प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर भारत – आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का आव्हान
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से हमें मिला स्वतंत्रता का उजाला
जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल
अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं
ऑपरेशन सिंदूर भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक
राष्ट्रहित में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील
रायपुर में शीघ्र ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का किया शुभारंभ
शहरों को संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ
बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस अवसर पर हम विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे। गोस्वामी तुलसीदास जी का कथन ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं।
राष्ट्रहित में स्वदेशी अपनाएं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि – हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने, हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें, हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे, हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए और हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।
वोकल फॉर लोकल अभियान में अग्रणी छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो। स्वदेशी रोजगार सृजन का ही नहीं देशभक्ति का भी एक उपक्रम है। हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों को रोजगार मिलता है। इसका सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। हमारी आयात निर्भरता कम होती है। हम खादी को बढ़ावा देकर स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा।
जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान हो हमारा ध्येय वाक्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट – जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। हमारे गांव, नगर और जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान… के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे।
प्राकृतिक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का पुण्य स्मरण
मुख्यमंत्री ने देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के नायकों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि इस वर्ष परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। उन्होंने रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का भी इस अवसर पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल जन संसाधन है। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आपातकाल के पचास बरस पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए उन्होंने लोकतंत्र की मशाल थामें रखी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है।
हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है। इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है।
मार्च 2026 तक देश को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस गौरवशाली दिन हम अपने सुरक्षाबलों के जवानों का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है। हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं। नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं।
पूरा हो रहा है हर नागरिक के पक्का घर का सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है।
महतारी वंदन योजना: माताओं-बहनों को 11 हजार 728 करोड़ रूपए की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।
किसानों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया गया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है। वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं।
शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
नवा रायपुर में आकार ले रही एजुकेशन सिटी
नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं। नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।
बस्तर संभाग के सभी विकासखण्डों में कौशल विकास केन्द्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। स्किल इंडिया मिशन के तहत नवा रायपुर में लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों के कौशल विकास के लिए हमने एमओयू किया है। युवाओं को कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलें।
राज्य में 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।
निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा। निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं।
नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठन का निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा। यह प्राधिकरण योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा। अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा।
नई रेल लाइनें बनेंगी ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी। रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है।
हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं। इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।
सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन में से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है।
हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा, रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण, आधार प्रमाणीकरण, रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने की सुविधा के साथ पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है। हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे।
विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है।
नवा रायपुर में बन रही मेडिसिटी
स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की है।
बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना
हमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी।
बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा।
चरण पादुका योजना की फिर से शुरूआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं।
आकार ले रहा आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित स्मारक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण किया जा चुका है। प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।
छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर में वृक्ष आवरण की वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
कलाकारों और साहित्यकारों को प्रतिमाह 5 हजार रूपए पेंशन
राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।
‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।
कोरबा/मडवारानी, 30 अक्टूबर 2026। एन.के.एम. लायंस पब्लिक स्कूल, मडवारानी में आज 13 – बटालियन, कोरबा के सौजन्य से शस्त्र प्रदर्शनी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षा बलों की भूमिका, अनुशासन, राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के महत्व से परिचित कराना था।
