कोरबा
कोरबा से शहर विधायक लखनलाल देवांगन के मंत्री बनाए जाने पर झूमा कोरबा
जातिगत समीकरण के हिसाब से नए चेहरे को मौका, जानिए पार्षद से मंत्री तक का सफर

कोरबा । प्रदेश के दबंग राजस्व मंत्री एवं कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल को भारी मतों से हराने वाले सरल एवं सौम्य राजनेता लखनलाल देवांगन की जीत के बाद कयासों का दौर जारी रहा और राजनीतिक हलकों में यह बात सरगर्म रही कि मंत्री को हराने वाले लखनलाल देवांगन भाजपा सरकार में मंत्री अवश्य ही बनेंगे। यही हुआ और आज 9 मंत्रियों के साथ लखनलाल देवांगन ने भी राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेते ही कोरबा में खुशियों की लहर दौड़ गई और समर्थकों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह आतिशबाजी एवं मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय के कैबिनेट में विधायक लखनलाल देवांगन ने मंत्री पद की शपथ ले ली है। जातिगत समीकरण के हिसाब से उन्हें मंत्री बनाकर ओबीसी वर्ग को साधने की कोशिश की गई है। उन्हें मंत्री बनाए जाने का फायदा आने वाले लोकसभा चुनाव में मिल सकता है।
लखनलाल क्यों बनाए गए मंत्री ?
लखनलाल देवांगन ओबीसी वर्ग (देवांगन जाति) के नेता है। कोरबा जिले में उनकी काफी संख्या है। कोरबा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनकी चुनावी सभा ली थी। 15 साल बाद कोरबा में कमल खिलाने का इनाम उन्हें मंत्री पद के रूप में मिला है। माना जा रहा है कि कोरबा से मंत्री बनाने का फायदा लोकसभा चुनाव में मिलेगा। इस समीकरण को ध्यान में रखते हुए उन्हें मौका दिया गया है।
पार्षद से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
लखनलाल देवांगन सहज और सरल स्वभाव के जमीनी नेता हैं। उन्होंने कोरबा में कपड़े की दुकान चलाकर नगर निगम में 1999 में पार्षद का चुनाव लड़ा, जिसके बाद भाजपा की राजनीति में सक्रिय हो गए। इस दौरान संगठन में वे कई पदों पर रहे, फिर साल 2004 में कोरबा नगर निगम के मेयर बने। इसके बाद उन्हें 2013 में कटघोरा विधानसभा सीट से टिकट दिया गया और अजेय योद्धा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के गांधी बोधराम कंवर को शिकस्त देकर प्रदेश में अपनी पहचान बनायी। 2018 में भी कटघोरा से उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन बोधराम कंवर के पुत्र पुरूषोत्तम कंवर से चुनाव हार गए। दिखने में सरल और सभी को अपने व्यवहार से अपना बना लेने की क्षमता को देखते हुए इस बार भाजपा ने हाई प्रोफाईल सीट कोरबा से चुनाव लड़ाया और 15 साल के विधायक एवं 5 साल के राजस्व मंत्री को करारी शिकस्त दी। जब टिकट मिली तो राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि दबंग मंत्री को हराना पहाड़ जैसी चुनौती थी, लेकिन राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर भाजपा ने हर विधानसभा में घेराबंदी की और भीतरघात का खतरा टल गया। वैसे तो कोरबा भाजपा का गढ़ है, लेकिन भाजपा प्रत्याशियों को अपने ही लोग भीतरघात कर जीतने नहीं देते थे, लेकिन इस बार बड़े नेताओं की नजर एक-एक नेताओं पर थी और बाहर से भाजपा विस्तारक भी एक-एक नेताओं पर नजर रख रहे थे, जिसके कारण भीतरघात और खुलाघात का कोई खतरा नहीं मंडराया और मजबूरी में ही सही, पूरा संगठन एक जुट होकर लखनलाल देवांगन को जिताया।
15 साल बाद भाजपा के लखनलाल देवांगन बने हैं विधायक
कोरबा विधानसभा सीट पर पिछले 15 साल से भाजपा की लगातार हार हो रही थी। जब भाजपा की सरकार थी, तब भी जयसिंह अग्रवाल ने चुनाव जीता था। इस बार लखनलाल देवांगन ने उनकी चौथी जीत पर ब्रेक लगा दिया और 26 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है। फलस्वरूप इस हाई प्रोफाईल सीट से जीते लखनलाल देवंागन को मंत्री बनाया गया।
