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कोरबा

सड़क किनारे से मड़वारानी मंदिर को हटाने पहुंचा पुलिस बल:कोरबा में तंबू लगाकर धरने पर बैठे ग्रामीण, कहा- पहले मूर्ति दूसरी जगह स्थापित की जाए

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कोरबा। कोरबा-चांपा मार्ग पर सड़क के किनारे सालों पहले निर्मित किए गए मां मड़वा रानी के मंदिर को हटाने का प्रयास किया गया। प्रशासन के इस प्रयास का ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा है कि बिना नोटिस दिए और मंदिर में तोड़फोड़ करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं प्रशासन के अनुसार 6 महीने से मंदिर को दूसरी जगह स्थापित करने का नोटिस संबंधित लोगों को दिया जाता रहा है। जानकारी के मुताबिक यह मंदिर नेशनल हाईवे निर्माण में बाधक बन रहा है। यही कारण है कि प्रशासन नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अनुरोध पर मंदिर को हटाने का प्रयास कर रहा है।

मंदिर के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद।

मंदिर के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद।

गुरुवार की सुबह ग्राम मड़वा रानी में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अचानक बढ़ती देख ग्रामीण भी सक्रिय हो गए और देखते ही देखते एक तरफ वर्दीधारी तो दूसरी तरफ ग्रामीण नजर आने लगे।

मंदिर के सामने ही तंबू लगाकर विरोध

ग्रामीणों को जैसे ही पता चला कि कोरबा जिला प्रशासन मां मड़वा रानी के सड़क के किनारे निर्मित मंदिर को हटाना चाहता है, इसी नियत से बड़ी संख्या में पुलिस बल भेजा गया है। ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने मंदिर के सामने ही तंबू लगाकर विरोध शुरू कर दिया।

ग्रमीणों ने मंदिर के सामने लगाय टेंट।

ग्रमीणों ने मंदिर के सामने लगाय टेंट।

पहले दूसरी जगह मूर्ति स्थापित किया जाए- ग्रामीण

जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कर्मचारी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि बिना नोटिस दिए मंदिर को तोड़ने क्यों चले आए। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तोड़ने से पहले कहीं और मंदिर बनाकर वहां मूर्ति स्थापित कर दी जाती, उसके बाद मंदिर का अवशेष हटाया जाता तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी।

मां मड़वा रानी का मूल मंदिर पहाड़ के ऊपर है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। जो लोग पहाड़ पर चढ़ने में असमर्थ हैं या जिनके पास समय कम है, वह चांपा-कोरबा मार्ग पर बने इसी मंदिर में स्थापित मां मड़वारानी के चरणों में शीश झुका लेते हैं।

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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान के तहत दीपका एवं छुरी कला में विशेष शिविर कल

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कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आम नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 01 अक्टूबर से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहें।
इसी क्रम में 02 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय एवं नगर पंचायत छुरीकला अंतर्गत बस स्टैंड छुरी के समीप शिविर आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठायें।

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कोरबा

कीचड़ भरे रास्ते से मिली राहत, डोंगानाला के बिरहोर परिवारों तक पहुँची पक्की सड़क

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पीएम जनमन के अंतर्गत लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से अटल चौक से जंगल पारा तक बना 2.38 किलोमीटर मार्ग
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। विकासखंड पाली के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला के जंगल पारा में रहने वाले बिरहोर परिवारों के लिए बारिश का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। अटल चौक से बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था और बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे। अब प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत बनी पक्की सड़क ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान कर दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अटल चौक से जंगल पारा तक लगभग 2.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मार्ग में सीसी सड़क के साथ डामर सड़क भी बनाई गई है। इससे बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लगभग 40 परिवारों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।
बस्ती के सुनहर सिंह बिरहोर बताते हैं कि पक्की सड़क बनने से अब आने-जाने में आसानी होती है। गीता बाई के अनुसार उन्हें रास्ते में पहले जैसी परेशानी नहीं होती और बच्चे भी आसानी से स्कूल आ-जा सकते हैं। गाँव के किसान पुनो राम पटेल पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बारिश में रास्ते पर घुटनों तक कीचड़ हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से उस परेशानी से राहत मिली है।
जंगल पारा के परिवारों के लिए यह सड़क स्कूल और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने का सुगम रास्ता बन गई है। बारिश के दिनों में जिस मार्ग से गुजरना कठिन था, उसी पर अब ग्रामीण अधिक आसानी से आ-जा रहे हैं।

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कोरबा

धान की एक फसल से आगे बढ़कर वर्ष में दो से तीन फसलें ले रहे गुरुचरण मरार

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उद्यानिकी विभाग की सहायता से अपनाई ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और उन्नत खेती
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नगौई बछेरा निवासी किसान गुरुचरण मरार पहले परंपरागत तरीके से धान की खेती करते थे। वर्ष में एक ही फसल लेने के कारण खेती से होने वाली आय सीमित थी। सिंचाई का साधन नहीं था और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य मशीनें किराये पर लानी पड़ती थीं। ऐसे में छह सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था।
गांव के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने श्री मरार को विभागीय योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी, नगौई में आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग तथा ग्राफ्टेड बैंगन रोपण के लिए कुल 46 हजार रुपये का विभागीय अनुदान मिला।
इन संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन की मदद से श्री मरार ने खेती के तरीके में बदलाव किया। अब वे वर्ष में दो से तीन फसलें लेते हैं और वर्तमान में भिंडी की खेती से भी आय अर्जित कर रहे हैं। विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित वार्षिक आय पहले लगभग 45 हजार रुपये थी, जो अब लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है। वे गांव के अन्य किसानों को भी खेती से जुड़ी जानकारी देते हैं।
श्री मरार कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी मिलने पर उनका आधुनिक खेती के प्रति उत्साह बढ़ा। वे आगे भी विभागीय मार्गदर्शन लेकर खेती करना चाहते हैं और मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।

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