दुर्ग,एजेंसी। दिल्ली में होने जा रही 35वीं सब जूनियर बालक-बालिका राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता से पहले छत्तीसगढ़ में खेल संघों की खींचतान खुलकर सामने आई है। इसका खामियाजा अब सीधे खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, राज्य में कबड्डी को लेकर दो संघों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। एक संघ खिलाड़ियों को ट्रायल देने की अनुमति दे रहा है।
वहीं दूसरा संघ खिलाड़ियों को धमकी दे रहा है कि यदि वे ट्रायल में शामिल हुए तो उन्हें सीधे निलंबित कर दिया जाएगा। ट्रॉयल में हिस्सा लेने से खिलाड़ियों को रोकने वाले सचिव का तर्क ये है कि खिलाड़ी अनुशासन में रहे इसलिए ऐसा आदेश जारी किया है। आजकल खिलाड़ी पैसे के लिए भागा दौड़ी कर रहे हैं। पैसे वाले टूर्नामेंट खेलते हैं, फेडरेशन में खेलना पसंद नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली में 4 से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता होगी।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दिल्ली में 4 से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता होगी। इसके लिए एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने बालिका टीम चयन के लिए 31 अगस्त को भिलाई के शासकीय स्कूल जोन-2, खुर्सीपार में ट्रॉयल का आयोजन रखा था। इसकी जानकारी संघ ने लेटरपैड से जारी की। लेकिन इसके बाद दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ जिला दुर्ग के सचिव ने बिना लेटरपैड के वॉट्सऐप पर मैसेज जारी किया।
इसमें उन्होंने खिलाड़ियों को धमकी दी। कहा कि अगर इस फेडरेशन में कोई भी खिलाड़ी/टीम भाग हिस्सा लेता है, तो उसे छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ और दुर्ग जिला कबड्डी संघ के किसी भी फेडरेशन गेम या किसी भी कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने नहीं दिया जाएगा। निलंबित किया जाएगा। इस मैसेज के बाद कई बालिका खिलाड़ी असमंजस में जिले के करीब 300 से ज्यादा खिलाड़ी ट्रॉयल देने नहीं पहुंचे।
अध्यक्ष-सचिव को भी मैसेज- खिलाड़ियों को हिस्सा लेने से रोकें
इसके बाद एक मैसेज सभी जिले के अध्यक्ष और सचिव को छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के महासचिव के नाम से वॉट्सऐप पर भेजा गया। जिसमें कहा गया कि, सभी अपने इकाई के पंजीकृत खिलाड़ियों को सूचना दे दें कि वे इस प्रतियोगिता में भाग लेते हैं, तो उन्हें छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के राज्य कबड्डी चैम्पियनशिप और उससे अनुमति प्राप्त प्रतियोगिता में हिस्सा लेने नहीं दिया जाएगा। उन्हें निलंबित किया जाएगा।
7 सितंबर को बालक वर्ग का ट्रॉयल, असमंजस में खिलाड़ी
बालिका वर्ग के ट्रॉयल में धमकी भरे मैसेज के बाद ज्यादातर खिलाड़ियों ने हिस्सा नहीं लिया। अब 7 सितंबर रविवार को इसी नेशनल टूर्नामेंट के लिए बालक वर्ग का ट्रॉयल रखा गया है। ऐसे में खिलाड़ियों को इसका डर सता रहा है कि कहीं हम इस ट्रॉयल में हिस्सा लेंगे तो कहीं हमारा आगे खेल प्रभावित न हो।
2021 में भी निकाला था बेतुका आदेश
दरअसल, खेल संघ की लड़ाई लंबे समय से चल रही है। इसकी वजह से सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों को हो रहा है। साल 2021 में भी दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ जिला दुर्ग के सचिव ने आदेश निकालकर शहरी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया था।
