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कोरबा

नई मैडम…नया सर.. युक्ति युक्तकरण से स्कूलों में पढ़ाई हुई बेहतर

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पहली से लेकर बारहवीं तक के रिक्त पदों में शिक्षको की पदस्थापना से बदला माहौल

दूरस्थ गाँव में शिक्षकों को भी मिलने लगा है सम्मान के साथ पहचान

विशेष लेख-कमलज्योति

वक़्त का पहिया बहुत तेजी से आगे बढ़ गया है…गाँव का वह तालाब, तालाब के किनारे का पेड़, पेड़ पर घोंसला, गांव के गौटियां के घर के पास का कुआं, कीचड़ वाले रास्ते, खपरैल वाले घर और उन घरों से ही दूर-दूर तक नजर आती खेत…खेत के मेढ़ से बस्ता टांगकर दूर तक स्कूल का सफर सहित आसपास के नजारे अब भले ही बदलाव के दौर में बदल गये हैं…. इन्हीं बदलाव में गाँव का वह स्कूल भी अब पहले जैसा नहीं रहा…भले ही कई स्कूल जहाँ संचालित थे, वहीं है लेकिन उन स्कूलों की दीवारें बदल गई है। छते बदल गई है, विद्यार्थी, शिक्षक भी बदल गए हैं..किताबें बदल गई है, ड्रेस बदल गया है…लेकिन कक्षा के भीतर मास्टरजी की सीख, बच्चों के शोर, शाला लगने और शाला से घर जाने सुनाई देने वाली घंटी की आवाजें, प्रार्थना, कतार…सबकुछ वैसा का वैसा ही तो है..। नई पहचान के साथ अब शहर से लेकर दूरस्थ गाँव तक के हर विद्यालय में क, ख, ग और ए, बी सी,डी की शोर सुनाई देती है, लेकिन यह शोर वह शोर नहीं.. जिन्हें सुनकर कान बन्द करने की नौबत आन पड़े…यह तो वह शोर है…जिसमे आने वाले भविष्य का कल छिपा है…इसे सुनकर पूरा गाँव निश्चिंत है..और खुश भी है कि उनके गांव के विद्यालय में मास्टरजी आ गये हैं। यह खुशी विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों में भी है कि उन्हें नई मैडम और नया सर मिल गया है। स्कूल आने-जाने का समय हो या फिर घर में अपने भाई-बहन, माता-पिता के बीच गुजरने वाला वक्त, स्कूल की नई मैडम और नये सर का जिक्र सबकी जुबां पर है। गांव के स्कूलों में पदस्थ होने के साथ ही शिक्षकों का भी मान सम्मान बढ़ने लगा है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश भर में अपनाई गई युक्तियुक्त करण की प्रक्रिया से शहर से लेकर दूरस्थ गांव तक के सरकारी विद्यालयों मे ंपढ़ाई करने वाले गरीब विद्यार्थियों के भाग खोल दिये हैं। अतिशेष शिक्षकों के समायोजन से उन हजारों विद्यालयों को शिक्षक मिल गया है, जहां वर्षों से शिक्षक की कमी थी। प्रदेश के लगभग 6 हजार एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षको का समायोजन किया गया है, जिससे 4 हजार 721 विद्यालय लाभान्वित हुए है। वही युक्ति युक्तकरण से पूर्व प्रदेश भर में 453 शिक्षकविहीन विद्यालय थे। इन विद्यालयों में से 446 विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना कर राज्य शासन ने शिक्षक की कमी से वंचित विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने के साथ ही शिक्षको की गारंटी और पढ़ाई के साथ बच्चों की भविष्य भी सुनिश्चित कर दी है। कोरबा जिले में 500 से अधिक शिक्षकों को शिक्षकविहीन, एकलशिक्षकीय-द्विशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। हाइ और हायर सेकंडरी विद्यालय के अतिशेष व्याख्याताओं को उन विद्यालयों में पदस्थ किया गया है, जहाँ गणित, रसायन, भौतिकी, हिंदी, अंग्रेजी, कामर्स विषयों के शिक्षकों की कमी थी। इससे पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा होगा।

