कोरबा । महाकुंभ जाते वक्त प्रयागराज में सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के 10 लोगों की मौत हो गई थी। प्रयागराज से एकसाथ जब उनकी लाशें कोरबा पहुंचीं, तो माहौल गमगीन हो गया। महिलाएं और युवतियां बिलख-बिलखकर रोने लगीं। बच्चों के भी आंसू छलक आए।
इस हादसे से कई महिलाओं की मांग का सिंदूर उजड़ गया तो कुछ की गोद सूनी हो गईं। वहीं, दो मासूम बच्चियों के सिर से पिता का साया छिन गया तो पति की मौत के बाद अब परिवार चलाने की चिंता सताने लगी है। परिजन शव लेने प्रयागराज गए तो पुलिस वाहन में भी 15 KM सफर करने में 6 घंटे लगे।
अब जानिए कैसे हुआ हादसा
14 फरवरी को दोपहर कोरबा के दर्री से लगे कलमीडुग्गु से अलग-अलग परिवार के 10 लोग प्रयागराज कुंभ मेला गंगा स्नान करने के लिए निकले थे। सभी बोलेरो में सवार थे। प्रयागराज में देर रात करीब 2 बजे उनकी बोलेरो को तीर्थ यात्री बस ने टक्कर मार दी, जिससे बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी लोग बोलेरो में फंसे रहे। प्रयागराज पुलिस ने घटना के बाद कटर से काटकर उन्हें बाहर निकाला, तब तक बोलेरो सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई थी। इस हादसे की सूचना पुलिस ने यहां परिजन को दी, जिसके बाद परिवार वाले शव लेने के लिए प्रयागराज रवाना हुए।
भीड़ इतनी की 30 KM तक लगा था जाम
मृतक संतोष सोनी के भतीजे राकेश सोनी ने बताया कि जब गाड़ी के एक्सीडेंट होने की जानकारी मिली, तब उन्होंने अपने चाचा को कॉल किया, पुलिसवालों ने फोन उठाया और हादसे की जानकारी दी। खबर सुनकर राकेश सहित अन्य लोग प्रयागराज रवाना हुए।
वहां जाने पर पता चला कि प्रयागराज से पहले 30 किलोमीटर तक जाम लगा था। इससे पहले ही कुछ मृतक के परिजन वहां पहुंच गए थे। उन्हें बताया गया कि प्रयागराज आने पर जाम में फंस जाएंगे। उन्हें पास के थाने में रहने के लिए कहा गया।
गंगा स्नान करने की इच्छा रह गई अधूरी
शवका पोस्टमॉर्टम कराने के बाद किसी तरह पुलिसकर्मियों ने सभी 10 शवों को आउटर में लेकर आए, फिर परिजन 16 फरवरी को शव लेकर रवाना हुए। बोलेरो सवार सभी दस लोग प्रयागराज पहुंचने वाले थे। तभी हादसा हो गया। सभी श्रद्धालुओं की कुंभ मेले में गंगा स्नान की इच्छा अधूरी रह गई। वहीं, हादसे में उनकी मौत हो गई।
हादसे से बिखर गया परिवार
इस हादसे में ठेकेदार संतोष सोनी के बेटे सौरभ सोनी की मौत हो गई। वहीं, मोहल्ले के गंगा वर्मा और उनके बड़े बेटे पुष्पेंद्र उर्फ दीपक वर्मा के साथ ही ड्राइवर अजय बंजारे, ईश्वरी जायसवाल और उसका बहनोई भागीरथी जायसवाल, शिवा राजपूत, राजू साहू और सोमनाथ यादव की मौत हो गई। हादसे में इन सभी का परिवार बिखर गया है।
संतोष की पत्नी और छोटा बेटा घर में है। इसी तरह गंगा वर्मा की पत्नी और छोटा बेटा तेज बहादुर के साथ ही उसकी दादी मीरा बाई हैं। सभी कोरबा के सीएसईबी और बालको प्लांट में वर्कर थे। उनकी मौत के बाद अब पत्नी और बच्चों के सिर पर घर चलाने का बोझ आ गया है।
दो मासूम बच्चियों के सिर से उठा पिता का साया, पत्नी को परिवार चलाने की चिंता
कलमीडुग्गु में रहने वाला मृतक राजू साहू मूलत: मुंगेली जिले के पदमपुर का रहने वाला था। उसके घर में कमाने वाला और कोई नहीं है। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके तीन भाई हैं, जो अलग-अलग रहकर परिवार चलाते हैं।
पत्नी लक्ष्मीन साहू गृहणी हैं और दो मासूम बेटी शिवानी (11) और नव्या (4) के साथ वो रहती हैं। पति की मौत के बाद लक्ष्मीन साहू का रो-रोकर बुरा हाल है। वह सदमे में है। अब उसे अपने और बच्चियों की देखभाल की चिंता सताने लगी है।
बूढ़ी मां की आंखों के सामने बेटे की उठी अर्थी
