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राष्ट्रपति के साथ दिखीं ऑपरेशन सिंदूर की पायलट:पाकिस्तान ने स्क्वॉड्रन लीडर शिवांगी को पकड़ने का दावा किया था, राफेल में उड़ान भरने गई थीं मुर्मू

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अंबाला,एजेंसी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से फाइटर प्लेन राफेल में उड़ान भरी। इस दौरान राष्ट्रपति की स्क्वॉड्रन लीडर शिवांगी सिंह के साथ एक फोटो भी सामने आई।

पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शिवांगी को पकड़ने का दावा किया था। पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया था कि शिवांगी युद्धबंदी हैं और उनका लड़ाकू विमान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मार गिराया गया।

PIB ने 10 मई को फैक्ट चेक में पाकिस्तान के दावे को झूठा करार दिया था। शिवांगी यूपी के वाराणसी की रहने वाली हैं।

मुर्मू ने 40 मिनट उड़ान भरी

राफेल ने सुबह 11:10 बजे टेक ऑफ किया और 11:50 बजे लैंड किया। राष्ट्रपति जिस राफेल में बैठी थीं, उसे ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। राष्ट्रपति के राफेल के पीछे एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने दूसरे एयरक्राफ्ट से उन्हें एस्कॉर्ट किया।

राष्ट्रपति मुर्मू भारतीय वायु सेना के 2 फाइटर विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। इससे पहले, 7 अप्रैल 2023 को उन्होंने असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई 30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भरी थी।

सोर्स: https://www.facebook.com/share/v/17Ts1PhTVx/

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अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राष्ट्रपति की तस्वीरें…

राफेल ने सुबह 11 बजकर 14 मिनट पर टेक ऑफ किया और करीब डेढ़ घंटे बाद दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर लैंड किया।

राफेल ने सुबह 11 बजकर 14 मिनट पर टेक ऑफ किया और करीब डेढ़ घंटे बाद दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर लैंड किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में उड़ान भरते हुए थम्स अप किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में उड़ान भरते हुए थम्स अप किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी व अन्य अधिकारी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी व अन्य अधिकारी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में सवार होने से पहले फ्लाइट सूट पहना।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में सवार होने से पहले फ्लाइट सूट पहना।

मुर्मू ने सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर जिप्सी पर खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया।

मुर्मू ने सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर जिप्सी पर खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया।

मुर्मू सुबह 9.15 बजे अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं। यहां एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

मुर्मू सुबह 9.15 बजे अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं। यहां एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

राष्ट्रपति ने परेड का निरीक्षण किया

राष्ट्रपति बुधवार सुबह 9.15 बजे विशेष विमान से अंबाला पहुंचीं थीं। एयरफोर्स स्टेशन पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया। फिर राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति ने परेड का निरीक्षण करने के बाद जवानों से मुलाकात की। उन्होंने एयरफोर्स स्टेशन की यूनिट्स का भी निरीक्षण किया।

मुर्मू के दौरे के समय एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई थी। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही एयरफोर्स स्टेशन में प्रवेश दिया गया। मोबाइल अंदर ले जाने की परमिशन भी नहीं दी गई।

सुखोई जेट में उड़ान भर चुकीं राष्ट्रपति मुर्मू

इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ने 7 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई 30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भरी थी। सुखोई जेट ने सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर टेक ऑफ किया और 11 बजकर 38 मिनट पर लैंड किया। मुर्मू सुखोई में उड़ान भरने वाली देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल ने भी सुखोई में उड़ान भरी थी।

30 मिनट की उड़ान में राष्ट्रपति ने ब्रह्मपुत्र और तेजपुर वैली को कवर किया था। विमान ने समुद्र तल से करीब दो किलोमीटर की ऊंचाई पर और करीब 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी। एयरक्राफ्ट को 106 स्क्वॉड्रन कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन नवीन कुमार ने उड़ाया। उड़ान से पहले राष्ट्रपति को एयरक्राफ्ट और वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता के बारे में बताया गया था।

27 जुलाई 2020 को सबसे पहले अंबाला पहुंचे थे राफेल

10 सितंबर 2020 को अंबाला एयरबेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में औपचारिक इंडक्शन सेरेमनी हुई थी। इसमें राजनाथ सिंह ने राफेल विमानों को औपचारिक रूप से रिसीव किया। - फाइल फोटो

10 सितंबर 2020 को अंबाला एयरबेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में औपचारिक इंडक्शन सेरेमनी हुई थी। इसमें राजनाथ सिंह ने राफेल विमानों को औपचारिक रूप से रिसीव किया। – फाइल फोटो

भारत ने राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से खरीदे हैं। पहली खेप 27 जुलाई 2020 को मिली थी, जिसमें 5 राफेल विमान शामिल थे। ये विमान सबसे पहले अंबाला एयरबेस पहुंचे थे। उन्होंने फ्रांस के मेरिग्नैक एयरबेस से उड़ान भरी, संयुक्त अरब अमीरात के अल दफरा एयरबेस पर रुके और फिर भारत पहुंचे।