विद्यालयों में शिक्षक की पदस्थापना से विद्यार्थी भी खुश है। शहर से लगभग सौ किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच पंडोपारा में रहने वाले पंडो समाज गाँव में स्कूल में बनी शिक्षको की कमी से चिंतित थे, क्योंकि उनके बच्चे पाठशाला तो नियमित जाते थे, लेकिन विद्यालय में एकमात्र शिक्षक होने का खमियाजा भी बच्चों को भुगतना पड़ता था। आखिरकार जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में ऐसे शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों की सुध ली गई तो युक्ति युक्तकरण जैसी व्यवस्था ने घने जंगलों में बसे पंडो जनजाति के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की राह आसान कर दी। पंडोपारा के ग्रामीण मंगल सिंह पंडो ने बताया कि गाँव में स्कूल में दो शिक्षक होने से क्लास में सभी बच्चों की पढ़ाई तो होगी ही, अब कोई खाली नहीं बैठेगा। इसी विद्यालय में कक्षा चौथी के छात्र जगदेश्वर पंडो, तीसरी कक्षा के राजेन्द्र और दूसरी के मुकेश पंडो को भी खुशी है कि उनके स्कूल में नए गुरुजी पढ़ाने आ रहे हैं।
कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था। अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक शेखरजीत टंडन ने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला।


करतला ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र में स्थित छोटे से गांव तिलईडबरा में भी शिक्षा की तस्वीर अब बदलने लगी है। वर्षों से शिक्षक की कमी से जूझते शासकीय प्राथमिक शाला में अब युक्तियुक्तकरण के तहत नियमित शिक्षिका श्रीमती संगीता कंवर की पदस्थापना की गई है, जिससे गांव में शिक्षा की नई रोशनी पहुंची है। शिक्षिका संगीता कंवर ने विद्यालय में पदभार ग्रहण करने के साथ ही बच्चों को पढ़ाना प्रारंभ किया। आज वे नियमित रूप से कक्षाएं ले रही हैं और बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दे रही है। शिक्षिका की उपस्थिति से बच्चों का मन भी पढ़ाई में मन जम रहा और वे भी अध्ययन में रुचि ले रहे।
पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र मांचाडोली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जीव विज्ञान विषय की शिक्षिका श्रीमती राजमणि टोप्पो की पदस्थापना की गई है। विद्यालय में लंबे समय से जीव विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय की विशेषज्ञ शिक्षक की कमी महसूस की जा रही थी। 12वीं जीव विज्ञान के छात्र दीक्षांत दास मानिकपुरी ने कहा नई मैडम के आने से जीव विज्ञान विषय आसान हो गया है। पहले हम कोशिका, डीएनए, आरएनए, हार्मोन जैसे शब्दों के अर्थ को समझने में उलझे रहते थे। अब शरीर की बनावट, शारीरिक अंगों के क्रियाकलाप को बेहतर समझ पा रहे है। पादप, जंतु और सूक्ष्म जीवों के सरंचनाओं की समझ बढ़ी है। अब हम उन्हें समझने की कोशिश करते हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षिका के आने से कक्षा की सोच बदल गई है। अब हम सभी डॉक्टर, वैज्ञानिक बनने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।


इसी क्रम में ग्राम पचरा में संचालित हाई स्कूल में भी शिक्षको की कमी बनी हुई थी। विद्यालय में कक्षा नवमीं में 48 और कक्षा 10वीं में 25 विद्यार्थी है। विद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं विद्या, मानमती, सुहानी यादव ने बताया कि गांव के विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी विषय थोड़ा कठिन लगता है, गणित के शिक्षक पहले से हैं, अब हमारे स्कूल में अंग्रेजी के सर आ गए हैं। स्कूल में बहुत दूर-दूर के गाँव से लड़के-लड़कियां पढ़ाई करने आती है। सभी विषयों की पढ़ाई होने से हम लोग का मन भी स्कूल आने में होता है। यहां अंग्रेजी विषय में युक्तियुक्तकरण से गोपाल प्रसाद भारद्वाज पदस्थ हुए हैं। इसी तरह कोरबा ब्लॉक के चचिया में हायर सेकेण्डरी स्कूल में गणित और करतला के ग्राम केरवाद्वारी में भौतिक विषय की शिक्षिका पदस्थ हुई है। विद्यार्थियों को कठिन सा विषय लगने वाले गणित, भौतिक, अंग्रेजी सहित अन्य विषयों के व्याख्याता मिल जाने से विद्यार्थी बहुत खुश है।

मानदेय शिक्षक भी निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर अजीत वसन्त द्वारा डीएमएफ से मानदेय शिक्षको की नियुक्ति अनेक विद्यालयों में की गई है। जिले के प्राइमरी स्कूल में 243,मिडिल स्कूल में 109 और हायर सेकंडरी स्कूल में 120 शिक्षको को मानदेय पर रखा गया है। ये शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। इन्हें विद्यालयों में शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया है। इसके अतिरिक्त संविदा से नियुक्त शिक्षक भी अध्यापन करा रहे हैं।