गंगा वर्मा के घर में मातम का माहौल है। घर में उसकी बूढ़ी मां मीरा बाई के साथ ही उसकी पत्नी गंगाबाई और बेटा तेज बहादुर रहते हैं। इस हादसे के बाद दो दिन तक मोहल्ले वालों ने किसी से चर्चा इसलिए नहीं की। ताकि, परिवार की महिलाओं को कुछ पता न चले। रविवार को उनकी लाश आने की खबर आई, तब परिवार की महिलाओं को हादसे की खबर दी गई, जिसके बाद महिलाएं रात भर रोती बिलखती रहीं।
पार्षद ने दिखाई एकजुटता, सभी शवों की कराई अंत्येष्टि
मुंगेली जिले के पदमपुर में रहने वाले राजू साहू की मौत के बाद उसकी पत्नी शव को लेकर गांव जाने की तैयारी में थीं। उसने घटना की जानकारी अपने रिश्तेदारों को दी थी। जिसके बाद परिजनों ने गांव में अंत्येष्टि करने की तैयारी कर ली थी।
लेकिन, वार्ड पार्षद राधाबाई महंत ने उनके परिजनों को मनाया और उन्हें कोरबा बुला लिया। पार्षद ने यहां सभी 6 लाशों की एक साथ अंत्येष्टि कराने की व्यवस्था की। उनकी इस एकजुटता को लेकर मोहल्लेवासियों के साथ ही मृतक के परिजन भी तारीफ करते रहे।
मोहल्ले में मातम, लोगों की उमड़ी भीड़
इस हादसे के बाद कलमीडुग्गु में मातम का माहौल था। घटना की जानकारी मोहल्ले के लोगों को मिल गई थी। लेकिन, उन्होंने मृतक परिवार की महिलाओं को इस घटना की जानकारी नहीं दी थी। दो दिन तक केवल आपस में हादसे की चर्चा करते रहे।
सोमवार की सुबह जब सभी शव एक साथ मोहल्ले में पहुंचा, तब लोगों की भीड़ जुट गई। जिसके बाद परिजनों के साथ ही महिलाएं बिलख-बिलखकर रोती रहीं। दूर तक मोहल्ले में चीख-चीख कर रोने की आवाज सुनाई देती रही। उनकी अंत्येष्टि में भी मोहल्ले के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
सौरभ ने अपनी मां से कहा था, तुम्हारे लिए जल लेकर आऊंगा
इस हादसे से पहले सौरभ सोनी ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी। इस दौरान उसने अपने पिता संतोष सोनी से भी बात कराया। सौरभ ने अपनी मां से कहा था कि वो कुंभ स्नान करने के लिए नहीं जा पाई। इसलिए, वो प्रयागराज से गंगा जल लेकर आएगा और उसे नहलाएगा। लेकिन, उसे क्या पता था कि वो खुद हादसे का शिकार हो जाएगा और कभी वापस नहीं आएगा।
प्रयागराज में हुए हादसे की तस्वीरें देखिए
बस सवार मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले हैं। संगम में स्नान के बाद वाराणसी जा रहे थे।
तस्वीर में देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि लोग बोलेरो में किस तरह से फंसे थे।
हादसे के बाद क्रेन बुलवाकर बस को सड़क से हटाया गया।
हादसे में घायल लोगों को पुलिस ने रामनगर CHC में भर्ती करवाया गया।
हादसे में घायल लोगों ने बताया- टक्कर के बाद हम लोग अपनी सीट से दूर जा गिरे।
बोलेरो में फंसे शवों को पुलिसकर्मियों ने लोगों की मदद से बाहर निकाला।
कोरबा। सुबह करीब 6.30 बजे मिशन रोड निवासी एक परिवार के लिए दिन की शुरुआत बेहद भावुक और डरावनी घटना के साथ हुई, परिवार जब अपने पालतू तोते को देखने के लिए पिंजरे के पास पहुंचा तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए, पिंजरे के भीतर करीब 5 फीट लंबा नाग फन फैलाए बैठा था।
परिवार ने जब ध्यान से देखा तो पता चला कि नाग पिंजरे में घुसकर उनके पालतू तोते का शिकार कर चुका था, जिस तोते को परिवार ने लंबे समय से बड़े प्यार और स्नेह से पाला था, उसे इस तरह खोना उनके लिए बेहद दुखद था, वहीं पिंजरे में मौजूद दूसरे तोते को लेकर भी परिवार चिंतित हो गया कि कहीं नाग उसे भी अपना शिकार न बना ले।
बिना समय गंवाए परिवार ने वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को सूचना दी,सूचना मिलते ही सारथी ने तत्काल अपनी टीम के सदस्य बॉबी श्रीवास को मौके के लिए रवाना कियाफिर कुछ देर पश्चात मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक स्थिति को नियंत्रित किया और नाग का सुरक्षित रेस्क्यू किया, रेस्क्यू के दौरान नाग के शरीर पर संघर्ष के कारण चोट के निशान भी दिखाई दिए,सांप को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, बाद में उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
