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छत्तीसगढ़

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की भेंट, छत्तीसगढ़ के विकास और ‘बस्तर विजन’ पर हुई विस्तृत चर्चा

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राजनांदगांव में रू.10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना, 461 गांवों में स्थायी ग्रिड कनेक्टिविटी और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के लिए मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा बदलते बस्तर का रोडमैप

शांति और विश्वास के साथ अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है बस्तर – मुख्यमंत्री साय

‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ से 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक पहुंच रही शासन की योजनाएं

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल होने का दिया आमंत्रण

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की भेंट, छत्तीसगढ़ के विकास और ‘बस्तर विजन’ पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए राज्य की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप बस्तर आज व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करने वाला यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क, आजीविका, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव में रू.10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना के लिए शीघ्र मंजूरी का किया अनुरोध

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग रू.10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा राज्य सरकार के स्तर की आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के स्थापित होने से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता और बेहतर होगी। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए मांगी विशेष सहायता

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के ऐसे 461 गांवों का विषय भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जहां पूर्व में सुरक्षा एवं भौगोलिक कारणों से विद्युत ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं हो पाया था और वर्तमान में ऑफ-ग्रिड माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने इन गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी विद्युत आपूर्ति से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, आजीविका और लघु उद्यमों के विस्तार को गति मिलेगी तथा दूरस्थ अंचलों में विकास की प्रक्रिया और मजबूत होगी।

रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना  का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों एवं पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है। राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं विकसित होंगी।

5,542 गांवों तक पहुंच रहा विकास, लगभग 39 लाख लोगों को लाभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री के समक्ष ‘बस्तर विजन’ की विस्तृत जानकारी रखते हुए बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्त मुन्ने’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में शासन की योजनाओं और सेवाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राशन, आयुष्मान भारत, जनधन खाते, वनाधिकार, प्रधानमंत्री आवास सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दूरस्थ और पूर्व में अत्यधिक संवेदनशील रहे गांवों में प्रशासन की पहुंच बढ़ने से शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

421 बंद स्कूल फिर खुले, ओरछा और जगरगुंडा में बनेंगी एजुकेशन सिटी

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। जिन गांवों में कभी बच्चों के लिए नियमित शिक्षा तक पहुंच बड़ी चुनौती थी, वहां अब स्कूलों में फिर से पढ़ाई शुरू हुई है।

उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के अंतर्गत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और आवश्यकता के अनुरूप उन्हें चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर में चिकित्सा अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ गीदम में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार नए मेडिकल कॉलेजों और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क से बदल रही बस्तर की तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के स्थायी विकास के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टि से सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग रू.3,513 करोड़ की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर कार्य आगे बढ़ रहा है। इस रेल संपर्क से बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जगदलपुर से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण की प्रगति तथा इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि बैराज परियोजना से लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।

बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने की दिशा में प्रयास

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की अनूठी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे विश्वस्तरीय प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुखता से स्थापित करने के लिए अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के संरक्षण के साथ किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों।

बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने दिया बदलाव का संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला है और शांति, विश्वास तथा सामाजिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर की नई पहचान खेल, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, उद्यमिता और विकास से निर्मित हो रही है।

छत्तीसगढ़ को मिले लगभग रू.8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में तेजी से बदल रहे औद्योगिक परिदृश्य की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को लगभग रू.8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें अनेक परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को परंपरागत क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों की ओर ले जाया जा रहा है। राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेशों से राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता आने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी निर्मित होंगे।

निवेश अनुकूल वातावरण में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’ की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य ने उद्योगों और उद्यमियों के लिए जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी आधार प्रदान किया है। इससे निवेशकों को निश्चितता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित व्यवस्था मिल रही है।

10.42 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर 10.42 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है। अब अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर राज्य सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

रू.500 करोड़ के राज्य एआई मिशन से तकनीक आधारित सुशासन की ओर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ रू.500 करोड़ के राज्य एआई मिशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शासन की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

वित्तीय अनुशासन के साथ जनकल्याण, राजस्व वृद्धि में छत्तीसगढ़ का मजबूत प्रदर्शन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को राज्य की सुदृढ़ होती वित्तीय स्थिति और राजस्व वृद्धि से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच प्रभावी संतुलन स्थापित करते हुए राजकोषीय एवं राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। राज्य में जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं खनिज राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खनिज क्षेत्र में नई संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

तकनीक और पारदर्शिता से नागरिक-केंद्रित सुशासन को नई गति

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में निरंतर सुधार कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और लाखों आवेदनों का समयबद्ध निराकरण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था भी विकसित की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व प्रशासन में व्यापक डिजिटल सुधार करते हुए रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की व्यवस्था लागू की गई है। आधार और वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का मूल उद्देश्य शासन को नागरिकों के और निकट लाना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सहज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास की गति तेज हुई है। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के समग्र कायाकल्प से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े राज्य के इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ को शांति, समृद्धि और संभावनाओं के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।

