उसके पास पैसा नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि ईरान की कमाई होर्मुज से होने वाले कारोबार पर निर्भर है।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने इस समुद्री रास्ते पर सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकेबंदी की है, जो लोहे की दीवार जैसी है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि युद्ध का हल सिर्फ बातचीत से निकल सकता है।

ईरान ने 7 दिन में होर्मुज खोलने का प्लान दिया था

ईरान ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची के जरिए कतर के जरिए अमेरिका को 7 दिन का रोडमैप भेजा था। इसमें लड़ाई रोकने और शर्तें पूरी होने पर होर्मुज खोलने की बात कही गई थी।

इस प्रस्ताव के तहत पहले लड़ाई रोकने और ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने की मांग की गई थी। इसके बाद सातवें दिन होर्मुज को दोबारा खोलने और फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत दूसरे मुद्दों पर बातचीत शुरू करने की योजना थी।

ईरान ने अमेरिका से अपने बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और विदेशों में फ्रीज की गई करीब 12 अरब डॉलर की संपत्ति जारी करने की मांग भी की थी। प्रस्ताव में लेबनान और यमन समेत पूरे क्षेत्र में संघर्ष-विराम की बात शामिल थी।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि अब यह अमेरिका पर निर्भर है कि वह संघर्ष खत्म करना चाहता है या नहीं। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पजशकियान ने कहा था कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

पजशकियान UN महासभा में 23 सितंबर को भाषण देने पहुंचे थे। वहां उन्होंने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की भी तस्वीर दिखाई।

पजशकियान UN महासभा में 23 सितंबर को भाषण देने पहुंचे थे। वहां उन्होंने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की भी तस्वीर दिखाई।

रिपोर्ट- ट्रम्प चुनाव के बाद फिर शुरू कर सकते हैं बमबारी

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू कर सकते हैं। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू करने की संभावना पर चर्चा की है।

अल जजीरा के पत्रकार माइक हाना ने भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत को लेकर ट्रम्प प्रशासन के बयानों में लगातार बदलाव दिख रहा है। कभी ट्रम्प बातचीत अच्छी चलने की बात करते हैं, तो कभी ईरान को तबाह करने की धमकी देते हैं।

हाना के मुताबिक, ट्रम्प फिलहाल इस गतिरोध को जारी रखने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। वहीं, अमेरिका में भी चिंता है कि ईरान के साथ संघर्ष एक और लंबे समय तक चलने वाली जंग में बदल सकता है।

अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था

अमेरिकी सेना ने 8 सितंबर को ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था। इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 18 मिसाइलों को मार गिराया, जबकि 2 आबादी से दूर इलाकों में गिरीं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा था कि ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसी के जवाब में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया।

इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 10 जहाजों पर हमले की बात की थी। इनमें 2 अमेरिकी जहाज और 8 तेल टैंकर शामिल थे। इसी दौरान ईरान ने एक अमेरिकी सबमरीन ड्रोन भी पकड़ा था।

28 फरवरी से चल रही है अमेरिका-ईरान की लड़ाई

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों में हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।

अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करना है। वहीं ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे परमाणु तकनीक के इस्तेमाल का अधिकार है।

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जयशंकर बोले- आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति:सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा, यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।

सीमा पार कोई सरकार इसमें शामिल तो उसे जिम्मेदार ठहराना होगा। यह पूरी दुनिया के लिए चुनौती है।

आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।

जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सेशन को संबोधित कर रहे थे।

जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया

जयशंकर ने फिलिस्तीन के लिए अलग देश बनाने का समर्थन किया। उन्होंने टू-नेशन सॉल्यूशन यानी दो-राष्ट्र समाधान की बात कही। इसके तहत इजराइल और फिलिस्तीन, दोनों के लिए अलग-अलग स्वतंत्र देश बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दोनों के लोग शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है। जयशंकर के इस भाषण का वीडियो फिलिस्तीन भी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया।

जयशंकर की स्पीच की बड़ी बातें, कहा- समुद्र में जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं

संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता

संघर्ष और टकराव हमारी सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। शांति बनाए रखने में असमर्थता न केवल सुरक्षा को कमजोर कर रही है, बल्कि प्रगति के लिए खतरा पैदा कर रही है। पूरी दुनिया में इसका असर देखा जा सकता है।

जहाजों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं

इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में एक संघर्ष देख रहे हैं, जो पहले से ही कठिन स्थिति को और गंभीर बना रहा है। हम आपस में जारी इस लड़ाई को लेकर बेहद चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों और समुद्री यात्रियों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

दुनिया लगातार खतरों का सामना कर रही

भारत इस स्थिति को सुधारने के लिए हरसंभव प्रयास करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में। हमें यह समझना होगा कि शांति का मतलब केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है। यदि दुनिया लगातार खतरों और दबावों का सामना करती रहेगी, तो हम वास्तव में एक खाई के किनारे खड़े होंगे।

पिछले 3 महीने में 7 भारतीयों की मौत, 1 लापता

8 जुलाई- ब्लैक सी में MV ओमोर्फी पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर की मौत हुई।

19 जुलाई- MV गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविक मारे गए।

9 सितंबर- होर्मुज स्ट्रेट में एल गैया टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद एक भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गया।

17 सितंबर- ओमान की खाड़ी में MV केप डाओ पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई।

जयशंकर ने एक दिन पहले पाकिस्तानी पत्रकार को फटकारा था

जयशंकर ने कहा, कल आतंकवाद के समर्थक देश से जुड़े एक व्यक्ति ने इस महासभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क दिए गए, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना साथ नहीं चल सकते। इसलिए आतंकवाद के आधार पर बनी किसी भी समझ की समीक्षा स्वाभाविक रूप से होगी। आतंकवाद फैलाने वाले को अपना रवैया बदलना होगा।

दरअसल शुक्रवार को एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

इस पर जयशंकर ने कहा, एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। रिपोर्टर के सवाल का जवाब देने के बाद वे मुस्कुराए और वहां से निकल गए।

भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद बड़ा विवाद

भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद का मुद्दा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठता रहा है।

भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान में मौजूद या वहां से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों और आतंकवाद की फंडिंग का मुद्दा भी उठाया है। वहीं, पाकिस्तान भारत के आरोपों को खारिज करता रहा है।

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