छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से सजी ’गढ़ कलेवा’ ने न केवल दिया रोजगार, बल्कि दिखा दी सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह बिहान योजना से मिली उड़ान, आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक बदलाव की बन गई मिसाल
कोरबा । कहते हैं परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो हर मुश्किल राह आसान बन जाती है। जिले की श्रीमती नीलम सोनी ने यह साबित कर दिखाया कि अगर जुनून हो तो साधारण सी जिंदगी भी एक असाधारण मिसाल बन सकती है। घरेलू जिम्मेदारियों में बंधकर बैठने के बजाय उन्होंने बदलाव को चुनाकृखुद के लिए, अपने परिवार के लिए और उन सैकड़ों महिलाओं के लिए जो कभी समाज की सीमाओं में सिमटी थीं। चुनौतियों से लड़कर उन्होंने न सिर्फ अपना आर्थिक और सामाजिक कद ऊँचा किया, बल्कि दूसरों के जीवन में भी उम्मीद की किरण जगाई। आज वे केवल एक सफल उद्यमी ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक प्रतीक बन चुकी हैं।
कोरबा जिले के कटघोरा में रहने वाली श्रीमती सोनी के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पति अकेले कमाने वाले थे और घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। अपने बच्चों के भविष्य और अपने आत्मसम्मान के लिए नीलम ने ठान लिया कि कुछ करना है। उन्होंने अपनी बेटी ’श्रिया’ के नाम पर ’श्रिया स्व-सहायता समूह’ से जुड़कर अपनी नई यात्रा की शुरुआत की। यही वह मोड़ था जहाँ से उन्होंने अपने जीवन को नए रंगों से रंगना शुरू किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सरकार द्वारा संचालित ‘बिहान’ योजना से जुड़कर श्रीमती नीलम सोनी को एक नई दिशा और पहचान मिली। उन्होंने शासन की सहायता से छह लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और कटघोरा में ‘गढ़ कलेवा’ नामक एक परंपरागत छत्तीसगढ़ी भोजनालय की शुरुआत की। शुरुआत में राह आसान नहीं थी, लेकिन दृढ़ निश्चय और परिश्रम ने उन्हें पीछे मुड़कर देखने का मौका नहीं दिया। उन्होंने गढ़ कलेवा में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा, ठेठरी, खुरमी, अईरसा, चौसेला, तसमई, करी लड्डू, सोहारी आदि के साथ-साथ मिलेट्स (मोटा अनाज) से बने पारंपरिक पकवानों को परोसना शुरू किया। गढ़ कलेवा सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने का एक माध्यम बन गया। यहाँ आने वाले लोगों को न केवल स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी खाना मिलता है, बल्कि वहाँ की सजीवता और पारंपरिक सजावट भी उन्हें अपनेपन का अहसास कराती है। वो बताती हैं कि उन्होंने अपने व्यवसाय के साथ-साथ बांस की कलाकृतियाँ, हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएँ भी बनाना शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आय के साथ-साथ राज्य की लोककला को भी बढ़ावा मिला। आज समूह से लगभग 200 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिनमें से 20 महिलाएं सीधे गढ़ कलेवा में कार्यरत हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने समूह में पीवीटीजी बिरहोर जनजाति की महिलाओं को भी जोड़ा है, जो पहले आजीविका के अवसरों से वंचित थीं। आज वे भी आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
नीलम कहती हैं, “आज मेरे लिए सबसे बड़ा संतोष इस बात का है कि मैं अकेली नहीं बढ़ी, मेरे साथ मेरी बहनों का पूरा परिवार भी आगे बढ़ा है।“ चार साल पहले जिस महिला ने महज आत्मनिर्भर बनने की चाह में कदम बढ़ाया था, आज वह हर महीने लगभग 1.5 लाख रुपये का टर्नओवर करती हैं। उनका सालाना टर्नओवर अब 12 लाख रुपये के करीब पहुंच चुका है। उनका यह सफर इस बात का सजीव उदाहरण है कि महिलाएं यदि ठान लें तो हर क्षेत्र में बदलाव की मिसाल बन सकती हैं। छत्तीसगढ़ शासन, बिहान मिशन और विशेषकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व जिला प्रशासन कोरबा का धन्यवाद देते हुए कहा, “यदि शासन की योजनाएं और अधिकारियों का सहयोग न मिला होता, तो मैं और मेरे जैसी सैकड़ों महिलाएं शायद अभी भी घर की चार दीवारों तक सीमित रहतीं। बिहान ने हमें न केवल आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अपने सामर्थ्य पर विश्वास करना भी सिखाया।” अब श्रीमती नीलम चाहती हैं कि उनका गढ़ कलेवा राज्य के हर जिले में फैले, ताकि स्थानीय व्यंजनों और छत्तीसगढ़ी संस्कृति को देशभर में पहचान मिले। वह अपने व्यवसाय को एक मॉडल बनाकर अन्य महिलाओं को ट्रेनिंग भी देना चाहती हैं, ताकि और भी “लखपति दीदी” इस राज्य से निकलें और आत्मनिर्भर भारत के सपने को सच करें।