स्कूल भवनों सहित अन्य सुविधाओं पर भी दिया जा रहा है ध्यान

जिले के जर्जर विद्यालयों को मरम्मत के साथ ही आवश्यकता वाले स्थानों पर नवीन विद्यालय भवन, किचन शेड, टॉयलेट, बाउंड्रीवाल, साइकिल स्टैंड, न्यूज़ पेपर स्टैंड सहित अन्य सुविधाओं के लिए कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की गई है। स्कूलों में भृत्य के रिक्त पदों पर मानदेय में 310 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। खास बात यह भी है कि जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से संबंधित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया गया है। स्कूली विद्यार्थियों के लिए नाश्ते का वितरण और प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट, जेईई सहित अन्य में प्रवेश के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था ने जिले में शैक्षणिक माहौल कायम किया है।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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कोरबा

रायपुर : संजू की स्वर्णिम जीत पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने थपथपाई पीठ, कहा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा उनके अनुभव का लाभ

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परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा
परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

रायपुर/कोरबा 29 सितम्बर 2026। एशियन गेम्स-2026 में महिला कबड्डी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने रायपुर लौटने के बाद उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान संजू देवी की उपलब्धि पर उनका अभिनंदन कर हौसला बढ़ाया। उन्होंने संजू की माता श्रीमती अमरीका बाई और पिता रामजी का भी अभिनंदन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संजू देवी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारत के साथ छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने संजू से एशियन गेम्स के अनुभव और उनकी टीम के स्वर्ण पदक तक के अजेय सफर की जानकारी ली। श्री साव ने उनसे प्रतियोगिता के दौरान मिले अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
श्री साव ने संजू का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला उनका अनुभव केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेगा। इस अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ के अन्य खिलाड़ियों को भी मिलेगा। श्री साव से संजू देवी की मुलाकात के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो भी मौजूद थीं।

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कोरबा

जाति जनगणना और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने राष्ट्रपति के नाम ओबीसी कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी वर्ग के जिला अध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू (शहर) राजेश श्रीवास (ग्रामीण) तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि जनगणना जाति के आधार पर की जाए और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड, वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू ने बताया कि ओबीसी कांग्रेस द्वारा रैली निकाली गई और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई है कि जनगणना जाति के आधार पर सुनिश्चित की जाए और वैज्ञानिक, प्रमाणित एवं नीतिनिर्माण में उपयोगी जाति जनगणना हेतु ओबीसी श्रेणी मानकीकृत जाति सूची, प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में लिखा गया है कि अगामी जनगणना में जातियों की गणना की पद्धति से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है। जाति जनगणना सामाजिक न्याय का ऐतिहासिक माध्यम तभी बन सकती है, जब देश की प्रत्येक जाति एवं समुदाय की सही, वैज्ञानिक और एकरुप गणना हो।
केवल किसी व्यक्ति से उसकी जाति पूछ लेना पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि एक ही प्रमाणित जाति के अलग-अलग नाम, पर्यायवाची नाम, क्षेत्रीय नाम तथा उच्चारण एवं वर्तनी के अंतर के कारण उसे अनेक अलग-अलग जातियों के रूप में दर्ज न कर दिया जाए।

समस्या: एक जाति-अनेक नाम
भारत की सामाजिक संरचना अत्यंत विविध है। एक ही जाति अथवा समुदाय को अलग-अलग राज्यों, क्षेत्रों और भाषाओं में अलग-अलग नामों, उपनामों, परंपरागत व्यवसाय-सुचक नामों तथा वर्तनी से जाना जा सकता है। ज्ञापन में कहा गया है केन्द्र एवं राज्य सरकारों की आधिकारिक सूचियों तथा अन्य प्रमाणित अभिलेखों के आधार पर प्रत्येक राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के लिए वैज्ञानिक कास्ट मास्टर लिस्ट तैयार की जाए।
किसी भी दो नामों को केवल समानता के अधार पर स्वत: एक जाति न मानी जाए। उनका एकीकरण आधिकारिक दस्तावेजों, ऐतिहासिक एवं मानव शास्त्रीय प्रमाणों एवं विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही किया जाए।
जाति जनगणना की अंतिम पद्धति तय करने से पहले एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। इसके अलावा ज्ञापन में कई विषयों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया गया है।

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