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कोरबा

कोरबा पुलिस ने 3 डकैती मामलों का किया खुलासा:4 आरोपी और 1 नाबालिग गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डकैती की तीन घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से डकैती में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार, बीते दिनों बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान, साथ ही दीपका थाना क्षेत्र की दीपका खदान में हथियारों के बल पर डकैती की वारदातें हुई थीं। बदमाशों ने कर्मचारियों से मारपीट कर नकदी और कीमती सामान लूटा था।

इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए बाँकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 148/2026, 131/2026 और दीपका थाने में अपराध क्रमांक 01/2026 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने जांच शुरू की।

टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और संदिग्धों पर निगरानी रखी। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में राजपाल चौहान (22), निवासी जामनीमूड़ा पाली; फिरोज मेमन (27), निवासी भिलाईबाजार, हरदीबाजार; निकेश कुमार कश्यप (21), निवासी शुक्लाखर, थाना बांकीमोंगरा; और होरीलाल केवट (24), निवासी शांतिनगर, थाना कुसमुंडा शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने तीनों डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। मुख्य आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस गिरोह के कुछ अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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कोरबा

किन्नर समाज अध्यक्ष मालती किन्नर का निधन:कोरबा में सामाजिक-राजनीतिक जगत में शोक, निर्दलीय महापौर प्रत्याशी भी रहीं

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कोरबा। कोरबा किन्नर समाज की अध्यक्ष और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मालती किन्नर का रविवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

मालती किन्नर को कोरबा में किन्नर समाज की मुखर आवाज के रूप में जाना जाता था। उन्होंने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया। वे त्योहारों और शुभ अवसरों पर बधाई देने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद और सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी अग्रणी रहीं।

महापौर पद का चुनाव लड़ चुकी थी

सामाजिक गतिविधियों के अलावा, मालती किन्नर राजनीति में भी सक्रिय थीं। उन्होंने कोरबा नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महापौर पद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव नहीं जीत पाईं, लेकिन उनके इस कदम ने किन्नर समाज को मुख्यधारा की राजनीति में पहचान दिलाई।

बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारी भी संभाली और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनके मिलनसार स्वभाव और संघर्षशील व्यक्तित्व के कारण समाज के सभी वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने कई बार प्रशासनिक स्तर पर भी किन्नर समाज की समस्याओं को उठाया।

नेताओं ने जताया शोक

मालती किन्नर के निधन की खबर से किन्नर समाज सहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि उन्होंने समाज को सम्मान दिलाने और हाशिए पर खड़े लोगों को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

निधन की सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से किन्नर समाज के सदस्य कोरबा पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

मालती किन्नर के निधन से कोरबा ने एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता खो दिया है। किन्नर समाज के सदस्यों का कहना है कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

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कोरबा

कृष्णा ग्रुप ने धूमधाम से मनाया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस

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राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ कर्मचारियों ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प

कोरबा। अपनी सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रीय परंपराओं को निरंतर निभाने वाले कृष्णा ग्रुप द्वारा देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को पूरे उत्साह, उमंग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी, मैनेजिंग डायरेक्टर संजय मोदी, डायरेक्टर राजा मोदी, चैतन्य मोदी, नरेंद्र मोदी, अयन मोदी, श्रीमती प्रीति मोदी, श्रीमती शिखा मोदी, श्रीमती अंकिता मोदी एवं वेदान्त मोदी सहित कृष्णा ग्रुप मैनेजमेंट तथा कोरबा में संचालित विभिन्न डीलरशिप के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ प्रातः 11 बजे ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इसके बाद भारत माता की पूजा-अर्चना कर संघ प्रार्थना की गई तथा राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

छोटे-छोटे अनुशासन भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम — अशोक मोदी

समारोह को संबोधित करते हुए कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का इतिहास अत्यंत गौरवशाली होने के साथ-साथ अनेक संघर्षों से भी भरा हुआ है। विदेशी आक्रमणों और लंबे समय तक चले विदेशी शासन ने देश की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को प्रभावित किया। इसके पश्चात अंग्रेजी शासन की ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के माध्यम से भारत में आई और धीरे-धीरे अपनी सत्ता स्थापित करते हुए पूरे देश को गुलामी की ओर धकेल दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति के माध्यम से भारतीयों को आपस में बांटने का प्रयास किया।

श्री मोदी ने कहा कि आज भी देश में विदेशी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चिंता एवं विरोध देखने को मिलता है। उन्होंने जेसीबी इंडिया जैसी विदेशी कंपनियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका प्रभाव भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों के लिए कई बार गंभीर प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियां उत्पन्न करता है। ऐसे में आवश्यकता है कि सरकार विदेशी कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियों पर उचित नियंत्रण एवं प्रभावी नियमन सुनिश्चित करे, ताकि भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों को समान अवसर मिल सके और देश की कंपनियां मजबूती के साथ आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक, व्यापारी, उद्योगपति और युवा के सामूहिक प्रयास से संभव है। हमें स्वदेशी उत्पादों, भारतीय उद्यमों और देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने के साथ-साथ अपनी तकनीकी एवं औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना होगा।

