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कोरबा

जल जीवन मिशन से बदली फुलमत बाई की जिंदगी, अब नहीं करना पड़ता पानी के लिए संघर्ष

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कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नवापारा की 60 वर्षीय फुलमत बाई कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझा करती थीं। घर में नल नहीं होने के कारण उन्हें प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित ढोढ़ी तक जाना पड़ता था। नाले के पास बने उस अस्थायी स्रोत से बड़े बर्तन में पानी भरकर सिर पर लादकर घर लाना उनकी मजबूरी ही नहीं, बल्कि दिनचर्या बन गई थी।


बरसात के दिनों में फिसलन भरे रास्तों पर जोखिम उठाकर ढोढ़ी तक पहुँचना कठिन होता था और गर्मी के मौसम में पानी का स्तर घट जाने पर समस्या और भी विकराल रूप ले लेती थी। बकरी पालन से जीवन यापन करने वाली वृद्धा इस कष्ट को वर्षों से सहती आ रही थीं। लेकिन जल जीवन मिशन के अंतर्गत उनके घर में नल कनेक्शन लगने के बाद उनका जीवन बदल गया। अब रोज सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे उनके नल से नियमित रूप से पानी उपलब्ध होता है। फुलमत बाई कहती हैं कि अब उन्हें ढोढ़ी तक नहीं जाना पड़ता, जिससे उनके समय, श्रम और स्वास्थ्य तीनों की बचत हो रही है।
फुलमत बाई को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये भी प्राप्त होते हैं, जो उनके दैनिक खर्चों में बड़ी सहारा बनते हैं। सरकारी योजनाओं ने मिलकर उनके जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया है।

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“हेल्दी माइन्स” थीम पर 28 फरवरी से आयोजित होगा कोल इंडिया मेडिकल कोन्फ्रेंस सीमेकॉन 2026

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3-दिवसीय कोन्फ्रेंस में कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों एवं देश के जाने-माने अस्पतालों के 250 से अधिक चिकित्सक होंगे शामिल

बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल द्वारा 28 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक तीन दिवसीय सीमेकॉन (CIMECON) 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन में कोल इंडिया तथा उसकी सभी सहायक कंपनियों एवं देश के जाने-माने अस्पतालों से 250 से अधिक चिकित्सक भाग लेंगे।

बिलासपुर में आयोजित इस सम्मेलन की मेजबानी एसईसीएल द्वारा की जा रही है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम हेल्दी माइन्स हेल्दी नेशन रखी गई है, जिसका उद्देश्य खनन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों के लिए सुदृढ़ स्वास्थ्य तंत्र, व्यावसायिक स्वास्थ्य सुरक्षा तथा निवारक चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत बनाना है।

सम्मेलन में देश के प्रख्यात विशेषज्ञ चिकित्सक एवं विषय-विशेषज्ञ विभिन्न समसामयिक विषयों पर व्याख्यान देंगे। इनमें व्यावसायिक रोग, औद्योगिक स्वास्थ्य, आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन, जीवनशैली संबंधी बीमारियां, मानसिक स्वास्थ्य तथा खनन क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार जैसे विषय शामिल रहेंगे।

सीमेकॉन (CIMECON) 2026 का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न सहायक कंपनियों के चिकित्सकों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले शोध-पत्र होंगे। इन शोध-पत्रों के माध्यम से खनन क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचार, फील्ड स्टडी एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा किया जाएगा।

यह सम्मेलन कोल इंडिया के चिकित्सा नेटवर्क के बीच ज्ञान-विनिमय, समन्वय और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में सामूहिक प्रयास को सुदृढ़ करेगा। SECL द्वारा आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और खनन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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पर्यावरण संरक्षण मंडल की कोरबा पॉवर लिमिटेड,पताड़ी के क्षमता विस्तार के लिए आयोजित जनसुनवाई हजारों लोगों की उपस्थिति में सफलता पूर्वक सम्पन्न

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क्षेत्र के गांवों में सामाजिक सरोकारों से विकास और स्व-रोजगार उपलब्ध कराने कंपनी ने जताई अपनी प्रतिबद्धता

  • 95 प्रतिशत लोगों ने पक्ष में दिया अपना समर्थन
  • ⁠हजारों स्थानीय लोगों को नौकरी तथा इतने ही स्वरोजगार के मिलेंगे अवसर

