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छत्तीसगढ़

प्रदेश के निर्वाचन में रायपुर रचने जा रहा है इतिहास

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उत्तर विधानसभा में मुख्य ऑब्जर्वर से लेकर मतदान अधिकारी होंगी महिला

उत्तर में कुल 1060 और पश्चिम विधानसभा में 804 महिला अधिकारी कराएंगी चुनाव, अधिक से अधिक महिला सुरक्षा बलों की भी तैनाती

रायपुर । उत्तर विधानसभा में मुख्य ऑब्जर्वर से लेकर मतदान अधिकारी होंगी महिलाउत्तर विधानसभा में मुख्य ऑब्जर्वर से लेकर मतदान अधिकारी होंगी महिलाउत्तर विधानसभा में मुख्य ऑब्जर्वर से लेकर मतदान अधिकारी होंगी महिलाउत्तर विधानसभा में मुख्य ऑब्जर्वर से लेकर मतदान अधिकारी होंगी महिला ”मास्टर ट्रेनर ने पूछा मतदान क्रमांक-02 का क्या कार्य है। महिला प्रशिक्षणार्थियों बताया कि अमिट स्याही लगाना, पर्ची देना, रजिस्टर में हस्ताक्षर कराना। उनकेे सटीक एवं सही जवाब से मास्टर ट्रेनर संतुष्ट हुए और सराहना भी की। यह दृष्य एनआईटी में मतदान दलों का प्रशिक्षण के दौरान का था। यहां ट्रेनिंग ले रहीं महिलाएं उत्साह से लबरेज थी, क्योंकि जिले का यह विधानसभा चुनाव प्रदेश के निर्वाचन में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। यहां के दो विधानसभा महिलाओं के जिम्मे होगा। यहां टॉप से लेकर यूनिट तक निर्वाचन का कार्य महिलाओं को सौंपा जाएगा। यह विधानसभा में उत्तर और पश्चिम है। वास्तव में यह महिला सशक्तिकरण का परिदृष्य है। राज्य निर्वाचन आयोग महिला मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित और महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष बूथ संगवारी केंद्र बनाए जा रहे है। जिले के उत्तर और पश्चिम विधानसभा में सभी बूथों को संगवारी मतदान केन्द्र बनाया जा रहा हैं। उत्तर विधानसभा में 18 सेक्टर है। इसमें 01 सेक्टर में महिला अधिकारी होंगी। वहीं 265 कुल मतदान केन्द्र 1 हजार 60 महिला अधिकारियों के हवाले होगा। 265 बूथ में पीठासीन अधिकारी, मतदान क्रमांक 01,02,03 में सभी जगहों पर महिला अधिकारी-कर्मचारी को तैनात किया जाएगा। अर्थात् यहां 265 पीठासीन अधिकारी और 7 सौ 95 मतदान अधिकारी रहेंगे। सबसे प्रमुख बात यह है कि इस विधानसभा के मुख्य ऑब्जर्वर 01 महिला आई.ए.एस अधिकारी श्रीमती विमला आर. है साथ ही उनकी लाईजिनिंग ऑफिसर भी महिला है। साथ ही अधिक से अधिक महिला पुलिस बल भी तैनात किए जा रहे है। यहां पर मतदान पर्ची चेक करने से लेकर उंगली में स्याही लगाने और रजिस्टर में हस्ताक्षर के साथ वोटिंग करवाने तक महिलाएं ही नजर आएंगी। पश्चिम विधानसभा को भी पूर्ण रूप से महिला अधिकारियों के जिम्मे सौंपने की तैयारी की जा रही हैं। 15 सेक्टर और 201 मतदान केन्द्र है। यहां भी 01 सेक्टर महिला अधिकारी होंगी। साथ ही बूथों में 804 महिला अधिकारी होंगी, जिनमें 201 पीठासीन अधिकारी और 603 मतदान अधिकारी होंगी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सर्वेश्वर भुरे ने बताया कि जिले के इस बार 02 विधानसभा उत्तर और पश्चिम में निर्वाचन कार्य में पूर्ण रूप से महिलाओं की तैनाती की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी-कर्मचारी हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करती हैं यह सराहनीय है। यह प्रयास किया जा रहा है कि उनकी ड्यूटी मतदान केन्द्र सहित जहां भी लगाई जाएगी वहां पर उनके लिए मूलभूत सुविधा मुहैया कराई जाएगी, ताकि उन्हे कोई तकलीफ ना हो। गौरतलब है कि 26 और 27 अक्टूबर को मतदान दलों का प्रशिक्षण हुआ, जिसमें निर्वाचन कार्य मे संलग्न महिला कर्मियों ने प्रशिक्षण लिया। यहां प्रशिक्षणरत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, चंगोराभाठा की शिक्षिका अनिता वर्मा, शासकीय उच्चतर. माध्यमिक विद्यालय, पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी परिसर की शिक्षिका छाया तिवारी और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लालपुर की शिक्षिका सुमन पंजाबी का कहना है कि यह महिलाओं के लिए गर्व की बात है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में हमे ऐसी महती जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। हमारे पूरी टीम में अभूतपूर्व उत्साह और प्रसन्नता है। हम इस जिम्मेदारी को बहुत ही अच्छे ढंग और कुशलता पूर्वक परिणाम तक पहुंचाएंगेेे। जिले के सातों विधानसभा में संगवारी मतदान केन्द्र बनाएं जा रहें हैं जिसका विवरण इस प्रकार है- धरसींवा विधानसभा क्रमांक-47 में 10, रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्रमांक-48 में 10, रायपुर पश्चिम विधानसभा-49 में 265, रायपुर उत्तर विधानसभा क्रमांक-50 में 201, रायपुर दक्षिण विधानसभा क्रमांक-51 में 10, आरंग विधानसभा क्रमांक-52 में 10, अभनपुर विधानसभा क्रमांक-53 में 10 संगवारी मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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