श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है, इसलिए इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

श्री मोदी ने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा पर जाकर या कोई बड़ा कार्य करके ही नहीं की जाती, बल्कि हम अपने दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों से भी राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। ईमानदारी से अपना कार्य करना, समय पर कार्यस्थल पर उपस्थित होना, निर्धारित कार्य को पूरी जिम्मेदारी से पूरा करना, कार्य के समय मोबाइल पर अनावश्यक समय न गंवाना, स्वच्छता बनाए रखना, प्लास्टिक एवं कचरा इधर-उधर न फेंकना, पार्किंग एवं यातायात नियमों का पालन करना तथा सरकार द्वारा निर्धारित कर, जीएसटी, आरटीओ, इंश्योरेंस, बैंकिंग एवं अन्य सभी नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करना भी राष्ट्रसेवा का ही हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने व्यवहार में शालीनता, ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी को अपनाए तथा देश की उन्नति के बारे में चिंतन करे, तो भारत को और अधिक शक्तिशाली, समृद्ध एवं विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

अशोक मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने विकास के अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। हमारा लक्ष्य भारत को पुनः “सोने की चिड़िया” के रूप में विश्व के सामने स्थापित करना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत सदैव विश्व शांति का पक्षधर रहा है और हमारी संस्कृति पूरे विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देती है। आने वाले समय में भारत मानवता, शांति, सद्भाव और संस्कारों के माध्यम से विश्व का मार्गदर्शन करे तथा पूरे विश्व में रामराज्य जैसी आदर्श व्यवस्था की स्थापना की दिशा में आगे बढ़े, यही हमारी कल्पना और संकल्प होना चाहिए।

विदेशों में प्रशिक्षण लेकर लौटते हैं, लेकिन भारत जैसा अपनापन कहीं नहीं — राजा मोदी

कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर राजा मोदी ने कहा कि कंपनी के कार्यों के सिलसिले में उन्हें पिछले कई वर्षों से विदेशों में जाने का अवसर मिलता रहा है। विदेशों में प्रशिक्षण लेने और नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली सीखने के बावजूद भारत जैसा अपनापन, प्यार, सम्मान और आत्मीयता कहीं और अनुभव नहीं होती।

उन्होंने कहा कि भारत जैसा महान देश पूरे विश्व में दूसरा नहीं है। हमें अपने देश की विशेषताओं को समझते हुए अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए और देश के भविष्य के बारे में निरंतर चिंतन करना चाहिए।

एआई एवं नई तकनीक अपनाकर भारत के विकास में दें योगदान — वेदान्त मोदी

कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर वेदान्त मोदी ने कहा कि भारत में व्यवसाय एवं विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। आज दुनिया तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और नई कार्यप्रणालियों को अपनाकर अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाना चाहिए तथा देश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नई तकनीक, नवाचार, मेहनत और राष्ट्रहित की भावना को साथ लेकर आगे बढ़ें तो भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।

प्रतिदिन राष्ट्रगान एवं धार्मिक-सामाजिक सेवा कृष्णा ग्रुप की विशेष पहचान

समारोह में कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कृष्णा ग्रुप की राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृष्णा ग्रुप के सभी शोरूम एवं वर्कशॉप में प्रतिदिन राष्ट्रगान किया जाना अपने आप में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक संस्था होने के बावजूद कृष्णा ग्रुप द्वारा सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को भी निरंतर महत्व दिया जाता है। प्रत्येक सप्ताह हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाता है। वहीं श्री सप्तदेव मंदिर के माध्यम से नियमित रूप से धार्मिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण, छाता वितरण, शरबत वितरण, भोग-भंडारा, प्रसाद वितरण सहित अनेक सेवा गतिविधियां समय-समय पर की जाती हैं।

नशामुक्ति का दिलाया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से उपस्थित शेखर जी, ब्रह्माकुमारी बहन मधुबाला एवं सृष्टि बहन द्वारा उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति का संकल्प कराया गया। उन्होंने स्वस्थ एवं संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर उनके कार्य, अनुशासन, समर्पण एवं संस्था के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की गई तथा अन्य कर्मचारियों को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर कृष्णा ग्रुप की ओर से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही सभी से राष्ट्रहित, समाजहित एवं संस्था की प्रगति के लिए निरंतर ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

कृष्णा ग्रुप ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि व्यवसाय के साथ-साथ राष्ट्रसेवा, समाजसेवा, धार्मिक परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अनुशासन एवं मानव सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

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