इतना ही एक क्लब की संबद्धता भी रद्द कर दी थी। इसके पीछे सचिव ने यह तर्क दिया था कि दुर्ग ग्रामीण से खिलाड़ी बहुत हैं, इसलिए क्लब की संबद्धता रद्द की जाती है। जबकि जानकारों का कहना है कि जिला संगठन में ग्रामीण और शहरी दोनों ही खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं।
खेल विभाग ने भी माना- सचिव ने किया पक्षपात, संघ को मान्यता भी नहीं
शहरी खिलाड़ियों को हिस्सा न देने के मामले की शिकायत खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग में की गई थी। इसके बाद विभाग के सहायक संचालक विलियम लकड़ा ने जांच की थी। विभागीय जांच में भी इस बात का उल्लेख किया गया है कि जिला संघ होने की वजह से शहर के खिलाड़ी भी हिस्सा ले सकते हैं।
संघ के सचिव पीलाराम पारकर ने शहरी खिलाड़ियों को लेने से साफ मना किया, यह पूरी तरह पक्षपात है। साथ ही शासन स्तर से दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ को खेल एवं युवा कल्याण विभाग से मान्यता नहीं दिया गया। विभाग के सहायक संचालक ने संघ के सचिव खिलाफ कार्रवाई करने सचिव पद से हटाने की अनुशंसा की थी। लेकिन उसके बाद भी आज तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दोनों संघ के अलग-अलग दावे
एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों का कहना है कि, दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हमने जो लेटर भेजा है, वे लेटरपैड में हस्ताक्षर के साथ है। लेकिन दूसरे संघ के लोग बिना लेटरपैड के ऐसे ही मैसेज भेज रहे हैं।
इसका मतलब उन्हें कोई मान्यता नहीं है। अगर वे सही हैं तो नियमानुसार लेटरपैड से निर्देश जारी करें। जिससे उस निर्देश के खिलाफ कोई कोर्ट या फोरम में जाकर चैलेंज कर सके।
वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के पदाधिकारी का कहना है कि, वो पहले के पदाधिकारी थे तो उन्होंने पहले ऐसा क्यों नहीं किया कि खिलाड़ियों के लिए ओपन ट्रॉयल रखते। पहले वे अलग-अलग खिलाड़ियों को कॉल करके बुलाते थे।
इससे कई ग्रामीण खिलाड़ी छूट जाते थे। मैं जब सचिव बना तो मैंने ग्रामीण बच्चों को उठाने का काफी प्रयास किया है। आज यहां सब कुछ सही तरीके से चल रहा है। आज वे माहौल खराब कर रहे हैं और पॉलिटिक्स कर रहे हैं।
नेशनल स्तर पर खेलने का मौका आया, तो संघों ने रास्ता रोका- खिलाड़ी
ग्रामीण और छोटे कस्बों से आए कई खिलाड़ियों ने बताया कि, उन्होंने कठिन परिश्रम और आर्थिक तंगी झेलकर यहां तक सफर तय किया है। अब जब उनके सामने नेशनल स्तर पर खेलने का मौका आया, तो संघों की राजनीति ने रास्ता रोक दिया।
खिलाड़ियों का कहना है कि अगर सरकार और खेल विभाग ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो छत्तीसगढ़ के कई होनहार खिलाड़ी इस बार नेशनल टूर्नामेंट से वंचित रह जाएंगे।
एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी प्रकाश राव।
सभी खिलाड़ी आते तो बनती अच्छी टीम, डर की वजह से नहीं पहुंचे
एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी प्रकाश राव ने कहा कि, एकेएफआई ने दिल्ली में राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए छग की टीम का ट्रॉयल रखा था। इसमें राजनांदगांव, महासमुंद, दुर्ग, बिलासपुर के खिलाड़ी आए थे। दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ के सचिव पीला राम पारकर के मैसेज की वजह से कई खिलाड़ी नहीं आए।
अगर वे सभी खिलाड़ी आते तो प्रदेश की बहुत अच्छी कबड्डी टीम तैयार होती। खिलाड़ियों को हर जगह वे खेलने से रोक रहे हैं। हमारा कहना है कि आप खिलाड़ियों को क्यों रोक रहे हैं। अगर उन्हें आपत्ति है तो वे लिखित में लेटरपैड में आदेश जारी करें, ताकि हम उसे चैलेंज कर सकें। खिलाड़ियों को धमकी देकर रोकना गलत है।
