कुवैत, एजेंसी। Middle East से सबसे बड़ी और बेहद डरावनी खबर सामने आ रही है। 1 जून सोमवार सुबह-सुबह ईरान ने कुवैत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उस पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स (Kamikaze Drones) से भीषण हमला कर दिया है। इस अचानक हुए हमले के बाद पूरे कुवैत में युद्ध के सायरन गूंज रहे हैं, जिससे नागरिकों में भारी दहशत फैल गई है और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों और अंडरग्राउंड बंकरों की तरफ भाग रहे हैं। कुवैत का कहना है कि उसके हवाई रक्षा तंत्र ने ड्रोन और मिसाइलों को रोकने के लिए गोलीबारी शुरू कर दी है। सोमवार को कुवैत की सेना ने अचानक घोषणा की कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम (हवाई सुरक्षा प्रणाली) दुश्मन की मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स के हमलों का सामना कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदल रहे सुरक्षा समीकरणों के बीच कुवैती सेना ने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
आसमान में गूंजे धमाके, कुवैत में अलर्ट कुवैती सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर बताया कि देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली (Air Defense System) इस समय दुश्मन के बड़े हवाई हमलों को नाकाम करने में जुटी है। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि “यदि आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देती हैं, तो घबराएं नहीं। ये आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने (इंटरसेप्ट करने) के कारण हो रही हैं।” सेना ने सभी नागरिकों से सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी आपातकालीन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
تتصدى حالياً الدفاعات الجوية الكويتية لهجمات صاروخية وطائرات مسيرة معادية.
تنوه رئاسة الأركان العامة للجيش أن أصوات الانفجارات إن سمعت فهي نتيجة اعتراض منظومات الدفاع الجوي للهجمات المعادية.
يرجى من الجميع التقيد بتعليمات الأمن والسلامة الصادرة عن الجهات المختصة.… pic.twitter.com/TkNLV2Yj4E — KUWAIT ARMY – الجيش الكويتي (@KuwaitArmyGHQ) June 1, 2026
वहीं अभी अपडेट आई है कि कुवैत की वायु सेना ने देश को लक्ष्य बनाकर दागी गयी ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोक दिया है। यह घटनाक्रम सप्ताहांत में ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने यह जानकारी दी है। जनरल स्टाफ ने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘फिलहाल, Kuwaiti air defense systems दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोक रही हैं। जनरल स्टाफ ने निवासियों से सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। यह घोषणा तब की गयी जब अमेरिका ने कहा कि उसने आत्मरक्षा और क्षेत्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा का हवाला देते हुए गोरुक और केशम द्वीप पर स्थित ईरानी रडार और ड्रोन कमांड-एंड-कंट्रोल सुविधाओं पर हमला किया है। कुवैत में है अमेरिका का एक बड़ा सैन्य अड्डा गौरतलब है कि कुवैत में अमेरिका का एक बड़ा सैन्य अड्डा स्थित है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गाडर् कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जवाबी कारर्वाई करते हुए एक अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया है। आरोप है कि इस अड्डे का इस्तेमाल होर्मोज़गान प्रांत में ईरान के सीरिक द्वीप पर हमले करने के लिए किया गया था। आईआरजीसी ने कहा कि उसने पहले से तय किए गए उन ठिकानों पर हमला किया है, जिनका संबंध सीरिक द्वीप पर स्थित एक दूरसंचार टावर पर हुए अमेरिकी हमले से था। IRGC ने दावा किया कि इस कारर्वाई के ज़रिए उसके सभी निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिए गए हैं। इस बल ने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा की जाने वाली किसी भी और सैन्य कारर्वाई का जवाब ‘पूरी तरह से अलग’ तरीके से दिया जाएगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तेहरान की कारर्वाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को उन क्षेत्रीय ठिकानों और संपत्तियों पर जवाबी हमले करने का पूरा अधिकार है, जिनका इस्तेमाल उसके देश पर हमले करने के लिए किया जाता है। बघाई सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा, ‘सभी देशों का यह एक स्थापित कानूनी दायित्व है कि वे अपने क्षेत्र या संपत्तियों का इस्तेमाल किसी अन्य देश पर आक्रमण करने के लिए न होने दें।’ उन्होंने यूरोपीय संघ पर चुनिंदा नैतिक आक्रोश दिखाने का आरोप लगाते हुए, ईरान की कारर्वाई की आलोचना को ‘पाखंडपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना ‘करार दिया। इससे पहले, यूरोपीय संघ ने कुवैत पर हुए कथित ईरानी हमलों की निंदा करते हुए कहा था कि ये हमले कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इनसे क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।” गौरतलब है कि इससे पहले 28 मई को भी कुवैत पर इसी तरह के मिसाइल और ड्रोन हमले हुए थे। लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से फोन पर आपातकालीन बातचीत की है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा की।
