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छत्तीसगढ़

नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ में बेहतर,औद्योगिक वातावरण का होगा निर्माण

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औद्योगिक विकास नीति 2024-2030

विशेष लेख : उप संचालक: छगनलाल लोन्हारे 

रायपुर। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से लागू हो गई है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य में औद्योगिक नीतियों की परिकल्पना राज्य गठन के उपरान्त लगातार की जा रही है। छत्तीसगढ़ में अब तक पांच औद्योगिक नीतियां क्रमशः – 2001, 2004-09, 2009-14, 2019-24 प्रवाशील रही एवं अब नई औद्योगिक नीति 2024 लागू की गई है। उपरोक्त औद्योगिक नीति को लागू किये जाने के साथ ही इन नीतियों में तत्कालीन आवश्यकताओं को तथा औद्योगिक विकास के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नीतियों में यथा आवश्यकता विभिन्न प्रकार के औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यथा- ब्याज अनुदान, राज्य लागत पूंजी अनुदान, (अधोसंरचना लागत पूंजी अनुदान), स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट, प्रवेश कर छूट, मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति, मंडी शुल्क छूट, परियोजना लागत पूंजी अनुदान इत्यादि प्रदान की जाती रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। हमारा राज्य देश के मध्य मेें स्थित है, आने वाले वर्षो में हम अपनी भौगोलिक स्थिति आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को ‘‘हेल्थ हब‘‘ बनाने मे सफल होंगे। जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारभ करने जा रहे है।

प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन का कहना है कि निश्चित तौर पर हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग कैसे स्थापित हो इसे ध्यान में रखकर यह उद्योग नीति तैयार की गई है। हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हाल ही में आयोजित केबिनेट बैठक में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है।

इसमें छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। राज्य के प्रशिक्षित व्यक्तियों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए उद्योगों हेतु प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक के लिए होगी। नई औद्योगिक नीति में निवेश प्रोत्साहन में ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट. मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। नई नीति में मंडी शुल्क छूट, दिव्यांग (निःशक्त) रोजगार अनुदान, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान, नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति के भी प्रावधान किये गये हैं।

इस नीति में राज्य के युवाओं के लिये रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर एक हजार से अधिक स्थानीय रोजगार सृजन के आधार पर बी-स्पोक पैकेज विशिष्ट क्षेत्र के उद्योगों के लिये प्रावधानित है। राज्य के निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों, जिनमें पैरामिलिट्री भी शामिल है, को नई औद्योगिक नीति के तहत अधिक प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। नक्सल प्रभावित लोगों, कमजोर वर्ग, तृतीय लिंग के उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। सरकार का प्रयास होगा  कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान

यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सृजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्रों में रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।

राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है।

4 दिसम्बर 2024 को नवा रायपुर में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप के दौरान राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर प्रदान किए। इनमें राज्य के कोर सेक्टर के साथ ही नये निवेश क्षेत्रों जैसे आईटी, एआई, डाटा सेंटर, एथेनॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें शिवालिक इंजीनियरिंग, मां दुर्गा आयरन एण्ड स्टील, एबीआरईएल ग्रीन एनर्जी, आरएजी फेरो एलायज, रिलायंस बायो एनर्जी, यश फैंस एण्ड एप्लायंसेस, शांति ग्रीन्स बायोफ्यूल, रेक बैंक डाटा सेंटर आदि सम्मिलित हैं।

इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है।

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छत्तीसगढ़

भागवत बोले- संघ केवल हिंदुओं का नहीं, देश का है:कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए, BJP संगठन महामंत्री से की मुलाकात, जबलपुर रवाना

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि स्वयंसेवकों के बिना संघ अधूरा है, लेकिन संघ स्वयंसेवकों से बड़ा है। संघ समुद्र की तरह है, जिसमें सभी सदस्य समाहित होते हैं।

उन्होंने कहा कि जिस तरह समुद्र की पहचान उसकी एक बूंद से होती है, उसी तरह सदस्यों से संघ की पहचान होती है। संघ का उद्देश्य राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखना है, इसलिए सदस्यों को संगठित और सजग होकर राष्ट्रहित में काम करना चाहिए।

दरअसल, RSS प्रमुख गुरुवार को कोनी स्थित सरस्वती ग्राम शिक्षा परिषद संस्थान में आयोजित बौद्धिक वर्ग में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मानते हैं कि संघ हिंदुओं के भले के लिए काम करता है। लेकिन संघ केवल हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भले के लिए काम करता है।