कबड्डी के राष्ट्रीय अंपायर बोले- खिलाड़ियों के हित में बारे में नहीं सोच रहे लोग
इस मामले में कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय अंपायर केशव सेठ ने कहा कि, अभी जो संघ ट्रॉयल ले रहा है। उसे सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिली है। उसी के आधार पर ट्रॉयल रखा गया है। लेकिन दूसरे गुट के लोग वॉट्सऐप पर मैसेज जारी कर खिलाड़ियों को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। वे खिलाड़ियों के हित के बारे में भी नहीं सोच रहे हैं।
जबकि पहले वे फर्जी खिलाड़ियों को खिलाते थे। हरियाणा समेत दूसरे प्रदेश क बच्चों को खिलाकर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की उपेक्षा की है। इन्हीं सब कारणों की वजह से प्रदेश में कबड्डी के दो गुट हो गए। जो सचिव बच्चों को धमका रहे हैं उन्हें खुद छग खेल एवं युवा कल्याण विभाग से मान्यता नहीं है।
कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय अंपायर केशव सेठ।
अनुशासन में रहे खिलाड़ी इसलिए निकाला ऐसा आदेश
दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ के सचिव पीला राम पारकर ने कहा कि, आपसी कुछ विवाद के बाद उन्होंने अलग फेडरेशन बनाया है। उनके फेडरेशन को भी मान्यता है। शुरू से बॉडी चली आ रही है उससे जुड़े हुए हैं। हमने ऐसा इसलिए कहा है कि खिलाड़ी अनुशासन में रहे। खिलाड़ी अलग-अलग फेडरेशन में खेलेंगे तो फेडरेशन की वैल्यू ही नहीं रह जाएगी। आज कल टूर्नामेंट पैसे वाले होने लगे हैं।
पैसे के चक्कर में खिलाड़ी भागा-दौड़ी कर रहे हैं। पैसे के चक्कर की वजह से खिलाड़ी फेडरेशन में खेलना पसंद नहीं कर रहे हैं। हमने ऐसा मैसेज इसलिए किया, ताकि खिलाड़ी एक ही जगह से खेलें। हमारे संघ ने भी यह क्लियर कर दिया है कि नई बॉडी में कोई भी खिलाड़ी हिस्सा न लें। दोनों फेडरेशन का केस चल रहा है। रही बात वॉट्सऐप पर मैसेज भेजने की तो मैं ऐसे ही सूचना जारी करता हूं, लेकिन रजिस्टर पर अलग से इंट्री करता हूं।
कांकेर, एजेंसी। जापान के आइची नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराने वाले देश के स्टार स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर की रफ्तार की जड़ें कांकेर से जुड़ी हैं। मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले में 41.06 सेकंड का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाकर ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अनिमेष ने अपनी शुरुआती रफ्तार कांकेर के नरहरदेव मैदान की लाल मिट्टी पर ही हासिल की थी।
मूलतः जशपुर जिले के रहने वाले अनिमेष का बचपन कांकेर में बीता। पिता अमृत कुजूर और माता रीना कुजूर 11 वर्षों तक कांकेर पुलिस में पदस्थ रहे। पांचवीं तक सेंट माइकल स्कूल कांकेर में पढ़े अनिमेष बाद में सैनिक स्कूल अंबिकापुर चले गए। छुट्टियों में जब भी कांकेर आते, नरहरदेव मैदान में फुटबॉल खेलते। वर्ष 2020 में 12वीं पढ़ाई पूरी होते ही जब देश भर में लॉकडाउन लगा, तो अनिमेष कांकेर लौट आए। खेल गतिविधियां बंद थीं, कोई पेशेवर कोच उपलब्ध नहीं था।
कठिन दौर में पुलिस विभाग में पदस्थ पिता अमृत कुजूर खुद कोच बने। पिता के दिशा-निर्देश में अनिमेष ने नरहरदेव मैदान में घंटों पसीना बहाया। उसी दौरान खेल युवा कल्याण विभाग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अनिमेष ने 5 स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल झटके। यहीं से प्रोफेशनल एथलेटिक्स कॅरियर की शुरुआत हुई।