दो स्वर्ण एवं पाँच रजत सहित कुल सात पदक जीतकर विद्यार्थियों ने बढ़ाया विद्यालय का गौरव कोरबा। अंतरविद्यालयीन किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026, कोरबा में एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल, मड़वारानी के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण एवं पाँच रजत सहित कुल सात पदक जीतकर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता में दीपेश यादव एवं देव बरेठ ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए, जबकि अभिनव वैष्णव, धनराज पटेल, आयुष खांडेय, नितिश सिंह तंवर एवं विवेक दास महंत ने रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल का शानदार परिचय दिया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय के अध्यक्ष पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने सभी विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, साहस और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत, दृढ़ संकल्प और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी निरंतर अभ्यास करते हुए उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने तथा विद्यालय एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य सुभाष चंद्र अनंत ने भी विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा से नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे।
इस शानदार सफलता पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने पदक विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल, मड़वारानी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
एस.बी.एस. कॉलोनी, एसईसीएल कोरबा में 25 अक्टूबर को गूंजेगा छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक नितिन दुबे का संगीत, रात 8 बजे से सजेगी भव्य सांस्कृतिक संध्या
कोरबा। सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति, एस.बी.एस. कॉलोनी के तत्वावधान में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर एक भव्य और आकर्षक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय पार्श्व गायक और जाने-माने कलाकार नितिन दुबे अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर करेंगे।
समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह रंगारंग कार्यक्रम एस.बी.एस. कॉलोनी, एस.ई.सी.एल कोरबा स्थित सेंट्रल वर्स ऑफ कॉलोनी, (Children Park) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत 25 अक्टूबर को रात्रि 8:00 बजे से होगी।
छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति, सुमधुर गीतों और ऊर्जावान प्रस्तुतियों के पर्याय बन चुके नितिन दुबे के लाइव कॉन्सर्ट को लेकर स्थानीय संगीत प्रेमियों और युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति ने कोरबा जिले के समस्त क्षेत्रवासियों से अपील है अपने इष्ट-मित्रों के साथ समय पर उपस्थित होकर इस भव्य सांस्कृतिक संध्या और मां दुर्गा के आशीर्वाद उत्सव का आनंद उठाएं।
कोरबा। दो दिन पूर्व रजगामार में एक 07 वर्षीय मासूम के साथ दरिन्दगी और हत्या के बाद मासूम का शव मिलने के बाद जहां उनके परिजनों में अतिशोक की लहर है, वहीं पूरे कोरबा में आक्रोश शिखर पर है। कल 23 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों ने पत्रकार वार्ता लेकर मामले का खुलासा किया और दरिन्दा आरोपी अमित चौहान को देवमट्टी से गिरफ्तार कर लिया। आज कोरबा जिले के कई जगहों में मासूम को न्याय दिलाने और आरोपी को फांसी की सजा की मांग को लेकर कैण्डल मार्च निकाला और मासूम को हजारों-लाखों लोगों ने श्रद्धांजलि दी। आज संध्या 5.30 बजे तिलक भवन प्रेस क्लब कोरबा में प्रेस क्लब परिवार सहित सैकड़ों की संख्या में कोरबा के विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवी वर्ग, समाजसेवी, नारीशक्ति, राजनेता, अग्रवाल सभा, व्यापारी संगठन, अखबार वितरक संघ सहित आम से लेकर खास लोग इकट्ठे हुए और संध्या 5.45 बजे तिलक भवन से कैण्डल मार्च करते हुए टी पी नगर चौक पहुंचे और वहां हजारों कैण्डल जलाकर मासूम को विनम्र श्रद्धांजलि दी। घटना अमानवीयता की इंतहां-नौशाद खान
