रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में के मुख्य सचिव (CS) अमिताभ जैन 30 जून को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले ही साय सरकार ने उनके उत्तराधिकारी की खोज तेज कर दी है। साथ ही पुलिस विभाग को भी एक स्थायी DGP मिलने वाला है, क्योंकि वर्तमान में यह जिम्मेदारी कार्यवाहक स्तर पर संभाली जा रही है।
इन दोनों मुखिया के पदों के लिए प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज है और बैठकों का दौर जारी है। मुख्य सचिव और डीजीपी की कुर्सी पर कौन बैठेगा? इस सवाल का जवाब ढूंढने में अफसरशाही पूरी तरह एक्टिव हो गई है।
CS पद की रेस में चार IAS अफसर हैं, जिसमें रेणु गोनेला पिल्ले टॉप पर हैं। वहीं स्थायी DGP की रेस में भी 4 IPS हैं, जिसमें अरुण देव गौतम का नाम टॉप पर है।
स्थायी DGP के लिए देव क्यों आगे
वहीं IPS अरुण देव गौतम वर्तमान में अस्थायी डीजीपी हैं। राजनेताओं और अधीनस्थ अफसरों की पसंद है। प्रशासनिक पकड़ मजबूत है। डीजीपी चार्ज संभालने के बाद अब तक कंट्रोवर्सी में नहीं फंसे हैं। वहीं प्रदेश में रिकॉर्ड रहा है, जो अस्थायी प्रभारी रहा है, उसे ही स्थायी पद मिला है। इन सब बातों को ध्यान में रखकर प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं।
CS के लिए पिल्ले क्यों आगे ?
सरकार के सूत्रों के अनुसार रेणु गोनेला पिल्ले को एक कुशल और सख्त प्रशासक के रूप में जाना जाता है। वे दबाव में न झुकने वाली अधिकारी के रूप में पहचानी जाती हैं। जनवरी 2025 में जब मुख्य सचिव अमिताभ जैन एक सप्ताह की छुट्टी पर गए थे, तब उन्हें कार्यवाहक मुख्य सचिव बनाया गया था, जो सरकार के भरोसे का संकेत है।
CS पद के लिए क्या होती है योग्यता ?
सीएस बनने के लिए 30 से 33 साल की सेवा की आवश्यकता होती है। आमतौर पर मुख्यमंत्री राज्य के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त करते हैं। इस पद के लिए कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता है।
इस दौरान कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। मुख्य सचिव की नियुक्ति के लिए राज्य के मुख्यमंत्री की मंजूरी की आवश्यकता होती है।
DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह है निर्देश
सुप्रीम कोर्ट का 2006 का फैसला आज भी राज्यों में डीजीपी (पुलिस प्रमुख) की नियुक्ति के लिए एक दिशा-निर्देश की तरह काम करता है। इस फैसले के मुताबिक, राज्य सरकार को डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा भेजी गई सबसे सीनियर 3 अफसरों की सूची में से किसी एक को चुनना होता है।
साथ ही, जिस अफसर को डीजीपी बनाया जाएगा, वह रिटायरमेंट की तारीख चाहे कुछ भी हो, कम से कम दो साल तक इस पद पर बना रहेगा।
DGP पद के लिए योग्यता
डीजीपी बनने के लिए 30 साल की सेवा जरूरी है। इससे पहले स्पेशल केस में भारत सरकार डीजीपी बनाने की अनुमति दे सकती है। छोटे राज्यों में IPS का कैडर छोटा होता है, इसको देखते हुए भारत सरकार ने डीजीपी के लिए 30 साल की सर्विस की जगह 25 साल कर दिया है, लेकिन बड़े राज्यों के लिए नहीं है।
कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 13 फरवरी को जनपद पंचायत पोंड़ी उपरोड़ा के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोंड़ीउपरोड़ा, समस्त प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल रहेंगे और दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ,जिला कोरबा द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों पर पात्र इच्छुक अभ्यर्थियों से 27 फरवरी शाम 5.30 बजे तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सूचना पटल पर देखा जा सकता है एवं जिला कोरबा के बेबसाईट www.korba.gov. in में उपलब्ध है जिसका अवलोकन किया जा सकता है।
रोजगार मूलक ट्रेड प्रारंभ कर प्रशिक्षण आयोजित करने के दिए निर्देश
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के सभी मतदान केंद्रों, सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित की जा रही हैं। इसी कड़ी में आज 11 फरवरी को शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ई.एल.सी) का गठन किया गया। इस अवसर पर मतदाता साक्षरता क्लब (ई.एल.सी.) एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर) के महत्व पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित ई.एल.सी. क्लब के मेंबर्स, युवा छात्र -छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने मतदाता साक्षरता क्लब के गठन के उद्देश्यों के बारें में बताया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के महत्व के बारें में जानकारी देते हुए मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं को एक मतदाता के रूप में पंजीकृत होकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए प्रेरित किये। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने नवीन मतदाता के रूप में पहली बार मतदाता बनने जा रहें सभी युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्य को निभाने के लिए एक मतदाता के रूप में अनिवार्य रूप से अपना नाम पंजीकृत करवाने के लिए अपील की।
इस अवसर पर डॉ. हर्ष पांडेय प्राध्यापक समाजशास्त्र एवं मतदाता साक्षरता क्लब के मेम्बर्स छात्र -छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा आकर्षक रंगोली बनाई गई एवं हाथों में मेंहदी सजाकर मतदाता साक्षरता क्लब एवं एस.आई.आर.के महत्व को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रीता पटेल महाविद्यालयीन स्वीप नोडल अधिकारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण – टी.आर. कश्यप, डॉ.शेख तस्लीम अहमद, डॉ. कविता ठक्कर, संत राम खांडेकर, वर्षा लकड़ा सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।