लोकसभा चुनाव में लीड डबल होगी
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को कोरबा विधानसभा सीट से करीब 36 हजार की लीड मिली थी। अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव में इस बार भाजपा की लीड 50 हजार से ऊपर जाने की उम्मीद है। इस बार चुनाव कोई भी लड़े कोरबा लोकसभा से जीत तय मानी जा रही है। वैसे विकास महतो को कोरबा से चुनाव में उतारा जा सकता है। पूर्व सांसद डॉ. बंशीलाल महतो की पहचान इस चुनाव में लाभ दिला सकता है।
8 में से 6 सीट पर भाजपा का कब्जा
कोरबा लोकसभा सीट की 8 विधानसभा सीटों में से 6 सीट भाजपा के पास है, ऐसे में कोरबा लोकसभा सीट जीतना आसान तो नहीं, लेकिन जब भाजपायी विधानसभा चुनाव जैसे एक होकर लड़ेंगे तो जीत तय है। 8 विधानसभा सीट में से पाली-तानाखार एवं रामपुर विधानसभा सीट पर गोंडवाना और कांग्रेस का कब्जा हुआ है।
एक नजर पारिवारिक पृष्ठ भूमि पर
लखनलाल देवांगन का जन्म-12 अप्रैल 1962 को हुआ। उनकी शिक्षा बीए प्रथम वर्ष तक हुई है और वे पेशे से कृषि कार्य करते हैं। चुनाव आयोग में लखनलाल देवांगन द्वारा दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक उनके पास 58 लाख 66 हजार 304 रूपए है। उनका राजनीतिक अनुभव लंबा होने के कारण वे एक सधे हुए राजनेता के रूप में अपनी पहचान बनायी है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व वे निभा रहे थे। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एवं सांसद रहे डॉ. बंशीलाल महतो ने उन्हें पार्षद का टिकट देकर राजनीति में उतारा और पार्षद जीतने के बाद लखनलाल देवांगन का राजनैतिक कैरियर उड़ान पर आया और वे किस्मत के काफी धनी व्यक्ति हैं। एक ईमानदार भाजपा का सिपाही बन कर वे संगठन के हर कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति देकर भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के पसंद भी बने। पार्षद पद से राजनीति में उनकी एंट्री हुई। 2005 में कोरबा नगर निगम के मेयर बने और कोरबा निगम क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कराकर कोरबा वासियों ने उन्हें विकासपुरूष की संज्ञा दे डाली। 2013 में वे पहली बार कटघोरा से विधायक बने और तात्कालीन भाजपा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के तीसरे कार्यकाल में वे संसदीय सचिव बने। 2023 में वे फिर विधायक बने और अब पहली बार मंत्री बने। 1982 में रामकुमारी देवांगन से परिणय सूत्र में बंधे। उनके परिवार में 1 पुत्र और 3 पुत्रियां हैं।

कोरबा
चित्रा टॉकीज प्रांगण में बिखरेंगे रंग, गोपाल मोदी के संग होली का उमंग
रंगों के पावन पर्व पर होली की भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने जिलेवासियों को दी शुभकामनाएं
कोरबा। रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी द्वारा 4 मार्च 2026, बुधवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम चित्रा टॉकीज प्रांगण, कोरबा में प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगा।इस आयोजन का उद्देश्य रंगों के इस पावन पर्व पर समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द, भाईचारे और एकता का संदेश देना है। समारोह में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं शहरवासी शामिल होंगे। इस होली मिलन समारोह में उपस्थितजन एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देंगे तथा आपसी समरसता का संदेश प्रसारित करेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने दी होली की शुभकामनाएं