RSS प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि संघ का मुख्य काम किसी के प्रति घृणा फैलाना नहीं है, बल्कि शुद्ध सात्विक प्रेम और सद्भाव के आधार पर पूरे हिंदू समाज और राष्ट्र को एकजुट करना है। वहीं, आज (शुक्रवार) 2 सत्रों में बैठकें हुई।

पहले सत्र में आगामी कार्यक्रमों, युवा वर्ग को जोड़ने और RSS-भाजपा के खिलाफ बनाए जा रहे नैरेटिव पर रणनीति तय हुई। दूसरे सत्र में संघ पदाधिकारियों के साथ भाजपा नेता शामिल हुए। इस दौरान मोहन भागवत ने प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह से मुलाकात की। इसके बाद मोहन भागवत अमरकंटक एक्सप्रेस से जबलपुर के लिए रवाना हुए।

RSS प्रमुख सरस्वती ग्राम शिक्षा परिषद संस्थान में आयोजित बौद्धिक वर्ग में शामिल हुए।

RSS प्रमुख सरस्वती ग्राम शिक्षा परिषद संस्थान में आयोजित बौद्धिक वर्ग में शामिल हुए।

पहले उपेक्षा हुई, अब जय-जयकार हो रही

बौद्धिक वर्ग कार्यक्रम में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि 1925 में RSS की स्थापना के बाद शुरुआत में संघ की उपेक्षा हुई। फिर विरोध हुआ और अब जय-जयकार हो रही है। अब माहौल RSS के पक्ष में है, इसलिए स्वयंसेवकों को और सतर्क होकर काम करना है।

पिछले एक साल में शताब्दी वर्ष के तहत जो काम किए गए हैं, उन्हें आगे भी जारी रखना है। हर स्वयंसेवक को लक्ष्य दिया कि पहले किसी अनजान व्यक्ति को परिचित बनाएं। फिर उससे दोस्ती करें और दोस्त बनने के बाद उसे स्वयंसेवक बनाएं।

पानी के फॉर्मूले से समझाया स्वयंसेवकों और संघ का महत्व

मोहन भागवत ने कहा कि हाइड्रोजन के दो और ऑक्सीजन के एक परमाणु (H2O) से पानी बनता है। उसी तरह स्वयंसेवकों से संघ बनता है। स्वयंसेवकों के बिना संघ की ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि हर स्वयंसेवक को डॉ. हेडगेवार के जीवन और विचारों को समझना चाहिए। उनका व्यक्तित्व आदर्श था।

RSS प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को दी नसीहत

भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन या आंदोलन का मकसद केवल राजनीतिक हित साधना या समाज में नफरत फैलाना नहीं होना चाहिए। आंदोलन हमेशा समाधान निकालने के लिए होने चाहिए। सभी काम संवैधानिक और कानूनी सीमाओं के दायरे में रहकर किए जाने चाहिए।

कार्यक्रम स्थल के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।

कार्यक्रम स्थल के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों से शाखाओं का विस्तार करें

मोहन भागवत ने कहा कि शताब्दी वर्ष के तहत किए गए कार्यक्रमों को भुलाना नहीं है। संपर्क बढ़ाने और शाखाओं का विस्तार करने का काम लगातार जारी रखना है। संघ के तीन आधार शाखा, कुटुंब और अपनत्व हैं। इन्हें लगातार मेहनत करके आगे बढ़ाना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ के सभी आनुषांगिक संगठन स्वतंत्र और स्वावलंबी हैं। जब उन्हें विचारों की जरूरत होती है, तब संघ मार्गदर्शन देता है। बौद्धिक वर्ग में क्षेत्र संघ चालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना, प्रांत संघ चालक टोपलाल वर्मा सहित संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विपक्ष के हमलों के बीच स्वयंसेवकों को सतर्क रहने का संदेश

मोहन भागवत के संबोधन में विपक्षी दलों की ओर से RSS पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता दिखी। उन्होंने स्वयंसेवकों से सतर्क रहकर राष्ट्रहित में काम करने का आह्वान किया, ताकि किसी स्वयंसेवक की गलती से पूरे RSS के खिलाफ माहौल न बने।

उन्होंने संघ की स्थापना के समय का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेज समझ गए थे कि यह देशभक्त बनाने वाली संस्था है। इसलिए सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ उनके बच्चों के भी शाखाओं में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। बाद में विरोध के बाद यह प्रतिबंध हटाना पड़ा।

मोहन भागवत गोंडवाना इंटरसिटी एक्सप्रेस से गुरुवार को बिलासपुर पहुंचे थे।

मोहन भागवत गोंडवाना इंटरसिटी एक्सप्रेस से गुरुवार को बिलासपुर पहुंचे थे।

सालभर में 2311 नई शाखाएं खुलीं, अब संख्या 5500 हुई

बौद्धिक वर्ग से पहले संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मुख्य शिक्षक, कार्यवाह, नगर, उपनगर और विभाग कार्यकारिणी से शताब्दी वर्ष में दिए गए कामों का लेखा-जोखा लिया गया। इस दौरान बताया गया कि सालभर में 2311 नई शाखाएं शुरू हुई हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर 5500 हो गई है।