कोरबा; 27 फरवरी 2026। पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जिले के बरपाली तहसील अंतर्गत कोरबा पॉवर लिमिटेड (केपील),पताड़ी के प्रस्तावित 1600 मेगावाट के क्षमता विस्तार के लिए शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गई। कलेक्टर कोरबा द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के पर्यावरण स्वीकृति के आदेश के लिए जनसुनवाई 27 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से ग्राम सरगबूंदिया स्थित शासकीय स्कूल के खेल मैदान में आयोजित की गई। जिसमें पीठासीन अधिकारी के रूप में कोरबा के अतिरिक्त कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, कोरबा के क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर साहू मौजूद थे। इसके साथ ही एसडीएम सरोज कुमार महिलांगे, कार्यपालक अभियंता प्रसन्ना सोनकर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। अदाणी पॉवर लिमिटेड से पर्यावरण विभाग प्रमुख आर एन शुक्ला ने केपील परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जनसुनवाई लगभग 2.30 घंटे तक चली। जिसमें बरपाली तहसील के ग्राम खोड्डल, पताड़ी, सरगबूंदिया,पहंदा, बरीडीह, तिलकेजा इत्यादि सहित कुल 12 गांव के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान सभा में ग्रामीणों द्वारा मुख्यरूप से क्षेत्र के विकास, नौकरी और स्वरोजगार के लिए उचित प्रबंध सहित कई बातों तथा सुझावों को पीठासीन अधिकारी ने बड़े ही ध्यानपूर्वक सुनकर कंपनी के अधिकारियों की उपस्थिति में संबंधित मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया।

इस तरह जन सुनवाई में पधारे 95 फीसदी लोगों ने अदाणी पॉवर लिमिटेड के केपील की 800 मेगावाट की दो इकाईयों के क्षमता विस्तारण का समर्थन किया। लोक सुनवाई में उपस्थित सरपंचों में ग्राम पताड़ी के प्रधान सिंह ठाकुर, सहित ग्राम पहंदा की श्रीमती संगीता कंवर, सरगबुँदिया के अश्वनी कुमार तंवर, ढ़नढ़नी के कन्हैय्या बिंझवार, खोड्डल की श्रीमती निकिता सिंह, संडैल की श्रीमती उषा धनंजय बिंझवार, बरीडीह की श्रीमती रिंकी कंवर, कटबितला की श्रीमती अचला कंवर, ग्राम अखरापाली की श्रीमती गीता बाई मांझी, उरगा की श्रीमती ललिता बाई जगत, बरपाली के भुनेश्वर बिंझवार तथा तिलकेजा की श्रीमती तेरस बाई सहित सभी ग्राम सचिव व हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने समर्थन में अपनी बात रखी। इसके अलावा तिलकेज से किशन साव, भाजपा अखरापाली की जनपद सदस्य श्रीमती कमलेश्वरी कंवर व अजय कंवर, जनपद के पूर्व अध्यक्ष और बरपाली तहसील के अग्रवाल समाज के अध्यक्ष किशन अग्रवाल भाजपा उरगा के मंडल अध्यक्ष किशन साव तथा भाजपा बरपाली के मंडल अध्यक्ष राजू साहू ने कहा, कि केपील संयंत्र के क्षमता विस्तारण से क्षेत्र में विकास के नए आयाम खुलने के साथ ही हजारों लोगों को नई नौकरियां मिलने की संभावनाएं और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होने की उम्मीद जताते हुए अपनी सहमति प्रदान करने की बात कही।

रिसदिहापारा की एक महिला ग्रामीण श्रीमती भारती कुर्रे ने जनसुनवाई के दौरान कहा कि, “कोरबा पॉवर लिमिटेड के आने से हमारे गाँव में विकास के कई कार्य बड़ी ही तेज गति से संचालित हो रहे हैं। गांवों की सड़कें अब सोलर लाइट से जगमगाने लगी हैं। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी शाला विकास के साथ साथ विद्यार्थियों को बैग सहित कापी, जेमेट्री बॉक्स इत्यादि भी बाँटे गए। जिसमें सभी आसपास के गांव इनकी सभी कार्यक्रमों से लाभान्वित हैं। इसलिए मैं अदाणी कोरबा पॉवर लिमिटेड के संयंत्र विस्तारण का समर्थन करती हूँ।“

सभा में ग्राम पहंदा की सरपंच श्रीमती संगीता कंवर ने कहा कि, “जब से अदाणी पॉवर लिमिटेड हमारे गांव में आया है तब से हमारे गांव में विकास की लहर उठ गई है। यहां अब गांव की सड़कों में अब उजाला पसर गया है। वहीं हमें पीने के लिए अब शुद्ध पानी मिलने लगा है। अदाणी फाउंडेशन की सामाजिक सहभागिता के कार्यों से सभी पास के ग्रामों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा आजीविका के कार्ये से लोगों का समुचित विकास हो रहा है। इसलिए मैं हमारे गांव तथा क्षेत्र में अदाणी पॉवर लिमिटेड के विस्तार का समर्थन करती हूँ।“