10 सितंबर 2020 को अंबाला एयरबेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में एक औपचारिक इंडक्शन सेरेमनी आयोजित की गई थी। इन विमानों को भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन, “गोल्डन एरोज” में शामिल किया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी राफेल में उड़ान भर चुके हैं।

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मिडिल ईस्ट में उबाल, दुनियाभर के बाजारों में भूचाल, कमजोर खुल सकते हैं सेंसेक्स-निफ्टी

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मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में संकट गहराने व होर्मुज स्ट्रेड के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने तथा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए बयान के बाद दुनियाभर के बाजार 3 मार्च को क्रैश हो गए। एशियाई बाजार 11 महीनों के अपने सबसे खराब दौर के ट्रेक पर नजर आ रहे हैं। साउथ कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी दिख रही है। छुट्टी से लौटने के बाद यह 5 फीसदी गिर गया और प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए कुछ समय के लिए सेल ऑर्डर रोक दिए गए। होली की छुट्टी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। फ्यूचर्स से जुड़े संकेतक GIFT Nifty में करीब 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,355 के आसपास लगभग 2.55% नीचे ट्रेड करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि BSE Sensex और NIFTY 50 दबाव में खुल सकते हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के चलते बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। उल्लेखनिय है कि ट्रंप ने कहा कि यह वॉर करीब 1 महीने तक चल सकती है। 

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली हावी रही। दक्षिण कोरिया का KOSPI 7% से ज्यादा टूट गया, जो 2024 के बाद की बड़ी गिरावट मानी जा रही है। टेक दिग्गज Samsung Electronics और SK Hynix में करीब 10% तक की कमजोरी आई।

जापान का Nikkei 225 3% से अधिक फिसला, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का SSE Composite Index भी 1% से ज्यादा नीचे रहे। यूरोप में Stoxx Europe 600 लगभग 2.5% गिरा, वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी 2% तक की कमजोरी दिखी।

कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी चिंता

तनाव के बीच Brent Crude 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। आज इसमें 7% से अधिक की तेजी दर्ज हुई थी। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते जोखिम ने तेल और गैस आपूर्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेल की बढ़ती कीमतें एशियाई कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव और महंगाई में तेजी की आशंका है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

सोमवार को भी दिखा भारी उतार-चढ़ाव

सोमवार को भी बाजार में तेज गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,700 अंकों से ज्यादा टूटा, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी के साथ करीब 1,048 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ। निफ्टी भी दिन में 575 अंक फिसलकर अंत में 312 अंक नीचे बंद हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऊंची ऊर्जा कीमतों से रुपये पर दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने के बजाय संतुलित और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल, तीन साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम

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मुंबई, एजेंसी। गैस की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। आज थोक गैस की कीमतों में 32% की सीधी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे दाम थोड़े समय के लिए 151 पेंस प्रति थर्म तक जा पहुंचे। यह फरवरी 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।

एक हफ्ते में करीब 93% की वृद्धि 

बाजार में गैस की कीमतों का बढ़ना जारी है। कल कीमतों में हुई 50% की वृद्धि के बाद, इस सप्ताह अब तक गैस के दाम 93% तक बढ़ चुके हैं। हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में मामूली राहत देखी गई और यह 148 पेंस प्रति थर्म पर आकर रुकी।

आम आदमी पर क्या होगा असर? 

गैस की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। बिजली की कीमतें अभी भी थोक गैस की लागत से जुड़ी हुई हैं, इसलिए गैस महंगी होने से बिजली भी महंगी हो सकती है। दूसरी ओर ‘एनर्जी प्राइस कैप’ (जो ऊर्जा की प्रति यूनिट अधिकतम शुल्क को सीमित करती है) काफी हद तक थोक लागतों के आधार पर ही तय की जाती है। 

यदि थोक कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू बिलों (Household bills) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

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Gold-Silver Drop: औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के भाव, कीमतों में आई बड़ी गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के कारण सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर शाम के कारोबार में दोनों कीमती धातुएं औंधे मुंह गिरी है। MCX पर खबर लिख जाने के समय सोने का वायदा भाव 2.45% यानि 3760 रुपए की गिरावट के साथ 1,62,314 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं चांदी में 16653 रुपए (6.21%) टूटकर 2,61,828 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। आपको बता दें कि आज MCX पर होली के कारण सुबह का कारोबार बंद था। इंटरनैशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमत

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $5400 के पार चली गईं, जिसके बाद देर शाम के ट्रेडिंग में गिरावट देखी गई। शाम के कारोबार में Comex पर सोना 159 डॉलर की गिरावट के साथ 5,159.10 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 7.44 डॉलर की गिरावट के साथ 81.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।

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