प्रेस क्लब कोरबा अध्यक्ष नौशाद खान ने कहा कि रजगामार में मासूम के साथ जो बर्बरता के साथ हत्या की गई, उसके विरोध में हमने कैण्डल मार्च निकाला, जिसमें कोरबा प्रेस परिवार के साथ कोरबा के हजारों लोग स्वस्फूर्त शामिल हुए और तिलक भवन से टी पी नगर चौक तक कैण्डल मार्च निकाला और टी पी नगर चौक में मासूम को विनम्र श्रद्धांजलि दी। श्री खान ने कहा- यह घटना इतना क्रूर है कि आरोपी को सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए। रजगामार में मासूम के साथ बर्बरता एवं निर्मम हत्या की घटना अमानवीयता की इंतहां है और मासूम के साथ बर्बरता करने वाला दरिन्दा को फांसी से कम की सजा नहीं होनी चाहिए। इस तरह की घटना सनातन संस्कृति में क्षम्य नहीं- कविता सोनी
समाज सेविका कविता सोनी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इस तरह की घटना हमारी सनातन संस्कृति में क्षम्य नहीं है और आरोपी को फांसी पर लटका देना चाहिए। इस मामले में त्वरित न्याय और आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोपी को कड़ी सजा हो, इसके लिए पुलिस पुख्ता सबूत पेश करे-साहित्य जगत
कैण्डल मार्च में साहित्य जगत के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कोरबा के साहित्यकार एवं कवि श्री चतुर्वेदी ने कहा कि आरोपी को कड़ी सजा हो, इसके लिए पुलिस पुख्ता सबूत पेश करे। साहित्यकार कृष्णकांत चंद्रा ने कहा कि मासूम के साथ अमानवीय कृत्य और हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है और इस तरह के कृत्य करने वाले राक्षस को ऐसी सजा मिले कि आरोपियों की रूह कांप जाए। भाजपा नेत्रियों रानी यादव सहित उपस्थित नेत्रियों एवं अन्य महिला संगठन ने भी आरोपी को त्वरित फॉस्टट्रैक कोर्ट में पेश कर पुलिस को अपना पक्ष ऐसा रखना चाहिए कि जज आरोपी को सीधा फांसी की सजा सुनाए। आरोपी की पैरवी नहीं करेगा अधिवक्ता संघ
कैण्डल मार्च में नगर निगम सभापति और अधिवक्ता संघ के सचिव नूतन सिंह सहित कई अधिवक्ता भी शामिल हुए। नूतन सिंह ने कहा कि बच्ची के साथ दरिन्दगी और हत्या मानवीय समाज के लिए जघन्य कांड है और ऐसे राक्षस रूपी आरोपी की पैरवी अधिवक्ता संघ नहीं करेगा। हम टीम बनाकर आरोपी को ऐसी सजा के लिए पैरवी करेंगे, कि सजा सुनकर आरोपी की रूह कांप जाए। फांसी से कम सजा स्वीकार्य नहीं- बजरंग अग्रवाल
कैण्डल मार्च में अग्रवाल सभा ने बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता निभाई। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल ने कहा कि कोरबा को झकझोर देने वाली घटना ने लोगों के दिलों में एक ऐसा आक्रोश पैदा कर दिया है कि आरोपी को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए और न्याय भी त्वरित हो। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आना बाकी
कल पुलिस ने मामले का खुलासा किया और बेलगरी नाला बस्ती निवासी आरोपी को घटना के 24 घंटे के अंदर देवमट्टी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार संभवत: हत्या के पूर्व आरोपी द्वारा दरिन्दगी की गई होगी और उसके बाद हत्या कर लाश को झाड़ियों में फेंक दिया होगा। पुलिस को पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
मासूम के साथ दरिन्दगी सभ्य समाज पर कलंक
साधना न्यूज की कोरबा जिला हेड श्रीमती रेणु जायसवाल ने कहा कि मासूम के साथ दरिन्दगी और हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी चाहिए कि यदि कोई मासूम गुम होती है तो पुलिस को सक्रियता दिखानी चाहिए, ताकि इस तहर की घटना की पुनर्रावृत्ति न हो। राक्षस से भी बदतर आरोपी को सिर्फ फांसी की सजा हो। मुस्लिम यूथ कमेटी ने भी निकाला कैण्डल मार्च
मुस्लिम यूथ कमेटी ने भी घटना के विरोध में और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर कैण्डल मार्च निकाला और टी पी नगर चौक में कैण्डल जलाकर मासूम को श्रद्धांजलि दी। यूथ कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि आरोपी को ऐसी कड़ी सजा मिले कि अन्य कोई इस तरह की घटना न घटे।