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कोरबा

एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा में मानव शृंखला से गूँजा ‘सतर्कता ही समृद्धि है’ का संदेश

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एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के अंतर्गत संकल्प दिवस का आयोजन, सीएमडी हरीश दुहन ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ

कोरबा/गेवरा। एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा के व्यू प्वाइंट पर मानव शृंखला बनाकर एसईसीएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सतर्कता, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के अंतर्गत गेवरा क्षेत्र में आयोजित संकल्प दिवस का यह विशेष आकर्षण रहा, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों ने “सतर्कता ही समृद्धि है” का संदेश दिया।

केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मनाए जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह के क्रम में आयोजित संकल्प दिवस कार्यक्रम में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन मुख्य अतिथि रहे।

इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, गेवरा क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक अशोक कुमार सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

सीएमडी हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। अपने सम्बोधन में उन्होने कहा कि, “इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एसईसीएल में विभिन्न जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से हम अपनी कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता एवं दक्षता लाएँ।”

कार्यक्रम के अंतर्गत “एक पेड़ सतर्कता के नाम” पहल के तहत पौधारोपण किया गया।

एसईसीएल में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएँ, जनजागरूकता अभियान एवं अन्य गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इन पहलों का उद्देश्य कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आमजन की सहभागिता से पारदर्शी कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करना तथा भ्रष्टाचारमुक्त समाज के निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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SECL दीपका प्रबंधन और भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बीच सार्थक वार्ता, मांगों पर त्वरित कार्रवाई का मिला ठोस आश्वासन

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जीपीएस बाध्यता समाप्त कर लंबित मुआवजा, Rs.5 लाख अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा

1986 से रोजगार से वंचित परिवारों की पुनः समीक्षा, स्वरोजगार के लिए Rs.20 लाख तक की निविदा सीमा और समान अवसर देने की मांग

आंदोलन नहीं, संवाद और समाधान प्राथमिकता—सपुरन कुलदीप (अध्यक्ष)

कोरबा/दीपका। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के सभागार में महाप्रबंधक (CGM) शरद तिवारी खनन परीयोजना अधिकारी (GM) नागेन्द्र साहू भू-राजस्व अधिकारी सुशील साहू एवं लैंड एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप के नेतृत्व में भूविस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामों के प्रतिनिधियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णयकारी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मुआवजा पुनर्वास रोजगार आजीविका और विस्थापित गांवों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई ।

बैठक में समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी बसंत कुमार कंवर, विजय पाल सिंह तंवर, अनुसुईया राठौर, रविन्द्र जगत, दीपक कुमार यादव, ललित महिलांगे, ईश्वर आमरेक्सन, रामप्यारी चैनपुर, सरपंच विनोद टेकाम, राजेश जगत, ग्रामीणों में चंदलाल, जगदीश, परवेश, सुरेश, परदेशी, समय, हीरा सिंह, मंगली बाई, संजू, अमित कुमार, सनीज कुमार, मिलौतिन बाई, राय सिंह, दुर्गेश, सरिता धीवर, हरनारायण सहित ग्राम सुवाभोड़ी मलगांव झाबर सिरकी खुर्द बेलटिकरी एवं चैनपुर सहित अन्य अर्जित ग्रामों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।

बैठक में उठे मुख्य मुद्दे एवं माँगें

  1. सुवाभोड़ी के 64 परिवारों का लंबित मुआवजा:- सुवाभोड़ी के स्वीकृत 64 परिवारों के मकान व परिसंपत्तियों का भुगतान जीपीएस (GPS) की बाध्यता के कारण अटका हुआ है समिति ने इस बाध्यता को तत्काल समाप्त कर पात्र परिवारों को शीघ्र भुगतान की मांग की ।
  2. पुनर्वास राशि एवं अतिरिक्त प्रोत्साहन:-
  3. Rs.10 लाख की निर्धारित बसाहट राशि के अतिरिक्त देय Rs.5 लाख की प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान किया जाए ।
  4. मकान ध्वस्तीकरण के समय बालिग हो चुके युवक-युवतियों को नियमानुसार पृथक बसाहट का लाभ मिले ।
  5. पेड़-पौधे शौचालय बाउंड्रीवाल पटाव जैसी छूटी हुई परिसंपत्तियों का अविलंब मुआवजा दिया जाए ।
  6. मृत व्यक्तियों के नाम स्वीकृत राशि का भुगतान उनके वैध वारिसों को पारदर्शी तरीके से किया जाए ।
  7. 1986 के लंबित रोजगार मामलों की समीक्षा:- 1986 में अर्जित भूमि के बदले कई परिवार अलग-अलग खातों को जोड़ने के कारण रोजगार से वंचित रह गए समिति ने मांग की कि तत्कालीन प्रावधानों के तहत इन मामलों का पुनर्मूल्यांकन कर पात्र भूविस्थापितों को तत्काल रोजगार दिया जाए।
  8. स्थानिक व्यवसाय व निविदा सीमा में वृद्धि:- भूविस्थापितों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए निविदाओं (Tenders) की सीमा Rs.5 लाख से बढ़ाकर Rs.20 लाख की जाए तथा स्थानीय ठेकेदारों से विभागीय स्तर पर हो रहे भेदभाव को समाप्त कर समान अवसर दिए जाएं ।
  9. पुनर्वास ग्रामों में बुनियादी सुविधाएं व पर्यावरण सुरक्षा:- विस्थापित गांवों में पक्की सड़क स्वच्छ पेयजल सुदृढ़ नाली स्ट्रीट लाइट और स्वास्थ्य-शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएं साथ ही खनन से उत्पन्न पर्यावरणीय दुष्प्रभावों पर नियंत्रण के उपाय किए जाएं ।