रायपुर के कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पावभाजी बेचने वालों के लिए रात में शाखा शुरू की थी। यह रात्रि शाखा का पहला प्रयोग है। वहीं, मस्तूरी मंडल की एक शाखा के 10 स्वयंसेवकों ने 10 अलग-अलग जगहों पर नई शाखाएं खोलने की जानकारी दी।

मीडिया के साथ मोबाइल पर भी प्रतिबंध

RSS के बौद्धिक वर्ग में संघ से जुड़े सरकारी अधिकारी-कर्मचारी और डॉक्टर भी शामिल हुए। इस दौरान मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध था। बौद्धिक वर्ग में शामिल होने के लिए पदाधिकारियों और सदस्यों को प्रवेशिका जारी की गई थी। कार्यक्रम में जाने से पहले सभी सदस्यों के मोबाइल बाहर जमा करा लिए गए थे।

रेलवे स्टेशन से मोहन भागवत कार्यक्रम के लिए रवाना होते हुए।

रेलवे स्टेशन से मोहन भागवत कार्यक्रम के लिए रवाना होते हुए।

RSS प्रमुख की सुरक्षा में 100 से अधिक जवान तैनात

गुरुवार को RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के आगमन पर रेलवे स्टेशन से कोनी तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सरस्वती महाविद्यालय परिसर और आसपास 100 से अधिक जवान तैनात किए गए थे।

सुरक्षा व्यवस्था में एडिशनल एसपी पंकज पटेल, एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह, डीएसपी स्तर के अधिकारी और आधा दर्जन से अधिक निरीक्षक तैनात रहे।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 50 ट्रेनें कैंसिल:27 नवंबर से 17 दिसंबर तक नहीं चलेंगी गाड़ियां, MP-महाराष्ट्र-ओडिशा के यात्री होंगे परेशान

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 50 एक्सप्रेस ट्रेनों को 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में कैंसिल किया गया है। वहीं, आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस राउरकेला तक ही चलेगी, जबकि उत्कल एक्सप्रेस का रूट बदल दिया गया है। इसके अलावा कई लंबी दूरी की ट्रेनें भी प्रभावित होंगी। आजाद हिंद एक्सप्रेस 14 दिसंबर को 2 घंटे देरी से रवाना होगी।

रेलवे के झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में काम के चलते ये फैसला लिया गया है। इसका असर छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान समेत कई राज्यों के यात्रियों पर पड़ेगा।

साउथ बिहार एक्सप्रेस राउरकेला तक ही चलेगी

13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस: 28 नवंबर और 4 से 15 दिसंबर 2026 तक यह ट्रेन राउरकेला स्टेशन तक ही चलेगी। राउरकेला से दुर्ग के बीच ट्रेन रद्द रहेगी।

13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस: 29 नवंबर और 5 से 16 दिसंबर 2026 तक यह ट्रेन राउरकेला स्टेशन से ही रवाना होगी। दुर्ग से राउरकेला के बीच ट्रेन रद्द रहेगी।

आजाद हिंद एक्सप्रेस 2 घंटे देरी से चलेगी

14 दिसंबर 2026 को पुणे से रवाना होने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 2 घंटे की देरी से चलेगी। रेलवे ने अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रेन की सही स्थिति और समय की जानकारी रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा NTES या हेल्पलाइन नंबर 139 से जरूर ले लें, ताकि परेशानी से बचा जा सके।

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छत्तीसगढ़

20 लाख लोन चुकाने टीचर और उसके बेटे की हत्या:महिला का गला घोंटा, लड़के का पत्थर से सिर फोड़ा, सहेली का पति गिरफ्तार

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सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में टीचर और उनके बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मृतका की सहेली का पति है। उसने 20 लाख रुपये का लोन लिया था। इसकी किस्त चुकाने के लिए टीचर से पैसे मांगे थे। मना करने पर उसने हत्या कर दी। बेटे को घर में उसके आने की जानकारी थी, इसलिए उसे भी मार डाला।

मामला जयनगर और विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी ने टीचर के घर के बाथरूम में शैंपू की बोतल से उनके सिर पर वार किया। बेसुध होने पर गला घोंट दिया। वहीं, मृतका के बेटे को सुनसान जगह ले जाकर सीमेंट के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी।