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली में विद्या भारती के क्षेत्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता बाल वर्ग में ऊंची कूद में भैया सतीश पटेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, शालिनी राज ने किशोर वर्ग प्रांतीय एथलेटिक्स 3000 मी दौड़ में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। दोनों भैया बहन को विद्यालय के प्रबंधन समिति के पदाधिकारीयों द्वारा पदक प्रशस्ति पत्र, गुलदस्ता, पुष्प, माला, तिलक अभिनंदन के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के व्यवस्थापक कौशल सिंह राज, कोषाध्यक्ष बिहारी लाल नवलानी, शिवकुमार चौहान, अरविंद पांडे, जयपाल विनायक की उपस्थिति में स्वागत कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम पर व्यवस्थापक कौशल सिंह राज ने भैया बहनों द्वारा प्रशस्ति पत्र की सराहना करते हुए कहा की विद्यालय और नगर के लिए गौरव की बात है। कहते हुए भैया बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित किया। विद्यालय के सभी भैया बहनों ने करतल ध्वनि के साथ स्वागत और अभिनंदन किया, पूरा विद्यालय परिवार खुशी से दोनों भैया बहन को गले लगा कर शुभकामनाएं दिए, सभी आचार्य परिवार ने दोनों भैया बहन को मंगलमय शुभकामनाएं आशीर्वाद प्रदान किया। इस एथलेटिक्स प्रतियोगिता के खेल प्रमुख ब्रह्म सिंह जगत को इस उपलब्धि के लिए समिति ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित किया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य चूड़ामणि साहू ने विजेता भैया बहन के द्वारा प्राप्त पदक प्रशस्ति पत्र की सराहना करते हुए पूरे विद्यालय के लिए यह गर्व व सम्मान का प्रतीक है ।
नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने बेहद रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स मेंस हॉकी के फाइनल में जगह बना ली है। अभिषेक ने मैच के आखिरी मिनट में गोल कर भारत को जीत दिलाई।
गोल्ड मेडल के लिए 3 अक्टूबर को भारत का सामना कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
मैच के बाद हाथ मिलाते भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ी। एशियन गेम्स के प्रोटोकॉल के तहत मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों का हाथ मिलना जरूरी।
23 मिनट में ही 3-0 से आगे हो गया था भारत
भारत ने मैच के 23वें मिनट तक 3-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद पाकिस्तान ने अगले 26 मिनट में तीन गोल कर मैच 3-3 से बराकर कर दिया। 59 मिनट तक मैच बराबरी पर था। फाइनल हूटर बजने से करीब 50 सेकेंड पहले अभिषेक ने फील्ड गोल कर भारत को जीत दिला दी।
भारत मेडल टैली में 8वें स्थान पर
जापान के नागोया में चल रहे गेम्स के 12वें दिन भारत मेडल टैली में 8वें स्थान पर है। उसके पास 64 मेडल हो गए हैं। इनमें 10 गोल्ड, 22 सिल्वर और 32 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
नीतेश को ग्रीको रोमन रेसलिंग में सिल्वर, जापानी पहलवान से हारे
भारत के नीतेश सिवाच ने पुरुषों के 97 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्हें जापान के यूरी नाकाजातो ने फाइनल में 4-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
नाकाजातो ने मुकाबले में 4-0 की बढ़त बनाई। नीतेश ने पिन से बचाव किया, लेकिन जापानी पहलवान ने उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया। नाकाजातो ने मैच की रफ्तार अपने नियंत्रण में रखी और गोल्ड जीता।
इसी के साथ ग्रीको-रोमन रेसलिंग में एशियन गेम्स गोल्ड के लिए भारत का इंतजार जारी रहा।
भारत ने सेपकटकरा में मेडल पक्का किया
