बिजली गिरने से रायपुर-एयरपोर्ट का नेविगेशन-सिस्टम फेल..4 फ्लाइट कैंसिल:6 डायवर्ट, दिल्ली से आ रहे विमान की भोपाल लैंडिंग, फिर लौटा, यात्रियों ने किया हंगामा
रायपुर,एजेंसी। रायपुर एयरपोर्ट पर नेविगेशन सिस्टम में खराबी के कारण बुधवार को दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E 5138 को भोपाल डायवर्ट करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, तेज आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने से तकनीकी गड़बड़ी हुई, जिससे विजिबिलिटी और नेविगेशन में दिक्कतें आईं।
जिसके कारण 4 फ्लाइट कैंसिल कर दी गईं। जबकि 6 अन्य उड़ानों को डायवर्ट किया गया। ये उड़ानें दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों से जुड़ी थीं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक मौसम और विजिबिलिटी में सुधार के बाद फ्लाइट संचालन सामान्य हो रही है।
बता दें कि, डायवर्ट की गई फ्लाइट में कुल 170 यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकांश छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग क्षेत्र के निवासी हैं। यात्रियों में दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल और वरिष्ठ IAS अधिकारी सोनमणी बोरा भी शामिल थे।
वहीं, भोपाल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए रुकने और रिफ्यूलिंग के बाद फ्लाइट ने रात 10:30 बजे दिल्ली के लिए दोबारा उड़ान भरी और 11:45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई। जब यात्रियों को यह सूचना मिली कि उन्हें उसी रात रायपुर नहीं भेजा जाएगा, तो उन्होंने एयरपोर्ट पर विरोध और हंगामा किया।
रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर सुबह से यात्री आने लगे हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों ने हंगामा किया। इंडिगो से कोई जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचने पर भड़के।
करीब रात 9:15 बजे विमान भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुआ।
यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, अब फ्लाइट आज रायपुर आएगी।
क्रू मेंबर्स ने स्थिति को शांत ढंग से संभाला और यात्रियों को लगातार अपडेट देते रहे।
दिल्ली एयरपोर्ट पर देर रात हंगामा
दिल्ली पहुंचने के बाद जब यात्रियों को यह जानकारी दी गई कि उन्हें उसी रात रायपुर नहीं भेजा जा सकेगा, तो देर रात एयरपोर्ट पर हंगामा हो गया। यात्रियों का आरोप था कि इंडिगो की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आया। करीब 1 घंटे तक चले हंगामे के बाद एयरलाइन ने यात्रियों को दो अलग-अलग रिसॉर्ट्स में ठहराने की व्यवस्था की।
आज दोपहर रायपुर के लिए फ्लाइट
एयरलाइन ने सभी यात्रियों को आज गुरुवार को रायपुर भेजने के लिए फ्लाइट नंबर 6E 9056 में सीट अलॉट की गईं जो दोपहर 12:40 बजे दिल्ली से उड़ान भरकर 2:25 बजे रायपुर लैंड करेगी।
रायपुर-दिल्ली के यात्रियों की कई योजनाएं प्रभावित हो गईं है।
अब जानिए पूरा घटनाक्रम
कैप्टन ने फ्लाइट के डायवर्ट होने की दी सूचना
फ्लाइट नंबर 6E5138 ने दिल्ली से बुधवार शाम 7:20 बजे टेकऑफ किया था, जिसे रायपुर में रात 8:55 बजे लैंड होना था। फ्लाइट में मौजूद कैप्टन संजय चौधरी ने यात्रियों को सूचित किया कि नेविगेशन सिस्टम बंद होने और खराब मौसम की वजह से विमान रायपुर की बजाय भोपाल में लैंड किया।
रात 9:15 बजे विमान की भोपाल एयरपोर्ट पर लैंडिंग
फ्लाइट में कैप्टन समेत 6 क्रू मेंबर थे। करीब रात 9:15 बजे विमान भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुआ। वहां यात्रियों को रुकवाया गया और विमान की रिफ्यूलिंग की गई। क्रू मेंबर्स ने स्थिति को संभाला और यात्रियों को लगातार अपडेट देते रहे।
इस घटना से यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई लोग देर रात तक परिजनों से संपर्क करते रहे। वहीं, रायपुर से दिल्ली जाने वाली रिटर्न फ्लाइट को भी कैंसिल कर दिया गया, जिससे रायपुर एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद यात्रियों को परेशानी हुई।
अब समझिए क्या है नेविगेशन सिस्टम
सैटेलाइट आधारित नेविगेशन यह सबसे प्रचलित तकनीक है, जिसमें GPS और क्षेत्रीय नेविगेशन सिस्टम (जैसे NavIC) का सहारा लिया जाता है। उपग्रह लगातार सिग्नल भेजते हैं और विमान में लगे रिसीवर इन सिग्नलों को पकड़कर विमान की सही स्थिति, ऊंचाई और समय का निर्धारण करते हैं।