ऑकलैंड, एजेंसी। भारत ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हरा दिया। इसी के साथ टीम इंडिया 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है।
ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। अर्शदीप सिंह के 4 विकेट की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम 40.2 ओवर में 185 रन पर ऑलआउट हो गई। गुरनूर बरार ने भी 3 विकेट लिए।
बारिश के कारण भारत को 32 ओवर में 143 रन का रिवाइज्ड टारगेट मिला। टीम ने 22.4 ओवर में 5 विकेट खोकर इसे हासिल कर लिया। विराट कोहली ने 51 गेंदों पर 74 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 13 चौके और 1 छक्का लगाया। कप्तान शुभमन गिल ने 56 गेंदों पर 37 रन बनाए।
कोहली ने चेज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया
विराट कोहली वनडे रन चेज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली के अब चेज में 8,741 रन हो गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 8,720 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
अंशुल कंबोज प्लेयर ऑफ द मैच
प्लेयर ऑफ द मैच अंशुल कंबोज ने कहा कि उनकी रणनीति पिच के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय सही लाइन और लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करने की थी। अंशुल ने 10 ओवर में महज 22 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्होंने 2 मेडन ओवर भी डाले।
नमन धीर ने चौका लगाकर भारत को जीत दिलाई
23वें ओवर की चौथी गेंद पर नमन धीर ने चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने पहले ही ओवर में रोहित शर्मा का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद विराट कोहली और शुभमन गिल ने दूसरे विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी की।
कोहली ने बल्लेबाजी के साथ फील्डिंग में भी योगदान दिया और दो कैच पकड़े।
विराट कोहली और शुभमन गिल के बीच 113 रन की साझेदारी हुई।
वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को हार मिली है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है।
वहीं, मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद ने जीत हासिल की। इसके साथ ही वह अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं।
ट्रम्प ने अब्दुल को खुले मंच से ‘जिहादी’ कहा था। 25 अक्टूबर को मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रम्प ने कहा था,
मैं यहां एक जिहादी और मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य को अमेरिकी सीनेटर बनने से रोकने आया हूं।
ट्रम्प ने अब्दुल पर आतंकियों का साथ देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अगर अल-सैयद सीनेटर बनते हैं, तो उन्हें संसद में जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना चाहिए। उन्होंने 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए अल-सैयद की तुलना विमान हाईजैक करने वाले आतंकियों से भी की।
अमेरिकी सीनेट के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद जीत के बाद पत्नी सारा जुकाकू को गले लगाते हुए।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स
हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 231 सीटें जबकि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 144 सीटें जीती हैं।
सीनेट
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं।
इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। बाकी 2 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं।
गवर्नर
कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 2 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है।
डेमोक्रेट्स की जीत पर कई देशों के नेता खुश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों से नाराज कुछ देशों के नेताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत का स्वागत किया है।
स्पेन: प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि अमेरिकी लोगों ने नफरत फैलाने, जलवायु परिवर्तन को न मानने और अमीर-ताकतवर लोगों के दबदबे के खिलाफ वोट दिया है।
नॉर्वे: नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर ने कहा कि अमेरिका में अब ऐसे लोग अपनी बात रख रहे हैं, जिनकी सोच नॉर्वे से मिलती है। हाल ही में ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने को लेकर नॉर्वे को गाली दी थी।
दक्षिण अफ्रीका: राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि इन चुनावों से दुनिया के देशों के रिश्तों में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। ट्रम्प पहले दक्षिण अफ्रीका पर वहां के गोरे लोगों के खिलाफ नरसंहार करने का आरोप लगा चुके हैं।