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्वाड्रेंट सेपकटकरा इवेंट में मेडल पक्का कर लिया है। भारत ने आखिरी ग्रुप मैच में म्यांमार को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। टीम इंडिया ने ग्रुप के तीनों मैच जीते और अजेय रहते हुए ग्रुप में टॉप किया।
इस जीत के साथ भारत का एशियन गेम्स में सेपकटकरा के मेंस क्वाड्रेंट इवेंट में पदक तय हो गया है। भारत अब सेमीफाइनल में खेलेगा।
भारत एशियन गेम्स क्रिकेट के फाइनल में पहुंचा
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट के फाइनल में जगह बना ली है। टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169/7 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम 45 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। श्रीलंका की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और 45 रन पर सिमट गई।
अब फाइनल में भारत का सामना पाकिस्तान से होगा। दोनों टीमें एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी।
अनिश भानवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में 7वें स्थान पर बाहर
एशियन गेम्स 2026 के मेंस 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल फाइनल में भारत के अनिश भानवाला 7वें स्थान पर रहे। इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत का शूटिंग अभियान खत्म हो गया।
अनिश ने एक और सीरीज में 5 में से 4 हिट किए। उनके कुल 15 शॉट में 11 हिट रहे। इस स्कोर के साथ वे उस समय तीसरे स्थान के लिए बराबरी पर थे।
हालांकि, टाई होने पर क्वालिफिकेशन का स्कोर देखा गया। क्वालिफिकेशन में अनिश का स्कोर कम होने के कारण वे टाई-ब्रेकर में पीछे रह गए और 7वें स्थान पर रहे।
कयाकिंग: सिखा चौहान 7वें स्थान पर रहीं
भारत की सिखा चौहान महिलाओं के कयाकिंग इवेंट में 7वें स्थान पर रहीं। उन्होंने 14:03:00 मिनट की टाइमिंग के साथ 193.31 अंक हासिल किए। मेजबान जापान पहले, चीन दूसरे और कजाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा।
गणेश मणि रत्नम ने ब्रॉन्ज जीता, तीरंदाजी में चौथा मेडल आया
भारत के गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने पुरुषों के कंपाउंड इंडिविजुअल के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में वियतनाम के कोंग डुक डांग को 149-144 से हराया। यह एशियन गेम्स में उनका दूसरा मेडल है।
एशियाड के इस एडिशन में तीरंदाजों ने भारत को चौथा मेडल दिलाया है। एक दिन पहले 3 गोल्ड आए थे। हालांकि, पिछले एशियन गेम्स के 5 गोल्ड से कम है।
ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते गणेश।
टेनिस: सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में हारे, भारत को 40 साल में पहली बार मेडल नहीं
भारत के सुमित नागल पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में चीन के वू यिबिंग से 4-6, 4-6 से हार गए। इस हार के साथ एशियन गेम्स में भारत का टेनिस अभियान बिना मेडल के खत्म हो गया।
एशियन गेम्स में करीब 40 साल बाद ऐसा हुआ है, जब भारत टेनिस में कोई मेडल नहीं जीत सका। इससे पहले कुछ भारतीय सिंगल्स खिलाड़ियों की एंट्री को लेकर हुआ विवाद भी चर्चा में रहा था।
जूडो: इनुंगनबी क्वार्टर फाइनल हारीं, डिफॉल्ट जीत से ब्रॉन्ज मुकाबले में पहुंचीं
भारत की इनुंगनबी टाखेल्लंबम को महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की मुन सोंग-हुई ने हरा दिया। मुन ने करीब डेढ़ मिनट बाद वाजा-आरी स्कोर किया। इसके करीब 3 मिनट बाद उन्होंने दूसरा वाजा-आरी हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इसके बाद इनुंगनबी को रेपेचेज में चीन की जिंग तांग से खेलना था, लेकिन तांग मुकाबले के लिए नहीं आईं। ऐसे में इनुंगनबी को फुसेन-गाची के तहत जीत मिली और वे ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में पहुंच गईं। ब्रॉन्ज मुकाबला दोपहर 1:30 बजे से होगा।