बेटे की लाश सड़क किनारे सुनसान जगह में मिली थी।

बेटे की लाश सड़क किनारे सुनसान जगह में मिली थी।

महिला सरकारी स्कूल में टीचर थी, उसकी लाश बाथरूम में मिली थी।

महिला सरकारी स्कूल में टीचर थी, उसकी लाश बाथरूम में मिली थी।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

बेटे का शव सड़क पर मिला

जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर में नेशनल हाईवे-43 से लगी ग्रामीण सड़क के किनारे एक लड़के का शव मिला था। लड़के की हत्या के बाद शव सड़क किनारे फेंका गया था।

मृतक की पहचान बिश्रामपुर के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं के छात्र सुजल बरेठ (18) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुजल की स्कूटी घर से करीब 500 मीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर लावारिस हालत में खड़ी थी।

मां का शव बाथरूम में मिला

देर रात पुलिस सुजल के घर पहुंची, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला। उसकी मां रजनी बरेठ का भी पता नहीं चल रहा था। इसके बाद बिश्रामपुर पुलिस ने सुजल के रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में घर का ताला तोड़ा गया। अंदर बाथरूम में सुजल की मां रजनी बरेठ (40) का शव भी संदिग्ध हालत में मिला।

मौके पर डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया।

मौके पर डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया।

पति से तलाक के बाद बेटे के साथ रहती थी

रजनी बरेठ बेलटिकरी के सरकारी स्कूल में टीचर थीं। पति से 5 साल पहले तलाक के बाद वह अपने बेटे सुजल के साथ विश्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवनगर में किराए के मकान में रहती थीं। घटना के बाद पुलिस ने कई संदेहियों से पूछताछ की।

मामला ब्लाइंड मर्डर का होने के कारण साइबर सेल और सूरजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कई संदिग्धों से पूछताछ की। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन भी निकाली गई।

सहेली के पति पर गया शक

जांच के दौरान रजनी बरेठ के स्कूल में पदस्थ एक महिला टीचर के पति परवेश उर्फ प्रवेश कुमार (36) की भूमिका संदिग्ध मिली। पुलिस को CCTV में एक व्यक्ति टीचर के घर की ओर जाते दिखा था। जांच के बीच संदिग्ध फरार हो गया था। इसके बाद 22 अक्टूबर को पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना कबूल कर लिया।

रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल ।

रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल ।

पैसे देने से मना करने पर मां की हत्या

पूछताछ में प्रवेश कुमार ने रजनी बरेठ और सुजल बरेठ की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में टीचर थीं, जिसके कारण आरोपी का रजनी बरेठ के घर आना-जाना था।

आरोपी ने मोटर-पार्ट्स के व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपये का लोन लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे पता था कि रजनी बरेठ ने भी 19 लाख रुपये का लोन लिया है।

9 अक्टूबर की दोपहर आरोपी पैदल रजनी बरेठ के घर पहुंचा। रजनी शाम को ड्यूटी से लौटीं, तो सुजल ट्यूशन के लिए घर से चला गया। प्रवेश ने रजनी से पैसे मांगे। उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया।

बाथरूम में गला दबाकर मार डाला

पैसों के लालच में प्रवेश कुमार ने रजनी बरेठ से झूमाझटकी की। जब रजनी भागने लगीं, तो आरोपी ने उन्हें बाथरूम में खींचकर उनके सिर पर शैंपू की बोतल मारी और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।

आरोपी प्रवेश कुमार

आरोपी प्रवेश कुमार

सबूत मिटाने बेटे को मार डाला

आरोपी ने बताया कि बेटे सुजल को पता था कि घर पर उसकी मां और आरोपी मौजूद थे, इसलिए उसने सुजल को भी मारने की प्लानिंग की। वह रजनी के घर जाने वाले रास्ते के तिराहे पर करीब 3 घंटे तक सुजल का इंतजार करता रहा। रात करीब 9 बजे सुजल आया, तो उसने कहा कि तेरी मम्मी मेरे घर पर हैं।

आरोपी सुजल को कार में बैठाकर घुमाते हुए अंबिकापुर लेकर आया और उसे मैगी खिलाई। रात को वे राईं जंगल में बाथरूम जाने के बहाने रुके, जहां आरोपी ने सुजल के गले में स्टॉक कसकर उसे मारने की कोशिश की।

सीमेंट के टुकड़े से सिर-सीने पर मारा

सुजल भागने लगा, तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर वह कालीघाट पहुंचा, जहां ग्रामीण सड़क के किनारे उसने सुजल का शव फेंक दिया।

सूरजपुर एसपी योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी के कब्जे से मृतका का मोबाइल, ज्वेलरी एवं अन्य सामान बरामद किया है। घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।

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