यूरोपीय संसद: यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष क्रिस्टेल शाल्डेमोस ने कहा कि चुनाव के नतीजों से उन्हें थोड़ी उम्मीद जगी है। उन्हें लगता है कि अब अमेरिका यूक्रेन की और मदद कर सकता है।
मिसिसिपी में सीनेट चुनाव में सिर्फ 43 वोटों का अंतर
अमेरिका के मिसिसिपी में सीनेट चुनाव का मुकाबला बेहद करीबी हो गया है। यहां रिपब्लिकन पार्टी की मौजूदा सांसद सिंडी हाइड-स्मिथ और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलम के बीच सिर्फ 43 वोटों का अंतर है। अब तक करीब 96% वोटों की गिनती हो चुकी है।
अगर कोलम यह सीट जीतते हैं तो इसे मिडटर्म चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर माना जाएगा। निर्दलीय उम्मीदवार टाय पिंकिंस को करीब 2.1% वोट मिलने का अनुमान है। उनके वोटों की संख्या दोनों मुख्य उम्मीदवारों के बीच के अंतर से कहीं ज्यादा है।
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलम मिसिसिपी में समर्थकों से मिलते हुए।
ईरानी सुप्रीम लीडर बोले- चुनाव नतीजों से फर्क नहीं पड़ता, दुश्मनी बनी रहेगी
ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कहा है कि अमेरिका मिडटर्म चुनाव के नतीजों से ईरान के साथ उसके रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में डेमोक्रेट्स की सरकार आए या रिपब्लिकन की, ईरान के प्रति उसकी दुश्मनी बनी रहेगी।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, खामेनेई ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान बिना किसी शर्त के उसके सामने झुक जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के कमजोर होने की रफ्तार अब और बढ़ गई है।
तेहरान में एक महिला ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की तस्वीर हाथ में लेकर खड़ी है। यहां अमेरिका को ईरान से बाहर निकाले जाने की 47वीं सालगिरह मनाई गई।
नेवाडा के पहले अश्वेत गवर्नर होंगे आरोन फोर्ड
आरोन फोर्ड अपनी पत्नी बर्ना रोड्स-फोर्ड के साथ अपने समर्थकों से बात करते हुए।
नेवाडा में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार आरोन फोर्ड ने गवर्नर का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के मौजूदा गवर्नर जो लोम्बार्डो को हराया।
फोर्ड नेवाडा के पहले अश्वेत गवर्नर होंगे। फोर्ड ने चुनाव प्रचार में महंगे घर, पेट्रोल और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों को मुद्दा बनाया था।
उन्होंने लैटिन अमेरिकी मूल के वोटर्स पर भी ध्यान दिया। राज्य में करीब 20% वोटर्स इसी समुदाय से हैं।
फोर्ड ने मजदूर यूनियनों को मजबूत करने और गरीब लोगों का मेडिकल कर्ज माफ करने का वादा भी किया था।
मिडटर्म चुनाव के नतीजों का रूस पर क्या असर पड़ेगा?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक रूस की सरकार पर भी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों का असर पड़ सकता है। इस बारे में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को कहा,
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपना कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे और अपनी विदेश नीति पर काम करते रहेंगे।
उनके बयान से साफ संकेत मिला कि चुनाव के नतीजे चाहे जो हों, रूस को अमेरिका की नीति में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।
ट्रम्प ने रूस की हर मांग नहीं मानी है। खासकर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए रूस अपनी शर्तों पर जिस समझौते की उम्मीद कर रहा था, वह अब तक नहीं हुआ है। इसके बावजूद ट्रम्प की विदेश नीति से रूस को कई फायदे मिले हैं।
हाल ही में ट्रम्प ने रूस पर लगे कुछ प्रतिबंधों को रोक दिया था। उन्होंने रूस से डीजल खरीदने पर भी सहमति जताई थी।
इसके अलावा, वे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की ज्यादा आलोचना करते रहे हैं, जबकि रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लेकर उनका रुख नरम रहा है।
ट्रम्प की हार के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद बाजार में यह अनिश्चितता बढ़ी है कि ट्रम्प ईरान युद्ध को लेकर आगे क्या फैसला लेंगे। इसी चिंता का असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है।
रॉयटर्स के मुताबिक, बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड की कीमत 76 सेंट यानी 0.7% बढ़कर 104.36 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 63 सेंट यानी 0.7% बढ़कर 96.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले इसकी कीमतों में गिरावट आई थी।
मस्क का तंज- लगता है मेरी शक्तियां काम नहीं आईं
चुनाव नतीजों के कई घंटे बाद मस्क ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
लगता है इस बार चुनाव में दखल देने वाली मेरी अंतरिक्ष की लेजर किरणें काम नहीं आईं।
दरअसल, मस्क पर चुनाव में दखल देने और नतीजों को प्रभावित करने के आरोप लगते हैं। उनका यह तंज इसी बात को लेकर था।