शूटिंग: अनिश भनवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में
भारत के अनिश भनवाला ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में जगह बना ली है। वे क्वालिफिकेशन में 576 अंक के साथ 9वें स्थान पर रहे थे। उनकी आखिरी सीरीज में 94 अंक आए।
दक्षिण कोरिया के तीन निशानेबाज टॉप-8 में रहे, लेकिन एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही फाइनल में जगह बना सकते हैं। इसी वजह से अनिश को फाइनल में खेलने का मौका मिला। भारत की शूटिंग का यह आखिरी इवेंट है। फाइनल दोपहर 12 बजे होगा।
कुश्ती: नीतेश फाइनल में पहुंचे, भारत का पहला मेडल पक्का
भारत के नीतेश सिवाच ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने हांगझोउ एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार को 9-0 से हराया। इस जीत के साथ नीतेश ने फाइनल में जगह बना ली। इसी के साथ भारत का 2026 एशियन गेम्स में कुश्ती का पहला मेडल पक्का हो गया। नीतेश ने इसी साल एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। फाइनल में उनका सामना ईरान के मेहदी बालिहामजेहदेह या जापान के यूरी नाकाजातो से होगा। फाइनल आज बाद में खेला जाएगा।
कुश्ती: मानसी सेमीफाइनल में हारीं, अब ब्रॉन्ज के लिए खेलेंगी
भारत की मानसी अहलावत महिला 62 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जापान की दो बार की वर्ल्ड चैंपियन नोनोका ओजाकी से 0-6 से हार गईं।
ओजाकी ने शुरुआत में टेकडाउन से 2 अंक लिए और फिर एक और टेकडाउन से बढ़त 4-0 कर दी। उन्होंने दूसरे पीरियड में भी मानसी को अंक नहीं दिया। बाद में एक और टेकडाउन से स्कोर 6-0 कर दिया। मानसी अब रेपेचेज में खेलेंगी। यहां जीतने पर वे ब्रॉन्ज के लिए मैच करेंगी।
स्क्वॉश: अनाहत सिंह हारीं, तन्वी ने भारत की वापसी कराई
तन्वी खन्ना ने स्क्वॉश महिला टीम इवेंट के सेमीफाइनल में हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ भारत की वापसी कराई। उन्होंने वर्ल्ड नंबर-33 ली का यी को 3-1 से हराया। उनकी जीत से भारत ने 1-1 की बराबरी हासिल की।
तन्वी ने पहला गेम 4-11 से गंवाने के बाद वापसी की। उन्होंने अगले तीन गेम 13-11, 11-9, 13-11 से जीते। इससे पहले चान सिन युक ने अनाहत सिंह को में 3-2 से हराया। स्कोर 11-9, 11-8, 6-11, 11-13, 10-12 रहा।
अब निर्णायक मुकाबला अनुभवी जोशना चिनप्पा खेलेंगी। इस मैच के नतीजे से भारत और हॉन्ग कॉन्ग में सेमीफाइनल का विजेता तय होगा।
कुश्ती: नीतेश ने क्वार्टर फाइनल जीता, सेमीफाइनल पहुंचे
भारत के नीतेश ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान के अमानबर्दी अगामम्मेदोव को 7-1 से हराया। नितेश ने पहले पीरियड में ही 7-0 की बढ़त बना ली थी।
सेमीफाइनल में नितेश का सामना मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार या दक्षिण कोरिया के ली मिन-हो से होगा। गंखुयाग हांगझोउ एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं।
जूडो: यामिनी मौर्य क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
भारतीय की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने महिला 57 किग्रा वर्ग के प्री-क्वार्टरफाइनल में कतर की फतेना बु-काहूस को इप्पोन से हराया।
इस जीत के साथ उन्होंने क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। अब यामिनी का सामना मंगोलिया की अरियुंजाया तेरबिश से होगा। मुकाबला अगले एक घंटे में होगा।