उल्लेखनीय है कि अदाणी पॉवर लिमिटेड की कोरबा जिले के बरपाली तहसील में स्थित कोरबा पावर लिमिटेड में सब क्रिटिकल तकनीक की 300 मेगावाट की दो इकाइयां अर्थात कुल 600 मेगावाट की क्षमता विगत पंद्रह सालों से संचालित है। जिसके सामाजिक सराकारों के तहत आसपास के करीब 25000 से अधिक जनसंख्या वाले 12 से अधिक ग्रामों में अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उन्नयन और ढांचागत विकास के कई कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। जन सुनवाई के सफल होने पर उपस्थित लोगों ने खुशी जाहीर की।

जनसुनवाई के अंत में अदाणी पॉवर लिमिटेड के प्रोजेक्ट प्रमुख सी वी के प्रसाद ने कहा कि, “परियोजना के आने से जहां रोजगार सृजन से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तो वहीं सामाजिक सरोकारों के जरिए ग्रामों में शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना विकास के नए आयाम खुलेंगे। अदानी पॉवर क्षेत्र में रोजगारोन्मुख, विकासात्मक तथा ग्रामों के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है।“ उन्होंने जनसुनवाई में कंपनी की पक्ष में अपने विचार रखने उपस्थित सभी ग्रामीणजनों, प्रशासनिक अधिकारियों, हितधारकों, तथा जनसुनवाई के आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने वाले सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित कर आभार जताया।

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कोरबा

चिकित्सकीय स्टॉफ की उपस्थिति के साथ स्वास्थ्य केंद्र समय पर संचालित होःकलेक्टर कुणाल दुदावत

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ज़िला स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने कलेक्टर ने दिए निर्देश

घर-घर जाकर आभा आईडी बनाने के दिये निर्देश

मासिक समीक्षा बैठक में  स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षा

कोरबा। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मलेरिया, कुष्ठ, सिकलसेल स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, एचआरपी (उच्च जोखिम गर्भवती), मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, एनसीडी, एनक्यूएएस, आरबीएसके, एनआरसी तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की जांच और उपचार समय पर सुनिश्चित हों, अस्पताल समय पर खुलें तथा सभी चिकित्सकीय स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज हो।
टीबी नियंत्रण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने ने संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच किट की कमी होने पर शासन को तत्काल पत्र भेजने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। सैंपल लेकर समय पर नोटिफिकेशन जारी करने तथा डीबीटी भुगतान के मामलों में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। एक्स-रे जांच की संख्या कम होने पर कलेक्टर ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए वनरेबल आबादी की शत-प्रतिशत एक्स-रे जांच सुनिश्चित करने और अप्रैल माह के अंत तक एक्स-रे जांच में 20 प्रतिशत वृद्धि करने के निर्देश दिए।

आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मितानिन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर वंचित परिवारों की आभा आईडी बनाएं, ताकि मार्च माह तक 90 प्रतिशत परिवारों का लक्ष्य पूरा किया जा सके। मातृ स्वास्थ्य समीक्षा में एएनसी में पंजीकरण के बाद संस्थागत प्रसव में अंतर तथा एचआई एमएस पोर्टल में एंट्री कम होने पर कलेक्टर ने नाराज़गी व्यक्त की और तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। नियमित टीकाकरण की समीक्षा में यू-विन पोर्टल में कम एंट्री पर कलेक्टर ने संबंधित बीएमओ और बीपीएम को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
एनआरसी की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि एनआरसी में शत-प्रतिशत ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित हो तथा भर्ती हितग्राहियों को समय पर भुगतान दिया जाए। मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर रहते हुए त्वरित उपचार सुनिश्चित करे, ताकि ऐसे मामलों पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके। मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम (डेंटल) के अंतर्गत सर्जरी की संख्या में वृद्धि के निर्देश भी दिए गए। एनसीडी कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग को शिविर आयोजित कर व्यापक जांच कराने के निर्देश प्रदान किए गए। कलेक्टर ने मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने, संबंधित कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराने तथा प्रभावित परिवारों को परामर्श उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्री-बर्थ वेटिंग रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने नोडल अधिकारी नियुक्त करने और उनके मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने को कहा। प्रधानमंत्री राहत दुर्घटना सहायता राशि और नए भवनों को एनक्यूएएस प्रमाणन के लिए तैयार करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
कलेक्टर ने भवनविहीन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भवन निर्माण, जर्जर भवनों की मरम्मत, सीपेज की समस्या वाले भवनों की छत सुधार, बाउंड्रीवॉल, बोरवेल, बड़े परिसर वाले स्वास्थ्य संस्थानों में हाई-मास्ट लाइट की स्थापना, आवश्यक उपकरण, मैनपावर और अन्य अधोसंरचना संबंधी प्रस्तावों को तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षण उपरांत स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीबी एवं कुष्ठ अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आरएमएनसीएचए, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, समस्त नोडल अधिकारी, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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