रंगों के पावन पर्व होली के इस खास अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें पुराने मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कह कि रंगों का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।
कोरबा
होली खेलें पर जरा संभलकर, त्वचा और बालों का रखें खास ध्यान- त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जय
कोरबा। होली रंगों का त्योहार है। इसे बड़े ही उत्साह और हर्ष के साथ मनाया जाता है। पहले पारंपरिक होली फूलों, सूखे गुलाल, और पानी के साथ मनाई जाती थी, लेकिन अब सिंथेटिक रंगों ने इसकी जगह ले ली है। जिसका दुष्प्रभाव न केवल हमारी त्वचा तथा बाल, आंखों में भी पड़ता हैं यह हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। होली की मस्ती के साथ-साथ उत्सव के दौरान अपनी त्वचा और बालों की देखभाल करना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए इस होली में कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह एनकेएच के त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जय बावने देतें हैं।
डॉ. जय बताते हैं कि होली से एक दिन पहले अपनी त्वचा को ढेर सारे मॉइस्चराइजर से हाइड्रेट करें। अच्छी तरह से हाइड्रेटेड त्वचा नाजुक नहीं होती है जो आसानी से क्षतिग्रस्त नहीं होगी। होली के दिन अपने बालों में नारियल का तेल, शरीर पर बेबी ऑयल और होंठों पर लिप बाम लगाएं एवं अपनी त्वचा को सुरक्षित रखें। तेल लगाने के बाद सनस्क्रीन लगाना न भूलें। कपड़े पूरी बाजू के पहनें ताकि त्वचा को नुकसान कम से कम हो। अपने नाखूनों की सुरक्षा के लिए नेल पॉलिश लगाएं। होली के दिन भी खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।
होली के बाद त्वचा और बालों की देखभाल के टिप्स देते हुए डॉ. जय बतातें हैं कि एक बार जब रंग थोड़ा फीका हो जाए, तो त्वचा को हाइड्रेट और मॉइस्चराइज करने के लिए मेडिकल फेशियल करवाना चाहिए। यह आपको आकर्षक लुक वापस पाने में मदद करेगा। अगर आपको लगता है कि आपकी त्वचा हल्की फट रही है, तो एलोवेरा जेल या लैक्टोकैलेमाइन लोशन लगाएं, लेकिन अगर दाने बने रहते हैं, तो बिना किसी देरी के त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। बालों को धोने से पहले सप्ताह में एक बार प्राकृतिक हेयर मास्क का उपयोग करें। डॉ. जय सुझाव देते हैं कि होली खेलने में अधिक पानी, फूलों की पंखुड़ियों और ऑर्गेनिक रंग का उपयोग करना बेहतर है। डॉ. जय बावने त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट विशेषज्ञ एडीसी लैब निहारिका और न्यू कोरबा हॉस्पिटल में नियमित रूप से उपलब्ध रहते है।
कोरबा
ई-रिक्शा ने बाइक सवार दंपति को मारी टक्कर:महिला के सिर में गंभीर चोट, कोरबा में हादसे के बाद चालक मौके से भागा
कोरबा। कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहरू नगर दुर्गा चौक के पास सोमवार को शाम करीब 7 बजे एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा की टक्कर से बाइक सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, निरमला राजपूत अपने पति मोहन सिंह के साथ बाइक से घर लौट रही थीं। नेहरू नगर दुर्गा चौक के पास पीछे से आ रहे एक ई-रिक्शा चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
इस दौरान ई-रिक्शा एक राहगीर मां और बेटी को भी चपेट में लेने से बाल-बाल बचा। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला सड़क पर गिर पड़ीं और उनके सिर में गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। स्थानीय लोगों ने ई-रिक्शा चालक की लापरवाही को हादसे का कारण बताया है। उन्होंने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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