इस अवसर पर राकेश शर्मा (कमांडेंट), ओम चंदेल एवं मयंक तिवारी (उप कमांडेंट), विकास कुजूर एवं राम बहादुर शर्मा (सहायक कमांडेंट), शिव कुमार पांडे (कंपनी कमांडर), मदन मोहन ओझा (सूबेदार मेजर) तथा आर. एस. पटेल (प्रभारी स्टेनो) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शस्त्र प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के शस्त्रों, उनके उपयोग एवं सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।
इस अवसर पर कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता तथा कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अधिकारियों द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय के अध्यक्ष पी.एम.जे.एफ. लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में अनुशासन, साहस, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के त्याग एवं समर्पण को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य सुभाष चंद्र आनंद ने भी अपने उद्बोधन में सभी अधिकारियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से 13 – बटालियन, कोरबा के सभी अधिकारियों के प्रति उनके बहुमूल्य समय, मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। वे फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। 78 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र सहित दुर्ग-भिलाई और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है। CM विष्णुदेव साय समेत अन्य दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उनका राजनीतिक जीवन लंबा रहा है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी थीं। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से रिटायर होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1999 में वे दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके थे।
विधायक लंबे समय से बीमार थे, उनका हैदराबाद में इलाज चल रहा था।
2008 में पहली बार बने थे विधायक
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पहली बार वर्ष 2008 में भाजपा के टिकट पर अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। 2018 में विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर टिक्ट मिला। हालांकि, यह सीट भाजपा के हाथ से निकल गई थी। वर्ष 2018 में कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार यहां से विधायक निर्वाचित हुए थे।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों के बड़े अंतर से हराकर दूसरी बार विधानसभा में जगह बनाई। उन्हें कुल 96,717 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 71,454 मत प्राप्त हुए थे।
राजनीतिक सफर में मिलीं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
विधायक के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में उन्हें छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था। विधानसभा में उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के कल्याण से संबंधित समितियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2023 में दूसरी बार विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा की विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी मिली। इनमें पुस्तकालय समिति के सभापति सहित अन्य समितियों में उनकी भूमिका शामिल रही।
वर्तमान में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे
उनकी वरिष्ठता और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने अक्टूबर 2025 में उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने नवंबर 2025 में इस पद का कार्यभार ग्रहण किया था। इस तरह निधन के समय वे अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक होने के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
12 अगस्त 1948 को जन्मे डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की थी।
मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग, बोले– किसान को न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
बिलासपुर/कोटा/कोरबा। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शाखा कोटा में एक आदिवासी किसान के बैंक खाते से कथित तौर पर बिना जानकारी और सहमति के रू.2,35,500 की राशि निकाले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले को लेकर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेश यादव ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्राप्त शिकायत के अनुसार, पीड़ित किसान न्याय मूर्ति सिंह पिता गजेन्द्र पाल सिंह, निवासी ग्राम मानिकपुर, पोस्ट केन्दा, तहसील कोटा का जिला सहकारी बैंक कोटा में बचत खाता है। किसान ने केन्दा धान खरीदी केंद्र में धान बेचा था, जिसकी राशि उसके बैंक खाते में जमा हुई थी।
दो अलग-अलग तारीखों में राशि निकाले जाने का आरोप
किसान का आरोप है कि 5 मार्च 2026 को उसके खाते से रू.55,500 की राशि निकाल ली गई। इसकी जानकारी मिलने पर जब उसने संबंधित लोगों से पूछताछ की तो राशि गलती से निकल जाने और वापस करने की बात कही गई, लेकिन अब तक रकम वापस नहीं मिली।
इसी तरह 6 मई 2026 को किसान द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत लिए गए ₹2 लाख के ऋण में से ₹1,80,000 की राशि भी कथित तौर पर उसकी जानकारी और सहमति के बिना निकाल ली गई। किसान ने संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
राजेश यादव ने मुख्यमंत्री से की शिकायत
काफी समय से न्याय के लिए भटक रहे आदिवासी किसान ने भाजपा नेता राजेश यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। राजेश यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने मांग की है कि बैंक के भुगतान वाउचर, निकासी रजिस्टर, चेक, हस्ताक्षर एवं अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच कराई जाए। संबंधित अवधि के CCTV फुटेज सुरक्षित कर उनकी जांच हो तथा आवश्यकता पड़ने पर हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध FIR सहित कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही किसान की पूरी ₹2,35,500 की राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए।
किसान को न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन – राजेश यादव
भाजपा नेता राजेश यादव ने कहा कि एक आदिवासी किसान की मेहनत की कमाई और खेती के लिए लिए गए ऋण की राशि इस तरह कथित रूप से निकाल लिया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। किसानों और आदिवासी समाज के लोगों के हितों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। किसान अपनी मेहनत से देश का पेट भरता है, उसके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पीड़ित किसान को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उसकी पूरी राशि वापस दिलाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। यदि जांच में देरी की गई या किसान को न्याय नहीं मिला तो किसानों के हित में हम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।”
इस मामले की प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री, सहकारिता मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।