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जिताने के लिए जमकर पैसा खर्च किया था। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उसे जुड़े संगठनों पर कम से कम 3380 करोड़ रुपए खर्च किए।
मस्क ने सबसे ज्यादा पैसा टेक्सास के सीनेट चुनाव में लगाया। यहां उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में करीब 1500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए। हालांकि, पैक्सटन को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स तालारिको ने हरा दिया।
डेमोक्रेट पार्टी की जीत के बाद जश्न
टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार की जीत के बाद समर्थक खुशी मनाते और नाचते नजर आए।
टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जेम्स तालारिको जीत के बाद जश्न मनाते हुए।
चुनावी नतीजों के दौरान लास वेगास में डेमोक्रेटिक पार्टी की दो समर्थकों ने खुशी से एक-दूसरे को गले लगाया।
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ट्रॉय जैक्सन ने चुनावी नतीजे देखने के बाद समर्थकों का शुक्रिया किया।
काठमांडू, एजेंसी। नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार सुबह लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में एक भारतीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि न्यूजीलैंड का एक भारतीय मूल का नागरिक घायल हो गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों हेलिकॉप्टरों के रोटर ब्लेड आपस में टकराए थे।
हादसा सुबह 8:11 बजे सोलुखुम्बु जिले के फेरीचे हेलीपैड पर हुआ। यहां फिशटेल एयर और एयर डायनेस्टी के हेलिकॉप्टर उतरने की कोशिश कर रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक फिशटेल एयर के हेलिकॉप्टर में सवार भारतीय पर्यटक वसंत कुमार बालारामारामाडु की मौत हुई है। इसी हेलिकॉप्टर में सवार न्यूजीलैंड के नागरिक शैलेश कृष्ण पटेल घायल हुए हैं। वे भारतीय मूल के हैं।
नेपाल में पहाड़-घाटियां, बदलता मौसम, जोखिम भरे रनवे विमान या हेलिकॉप्टर हादसे की मुख्य वजह हैं।
दो दिशाओं से आते हुए हेलिकॉप्टर फेरीचे हेलीपैड उतरने की कोशिश कर रहा है।
दोनों हेलिकॉप्टर की टक्कर हो जाती है। इस दौरान एक का मलबा पास खड़े लोगों के पास गिरता है।
टक्कर के बाद दोनों हेलिकॉप्टर गिर जाते हैं। इस दौरान लोग वहां से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हेलिकॉप्टर के पास जांच करते अधिकारी।
हादसे के बाद एयर डायनेस्टी हेलिकॉप्टर के विंग और गेट टूट गए।
एक ही जगह उतरने की कोशिश में हादसा
नेपाली अधिकारियों के मुताबिक एक हेलिकॉप्टर लुकला से आ रहा था, जबकि दूसरा एवरेस्ट बेस कैंप के पास गोरक्षेप की तरफ से लौट रहा था। दोनों अलग-अलग दिशाओं से एक ही जगह उतरने की कोशिश कर रहे थे।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हेलीपैड पर बर्फ जमी होने के कारण भी यह स्थिति बनी हो सकती है। हालांकि, हादसे की असली वजह की पुष्टि नहीं हुई है।
फिशटेल एयर और एयर डायनेस्टी के हेलिकॉप्टर उतरने की कोशिश कर रहे थे, तभी दोनों आपस में टकरा गए।
घायल को रेस्क्यू कर काठमांडू ले जाया जा रहा
शैलेश को प्रभु हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू कर काठमांडू के मेडिसिटी अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक पर्यटक का शव लुकला के अस्पताल ले जाया गया। दोनों हेलिकॉप्टरों के पायलटों की चोटों को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है।
फेरीचे एवरेस्ट क्षेत्र में स्थित है। यहां आने-जाने के लिए हेलिकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। हादसे के समय दोनों हेलिकॉप्टरों में कुल कितने लोग सवार थे, यह अभी साफ नहीं है। टक्कर की वजह की भी जांच की जा रही है।
हेलिकॉप्टर सर्विस का सेंटर है फेरीचे हेलीपैड
फेरीचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर (14,340 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यह नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हेलिकॉप्टर सर्विस का सेंटर है।
यहां से पर्वतारोहियों और ट्रेकिंग पर आने वाले पर्यटकों को मदद पहुंचाई जाती है। खासतौर पर ऊंचाई के कारण तबीयत बिगड़ने, सांस लेने में परेशानी होने या किसी दुर्घटना में घायल होने पर लोगों को हेलिकॉप्टर से निचले इलाकों या अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है।
उत्तराखंड में 4 दिन पहले हेलिकॉप्टर क्रैश, 6 लोगों की मौत
उत्तराखंड के चमोली जिले में 30 अक्टूबर को बद्रीनाथ से देहरादून लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। हादसा जोशीमठ के पास चाई गांव के नजदीक हुआ। इसमें पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत हो गई थी।
हेलिकॉप्टर में 5 यात्री सवार थे, जो कर्नाटक के रहने वाले थे। विमान ने दोपहर 1:14 बजे बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी और जोशीमठ घाटी के ऊपर उसका संपर्क टूट गया था। हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।