“तोते की मौत का दुख है, लेकिन सांप भी दोषी नहीं”
जितेंद्र सारथी ने कहा कि इस घटना में सबसे ज्यादा दुख उस परिवार को हुआ जिसने अपने तोते को अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला था, लेकिन प्रकृति के नजरिए से देखें तो यह फूड चैन और इकोसिस्टम का हिस्सा है।
सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत, उनकी सुरक्षा एवं कल्याण नगर निगम की प्राथमिकता कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में आज जिला प्रशासन एवं नगर निगम के तत्वावधान में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई मित्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके समर्पण, मेहनत एवं सेवाभाव की सराहना की।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत हैं। उनकी मेहनत और निष्ठा से ही कोरबा को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प साकार होता है। सफाई मित्रों का योगदान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शहर के नागरिकों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि महापौर के रूप में सफाई मित्रों की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। नगर निगम परिवार के इन महत्वपूर्ण सदस्यों को बेहतर कार्य परिस्थितियां, आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निगम निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान सफाई मित्रों के योगदान को नमन करते हुए महापौर ने कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण का सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाएं तथा सफाई मित्रों के कार्यों का सम्मान करें।
महापौर ने कहा कि स्वच्छ कोरबा का निर्माण जनसहभागिता और सफाई मित्रों के समर्पण से ही संभव है। सफाई मित्रों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके श्रम और सेवा भावना के प्रति नगर निगम की कृतज्ञता का प्रतीक है। महापौर का संदेश: “सफाई मित्रों का सम्मान, स्वच्छ कोरबा की पहचान है। उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए नगर निगम सदैव प्रतिबद्ध है।”
माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य व शासकीय योजनाओं की दी गई जानकारी
कोरबा। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को रामसागर पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 2 की पूर्व पार्षद चित्रलेखा चंदेल ने स्वस्थ शरीर, संस्कारवान संतान और परिवार में अच्छे संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्कारम् टीम की अध्यक्ष आकांक्षा ने कहा कि मां केवल बच्चे को जन्म नहीं देती, बल्कि उसके भविष्य का निर्माण भी करती है। बच्चों के विकास के लिए माता-पिता का समय, विश्वास और संस्कार सबसे महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। माताओं को संतुलित आहार, बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास तथा बेहतर देखभाल के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और छह माह से अधिक आयु के शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना एवं बाल संदर्भ योजना से लाभान्वित हितग्राहियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के जिला सचिव जय सिंह नेताम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना मूर्ति, सहायिका सुषमा राम, मितानिन विमल जगत, सुभाषिनी विश्वकर्मा, कृष्णा कुशवाहा, संतोष गुप्ता, श्याम बाई, रामेश्वरी, रिया, सोनी, मधु पटेल, भगवती मरावी, फुलवारी, योगिता, संजना पटेल, पायल, प्रिया, रोशनी और काव्या उपस्थित रहीं। महिलाओं एवं बच्चों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।