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ललित मोदी ने खुद और माल्या को भारत के ‘दो सबसे बड़े भगोड़े’ कहा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा- माल्या भारत कब लौटेंगे

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लंदन/मुंबई,एजेंसी। भारत में आर्थिक अपराधी घोषित विजय माल्या और ललित मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें ललित मोदी खुद को और माल्या को भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े कह रहा है। वीडियो माल्या के जन्मदिन का है। इसे ललित मोदी ने 22 दिसंबर को खुद पोस्ट किया है। मीडिया में खबर 23 दिसंबर को आई।

अपनी पोस्ट में ललित ने लिखा- चलो, फिर से इंटरनेट हिला देता हूं। खासकर आप मीडिया वालों के लिए। जलन के साथ देखते रहिए। वहीं, माल्या अपनी पार्टनर पिंकी लालवानी के साथ मुस्कुराते नजर आ रहे हैं।

इस बीच, बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को माल्या की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में माल्या ने खुद को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती दी है। कोर्ट ने माल्या के वकील से पूछा कि वह (माल्या) भारत कब लौटेंगे।

कोर्ट ने कहा कि माल्या फिलहाल भारतीय अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। ऐसे में उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती।

माल्या 2016 से ब्रिटेन में है और 2019 में उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। वहीं, ललित मोदी 2010 से विदेश में रह रहा है और उस पर टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और आईपीएल से जुड़े गंभीर आरोप हैं।

ED की दलील- विदेश में रहकर कानून को चुनौती नहीं दे सकते

चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने मंगलवार को माल्या की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि विदेश में रहकर कानून को चुनौती देने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

माल्या के वकील ने दावा किया कि बैंकों की वित्तीय देनदारी काफी हद तक वसूल हो चुकी है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि आपराधिक जिम्मेदारी बिना अदालत के सामने आए खत्म नहीं की जा सकती। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।

भारत से क्यों भागा था ललित मोदी?

ललित मोदी 2005 से 2009 तक राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष था। 2008 में उसने IPL शुरू किया। BCCI ने उसे IPL का अध्यक्ष और कमिश्नर बनाया। 2010 में ललित पर IPL में करप्शन के आरोप लगे।

ललित ने मॉरीशस की कंपनी वर्ल्ड स्पोर्ट्स को IPL का 425 करोड़ का ठेका दिया था। मोदी पर 125 करोड़ रुपए कमीशन लेने के आरोप लगे। ये भी कहा गया कि उसने दो नई टीमों की नीलामी के दौरान गलत तरीके अपनाए।

2010 में BCCI ने IPL के तीसरे सीजन के फाइनल के तुरंत बाद ललित को सस्पेंड कर दिया। 2010 में ही अंडरवर्ल्ड से धमकियों का हवाला देते हुए ललित मोदी भारत से भाग कर लंदन चला गया। ED ने उसके खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर’ नोटिस जारी किया। उसका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया।

ललित मोदी IPL का फाउंडर, पहला चेयरमैन और लीग कमिश्नर था। उसने 2008 से 2010 तक टूर्नामेंट का आयोजन किया।

ललित मोदी IPL का फाउंडर, पहला चेयरमैन और लीग कमिश्नर था। उसने 2008 से 2010 तक टूर्नामेंट का आयोजन किया।

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मिडिल ईस्ट में उबाल, दुनियाभर के बाजारों में भूचाल, कमजोर खुल सकते हैं सेंसेक्स-निफ्टी

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मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में संकट गहराने व होर्मुज स्ट्रेड के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए बयान के बाद दुनियाभर के बाजार 3 मार्च को क्रैश हो गए। एशियाई बाजार 11 महीनों के अपने सबसे खराब दौर के ट्रेक पर नजर आ रहे हैं। साउथ कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी दिख रही है। छुट्टी से लौटने के बाद यह 5 फीसदी गिर गया और प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए कुछ समय के लिए सेल ऑर्डर रोक दिए गए। होली की छुट्टी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। फ्यूचर्स से जुड़े संकेतक GIFT Nifty में करीब 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,355 के आसपास लगभग 2.55% नीचे ट्रेड करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि BSE Sensex और NIFTY 50 दबाव में खुल सकते हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के चलते बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। उल्लेखनिय है कि ट्रंप ने कहा कि यह वॉर करीब 1 महीने तक चल सकती है। 

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली हावी रही। दक्षिण कोरिया का KOSPI 7% से ज्यादा टूट गया, जो 2024 के बाद की बड़ी गिरावट मानी जा रही है। टेक दिग्गज Samsung Electronics और SK Hynix में करीब 10% तक की कमजोरी आई।

जापान का Nikkei 225 3% से अधिक फिसला, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का SSE Composite Index भी 1% से ज्यादा नीचे रहे। यूरोप में Stoxx Europe 600 लगभग 2.5% गिरा, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी 2% तक की कमजोरी दिखी।

कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी चिंता

तनाव के बीच Brent Crude 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। आज इसमें 7% से अधिक की तेजी दर्ज हुई थी। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते जोखिम ने तेल और गैस आपूर्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेल की बढ़ती कीमतें एशियाई कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव और महंगाई में तेजी की आशंका है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

सोमवार को भी दिखा भारी उतार-चढ़ाव

सोमवार को भी बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,700 अंकों से ज्यादा टूटा, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी के साथ करीब 1,048 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ। निफ्टी भी दिन में 575 अंक फिसलकर अंत में 312 अंक नीचे बंद हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऊंची ऊर्जा कीमतों से रुपये पर दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने के बजाय संतुलित और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल, तीन साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम

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मुंबई, एजेंसी। गैस की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। आज थोक गैस की कीमतों में 32% की सीधी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे दाम थोड़े समय के लिए 151 पेंस प्रति थर्म तक जा पहुंचे। यह फरवरी 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।

एक हफ्ते में करीब 93% की वृद्धि 

बाजार में गैस की कीमतों का बढ़ना जारी है। कल कीमतों में हुई 50% की वृद्धि के बाद, इस सप्ताह अब तक गैस के दाम 93% तक बढ़ चुके हैं। हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में मामूली राहत देखी गई और यह 148 पेंस प्रति थर्म पर आकर रुकी।

आम आदमी पर क्या होगा असर? 

गैस की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। बिजली की कीमतें अभी भी थोक गैस की लागत से जुड़ी हुई हैं, इसलिए गैस महंगी होने से बिजली भी महंगी हो सकती है। दूसरी ओर ‘एनर्जी प्राइस कैप’ (जो ऊर्जा की प्रति यूनिट अधिकतम शुल्क को सीमित करती है) काफी हद तक थोक लागतों के आधार पर ही तय की जाती है। 

यदि थोक कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू बिलों (Household bills) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

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Gold-Silver Drop: औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के भाव, कीमतों में आई बड़ी गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के कारण सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर शाम के कारोबार में दोनों कीमती धातुएं औंधे मुंह गिरी है। MCX पर खबर लिख जाने के समय सोने का वायदा भाव 2.45% यानि 3760 रुपए की गिरावट के साथ 1,62,314 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं चांदी में 16653 रुपए (6.21%) टूटकर 2,61,828 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। आपको बता दें कि आज MCX पर होली के कारण सुबह का कारोबार बंद था। इंटरनैशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमत

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $5400 के पार चली गईं, जिसके बाद देर शाम के ट्रेडिंग में गिरावट देखी गई। शाम के कारोबार में Comex पर सोना 159 डॉलर की गिरावट के साथ 5,159.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 7.44 डॉलर की गिरावट के साथ 81.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।

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