ग्राउंड-बेस्ड ऑग्मेंटेशन सिस्टम यह सिस्टम हवाई अड्डे के आसपास कार्य करती है। जमीन पर लगे स्टेशन से सुधार संबंधी डेटा विमान को भेजा जाता है, जिससे GPS की सटीकता और बढ़ जाती है। विशेष रूप से लैंडिंग के समय यह प्रणाली विमान को सुरक्षित दिशा और स्थिति बताने में मदद करती है।
इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम इस तकनीक में जाइरोस्कोप और एक्सेलेरोमीटर जैसे सेंसर लगे होते हैं, जो विमान की चाल और दिशा को मापते हैं। इन आंकड़ों की मदद से पता चलता है कि विमान कितनी तेजी से उड़ रहा है, कितनी रफ्तार से उसकी रफ्तार बढ़ रही है, और वह कहां तक पहुंचा है।
कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आम नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में 01 अक्टूबर से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहें। इसी क्रम में 02 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय एवं नगर पंचायत छुरीकला अंतर्गत बस स्टैंड छुरी के समीप शिविर आयोजित किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठायें।
पीएम जनमन के अंतर्गत लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से अटल चौक से जंगल पारा तक बना 2.38 किलोमीटर मार्ग कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। विकासखंड पाली के दूरस्थ ग्राम डोंगानाला के जंगल पारा में रहने वाले बिरहोर परिवारों के लिए बारिश का मौसम बड़ी परेशानी लेकर आता था। अटल चौक से बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था और बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे। अब प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत बनी पक्की सड़क ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान कर दी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अटल चौक से जंगल पारा तक लगभग 2.38 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 167.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मार्ग में सीसी सड़क के साथ डामर सड़क भी बनाई गई है। इससे बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लगभग 40 परिवारों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। बस्ती के सुनहर सिंह बिरहोर बताते हैं कि पक्की सड़क बनने से अब आने-जाने में आसानी होती है। गीता बाई के अनुसार उन्हें रास्ते में पहले जैसी परेशानी नहीं होती और बच्चे भी आसानी से स्कूल आ-जा सकते हैं। गाँव के किसान पुनो राम पटेल पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बारिश में रास्ते पर घुटनों तक कीचड़ हो जाता था। अब पक्की सड़क बनने से उस परेशानी से राहत मिली है। जंगल पारा के परिवारों के लिए यह सड़क स्कूल और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने का सुगम रास्ता बन गई है। बारिश के दिनों में जिस मार्ग से गुजरना कठिन था, उसी पर अब ग्रामीण अधिक आसानी से आ-जा रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग की सहायता से अपनाई ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और उन्नत खेती कोरबा, 01 अक्टूबर 2026। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नगौई बछेरा निवासी किसान गुरुचरण मरार पहले परंपरागत तरीके से धान की खेती करते थे। वर्ष में एक ही फसल लेने के कारण खेती से होने वाली आय सीमित थी। सिंचाई का साधन नहीं था और कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य मशीनें किराये पर लानी पड़ती थीं। ऐसे में छह सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन होता था। गांव के भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने श्री मरार को विभागीय योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी, नगौई में आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग तथा ग्राफ्टेड बैंगन रोपण के लिए कुल 46 हजार रुपये का विभागीय अनुदान मिला। इन संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन की मदद से श्री मरार ने खेती के तरीके में बदलाव किया। अब वे वर्ष में दो से तीन फसलें लेते हैं और वर्तमान में भिंडी की खेती से भी आय अर्जित कर रहे हैं। विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित वार्षिक आय पहले लगभग 45 हजार रुपये थी, जो अब लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है। वे गांव के अन्य किसानों को भी खेती से जुड़ी जानकारी देते हैं। श्री मरार कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी मिलने पर उनका आधुनिक खेती के प्रति उत्साह बढ़ा। वे आगे भी विभागीय मार्गदर्शन लेकर खेती करना चाहते हैं और मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।