प्रबंधन का सकारात्मक रुख और आश्वासन

एसईसीएल दीपका के महाप्रबंधक शरद तिवारी ने समिति द्वारा प्रस्तुत सभी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया उन्होंने कहा भूविस्थापित परिवार अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किसी आंदोलन का इंतजार न करें वे सीधे मुझसे मिलकर अपनी बात रख सकते हैं प्रबंधन स्वयं पुनर्वास ग्रामों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेगा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करेगा ।

संवाद से समाधान का पक्षधर है संगठन—सपुरन कुलदीप

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समिति अकारण विरोध या आंदोलन के पक्ष में नहीं है बल्कि निरंतर संवाद और समयबद्ध समाधान चाहती है ।

उन्होंने आगे कहा देश की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक प्रगति के लिए भूविस्थापितों ने अपनी जमीन घर और आजीविका की बलि दी है ऐसे में उनकी जायज मांगों और बुनियादी अधिकारों की पूर्ति करना प्रबंधन का प्राथमिक नैतिक व कानूनी दायित्व है हमें उम्मीद है कि प्रबंधन केवल आश्वासनों तक सीमित न रहकर इन प्रस्तावों पर त्वरित और ठोस निर्णय लेगा।

यह बैठक पूर्व में समिति द्वारा आयोजित ग्रामीण बैठकों से प्राप्त समस्याओं के आधार पर एसईसीएल प्रबंधन द्वारा बुलाई गई थी जिसमें प्रभावित ग्रामीणों को अपनी बात रखने का पारदर्शी मंच मिला ।

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श्रीमती मीरा देवी चौहान का निधन: पंचतत्व में विलीन

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कोरबा। प्रदीप सिंह ठाकुर (बबलू भाई), गायत्री टाइपिंग, टॉप इन टाउन होटल, आईटीआई चौक,कोरबा की माता श्रीमती मीरा देवी चौहान का 96 वर्ष की आयु में आज 28/10/2026 को प्रात : स्वर्गवास हो गया है। उनके पीछे भरापूरा परिवार दो पुत्र प्रदीप सिंह ठाकुर, प्रणय सिंह ठाकुर और दो पुत्री संदीपा व सलोनी सहित भरापूरा परिवार छोड़कर देवलोक गमन कर गई।
अंतिम संस्कार यात्रा
श्रीमती मीरा देवी चौहान के मृत देह का आज दोपहर 1:00 बजे निज निवास – सीनियर एमआईजी-II/43, पंडित रविशंकर नगर, कोरबा से प्रस्थान कर आदर्श नगर पोंडीबहार, कोरबा मुक्तिधाम पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार के बाद उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से मोक्ष प्रदान के लिए प्रार्थना की।

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कोरबा प्रेस क्लब के क्रिकेट प्रतियोगिता में सहयोगी रहे डी. शेखर क्रिस्टोफर का निधन

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कोरबा। शहर के एसईसीएल कॉलोनी निवासी कोरबा प्रेस क्लब के स्व. केएल मेहता क्रिकेट टूर्नामेंट में आत्मीय सहयोगी रहे डी. शेखर क्रिस्टोफर के असामयिक निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। डी. शेखर अपने अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र जो स्वयं एक उत्कृष्ट क्रिकेट खिलाड़ी हैं तथा जिला ओलंपिक संघ के सचिव उनके बड़े भाई सुरेश क्रिस्टोफर सहित समस्त शोकाकुल परिजन शामिल हैं। उनका यूं चले जाना हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
एसईसीएल में अपनी कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ वे खेल जगत से भी जुड़े हुए थे। वे क्रिकेट के एक बेहतरीन खिलाड़ी होने के साथ-साथ कोरबा प्रेस क्लब द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित स्व. केएल मेहता क्रिकेट टूर्नामेंट में लगातार अम्पायर के रूप में अपनी सराहनीय सहयोग देते रहे हैं। कोरबा प्रेस क्लब के साथ उनका जुड़ाव हमेशा एक सक्रिय सहयोगी के रूप में रहा।उनके मिलनसार व्यक्तित्व, आत्मीय व्यवहार तथा खेल के प्रति समर्पण को प्रेस क्लब परिवार हमेशा याद रखेगा।
कोरबा प्रेस क्लब इस कठिन और दु:ख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ा है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा समस्त परिजनों एवं शुभचिंतकों को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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